Forwarded from Sanjay Gupta
भारत का पहला ए आई देता सेंटर पार्क रायपुर में लॉन्च हुआ ।
Forwarded from Sanjay Gupta
इजरायल और हमास के बीच 2023 से चल रहा युद्ध समाप्ति को लेकर हस्ताक्षर हुए ।
Forwarded from Sanjay Gupta
अफगानिस्तान तालिबान के विदेश मंत्री मुक्तकी एक हफ्ते की विदेश यात्रा पर भारत आए हैं
Forwarded from Sanjay Gupta
साहित्य का नोबेल पुरस्कार नोबेल फाउंडेशन द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है।
हालिया विजेता (2025):
वर्ष 2025 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार हंगरी के लेखक लास्ज़लो क्रास्ज़नाहोरकाई (László Krasznahorkai) को दिया गया है।
उन्हें "उनके मनमोहक और दूरदर्शी कार्यों" के लिए यह सम्मान मिला, जो मानव अनुभव के अंधेरे और उम्मीद भरे पहलुओं को गहराई से दर्शाते हैं।
नोबेल पुरस्कार से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:
प्रथम विजेता: 1901 में फ्रांसीसी कवि और निबंधकार सुली प्रुधोम साहित्य में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम व्यक्ति थे।
भारतीय विजेता: रवींद्रनाथ टैगोर साहित्य में नोबेल पुरस्कार (1913 में, उनकी कृति 'गीतांजलि' के लिए) प्राप्त करने वाले पहले एशियाई और एकमात्र भारतीय हैं।
यह पुरस्कार स्वीडिश एकेडमी द्वारा दिया जाता है।
हालिया विजेता (2025):
वर्ष 2025 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार हंगरी के लेखक लास्ज़लो क्रास्ज़नाहोरकाई (László Krasznahorkai) को दिया गया है।
उन्हें "उनके मनमोहक और दूरदर्शी कार्यों" के लिए यह सम्मान मिला, जो मानव अनुभव के अंधेरे और उम्मीद भरे पहलुओं को गहराई से दर्शाते हैं।
नोबेल पुरस्कार से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:
प्रथम विजेता: 1901 में फ्रांसीसी कवि और निबंधकार सुली प्रुधोम साहित्य में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रथम व्यक्ति थे।
भारतीय विजेता: रवींद्रनाथ टैगोर साहित्य में नोबेल पुरस्कार (1913 में, उनकी कृति 'गीतांजलि' के लिए) प्राप्त करने वाले पहले एशियाई और एकमात्र भारतीय हैं।
यह पुरस्कार स्वीडिश एकेडमी द्वारा दिया जाता है।
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साल 2025 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों को "धातु-कार्बनिक ढाँचों (Metal-Organic Frameworks: MOFs) के विकास" के लिए दिया गया है।
विजेता हैं:
सुसुमु कितागावा (Susumu Kitagawa) - जापान
रिचर्ड रॉबसन (Richard Robson) - ऑस्ट्रेलिया
उमर एम. याघी (Omar M. Yaghi) - अमेरिका
प्रमुख योगदान (MOFs):
इन वैज्ञानिकों ने एक नए प्रकार की आणविक वास्तुकला विकसित की है जिसे MOFs कहा जाता है। ये क्रिस्टलीय पदार्थ हैं जो धातु आयनों और कार्बनिक (Organic) अणुओं के संयोजन से बनते हैं।
विशेषता: ये ढाँचे (Frameworks) अत्यधिक छिद्रपूर्ण (Porous) होते हैं, यानी इनमें बहुत छोटे, नियंत्रित आकार के खाली स्थान होते हैं।
उपयोगिता: इन छिद्रों का उपयोग विशिष्ट गैसों या रसायनों को कैप्चर करने और संग्रहीत करने के लिए किया जा सकता है। MOFs में कार्बन डाइऑक्साइड को पकड़ने, जल को शुद्ध करने, गैसों को संग्रहित करने (जैसे हाइड्रोजन), और रासायनिक प्रतिक्रियाओं में उत्प्रेरक (Catalyst) के रूप में कार्य करने की अपार क्षमता है।
रसायन विज्ञान नोबेल से जुड़े मुख्य तथ्य
प्रथम विजेता: 1901 में नीदरलैंड के जैकोबस हेनरिकस वैन 'टी हॉफ को रासायनिक गतिकी और ऑस्मोटिक दबाव के नियमों की खोज के लिए पहला रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार मिला था।
दो बार विजेता: मैरी क्यूरी एकमात्र ऐसी व्यक्ति हैं जिन्हें दो अलग-अलग विज्ञान क्षेत्रों (1903 में भौतिकी और 1911 में रसायन विज्ञान) में नोबेल पुरस्कार मिला है।
भारतीय मूल के विजेता: भारतीय मूल के वेंकटरमण रामकृष्णन को 2009 में राइबोसोम की संरचना और कार्य के अध्ययन के लिए संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार मिला था।
विजेता हैं:
सुसुमु कितागावा (Susumu Kitagawa) - जापान
रिचर्ड रॉबसन (Richard Robson) - ऑस्ट्रेलिया
उमर एम. याघी (Omar M. Yaghi) - अमेरिका
प्रमुख योगदान (MOFs):
इन वैज्ञानिकों ने एक नए प्रकार की आणविक वास्तुकला विकसित की है जिसे MOFs कहा जाता है। ये क्रिस्टलीय पदार्थ हैं जो धातु आयनों और कार्बनिक (Organic) अणुओं के संयोजन से बनते हैं।
विशेषता: ये ढाँचे (Frameworks) अत्यधिक छिद्रपूर्ण (Porous) होते हैं, यानी इनमें बहुत छोटे, नियंत्रित आकार के खाली स्थान होते हैं।
उपयोगिता: इन छिद्रों का उपयोग विशिष्ट गैसों या रसायनों को कैप्चर करने और संग्रहीत करने के लिए किया जा सकता है। MOFs में कार्बन डाइऑक्साइड को पकड़ने, जल को शुद्ध करने, गैसों को संग्रहित करने (जैसे हाइड्रोजन), और रासायनिक प्रतिक्रियाओं में उत्प्रेरक (Catalyst) के रूप में कार्य करने की अपार क्षमता है।
रसायन विज्ञान नोबेल से जुड़े मुख्य तथ्य
प्रथम विजेता: 1901 में नीदरलैंड के जैकोबस हेनरिकस वैन 'टी हॉफ को रासायनिक गतिकी और ऑस्मोटिक दबाव के नियमों की खोज के लिए पहला रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार मिला था।
दो बार विजेता: मैरी क्यूरी एकमात्र ऐसी व्यक्ति हैं जिन्हें दो अलग-अलग विज्ञान क्षेत्रों (1903 में भौतिकी और 1911 में रसायन विज्ञान) में नोबेल पुरस्कार मिला है।
भारतीय मूल के विजेता: भारतीय मूल के वेंकटरमण रामकृष्णन को 2009 में राइबोसोम की संरचना और कार्य के अध्ययन के लिए संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार मिला था।
Forwarded from Sanjay Gupta
पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने पहली बार आधिकारिक तौर पर अपना एक महिला विंग (Women's Wing) बनाया है।
इस महिला संगठन का नाम 'जमात-उल-मोमिनात' (Jamaat-ul-Mominaat) बताया गया है।
इस महिला विंग का नेतृत्व जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर कर रही हैं।
इस महिला संगठन का नाम 'जमात-उल-मोमिनात' (Jamaat-ul-Mominaat) बताया गया है।
इस महिला विंग का नेतृत्व जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर कर रही हैं।
Forwarded from Sanjay Gupta
हाल ही में, 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मारिया कोरिना मचाडो को प्रदान किया गया है।
वह वेनेजुएला की एक विपक्षी नेता हैं और उन्हें यह पुरस्कार लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उनके निरंतर संघर्ष और तानाशाही से लोकतंत्र में शांतिपूर्ण परिवर्तन के प्रयासों के लिए मिला है।
नोबेल शांति पुरस्कार हर साल नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में प्रदान किया जाता है।
वह वेनेजुएला की एक विपक्षी नेता हैं और उन्हें यह पुरस्कार लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उनके निरंतर संघर्ष और तानाशाही से लोकतंत्र में शांतिपूर्ण परिवर्तन के प्रयासों के लिए मिला है।
नोबेल शांति पुरस्कार हर साल नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में प्रदान किया जाता है।
Forwarded from Sanjay Gupta
नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित भारतीय नागरिक (Indian Citizens) निम्नलिखित हैं:
मदर टेरेसा (Mother Teresa)
वर्ष: 1979
कारण: उन्हें "गरीबी और संकट से जूझ रहे लोगों के लिए किए गए उनके काम" के लिए सम्मानित किया गया।
कैलाश सत्यार्थी (Kailash Satyarthi)
वर्ष: 2014
कारण: उन्हें "बच्चों और युवाओं के दमन के विरुद्ध उनके संघर्ष तथा सभी बच्चों के शिक्षा के अधिकार के लिए" पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई के साथ संयुक्त रूप से यह पुरस्कार दिया गया।
नोट: महात्मा गांधी को कई बार शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया था, लेकिन उन्हें कभी यह पुरस्कार नहीं मिला।
मदर टेरेसा (Mother Teresa)
वर्ष: 1979
कारण: उन्हें "गरीबी और संकट से जूझ रहे लोगों के लिए किए गए उनके काम" के लिए सम्मानित किया गया।
कैलाश सत्यार्थी (Kailash Satyarthi)
वर्ष: 2014
कारण: उन्हें "बच्चों और युवाओं के दमन के विरुद्ध उनके संघर्ष तथा सभी बच्चों के शिक्षा के अधिकार के लिए" पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई के साथ संयुक्त रूप से यह पुरस्कार दिया गया।
नोट: महात्मा गांधी को कई बार शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया था, लेकिन उन्हें कभी यह पुरस्कार नहीं मिला।