झारखंड के धनबाद का एक लड़का था — मनोज देय।
घर की हालत साधारण थी, लेकिन सपने बहुत बड़े थे।
ना कोई महंगी चीज़, ना कैमरा, बस ₹8,000 का एक छोटा एंड्रॉइड फोन।
वही फोन उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी ताकत बन गया।
उसने उसी से वीडियो बनाना शुरू किया।
लोग मज़ाक उड़ाते थे — “फोन से कोई YouTuber बनता है क्या?” पर मनोज चुप रहा… उसने जवाब मेहनत से दिया।
हर दिन एक नया वीडियो, हर रात घंटों एडिटिंग,
और हर असफलता के बाद एक नया सबक।
धीरे-धीरे उसने लोगों का दिल जीत लिया।
उसके वीडियोज़ लाखों लोगों तक पहुँचे,
और आज वही मनोज देय एक करोड़ की Mercedes-Benz में बैठता है,
हाथ में iPhone 17 Pro Max होता है,
लेकिन दिल अब भी वैसा ही ज़मीन से जुड़ा हुआ है।
मनोज की कहानी सबको एक बात सिखाती है —
शुरुआत चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हो, अगर इरादा सच्चा हो तो मंज़िल बड़ी मिलती है।
वो इस बात का जीता-जागता सबूत है कि “Success महंगे gadgets से नहीं, सच्चे जुनून से बनती है।”
— वेदांत सिंह
घर की हालत साधारण थी, लेकिन सपने बहुत बड़े थे।
ना कोई महंगी चीज़, ना कैमरा, बस ₹8,000 का एक छोटा एंड्रॉइड फोन।
वही फोन उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी ताकत बन गया।
उसने उसी से वीडियो बनाना शुरू किया।
लोग मज़ाक उड़ाते थे — “फोन से कोई YouTuber बनता है क्या?” पर मनोज चुप रहा… उसने जवाब मेहनत से दिया।
हर दिन एक नया वीडियो, हर रात घंटों एडिटिंग,
और हर असफलता के बाद एक नया सबक।
धीरे-धीरे उसने लोगों का दिल जीत लिया।
उसके वीडियोज़ लाखों लोगों तक पहुँचे,
और आज वही मनोज देय एक करोड़ की Mercedes-Benz में बैठता है,
हाथ में iPhone 17 Pro Max होता है,
लेकिन दिल अब भी वैसा ही ज़मीन से जुड़ा हुआ है।
मनोज की कहानी सबको एक बात सिखाती है —
शुरुआत चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हो, अगर इरादा सच्चा हो तो मंज़िल बड़ी मिलती है।
वो इस बात का जीता-जागता सबूत है कि “Success महंगे gadgets से नहीं, सच्चे जुनून से बनती है।”
— वेदांत सिंह
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वरिष्ठ पत्रकार श्रीनिवास को मिलेगा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
रांची प्रेस क्लब और आरबीएस वैदिक ट्रस्ट ने की झारखंड जर्नलिज्म अवार्ड की घोषणा
रांची। प्रभात खबर से सेवानिवृत्त वरिष्ठ पत्रकार श्रीनिवास को रांची प्रेस क्लब और आरबीएस वैदिक ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित झारखंड जर्नलिज्म अवार्ड 2025 के तहत लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड और 51000/ रुपये नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनके अलावा बेस्ट रिपोर्टिंग (प्रिंट) के लिए प्रभात खबर से सेवानिवृत्त वरिष्ठ पत्रकार शकील अख़्तर, बेस्ट रिपोर्टिंग (इलेक्ट्रॉनिक) के लिए समाचार वाला के राजकुमार सिंह, बेस्ट फ़ोटोग्राफ़ी (प्रिंट) के लिए दैनिक भास्कर के वरिष्ठ फ़ोटो जर्नलिस्ट माणिक बोस और बेस्ट वीडियो जर्नलिस्ट (इलेक्ट्रॉनिक) के लिए आजतक के वरिष्ठ वीडियो जर्नलिस्ट राकेश तिवारी को 25000-25000 के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार दो नवंबर 2025 को लालपुर के होटल रेन ड्यू में आयोजित सम्मान समारोह में दिया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के हाथों दिया जाएगा।आज पुरस्कार समिति की जूरी ने विजेताओं के नाम के चयन के साथ इसकी घोषणा की। जूरी में वरिष्ठ पत्रकार सह पूर्व सूचना आयुक्त बैजनाथ मिश्र, रिटायर्ड आईएएस रणेंद्र, रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो अजीत सिन्हा,रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेंद्र सोरेन और आरबीएस वैदिक ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी नित्यानंद शुक्ला शामिल थे।
दो पुस्तकों का होगा विमोचन
कार्यक्रम में दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ सह वरिष्ठ पत्रकार अमरेंद्र कुमार के उपन्यास नीले आकाश का सच और राष्ट्रीय नवीन मेल के संपादक सह वरिष्ठ पत्रकार सुनील सिंह बादल की पुस्तक आर्ट ऑफ इंटरव्यू का विमोचन किया जाएगा।
रांची प्रेस क्लब और आरबीएस वैदिक ट्रस्ट ने की झारखंड जर्नलिज्म अवार्ड की घोषणा
रांची। प्रभात खबर से सेवानिवृत्त वरिष्ठ पत्रकार श्रीनिवास को रांची प्रेस क्लब और आरबीएस वैदिक ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित झारखंड जर्नलिज्म अवार्ड 2025 के तहत लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड और 51000/ रुपये नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनके अलावा बेस्ट रिपोर्टिंग (प्रिंट) के लिए प्रभात खबर से सेवानिवृत्त वरिष्ठ पत्रकार शकील अख़्तर, बेस्ट रिपोर्टिंग (इलेक्ट्रॉनिक) के लिए समाचार वाला के राजकुमार सिंह, बेस्ट फ़ोटोग्राफ़ी (प्रिंट) के लिए दैनिक भास्कर के वरिष्ठ फ़ोटो जर्नलिस्ट माणिक बोस और बेस्ट वीडियो जर्नलिस्ट (इलेक्ट्रॉनिक) के लिए आजतक के वरिष्ठ वीडियो जर्नलिस्ट राकेश तिवारी को 25000-25000 के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार दो नवंबर 2025 को लालपुर के होटल रेन ड्यू में आयोजित सम्मान समारोह में दिया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के हाथों दिया जाएगा।आज पुरस्कार समिति की जूरी ने विजेताओं के नाम के चयन के साथ इसकी घोषणा की। जूरी में वरिष्ठ पत्रकार सह पूर्व सूचना आयुक्त बैजनाथ मिश्र, रिटायर्ड आईएएस रणेंद्र, रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो अजीत सिन्हा,रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेंद्र सोरेन और आरबीएस वैदिक ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी नित्यानंद शुक्ला शामिल थे।
दो पुस्तकों का होगा विमोचन
कार्यक्रम में दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ सह वरिष्ठ पत्रकार अमरेंद्र कुमार के उपन्यास नीले आकाश का सच और राष्ट्रीय नवीन मेल के संपादक सह वरिष्ठ पत्रकार सुनील सिंह बादल की पुस्तक आर्ट ऑफ इंटरव्यू का विमोचन किया जाएगा।
• फ़िल्म-निर्माण कार्यशाला एवं छात्र नामांकन (10–13 फ़रवरी): हमने फ़िल्म-निर्माण कार्यशाला के लिए छह स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों को आमंत्रित किया है। यदि आप चाहें, तो अखड़ा कार्यशाला के लिए अधिकतम 10 प्रतिभागियों को नामित कर सकता है। कृपया ध्यान दें कि कार्यशाला में भागीदारी केवल पूर्व-पंजीकृत छात्रों के लिए ही निःशुल्क है।
समापन प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए छात्रों को पूरा कार्यक्रम उपस्थित रहना अनिवार्य है—दो कार्यशाला दिवस (10–11 फ़रवरी) तथा दोनों फ़ेस्टिवल दिवस (12 एवं 13 फ़रवरी को 10:00–17:00)। प्रमाणपत्र समापन/पुरस्कार समारोह में प्रदान किए जाएंगे। हम आपसे विनम्र सहयोग का अनुरोध करते हैं कि नामित छात्र पूरे समय-सारणी के अनुसार उपस्थित रहने के लिए प्रतिबद्ध हों।
पंजीकरण लिंक एवं अंतिम तिथि: प्रतिभागियों का पंजीकरण करने हेतु कृपया इस फ़ॉर्म का उपयोग करें (यह फ़ॉर्म शुक्रवार, 6 फ़रवरी — दोपहर 12:00 बजे तक खुला रहेगा):
https://forms.gle/cVLHsAgcKMsi2fEe9
समापन प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए छात्रों को पूरा कार्यक्रम उपस्थित रहना अनिवार्य है—दो कार्यशाला दिवस (10–11 फ़रवरी) तथा दोनों फ़ेस्टिवल दिवस (12 एवं 13 फ़रवरी को 10:00–17:00)। प्रमाणपत्र समापन/पुरस्कार समारोह में प्रदान किए जाएंगे। हम आपसे विनम्र सहयोग का अनुरोध करते हैं कि नामित छात्र पूरे समय-सारणी के अनुसार उपस्थित रहने के लिए प्रतिबद्ध हों।
पंजीकरण लिंक एवं अंतिम तिथि: प्रतिभागियों का पंजीकरण करने हेतु कृपया इस फ़ॉर्म का उपयोग करें (यह फ़ॉर्म शुक्रवार, 6 फ़रवरी — दोपहर 12:00 बजे तक खुला रहेगा):
https://forms.gle/cVLHsAgcKMsi2fEe9
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