न जाने किन-किन परिस्थितियों से गुजरकर विद्यालय पहुंचता है वो,
नियम-कानून-कायदों में रहकर भी अशिक्षा से मुक्त करता है वो।
उंगलियां उठाते हैं उस पर अकारण गाहे-बगाहे,
खरा सोना है, तपकर-पिघलकर निखरता है वो...
"मेरे सभी शारीरिक शिक्षक साथियों को सादर समर्पित"
आपका साथी शारीरिक शिक्षक🙏
#sportsDuniya 💗
नियम-कानून-कायदों में रहकर भी अशिक्षा से मुक्त करता है वो।
उंगलियां उठाते हैं उस पर अकारण गाहे-बगाहे,
खरा सोना है, तपकर-पिघलकर निखरता है वो...
"मेरे सभी शारीरिक शिक्षक साथियों को सादर समर्पित"
आपका साथी शारीरिक शिक्षक🙏
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