𝐎𝐟𝐟𝐢𝐜𝐞 𝐨𝐟 𝐏𝐚𝐧𝐜𝐡𝐚𝐲𝐚𝐭 𝐒𝐚𝐡𝐚𝐲𝐚𝐤 𝐔𝐧𝐢𝐨𝐧 𝐔𝐭𝐭𝐚𝐫 𝐏𝐫𝐚𝐝𝐞𝐬𝐡
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𝐃𝐞𝐩𝐚𝐫𝐭𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐨𝐟 𝐏𝐚𝐧𝐜𝐡𝐚𝐲𝐚𝐭𝐢 𝐑𝐚𝐣 𝐔𝐭𝐭𝐚𝐫 𝐏𝐫𝐚𝐝𝐞𝐬𝐡
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आप सभी साथियों को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं 💐

हमें पूरा विश्वास है हम सब के प्रयासो से इस साल 2026 में इस पंचायत सहायक पद में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेगा

2026 आप सभी के लिए बहुत सारी खुशियां लाए

आज से टेलीग्राम पर भी बर्फ गिरने लगी 😂


#HappyNewYear2026
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देश की प्रथम महिला शिक्षिका और समाज सेविका सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन..💐
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अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा ट्रैक्टर अनुदान योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र किसानों को 45 हॉर्स पावर अथवा उससे अधिक क्षमता के ट्रैक्टर की खरीद पर 3 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा नीचे दिए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

https://agriculture.up.gov.in
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*एक ही जनगणना पर तीसरी बार लागू होगा पंचायत आरक्षण*

*2021 की जनगणना न होने से उत्पन्न हुई स्थिति*

*2011 की जनगणना ही होगी आरक्षण का मुख्य आधार*


लखनऊ। एसएनबी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में यह पहली बार होगा जब आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद पंचायतों का आरक्षण तीसरी बार एक ही जनगणना पर लागू होगा। इससे पहले एक जनगणना पर अधिकतम दो बार आरक्षण लागू किया गया था। आरक्षण को लेकर यह स्थिति वर्ष 2021 में जनगणना होने के कारण उत्पन्न हो रही है। ऐसे में वर्ष 2011 की पुरानी जनगणना को ही मुख्य आधार मानकर आरक्षण लागू किया जाएगा। ऐसे में तमाम पंचायतों में उन वर्गों के लोगों को भी आरक्षण का लाभ मिल सकता है जहां पर उनकी जनसंख्या काफी कम है।

पंचायतों में त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू होने के साथ ही आरक्षण व्यवस्था भी लागू की गयी थी। इसके तहत पंचायतों के सभी पदों ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य में सभी वर्गों को आरक्षण दिया जाता रहा है। इसमें पिछड़ी जाति को 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 21 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही सभी वर्गों में आरक्षित पदों में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को दिया जाता है। पंचायतों में आरक्षण की यह व्यवस्था 1995 से लागू हुई जो वर्ष 1991 की जनगणना के आधार पर लागू की गयी थी। 1991 की जनगणना पर ही वर्ष 2000 के पंचायत चुनाव का आरक्षण लागू किया गया।

इसके बाद वर्ष 2001 की जनगणना पर वर्ष 2005 व 2010 के पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू किया गया, फिर वर्ष 2011 की जनगणना पर 2015 व 2021 के पंचायत चुनाव कराये गये। अब स्थिति ऐसी उत्पन्न हो गयी है कि वर्ष 2021 में केन्द्र सरकार से जनगणना ही नहीं करायी है। यदि 2021 में जनगणना करायी जाती तो वर्ष 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव में इसके आधार पर आरक्षण लागू किया जाता लेकिन जनगणना न होने के कारण अब 2026 के पंचायत चुनाव में भी वर्ष 2011 की जनगणना पर ही आरक्षण लागू करना पड़ेगा। भले ही पंचायतों में किसी वर्ग की जनसंख्या घट-बढ़ गयी हो। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर जब वर्ष 2015 में आरक्षण लागू किया गया था तब प्रदेश में 59182 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद का चुनाव कराया गया था। इसी तरह ग्राम पंचायत सदस्य के 742269 पदों, क्षेत्र पंचायत प्रमुख के 821 पदों, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 77576 पदों, जिला पंचायत अध्यक्ष के 75 व जिला पंचायत सदस्य के 3112 पदों के लिए चुनाव कराया गया था। इसके बाद वर्ष 2021 में भी वर्ष 2011 की जनगणना पर ही आरक्षण लागू किया गया। वर्ष 2021 में प्रदेश में 58189 ग्राम पंचायतों में प्रधान पदों पर चुनाव कराया गया था। इसी तरह ग्राम पंचायत सदस्य के 732643, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 75845, क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष के 826, जिला पंचायत अध्यक्ष के 75 व जिला पंचायत सदस्य के 3050 पदों के लिए चुनाव कराया गया था। अब 2026 के होने वाले पंचायत चुनाव में पंचायतीराज विभाग को आरक्षण लागू करने के लिए वर्ष 2011 की जनगणना का ही सहारा लेना पड़ेगा। इस वर्ष ग्राम प्रधान के 57694, ग्राम पंचायत सदस्य के 726141, क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष के 826, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 75355, जिला पंचायत अध्यक्ष के 75 व जिला पंचायत सदस्य के 3021 पदों के लिए चुनाव होना है।

आरक्षण लागू करने में यह व्यवस्था होती है कि सबसे पहले एसटी, फिर एससी, फिर पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण लागू किया जाता है। इसमें यह भी वर्ष 2015 व 2021 के चुनाव में जो सीट किसी भी वर्ग के लिए आरक्षित की गयी थी उनको छोड़ते हुए शेष बची सीटों में उस वर्ग के लिए आरक्षण लागू किया जाएगा। उदाहरण के लिए यदि एससी का आरक्षण 21 प्रतिशत है तो दो चुनावों में 42 प्रतिशत सीटों पर एससी का आरक्षण लागू किया जा चुका है अब इसके बाद शेष बची 58 प्रतिशत सीटों में 21 प्रतिशत एससी के लिए आरक्षित की जाएंगी। ऐसे में तमाम ऐसी ग्राम पंचायतें व अन्य सीटें इस वर्ग के लिए आरक्षित होंगी जहां पर इनकी जनसंख्या काफी कम है। ऐसा ही आरक्षण अन्य वर्गों के लिए भी होगा।
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हल्का लेखपाल के लिए तैनाती स्थल के गांवों के पंचायत भवन के परिसर में एक कक्ष का होगा निर्माण अब लेखपाल को गांवमें ही रात गुजारना होगा, आदेश जारी
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ग्राम प्रधान का कार्यकाल समाप्त होने के पहले ही ग्राम पंचायत की चल परिसम्पत्तियां ग्राम पंचायत स्तर पर जमा कराए जाने के संबंध में

जिला पंचायत राज अधिकारी
जनपद शाहजहांपुर।
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📢📢पंचायत चुनाव के चल रहे मतदाता पुनरीक्षण:2025 अभियान की समय सीमा बढ़ा दी गई। अब दावे और आपत्तियों के निस्तारण समेत अन्य कार्यवाही 27 मार्च तक होगी। 28 मार्च को राज्य निर्वाचन आयोग अंतिम सूची प्रकाशित करेगा।
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आज दिनांक 06.01.2026 को पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन जनपद शाखा मथुरा के समस्त सम्मानित अध्यक्षगण एवं कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा जिला पंचायत राज अधिकारी महोदय से शिष्टाचार भेंट की गई।
इस दौरान पंचायत सहायकों से जुड़े प्रमुख विषयों विशेष रूप से मोबाइल सुविधा (फोन) एवं मानदेय भुगतान पर विस्तृत चर्चा की गई तथा इस संबंध में लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया।
जिला पंचायत राज अधिकारी महोदय द्वारा आश्वस्त किया गया कि फरवरी माह से प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के मध्य पंचायत सहायकों का मानदेय नियमित रूप से प्रदान किया जाएगा। यह आश्वासन पंचायत सहायकों के हित में एक सकारात्मक एवं सराहनीय पहल है।
इस अवसर पर अनुज चौधरी, देवदत्त शर्मा, पवन, मोहित, पवन कुमार, विकेश छौंकर, संजू, भूपेंद्र धनगर, योगेश भरंगर, करतार सिंह, विक्रम सिंह, उपकार सिंह, शिव देशवाल, आनंद चौधरी सहित अनेक साथी उपस्थित रहे।
विजय सिंह
जिलाध्यक्ष, जनपद शाखा- मथुरा।
पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश।
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