👉तंजानिया (राजधानी: डोडोमा)
👉भौगोलिक स्थिति
• तंजानिया भूमध्य रेखा के ठीक दक्षिण में स्थित है।
• यह पूर्वी अफ्रीका का सबसे बड़ा देश (क्षेत्रफल के आधार पर) है।
👉सीमावर्ती देश:
• उत्तर: केन्या और युगांडा
• पश्चिम: बुरुंडी, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और रवांडा
• दक्षिण: जाम्बिया, मलावी और मोजाम्बिक
👉सीमावर्ती जल निकाय:
• उत्तर: विक्टोरिया झील
• पूर्व: हिंद महासागर
• पश्चिम: टांगानिका झील
• दक्षिण-पश्चिम: न्यासा झील (मलावी झील)
👉भौगोलिक विशेषताएँ
▶️ प्रमुख झीलें:
टांगानिका झील (विश्व की दूसरी सबसे गहरी झील)
▶️सर्वोच्च शिखर:
माउंट किलिमंजारो (सुप्त ज्वालामुखी और अफ्रीका का सबसे ऊँचा पर्वत)
▶️ प्रमुख नदियाँ:रुफीजी नदी , रूवुमा नदी
▶️ द्वीप:जांज़ीबार , पेम्बा , माफिया
👉भौगोलिक स्थिति
• तंजानिया भूमध्य रेखा के ठीक दक्षिण में स्थित है।
• यह पूर्वी अफ्रीका का सबसे बड़ा देश (क्षेत्रफल के आधार पर) है।
👉सीमावर्ती देश:
• उत्तर: केन्या और युगांडा
• पश्चिम: बुरुंडी, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और रवांडा
• दक्षिण: जाम्बिया, मलावी और मोजाम्बिक
👉सीमावर्ती जल निकाय:
• उत्तर: विक्टोरिया झील
• पूर्व: हिंद महासागर
• पश्चिम: टांगानिका झील
• दक्षिण-पश्चिम: न्यासा झील (मलावी झील)
👉भौगोलिक विशेषताएँ
▶️ प्रमुख झीलें:
टांगानिका झील (विश्व की दूसरी सबसे गहरी झील)
▶️सर्वोच्च शिखर:
माउंट किलिमंजारो (सुप्त ज्वालामुखी और अफ्रीका का सबसे ऊँचा पर्वत)
▶️ प्रमुख नदियाँ:रुफीजी नदी , रूवुमा नदी
▶️ द्वीप:जांज़ीबार , पेम्बा , माफिया
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Forwarded from Samyak Civil Services
ग्रेट निकोबार परियोजना — सारांश
"भारत को इंडो-पैसिफिक से जोड़ना"
यह क्या है?
यह 81,000 करोड़ रुपये की एक विशाल विकास परियोजना है जो ग्रेट निकोबार द्वीप (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह) पर प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य इस द्वीप को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा केंद्र के रूप में विकसित करना है।
मुख्य घटक
एकीकृत टाउनशिप — आवासीय, व्यावसायिक, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और रक्षा सुविधाएं
ट्रांसशिपमेंट पोर्ट — गैलेथिया खाड़ी पर, भारत को समुद्री लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए
नागरिक-सैन्य हवाई अड्डा — नागरिक और रक्षा दोनों उद्देश्यों के लिए
पावर प्लांट — 450 MVA गैस और सौर आधारित ऊर्जा आपूर्ति
महत्व
इंडो-पैसिफिक में भारत की रणनीतिक उपस्थिति बढ़ेगी
समुद्री सुरक्षा और व्यापार संपर्क मजबूत होगा
आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा
चिंताएं
लगभग 10 लाख पेड़ काटे जाएंगे
वन पारिस्थितिकी तंत्र, जैव विविधता और आदिवासी जनजातियों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा
गैलेथिया खाड़ी जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को खतरा है
यह विकास बनाम पर्यावरण की एक महत्वपूर्ण बहस है
"भारत को इंडो-पैसिफिक से जोड़ना"
यह क्या है?
यह 81,000 करोड़ रुपये की एक विशाल विकास परियोजना है जो ग्रेट निकोबार द्वीप (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह) पर प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य इस द्वीप को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा केंद्र के रूप में विकसित करना है।
मुख्य घटक
एकीकृत टाउनशिप — आवासीय, व्यावसायिक, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और रक्षा सुविधाएं
ट्रांसशिपमेंट पोर्ट — गैलेथिया खाड़ी पर, भारत को समुद्री लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए
नागरिक-सैन्य हवाई अड्डा — नागरिक और रक्षा दोनों उद्देश्यों के लिए
पावर प्लांट — 450 MVA गैस और सौर आधारित ऊर्जा आपूर्ति
महत्व
इंडो-पैसिफिक में भारत की रणनीतिक उपस्थिति बढ़ेगी
समुद्री सुरक्षा और व्यापार संपर्क मजबूत होगा
आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा
चिंताएं
लगभग 10 लाख पेड़ काटे जाएंगे
वन पारिस्थितिकी तंत्र, जैव विविधता और आदिवासी जनजातियों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा
गैलेथिया खाड़ी जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को खतरा है
यह विकास बनाम पर्यावरण की एक महत्वपूर्ण बहस है
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