अफ्रीका दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है इसमें कुल 54 संयुक्त राष्ट्र मान्यता प्राप्त देश शामिल हैं। इन्हें अक्सर पाँच मुख्य क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है।
यहाँ अफ्रीका महाद्वीप के देशों की सूची दी गई है: ✍️🎯
1. उत्तरी अफ्रीका (North Africa)✍️
ये देश सहारा मरुस्थल के आसपास और भूमध्य सागर के किनारे स्थित हैं:
अल्जीरिया (Algeria)
मिस्र (Egypt)
लीबिया (Libya)
मोरक्को (Morocco)
सूडान (Sudan)
ट्यूनीशिया (Tunisia)
2. पूर्वी अफ्रीका (East Africa)✍️
यह क्षेत्र अपनी विविधता और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है:
इथियोपिया, केन्या, तंजानिया, युगांडा, रवांडा।
सोमालिया, जिबूती, इरिट्रिया (इन्हें 'हॉर्न ऑफ अफ्रीका' कहा जाता है)।
मेडागास्कर, मॉरीशस, सेशेल्स, कोमोरोस (द्वीप देश)।
दक्षिण सूडान, मलावी, मोजाम्बिक, बुरुंडी।
3. पश्चिमी अफ्रीका (West Africa)✍️
यह क्षेत्र अटलांटिक महासागर के किनारे स्थित है:
नाइजीरिया (अफ्रीका की सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश)।
घाना, सेनेगल, कोटे डी आइवर (आइवरी कोस्ट), माली।
नाइजर, बुर्किना फासो, बेनिन, गाम्बिया, गिनी, गिनी-बिसाऊ।
लाइबेरिया, मॉरिटानिया,
यहाँ अफ्रीका महाद्वीप के देशों की सूची दी गई है: ✍️🎯
1. उत्तरी अफ्रीका (North Africa)✍️
ये देश सहारा मरुस्थल के आसपास और भूमध्य सागर के किनारे स्थित हैं:
अल्जीरिया (Algeria)
मिस्र (Egypt)
लीबिया (Libya)
मोरक्को (Morocco)
सूडान (Sudan)
ट्यूनीशिया (Tunisia)
2. पूर्वी अफ्रीका (East Africa)✍️
यह क्षेत्र अपनी विविधता और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है:
इथियोपिया, केन्या, तंजानिया, युगांडा, रवांडा।
सोमालिया, जिबूती, इरिट्रिया (इन्हें 'हॉर्न ऑफ अफ्रीका' कहा जाता है)।
मेडागास्कर, मॉरीशस, सेशेल्स, कोमोरोस (द्वीप देश)।
दक्षिण सूडान, मलावी, मोजाम्बिक, बुरुंडी।
3. पश्चिमी अफ्रीका (West Africa)✍️
यह क्षेत्र अटलांटिक महासागर के किनारे स्थित है:
नाइजीरिया (अफ्रीका की सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश)।
घाना, सेनेगल, कोटे डी आइवर (आइवरी कोस्ट), माली।
नाइजर, बुर्किना फासो, बेनिन, गाम्बिया, गिनी, गिनी-बिसाऊ।
लाइबेरिया, मॉरिटानिया,
❤4
▪️जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पिछले साल दिल्ली स्थित उनके घर से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद से उन पर सवाल उठ रहे थे। उनके खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया भी शुरू होने वाली थी और इसी बीच अब उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज के पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही संसद में अब उनके खिलाफ चल रही महाभियोग प्रक्रिया भी रूक गई है। महाभियोग का खौफ ऐसा है कि इसके कारण अब तक कुल तीन जज इस्तीफा दे चुके हैं।
1. जस्टिस सौमित्र सेन-
कलकत्ता हाई कोर्ट के जज सौमित्र सेन पर 1983 के एक मामले में रिसीवर रहते हुए 33.23 लाख रुपये की हेराफेरी का आरोप लगा। कोर्ट की ओर से जमा राशि को उन्होंने अपने पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर कर लिया था। जब इस मामले में जांच हुई तो उन्हें दोषी पाया गया था। राज्यसभा ने 2011 में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित कर दिया। भारत के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी जज के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव किसी सदन से पास हुआ हो। हालांकि, उन्हें महाभियोग के जरिए नहीं हटाया गया क्योंकि महाभियोग प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। लोकसभा में प्रस्ताव पहुंचने से पहले उन्होंने 1 सितंबर 2011 को इस्तीफा दे दिया था।
2. जस्टिस पीडी दिनाकरण
पीडी दिनाकरण सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे। उन पर कांचीपुरम जिले में करीब 197 एकड़ सरकारी और प्राइवेट जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगा। आय से अधिक संपत्ति रखने और पद के दुरुपयोग का भी मामला था। साल 2009 में सुप्रीम कोर्ट में उनकी नियुक्ति की सिफारिश के समय ये आरोप सुर्खियों में आए। जांच समिति ने आरोपों को सही पाया। महाभियोग शुरू होने से ठीक पहले 29 जुलाई 2011 को उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
जस्टिस यशंवत वर्मा, पीडी दिनाकर और सौमित्र सेन ने महाभियोग प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया।
▪️ ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि पद से इस्तीफा देने के बाद महाभियोग प्रक्रिया वहीं समाप्त हो जाती है। ऐसी स्थिति में जज को रिटायरमेंट के सारे लाभ मिलते हैं। उन्हें एक रिटायर्ड जज के तौर पर सारी सुविधाएं मिलती रहती हैं।
▪️अन्य कुछ मामले (लेकिन इस्तीफा नहीं दिया):
• जस्टिस वी. रामास्वामी (सुप्रीम कोर्ट, 1993): महाभियोग प्रस्ताव आया, लेकिन लोकसभा में वोटिंग में फेल हो गया। उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया।
• जस्टिस जे.बी. पारदीवाला (गुजरात हाई कोर्ट, 2015): महाभियोग नोटिस आया, लेकिन आगे नहीं बढ़ा और इस्तीफा नहीं दिया।
• कुछ अन्य हाई कोर्ट जजों (जैसे जस्टिस शेखर कुमार यादव 2024, जस्टिस जी.आर. स्वामिनाथन 2025) के खिलाफ भी महाभियोग की कोशिश हुई, लेकिन वो या तो रुक गए या जज ने इस्तीफा नहीं दिया।
Note- ध्यान रहे महाभियोग शब्द का उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 61 में राष्ट्रपति के लिए ही है।
1. जस्टिस सौमित्र सेन-
कलकत्ता हाई कोर्ट के जज सौमित्र सेन पर 1983 के एक मामले में रिसीवर रहते हुए 33.23 लाख रुपये की हेराफेरी का आरोप लगा। कोर्ट की ओर से जमा राशि को उन्होंने अपने पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर कर लिया था। जब इस मामले में जांच हुई तो उन्हें दोषी पाया गया था। राज्यसभा ने 2011 में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित कर दिया। भारत के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी जज के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव किसी सदन से पास हुआ हो। हालांकि, उन्हें महाभियोग के जरिए नहीं हटाया गया क्योंकि महाभियोग प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। लोकसभा में प्रस्ताव पहुंचने से पहले उन्होंने 1 सितंबर 2011 को इस्तीफा दे दिया था।
2. जस्टिस पीडी दिनाकरण
पीडी दिनाकरण सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे। उन पर कांचीपुरम जिले में करीब 197 एकड़ सरकारी और प्राइवेट जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगा। आय से अधिक संपत्ति रखने और पद के दुरुपयोग का भी मामला था। साल 2009 में सुप्रीम कोर्ट में उनकी नियुक्ति की सिफारिश के समय ये आरोप सुर्खियों में आए। जांच समिति ने आरोपों को सही पाया। महाभियोग शुरू होने से ठीक पहले 29 जुलाई 2011 को उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
जस्टिस यशंवत वर्मा, पीडी दिनाकर और सौमित्र सेन ने महाभियोग प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया।
▪️ ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि पद से इस्तीफा देने के बाद महाभियोग प्रक्रिया वहीं समाप्त हो जाती है। ऐसी स्थिति में जज को रिटायरमेंट के सारे लाभ मिलते हैं। उन्हें एक रिटायर्ड जज के तौर पर सारी सुविधाएं मिलती रहती हैं।
▪️अन्य कुछ मामले (लेकिन इस्तीफा नहीं दिया):
• जस्टिस वी. रामास्वामी (सुप्रीम कोर्ट, 1993): महाभियोग प्रस्ताव आया, लेकिन लोकसभा में वोटिंग में फेल हो गया। उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया।
• जस्टिस जे.बी. पारदीवाला (गुजरात हाई कोर्ट, 2015): महाभियोग नोटिस आया, लेकिन आगे नहीं बढ़ा और इस्तीफा नहीं दिया।
• कुछ अन्य हाई कोर्ट जजों (जैसे जस्टिस शेखर कुमार यादव 2024, जस्टिस जी.आर. स्वामिनाथन 2025) के खिलाफ भी महाभियोग की कोशिश हुई, लेकिन वो या तो रुक गए या जज ने इस्तीफा नहीं दिया।
Note- ध्यान रहे महाभियोग शब्द का उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 61 में राष्ट्रपति के लिए ही है।
❤3
https://www.samyakias.com/rajasthaneconomicsurvey
Download Free Economic Survey in Hindi and English.
Download Free Economic Survey in Hindi and English.
❤2