ना मोहब्बत ना दोस्ती के लिए
वक्त रुकता नहीं किसी के लिए
अपने दिल को ना दुःख दें यूँ ही
इस जमाने की बेरुखी के लिए
वक्त के साथ साथ चलते रहें
यही बेहतर है आदमी के लिए
सुदर्शन फ़ाकिर
साहब...✍
वक्त रुकता नहीं किसी के लिए
अपने दिल को ना दुःख दें यूँ ही
इस जमाने की बेरुखी के लिए
वक्त के साथ साथ चलते रहें
यही बेहतर है आदमी के लिए
सुदर्शन फ़ाकिर
साहब...✍