Forwarded from GKPAD Official
It's the birthday of the man who shaped a nation And taught us truth & non-violence.
Happy Gandhi Jayanti 🇮🇳🙏
Happy Gandhi Jayanti 🇮🇳🙏
Forwarded from GKPAD Official
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उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) और बिहार के सबसे बड़े त्यौहार छठ पूजा की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं ☀️☀️
Forwarded from GKPAD Official
जो लोग 17 से 20 साल के हैं, अभी हाल में 12th पास किए हैं या ग्रेजुएशन कर रहे हैं
उनलोगों के लिए मैं एक मैसेज देना चाहूंगा
इस उम्र में एक अलग ही एनर्जी और जोश होता है, नए सपने होते हैं और उन सपनों को पूरा करने का जुनून होता है
दुनियां को बदल देने का, सबकुछ अपने हिसाब से कर लेने का मोटीवेशन होता है
"दुनिया भाड़ में जाए इस तरह का विचार होता है"
इस उम्र के लोगों को अभी दुनिया की reality का ज्ञान नहीं होता, लेकिन जैसे जैसे उम्र 21-22 पार करती है, so called अच्छी दुनिया अपनी अच्छाई दिखाने लगती है
कोई आपको किसी चीज के लिए judge करता है तो कोई दूसरा किसी और चीज के लिए
किसी को कुछ चाहिए होता है तो किसी को कुछ
यह सब चीजें हताशा और निराशा लेकर आती हैं, जो हम दुनिया को बदलने का ख्वाब लिए रहते हैं, वह तो टूटता ही है उल्टे दुनिया हमें ही बदलने लगती है
ऐसा सभी के साथ होता है, और जो लोग दूसरों की बातों को सुनने लगते हैं, दूसरों के हिसाब से अपने सपने तय करने लगते हैं, उनको निराशा के अलावा कुछ हाथ नहीं लगता
अगर आप इससे बचना चाहते हैं तो लाइफ के किसी भी स्टेज पर, खासतौर से इस कच्ची उम्र में दूसरों की बातें सुनकर अपना लक्ष्य या जीवन का उद्देश्य न बदलें।
और जो मन में अभी "दुनिया भाड़ में जाए" वाला विचार है, इसको हमेशा बनाएं रखें
बहुत काम आयेगा 🔥
उनलोगों के लिए मैं एक मैसेज देना चाहूंगा
इस उम्र में एक अलग ही एनर्जी और जोश होता है, नए सपने होते हैं और उन सपनों को पूरा करने का जुनून होता है
दुनियां को बदल देने का, सबकुछ अपने हिसाब से कर लेने का मोटीवेशन होता है
"दुनिया भाड़ में जाए इस तरह का विचार होता है"
इस उम्र के लोगों को अभी दुनिया की reality का ज्ञान नहीं होता, लेकिन जैसे जैसे उम्र 21-22 पार करती है, so called अच्छी दुनिया अपनी अच्छाई दिखाने लगती है
कोई आपको किसी चीज के लिए judge करता है तो कोई दूसरा किसी और चीज के लिए
किसी को कुछ चाहिए होता है तो किसी को कुछ
यह सब चीजें हताशा और निराशा लेकर आती हैं, जो हम दुनिया को बदलने का ख्वाब लिए रहते हैं, वह तो टूटता ही है उल्टे दुनिया हमें ही बदलने लगती है
ऐसा सभी के साथ होता है, और जो लोग दूसरों की बातों को सुनने लगते हैं, दूसरों के हिसाब से अपने सपने तय करने लगते हैं, उनको निराशा के अलावा कुछ हाथ नहीं लगता
अगर आप इससे बचना चाहते हैं तो लाइफ के किसी भी स्टेज पर, खासतौर से इस कच्ची उम्र में दूसरों की बातें सुनकर अपना लक्ष्य या जीवन का उद्देश्य न बदलें।
और जो मन में अभी "दुनिया भाड़ में जाए" वाला विचार है, इसको हमेशा बनाएं रखें
बहुत काम आयेगा 🔥
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मैं जातिवादी तो नहीं हूं, और न इससे संबंधित कुछ लिखता हूं ।
लेकिन यह वीडियो देखकर आज खुद को रोक नहीं सका ।
यादवों को उत्तर प्रदेश और बिहार में एक विशेष पार्टी और उससे जुड़े लोगों द्वारा यदुमुल्ला, मुस्लिम, धर्म विरोधी और भी पता नहीं क्या क्या कह कर अपमानित किया जाता है ।
लेकिन यादव लोग इतने बुरे भी नहीं हैं भाई । कोई भी इंसान किसी भी समुदाय से हो वह अपने कर्म से महान होता है, जाति या धर्म से नहीं ।
आपसी सद्भाव बनाए रखें, किसी पार्टी या नेता के बहकावे में न आएं।
जय हिन्द 🇮🇳🇮🇳
लेकिन यह वीडियो देखकर आज खुद को रोक नहीं सका ।
यादवों को उत्तर प्रदेश और बिहार में एक विशेष पार्टी और उससे जुड़े लोगों द्वारा यदुमुल्ला, मुस्लिम, धर्म विरोधी और भी पता नहीं क्या क्या कह कर अपमानित किया जाता है ।
लेकिन यादव लोग इतने बुरे भी नहीं हैं भाई । कोई भी इंसान किसी भी समुदाय से हो वह अपने कर्म से महान होता है, जाति या धर्म से नहीं ।
आपसी सद्भाव बनाए रखें, किसी पार्टी या नेता के बहकावे में न आएं।
जय हिन्द 🇮🇳🇮🇳
❤3
आप सभी प्यारे बच्चों को (वैसे तो मैं खुद ही अभी बच्चा हूं 😁) बाल दिवस (Children's Day) की हार्दिक शुभकामनाएं 🎉
आप सब खुश रहें - मस्त रहें और जीवन में हमेशा आगे बढ़ते रहें ❤️🙏
आप सब खुश रहें - मस्त रहें और जीवन में हमेशा आगे बढ़ते रहें ❤️🙏
🥰1
Forwarded from GKPAD Official
भगत सिंह की बुक "मैं नास्तिक क्यों हूँ?" डाउनलोड करने के लिए इस लिंक को ओपन करें - https://www.gkpad.com/download.php?u=https://anuvadasampada.azimpremjiuniversity.edu.in/3901/1/मैं%20नास्तिक%20क्यों%20हूँ.pdf
❤1
"गुनाहों का देवता - धर्मवीर भारती"
इस बुक बड़ा नाम सुना था तो सोचा पढ़ ही लूं ।
But इसकी कहानी इतनी बकवास लगी की आधा पढ़कर ही छोड़ दिया
पता नहीं क्या सोचकर UPSC में भी इससे सवाल पूछे जाते हैं?
साधारण शब्दों में यह एक Sad प्रेम कहानी वाला उपन्यास है ।
इसके दो मुख्य पात्र "चन्दर" और "सुधा" हैं, जो एक दूसरे से बचपन से ही बहुत प्रेम करते हैं ।
हालांकि वे एक दूसरे से कभी कहते नहीं है, लेकिन एक दूसरे के बिना रह भी नहीं पाते ।
सुधा दूसरे से शादी नहीं करना चाहती है, लेकिन चन्दर ही खुद उसे दूसरे से शादी करने के लिए मनाता है।
"हमारा प्रेम बहुत ऊंचा है", "एक दूसरे से अलग होकर हमारा प्रेम महान हो जाएगा", "मेरी सुधा मेरी बात नहीं मानेगी",
कुछ इस तरह की lines हैं, और कुछ टीचर्स सच में इसकी बड़ाई करते हैं
लेकिन यही मुझे इतना घटिया लगा कि मैने आधा ही पढ़कर छोड़ दिया ।
जब तुम्हारी सुधा है तो तुम उसको दूसरे को क्यों दे रहे हो? जब तुमको पता है की वह तुमसे बहुत प्रेम करती है, तुमको देवता समझती है, फिर उसको कहीं और क्यूं भेज रहे हो
वह तो तुमको देवता पहले ही मान चुकी है, जिससे उसकी शादी होगी, उसकी वह कितनी इज्जत करेगी? क्या कभी उसको उससे प्रेम हो पाएगा?
तुम लोग तो अपने समझ में महान बन गए लेकिन उस तीसरे व्यक्ति की क्या गलती थी जो उसकी लाइफ खराब कर दिए?
इस बात पर कोई भी UPSC टीचर बहस नहीं करना चाहता ।
और शायद लास्ट में सुधा मर भी जाती है और चन्दर अपनी गलती पर पछतावा करता है । (हालांकि मैने लास्ट तक पढ़ा नहीं है)
यह बस एक कहानी ही है, but ऐसा real life में भी होता है ।
मुझे मध्य प्रदेश की एक लड़की ने बताया कि उसकी शादी एक लड़के से हुई है, जो sub-inspector है ।
वह लड़का किसी और से प्रेम करता है और शादी के 6 महीने हो गए लेकिन उसने इस लड़की (अपनी पत्नी) की तरह आंख उठाकर देखा भी नहीं ।
अब बताओ, इस तरह का पागलपन करके इसकी लाइफ खराब कर दी उसने ।
इस बुक बड़ा नाम सुना था तो सोचा पढ़ ही लूं ।
But इसकी कहानी इतनी बकवास लगी की आधा पढ़कर ही छोड़ दिया
पता नहीं क्या सोचकर UPSC में भी इससे सवाल पूछे जाते हैं?
साधारण शब्दों में यह एक Sad प्रेम कहानी वाला उपन्यास है ।
इसके दो मुख्य पात्र "चन्दर" और "सुधा" हैं, जो एक दूसरे से बचपन से ही बहुत प्रेम करते हैं ।
हालांकि वे एक दूसरे से कभी कहते नहीं है, लेकिन एक दूसरे के बिना रह भी नहीं पाते ।
सुधा दूसरे से शादी नहीं करना चाहती है, लेकिन चन्दर ही खुद उसे दूसरे से शादी करने के लिए मनाता है।
"हमारा प्रेम बहुत ऊंचा है", "एक दूसरे से अलग होकर हमारा प्रेम महान हो जाएगा", "मेरी सुधा मेरी बात नहीं मानेगी",
कुछ इस तरह की lines हैं, और कुछ टीचर्स सच में इसकी बड़ाई करते हैं
लेकिन यही मुझे इतना घटिया लगा कि मैने आधा ही पढ़कर छोड़ दिया ।
जब तुम्हारी सुधा है तो तुम उसको दूसरे को क्यों दे रहे हो? जब तुमको पता है की वह तुमसे बहुत प्रेम करती है, तुमको देवता समझती है, फिर उसको कहीं और क्यूं भेज रहे हो
वह तो तुमको देवता पहले ही मान चुकी है, जिससे उसकी शादी होगी, उसकी वह कितनी इज्जत करेगी? क्या कभी उसको उससे प्रेम हो पाएगा?
तुम लोग तो अपने समझ में महान बन गए लेकिन उस तीसरे व्यक्ति की क्या गलती थी जो उसकी लाइफ खराब कर दिए?
इस बात पर कोई भी UPSC टीचर बहस नहीं करना चाहता ।
और शायद लास्ट में सुधा मर भी जाती है और चन्दर अपनी गलती पर पछतावा करता है । (हालांकि मैने लास्ट तक पढ़ा नहीं है)
यह बस एक कहानी ही है, but ऐसा real life में भी होता है ।
मुझे मध्य प्रदेश की एक लड़की ने बताया कि उसकी शादी एक लड़के से हुई है, जो sub-inspector है ।
वह लड़का किसी और से प्रेम करता है और शादी के 6 महीने हो गए लेकिन उसने इस लड़की (अपनी पत्नी) की तरह आंख उठाकर देखा भी नहीं ।
अब बताओ, इस तरह का पागलपन करके इसकी लाइफ खराब कर दी उसने ।
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