इंसानो की बस्ती में, इंसान कहाँ मिलते है,
बुझे हुए शोले भी, यारों बार बार सुलगाते है...
प्यार से ज्यादा, नफरत के फूल खिलाते है,
तीलीयों से कम, ज्यादा जुबां से जलाते है...
हालात का दोष नहीं, वहम से रिश्ते टुटते है,
झुककर चलो प्यारों, राह में फूल बरसते है...
नहीं जिनका कोई, हमसफर को तरसते है,
है एैसे भी बदनसीब, सदा दामन छूडाते है...
बड़े, बड़े सिकंदर, कब्र का सहारा लेते है,
इंसान बन जिये जो, दिलों पर राज करते है...
बुझे हुए शोले भी, यारों बार बार सुलगाते है...
प्यार से ज्यादा, नफरत के फूल खिलाते है,
तीलीयों से कम, ज्यादा जुबां से जलाते है...
हालात का दोष नहीं, वहम से रिश्ते टुटते है,
झुककर चलो प्यारों, राह में फूल बरसते है...
नहीं जिनका कोई, हमसफर को तरसते है,
है एैसे भी बदनसीब, सदा दामन छूडाते है...
बड़े, बड़े सिकंदर, कब्र का सहारा लेते है,
इंसान बन जिये जो, दिलों पर राज करते है...
*आज अचानक*
घर के कोने में समेटकर खुद ही रख दी थी हमने अपनी जिन्दगी।
कितनी बार झांककर देख भी आते थे तुझे जिंदगी।
डर था जिंदगी कहीं तू बिखरकर टूट न जाये।
तेरी सलामती की दुआँए जो माता - पिता ने की थी उनपर कोई आँच न आये।
घर के जिस कोने में महफूज़ समझ तुझे हम छोड़कर थे आये ।
तेरे बुलाने पर वक्त का तकाजा कहकर तेरे करीब हम नहीं जा पाये।
वक्त के साथ चलते हुये ,, अपने कदमों को तेरी ओर बढ़ा ही न पाये।
दूर से झाँककर ही तुझे देखभर ही हम आये।
तुझे झाँककर जब भी देखा कितने ही फर्ज और अधूरे काम याद आये।
तुझे साथ चलने के लिये अपने हाथ तेरी ओर नहीं हम कभी बढ़ा पाये।
घर का रंग-रूप बढ़ता और निखरता गया।
वक्त के साथ बहुत कुछ बदलता भी गया।
आज अचानक तेरी सलामती का ख्याल आया।
शुक्र है तेरे नजदीक जाकर तुझे सलामत पाया।
आज फिर से तेरे करीब माँ -बाप की दुआओं का साया नज़र आया।
माँ -बाप की दुआँऐं सदा साथ रहती हैं जीवन के पलों यही समझाया।
घर के कोने में समेटकर खुद ही रख दी थी हमने अपनी जिन्दगी।
कितनी बार झांककर देख भी आते थे तुझे जिंदगी।
डर था जिंदगी कहीं तू बिखरकर टूट न जाये।
तेरी सलामती की दुआँए जो माता - पिता ने की थी उनपर कोई आँच न आये।
घर के जिस कोने में महफूज़ समझ तुझे हम छोड़कर थे आये ।
तेरे बुलाने पर वक्त का तकाजा कहकर तेरे करीब हम नहीं जा पाये।
वक्त के साथ चलते हुये ,, अपने कदमों को तेरी ओर बढ़ा ही न पाये।
दूर से झाँककर ही तुझे देखभर ही हम आये।
तुझे झाँककर जब भी देखा कितने ही फर्ज और अधूरे काम याद आये।
तुझे साथ चलने के लिये अपने हाथ तेरी ओर नहीं हम कभी बढ़ा पाये।
घर का रंग-रूप बढ़ता और निखरता गया।
वक्त के साथ बहुत कुछ बदलता भी गया।
आज अचानक तेरी सलामती का ख्याल आया।
शुक्र है तेरे नजदीक जाकर तुझे सलामत पाया।
आज फिर से तेरे करीब माँ -बाप की दुआओं का साया नज़र आया।
माँ -बाप की दुआँऐं सदा साथ रहती हैं जीवन के पलों यही समझाया।
तुम पर भी यकीन है और मौत पर भी ऐतबार है....
देखते है पहले कौन मिलता है हमें दोनों का इंतजार है।🖤
देखते है पहले कौन मिलता है हमें दोनों का इंतजार है।🖤
आपकी शोहरतों पर दाद देता होगा जमाना
मेरे चाहने वाले तो मेरी बदनामियों पर फिदा हैं
मेरे चाहने वाले तो मेरी बदनामियों पर फिदा हैं
"हर रोज़ गिरकर भी,
मुक़म्मल खड़े हैं...!
ऐ ज़िंदगी देख,
मेरे हौसले तुझसे भी बड़े हैं ...!!"
हौसले के तरकश में
कोशिश का वो तीर ज़िंदा रखो
हार जाओ चाहे जिन्दगी मे सब कुछ
मगर फिर से जीतने की उम्मीद जिन्दा रखो!
मुक़म्मल खड़े हैं...!
ऐ ज़िंदगी देख,
मेरे हौसले तुझसे भी बड़े हैं ...!!"
हौसले के तरकश में
कोशिश का वो तीर ज़िंदा रखो
हार जाओ चाहे जिन्दगी मे सब कुछ
मगर फिर से जीतने की उम्मीद जिन्दा रखो!
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✍🏻किसी से भी मुलाकात बेवजह नही होती,,किसी से सबक मिलता है तो किसी से ज्ञान की बातें✍🏻
✍🏻किसी से भी मुलाकात बेवजह नही होती,,किसी से सबक मिलता है तो किसी से ज्ञान की बातें✍🏻
तुझे इश्क और मुझे,लोग इबादत मानते हैं
बडे शातिर हैं,'राज ए मोहब्बत'सब जानते है..
हम तो अपना नाम तलक भी भूल गये,
लोग हमें अब,आपके नाम से जो पहचानते है ..
बडे शातिर हैं,'राज ए मोहब्बत'सब जानते है..
हम तो अपना नाम तलक भी भूल गये,
लोग हमें अब,आपके नाम से जो पहचानते है ..
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✍🏻दुनिया क्या कहती है ये कभी नही सोचना चाहिए,,क्योकि जमाना बहुत अजीब है,,नाकामयाब लोगो का मजाक उड़ाया जाता है और कामयाब लोगो से जलता है✍🏻
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✍🏻दुनिया क्या कहती है ये कभी नही सोचना चाहिए,,क्योकि जमाना बहुत अजीब है,,नाकामयाब लोगो का मजाक उड़ाया जाता है और कामयाब लोगो से जलता है✍🏻
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सोचकर बाज़ार गया था अपने कुछ अश्क़ बेचने
हर खरीददार बोला अपनों के दिये तोहफे बिका नहीं करते ..
हर खरीददार बोला अपनों के दिये तोहफे बिका नहीं करते ..
Dil Bujhne Laga Aatish-e-Rukhsaar Ke Hotey,
Tanha Nazar Aate HeiN Gham-e-Yaar Ke Hotey.
Tanha Nazar Aate HeiN Gham-e-Yaar Ke Hotey.
AankhoN Ke Khwab Dil Ki Javaani Bhi Le Gaya,
Wo Apne Saath Meri Kahaani Bhi Le Gaya.
Wo Apne Saath Meri Kahaani Bhi Le Gaya.
मेरे कत्ल को समझतें थे, तरक्की जो अपनी !
कैसे जिएंगे मेरे बिना वो,जमाना ये भी देखेगा
कैसे जिएंगे मेरे बिना वो,जमाना ये भी देखेगा
अपने आसमान से मेरी ज़मीन देख लो
तुम ख्वाब आज कोई हसीन देख लो,
अगर आजमाना है ऐतबार को मेरे तो
एक झूठ तुम बोलो और मेरा यकीन देख लो !
तुम ख्वाब आज कोई हसीन देख लो,
अगर आजमाना है ऐतबार को मेरे तो
एक झूठ तुम बोलो और मेरा यकीन देख लो !
कुछ खास नही बस इतनी सी है मोहब्बत मेरी .. .!!
हर रात का आखरी खयाल और हर सुबह की पहली सोच हो तुम.
हर रात का आखरी खयाल और हर सुबह की पहली सोच हो तुम.
*रिश्तों को बस, इस तरह से बचा लिया करो...!*
*कभी मान जाया करो, कभी मना लिया करो...!!*
*कभी मान जाया करो, कभी मना लिया करो...!!*
