संविधान का भाग XI (अनुच्छेद 245 से 255) केंद्र और राज्यों के बीच कानून बनाने की शक्तियों को बताता है:
• सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule) के तहत विषयों को 3 सूचियों में बांटा गया है:
1. संघ सूची (Union List): इस पर सिर्फ केंद्र सरकार कानून बनाती है (जैसे रक्षा, रेलवे, विदेश मामले, बैंकिंग)।
2. राज्य सूची (State List): इस पर सामान्य स्थिति में राज्य सरकार कानून बनाती है (जैसे पुलिस, कृषि, स्वास्थ्य, स्थानीय सरकार)।
3. समवर्ती सूची (Concurrent List): इस पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं (जैसे शिक्षा, वन, विवाह), लेकिन विवाद होने पर केंद्र का कानून मान्य होता है।
• अवशिष्ट शक्तियां (Residuary Powers): जो विषय तीनों सूचियों में नहीं आते, उन पर कानून बनाने का अधिकार संसद (केंद्र) के पास है (अनुच्छेद 248)।
• सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule) के तहत विषयों को 3 सूचियों में बांटा गया है:
1. संघ सूची (Union List): इस पर सिर्फ केंद्र सरकार कानून बनाती है (जैसे रक्षा, रेलवे, विदेश मामले, बैंकिंग)।
2. राज्य सूची (State List): इस पर सामान्य स्थिति में राज्य सरकार कानून बनाती है (जैसे पुलिस, कृषि, स्वास्थ्य, स्थानीय सरकार)।
3. समवर्ती सूची (Concurrent List): इस पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं (जैसे शिक्षा, वन, विवाह), लेकिन विवाद होने पर केंद्र का कानून मान्य होता है।
• अवशिष्ट शक्तियां (Residuary Powers): जो विषय तीनों सूचियों में नहीं आते, उन पर कानून बनाने का अधिकार संसद (केंद्र) के पास है (अनुच्छेद 248)।
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जजिया टैक्स (Jizya Tax) मध्यकालीन इतिहास का एक प्रमुख धार्मिक कर था। यह इस्लामी शरिया कानून के तहत मुस्लिम शासकों द्वारा अपनी गैर-मुस्लिम प्रजा (जिन्हें 'धिम्मी' या संरक्षित लोग कहा जाता था) से वसूला जाता था।
इस कर को चुकाने के बदले में राज्य गैर-मुस्लिम नागरिकों को जान-माल की सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और सैन्य सेवा (मिलिट्री ड्यूटी) से छूट देता था।
भारत के इतिहास में जजिया टैक्स से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें और इसका घटनाक्रम इस प्रकार है:
भारत में जजिया टैक्स का इतिहास
• शुरुआत (712 ईस्वी): भारत में सबसे पहले अरब आक्रमणकारी मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध प्रांत में जजिया कर लगाया था।
• दिल्ली सल्तनत काल: बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक और अलाउद्दीन खिलजी जैसे शासकों ने इसे पूरी मुस्तैदी से लागू किया। शुरुआत में ब्राह्मणों, महिलाओं, बच्चों और सन्यासियों को इससे छूट थी।
• ब्राह्मणों पर जजिया (14वीं सदी): फिरोज शाह तुगलक दिल्ली सल्तनत का पहला ऐसा सुल्तान था, जिसने ब्राह्मणों पर भी जजिया कर लगा दिया था।
• अकबर द्वारा समाप्ति (1564 ईस्वी): मुगल सम्राट अकबर ने अपनी धार्मिक सहिष्णुता (उदार नीति) के तहत 1564 में जजिया टैक्स को पूरी तरह समाप्त कर दिया था।
• औरंगजेब द्वारा दोबारा लागू (1679 ईस्वी): अकबर के हटाने के करीब 100 साल बाद, मुगल शासक औरंगजेब ने 1679 में इसे दोबारा लागू कर दिया, जिसका गैर-मुस्लिम जनता ने कड़ा विरोध किया था।
• पूर्ण रूप से समाप्ति: आखिरी तौर पर मुगल बादशाह मोहम्मद शाह 'रंगीला' के शासनकाल में इस कर को भारत से हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया।
इस कर को चुकाने के बदले में राज्य गैर-मुस्लिम नागरिकों को जान-माल की सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और सैन्य सेवा (मिलिट्री ड्यूटी) से छूट देता था।
भारत के इतिहास में जजिया टैक्स से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें और इसका घटनाक्रम इस प्रकार है:
भारत में जजिया टैक्स का इतिहास
• शुरुआत (712 ईस्वी): भारत में सबसे पहले अरब आक्रमणकारी मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध प्रांत में जजिया कर लगाया था।
• दिल्ली सल्तनत काल: बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक और अलाउद्दीन खिलजी जैसे शासकों ने इसे पूरी मुस्तैदी से लागू किया। शुरुआत में ब्राह्मणों, महिलाओं, बच्चों और सन्यासियों को इससे छूट थी।
• ब्राह्मणों पर जजिया (14वीं सदी): फिरोज शाह तुगलक दिल्ली सल्तनत का पहला ऐसा सुल्तान था, जिसने ब्राह्मणों पर भी जजिया कर लगा दिया था।
• अकबर द्वारा समाप्ति (1564 ईस्वी): मुगल सम्राट अकबर ने अपनी धार्मिक सहिष्णुता (उदार नीति) के तहत 1564 में जजिया टैक्स को पूरी तरह समाप्त कर दिया था।
• औरंगजेब द्वारा दोबारा लागू (1679 ईस्वी): अकबर के हटाने के करीब 100 साल बाद, मुगल शासक औरंगजेब ने 1679 में इसे दोबारा लागू कर दिया, जिसका गैर-मुस्लिम जनता ने कड़ा विरोध किया था।
• पूर्ण रूप से समाप्ति: आखिरी तौर पर मुगल बादशाह मोहम्मद शाह 'रंगीला' के शासनकाल में इस कर को भारत से हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया।
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भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन (नमो ग्रीन रेल) का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 जुलाई 2026 को किया गया था।
प्रमुख विशेषताएं
• मार्ग: यह ट्रेन हरियाणा में उत्तर रेलवे के जींद-सोनीपत रेलखंड (लगभग 89 किमी) पर चलाई जा रही है।
प्रमुख विशेषताएं
• मार्ग: यह ट्रेन हरियाणा में उत्तर रेलवे के जींद-सोनीपत रेलखंड (लगभग 89 किमी) पर चलाई जा रही है।
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• स्वतंत्र भारत का पहला ऐसा राज्य बना जिसने राज्य स्तरीय UCC पारित कर 2 जनवरी 2025 से इसे पूरी तरह लागू कर दिया है। इसमें विवाह, तलाक और उत्तराधिकार के नियमों के साथ-साथ लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, हालांकि अनुसूचित जनजातियों (ST) को इससे बाहर रखा गया है।
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) भारत में एक ऐसा कानून बनाने का प्रस्ताव है, जिसके तहत देश के सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत मामलों जैसे—विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेना और संपत्ति का बंटवारा—में धर्म से परे जाकर एक समान कानून लागू हो।
स्वतंत्र भारत में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित करने वाला असम तीसरा राज्य है, जिसने 27 मई 2026 को असम समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026 पारित किया
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) भारत में एक ऐसा कानून बनाने का प्रस्ताव है, जिसके तहत देश के सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत मामलों जैसे—विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेना और संपत्ति का बंटवारा—में धर्म से परे जाकर एक समान कानून लागू हो।
स्वतंत्र भारत में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित करने वाला असम तीसरा राज्य है, जिसने 27 मई 2026 को असम समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026 पारित किया
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गोवा की साध्वी सतीश सैल (Sadhvi Satish Sail) ने फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 (Femina Miss India World 2026) का खिताब अपने नाम किया है। 18 अप्रैल 2026 को भुवनेश्वर, ओडिशा के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) में आयोजित ग्रैंड फिनाले में उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वह मिस इंडिया का ताज जीतने वाली गोवा की पहली महिला बनी हैं। अब वह मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
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"Your Question _"
YOUR Answer _ हा भर सकते हैं
मेरे पास TET या CTET नहीं है क्या में TGT फॉर्म भर सकता हूं ?
YOUR Answer _ हा भर सकते हैं
लेकिन अभी 15 दिन बाद tet का फॉर्म आएगा वो भी भरना होगा या फिर अगली साल के जून तक सीटीईटी पास करना होगा
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*▪️पुल्लिंग की पहचान ✓*
*1.* जिन शब्दों के पीछे *'अ, त्व, आ, आव, पा, पन, न'* आदि प्रत्यय आये वे पुल्लिंग होते हैं।
जैसे: मन, तन, वन, शेर, राम, कृष्ण, सतीत्व, देवत्व, मोटापा, चढ़ाव, बुढ़ापा, लडकपन, बचपन, लेन-देन आदि।
*2. पर्वतों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: हिमालय, हिमाचल, विघ्यांच्ल, सतपुड़ा, आल्प्स, यूराल, कंचनजंगा, एवरेस्ट, फूजियामा, कैलाश, मलयाचल, माउन्ट एवरेस्ट आदि।
*3. दिनों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसेः सोमवार, मंगलवार, बुद्धवार, वीरवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार आदि।
*4. देशों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: भारत, चीन, ईरान, यूरान, रूस, जापान, अमेरिका, पाकिस्तान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, मध्य प्रदेश आदि।
*5. धातुओं के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: सोना, ताम्बा, पीतल, लोहा, चाँदी, पारा आदि।
*6. नक्षत्रों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसेः सूर्य, चन्द्र, राहू, आकाश, शनि, बुद्ध, बृहस्पति, मंगल, शुक्र आदि।
*7. महीनों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: फरवरी, मार्च, चैत, आषाढ़, फागुन आदि।
*8. द्रवों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे:- पानी, तेल, पेट्रोल, घी, शरबत, दही, दूध आदि।
*9. पेड़ों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे:- केला, पपीता, शीशम, सागौन, जामुन, बरगद, पीपल, नीम, आम, अमरुद, देवदार, अनार, अशोक, पलाश आदि।
*10. सागर के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: हिन्द महासागर, प्रशांत महासागर, अरब महासागर आदि।
*11. समय के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: घंटा, पल, क्षण, मिनट, सेकेंड आदि।
*12. अनाजों के नाम भी पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे:- गेंहूँ, बाजरा, चना, जौ आदि।
*13. वर्णमाला के अक्षरों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे:- अ, उ, ए, ओ, क, ख, ग, घ, च, छ, य, र, ल, व, श आदि।
*14. प्राणीवाचक शब्द हमेशा पुरुष जाति का ही बोध करते हैं।*
जैसे:- बालक, गीदड़, कौआ, कवि, साधु, खटमल, भेडिया, खरगोश, चीता, मच्छर, पक्षी आदि।
*15. समूह वाचक संज्ञा भी पुल्लिंग होती है।*
जैसे:- मण्डल, समाज, दल, समूह, सभा, वर्ग, पंचायत आदि।
*16. भारी और बेडौल वस्तु भी पुल्लिंग होती हैं।*
जैसे:- जूता, रस्सा, पहाड़, लोटा आदि।
*17. रत्नों के नाम भी पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: नीलम, पुखराज, मूँगा, माणिक्य, पन्ना, मोती, हीरा आदि।
*18. फूलों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसेः गेंदा, मोतिया, कमल, गुलाब आदि।
*19. द्वीप भी पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: अंडमान-निकोबार, जावा, क्यूबा, न्यू फाउंलैंड आदि।
*20. शरीर के अंग पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे:-हाथ, पैर, गला, अंगूठा, कान, सिर, मुंह, घुटना, हृदय, दांत, मस्तक आदि।
*21. दान, खाना, वाला से खत्म होने वाले शब्द हमेशा पुल्लिंग होते हैं।*
जैसेः खानदान, पीकदान, दवाखाना, जेलखाना, दूधवाला, दुकानवाला आदि।
*22. आकारान्त संज्ञा पुल्लिंग होती है।*
जैसेः गुस्सा, चश्मा, पैसा, छाता आदि।
*1.* जिन शब्दों के पीछे *'अ, त्व, आ, आव, पा, पन, न'* आदि प्रत्यय आये वे पुल्लिंग होते हैं।
जैसे: मन, तन, वन, शेर, राम, कृष्ण, सतीत्व, देवत्व, मोटापा, चढ़ाव, बुढ़ापा, लडकपन, बचपन, लेन-देन आदि।
*2. पर्वतों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: हिमालय, हिमाचल, विघ्यांच्ल, सतपुड़ा, आल्प्स, यूराल, कंचनजंगा, एवरेस्ट, फूजियामा, कैलाश, मलयाचल, माउन्ट एवरेस्ट आदि।
*3. दिनों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसेः सोमवार, मंगलवार, बुद्धवार, वीरवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार आदि।
*4. देशों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: भारत, चीन, ईरान, यूरान, रूस, जापान, अमेरिका, पाकिस्तान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, मध्य प्रदेश आदि।
*5. धातुओं के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: सोना, ताम्बा, पीतल, लोहा, चाँदी, पारा आदि।
*6. नक्षत्रों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसेः सूर्य, चन्द्र, राहू, आकाश, शनि, बुद्ध, बृहस्पति, मंगल, शुक्र आदि।
*7. महीनों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: फरवरी, मार्च, चैत, आषाढ़, फागुन आदि।
*8. द्रवों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे:- पानी, तेल, पेट्रोल, घी, शरबत, दही, दूध आदि।
*9. पेड़ों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे:- केला, पपीता, शीशम, सागौन, जामुन, बरगद, पीपल, नीम, आम, अमरुद, देवदार, अनार, अशोक, पलाश आदि।
*10. सागर के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: हिन्द महासागर, प्रशांत महासागर, अरब महासागर आदि।
*11. समय के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: घंटा, पल, क्षण, मिनट, सेकेंड आदि।
*12. अनाजों के नाम भी पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे:- गेंहूँ, बाजरा, चना, जौ आदि।
*13. वर्णमाला के अक्षरों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे:- अ, उ, ए, ओ, क, ख, ग, घ, च, छ, य, र, ल, व, श आदि।
*14. प्राणीवाचक शब्द हमेशा पुरुष जाति का ही बोध करते हैं।*
जैसे:- बालक, गीदड़, कौआ, कवि, साधु, खटमल, भेडिया, खरगोश, चीता, मच्छर, पक्षी आदि।
*15. समूह वाचक संज्ञा भी पुल्लिंग होती है।*
जैसे:- मण्डल, समाज, दल, समूह, सभा, वर्ग, पंचायत आदि।
*16. भारी और बेडौल वस्तु भी पुल्लिंग होती हैं।*
जैसे:- जूता, रस्सा, पहाड़, लोटा आदि।
*17. रत्नों के नाम भी पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: नीलम, पुखराज, मूँगा, माणिक्य, पन्ना, मोती, हीरा आदि।
*18. फूलों के नाम पुल्लिंग होते हैं।*
जैसेः गेंदा, मोतिया, कमल, गुलाब आदि।
*19. द्वीप भी पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे: अंडमान-निकोबार, जावा, क्यूबा, न्यू फाउंलैंड आदि।
*20. शरीर के अंग पुल्लिंग होते हैं।*
जैसे:-हाथ, पैर, गला, अंगूठा, कान, सिर, मुंह, घुटना, हृदय, दांत, मस्तक आदि।
*21. दान, खाना, वाला से खत्म होने वाले शब्द हमेशा पुल्लिंग होते हैं।*
जैसेः खानदान, पीकदान, दवाखाना, जेलखाना, दूधवाला, दुकानवाला आदि।
*22. आकारान्त संज्ञा पुल्लिंग होती है।*
जैसेः गुस्सा, चश्मा, पैसा, छाता आदि।
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UPSSSC PET 2026 परीक्षा में सम्मिलित हो रहे साथियों को शुभकामनाएं 💐 💐
🙏12❤5
🌸 PET EXAM देने जा रहे सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ! 🌸
💪 हौसला रखिए, आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने जाइए। आपने जितनी मेहनत की है, उस पर भरोसा रखिए। परीक्षा में अपना 100% दीजिए और घबराहट को खुद पर हावी मत होने दीजिए।
✨ याद रखिए, सफलता उन्हीं को मिलती है जो आखिरी समय तक हिम्मत नहीं हारते।
🙏 ईश्वर आप सभी की मेहनत सफल करे और आपके चेहरे पर सफलता की मुस्कान लाए।
🔥 कल का दिन आपका हो, मेहनत रंग लाए और हर सपना सच हो जाए! 🔥
💐 ALL THE BEST FOR PET EXAM 2026 💐
💪 हौसला रखिए, आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने जाइए। आपने जितनी मेहनत की है, उस पर भरोसा रखिए। परीक्षा में अपना 100% दीजिए और घबराहट को खुद पर हावी मत होने दीजिए।
✨ याद रखिए, सफलता उन्हीं को मिलती है जो आखिरी समय तक हिम्मत नहीं हारते।
🙏 ईश्वर आप सभी की मेहनत सफल करे और आपके चेहरे पर सफलता की मुस्कान लाए।
🔥 कल का दिन आपका हो, मेहनत रंग लाए और हर सपना सच हो जाए! 🔥
💐 ALL THE BEST FOR PET EXAM 2026 💐
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