• कंगना रनौत: उत्तर प्रदेश सरकार की ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट - One District One Product) योजना की ब्रांड एंबेसडर।
• मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: ODOP योजना के तहत जिलों के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने वाले प्रमुख ब्रांड एंबेसडर।
• तुलिका रानी (स्क्वाड्रन लीडर): उत्तर प्रदेश में G-20 समिट की ब्रांड एंबेसडर।
• विद्या बालन: यूपी समाजवादी पेंशन योजना की ब्रांड एंबेसडर।
• नवाजुद्दीन सिद्दीकी: यूपी समाजवादी किसान बीमा योजना के ब्रांड एंबेसडर।
सूरज मिश्रा: वाराणसी के उभरते हुए मॉडल और अभिनेता, जिन्हें 'फैशन आइकन्स यूपी' का ऑफिशियल ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है, जो राष्ट्रीय मंच पर यूपी की संस्कृति और फैशन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
• मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: ODOP योजना के तहत जिलों के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने वाले प्रमुख ब्रांड एंबेसडर।
• तुलिका रानी (स्क्वाड्रन लीडर): उत्तर प्रदेश में G-20 समिट की ब्रांड एंबेसडर।
• विद्या बालन: यूपी समाजवादी पेंशन योजना की ब्रांड एंबेसडर।
• नवाजुद्दीन सिद्दीकी: यूपी समाजवादी किसान बीमा योजना के ब्रांड एंबेसडर।
सूरज मिश्रा: वाराणसी के उभरते हुए मॉडल और अभिनेता, जिन्हें 'फैशन आइकन्स यूपी' का ऑफिशियल ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है, जो राष्ट्रीय मंच पर यूपी की संस्कृति और फैशन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
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• भारतीय क्रिकेटर kuldeep yadav (कानपुर से), उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग (UP Election Commission) के ब्रांड एंबेसडर बनाए गए हैं ताकि युवाओं में मतदान को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके।
• हेमा मालिनी: भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद (UPBTVP) की ब्रांड एंबेसडर हैं।
• राज्य के युवा (कल्चरल ब्रांड एंबेसडर): उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' अभियान के तहत सरकार प्रदेश के कुशल युवाओं को ही अपना कल्चरल ब्रांड एंबेसडर बना रही है।
• योगाचार्य पंडित नवीन: लखनऊ के योग गुरु, जिन्हें योग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए इंडिया एक्सीलेंस अवार्ड में ब्रांड एंबेसडर का सम्मान दिया गया।
• हेमा मालिनी: भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद (UPBTVP) की ब्रांड एंबेसडर हैं।
• राज्य के युवा (कल्चरल ब्रांड एंबेसडर): उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के 'विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश' अभियान के तहत सरकार प्रदेश के कुशल युवाओं को ही अपना कल्चरल ब्रांड एंबेसडर बना रही है।
• योगाचार्य पंडित नवीन: लखनऊ के योग गुरु, जिन्हें योग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए इंडिया एक्सीलेंस अवार्ड में ब्रांड एंबेसडर का सम्मान दिया गया।
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सरकारी अभियान एवं राष्ट्रीय योजनाएं (Government & National Campaigns)
• नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री): इन्क्रेडिबल इंडिया (अतुल्य भारत) अभियान के प्रमुख चेहरा और एंबेसडर हैं.
• सुदर्शन पटनायक (मशहूर सैंड आर्टिस्ट): केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना 2027 (Census 2027) का नया ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है.
• अमिताभ बच्चन: भारत सरकार के GST (वस्तु एवं सेवा कर), पल्स पोलियो अभियान, और डीडी किसान (DD Kisan) के आधिकारिक एंबेसडर हैं.
• आयुष्मान खुराना: UNICEF इंडिया (संयुक्त राष्ट्र बाल कोष) के राष्ट्रीय ब्रांड एंबेसडर हैं, जो बाल अधिकारों के लिए काम करते हैं.
• नीरज चोपड़ा: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिजिटल फ्रॉड अवेयरनेस अभियान और स्विट्ज़रलैंड टूरिज़्म के 'फ्रेंडशिप एंबेसडर' हैं.
• पीवी सिंधु: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की ब्रांड एंबेसडर और तंबाकू नियंत्रण अभियान का मुख्य चेहरा हैं.
• नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री): इन्क्रेडिबल इंडिया (अतुल्य भारत) अभियान के प्रमुख चेहरा और एंबेसडर हैं.
• सुदर्शन पटनायक (मशहूर सैंड आर्टिस्ट): केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना 2027 (Census 2027) का नया ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है.
• अमिताभ बच्चन: भारत सरकार के GST (वस्तु एवं सेवा कर), पल्स पोलियो अभियान, और डीडी किसान (DD Kisan) के आधिकारिक एंबेसडर हैं.
• आयुष्मान खुराना: UNICEF इंडिया (संयुक्त राष्ट्र बाल कोष) के राष्ट्रीय ब्रांड एंबेसडर हैं, जो बाल अधिकारों के लिए काम करते हैं.
• नीरज चोपड़ा: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिजिटल फ्रॉड अवेयरनेस अभियान और स्विट्ज़रलैंड टूरिज़्म के 'फ्रेंडशिप एंबेसडर' हैं.
• पीवी सिंधु: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की ब्रांड एंबेसडर और तंबाकू नियंत्रण अभियान का मुख्य चेहरा हैं.
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प्रमुख कॉर्पोरेट और खेल ब्रांड्स (Corporate & Sports Brands)
• विराट कोहली: एचएसबीसी इंडिया (HSBC India), प्यूमा (Puma), और डिजिट इंश्योरेंस के मुख्य ब्रांड एंबेसडर हैं.
• दीपिका पादुकोण: लग्जरी इंटरनेशनल ब्रांड लुई वीटॉन (Louis Vuitton) की भारत से पहली ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर होने के साथ-साथ बिसलेरी (Bisleri) और हुंडई इंडिया का भी चेहरा हैं.
• आलिया भट्ट: इंटरनेशनल फैशन हाउस गुच्ची (Gucci) की पहली भारतीय ग्लोबल एंबेसडर हैं.
• शीतल देवी (पैरा-तीरंदाज): इन्हें हुंडई मोटर इंडिया ने विशेष रूप से अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है.
• मोहम्मद सिराज: प्रसिद्ध लाइफस्टाइल और फुटवियर ब्रांड स्केचर्स (Skechers) के ब्रांड एंबेसडर हैं.
• विराट कोहली: एचएसबीसी इंडिया (HSBC India), प्यूमा (Puma), और डिजिट इंश्योरेंस के मुख्य ब्रांड एंबेसडर हैं.
• दीपिका पादुकोण: लग्जरी इंटरनेशनल ब्रांड लुई वीटॉन (Louis Vuitton) की भारत से पहली ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर होने के साथ-साथ बिसलेरी (Bisleri) और हुंडई इंडिया का भी चेहरा हैं.
• आलिया भट्ट: इंटरनेशनल फैशन हाउस गुच्ची (Gucci) की पहली भारतीय ग्लोबल एंबेसडर हैं.
• शीतल देवी (पैरा-तीरंदाज): इन्हें हुंडई मोटर इंडिया ने विशेष रूप से अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है.
• मोहम्मद सिराज: प्रसिद्ध लाइफस्टाइल और फुटवियर ब्रांड स्केचर्स (Skechers) के ब्रांड एंबेसडर हैं.
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शुद्ध वर्तनी का चयन कीजिए
Anonymous Quiz
82%
विद्यार्थीगण
16%
विद्यार्थिगण
1%
वीद्यार्थिगण
1%
इनमें से कोई नहीं
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संविधान का भाग XI (अनुच्छेद 245 से 255) केंद्र और राज्यों के बीच कानून बनाने की शक्तियों को बताता है:
• सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule) के तहत विषयों को 3 सूचियों में बांटा गया है:
1. संघ सूची (Union List): इस पर सिर्फ केंद्र सरकार कानून बनाती है (जैसे रक्षा, रेलवे, विदेश मामले, बैंकिंग)।
2. राज्य सूची (State List): इस पर सामान्य स्थिति में राज्य सरकार कानून बनाती है (जैसे पुलिस, कृषि, स्वास्थ्य, स्थानीय सरकार)।
3. समवर्ती सूची (Concurrent List): इस पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं (जैसे शिक्षा, वन, विवाह), लेकिन विवाद होने पर केंद्र का कानून मान्य होता है।
• अवशिष्ट शक्तियां (Residuary Powers): जो विषय तीनों सूचियों में नहीं आते, उन पर कानून बनाने का अधिकार संसद (केंद्र) के पास है (अनुच्छेद 248)।
• सातवीं अनुसूची (Seventh Schedule) के तहत विषयों को 3 सूचियों में बांटा गया है:
1. संघ सूची (Union List): इस पर सिर्फ केंद्र सरकार कानून बनाती है (जैसे रक्षा, रेलवे, विदेश मामले, बैंकिंग)।
2. राज्य सूची (State List): इस पर सामान्य स्थिति में राज्य सरकार कानून बनाती है (जैसे पुलिस, कृषि, स्वास्थ्य, स्थानीय सरकार)।
3. समवर्ती सूची (Concurrent List): इस पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं (जैसे शिक्षा, वन, विवाह), लेकिन विवाद होने पर केंद्र का कानून मान्य होता है।
• अवशिष्ट शक्तियां (Residuary Powers): जो विषय तीनों सूचियों में नहीं आते, उन पर कानून बनाने का अधिकार संसद (केंद्र) के पास है (अनुच्छेद 248)।
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जजिया टैक्स (Jizya Tax) मध्यकालीन इतिहास का एक प्रमुख धार्मिक कर था। यह इस्लामी शरिया कानून के तहत मुस्लिम शासकों द्वारा अपनी गैर-मुस्लिम प्रजा (जिन्हें 'धिम्मी' या संरक्षित लोग कहा जाता था) से वसूला जाता था।
इस कर को चुकाने के बदले में राज्य गैर-मुस्लिम नागरिकों को जान-माल की सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और सैन्य सेवा (मिलिट्री ड्यूटी) से छूट देता था।
भारत के इतिहास में जजिया टैक्स से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें और इसका घटनाक्रम इस प्रकार है:
भारत में जजिया टैक्स का इतिहास
• शुरुआत (712 ईस्वी): भारत में सबसे पहले अरब आक्रमणकारी मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध प्रांत में जजिया कर लगाया था।
• दिल्ली सल्तनत काल: बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक और अलाउद्दीन खिलजी जैसे शासकों ने इसे पूरी मुस्तैदी से लागू किया। शुरुआत में ब्राह्मणों, महिलाओं, बच्चों और सन्यासियों को इससे छूट थी।
• ब्राह्मणों पर जजिया (14वीं सदी): फिरोज शाह तुगलक दिल्ली सल्तनत का पहला ऐसा सुल्तान था, जिसने ब्राह्मणों पर भी जजिया कर लगा दिया था।
• अकबर द्वारा समाप्ति (1564 ईस्वी): मुगल सम्राट अकबर ने अपनी धार्मिक सहिष्णुता (उदार नीति) के तहत 1564 में जजिया टैक्स को पूरी तरह समाप्त कर दिया था।
• औरंगजेब द्वारा दोबारा लागू (1679 ईस्वी): अकबर के हटाने के करीब 100 साल बाद, मुगल शासक औरंगजेब ने 1679 में इसे दोबारा लागू कर दिया, जिसका गैर-मुस्लिम जनता ने कड़ा विरोध किया था।
• पूर्ण रूप से समाप्ति: आखिरी तौर पर मुगल बादशाह मोहम्मद शाह 'रंगीला' के शासनकाल में इस कर को भारत से हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया।
इस कर को चुकाने के बदले में राज्य गैर-मुस्लिम नागरिकों को जान-माल की सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और सैन्य सेवा (मिलिट्री ड्यूटी) से छूट देता था।
भारत के इतिहास में जजिया टैक्स से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें और इसका घटनाक्रम इस प्रकार है:
भारत में जजिया टैक्स का इतिहास
• शुरुआत (712 ईस्वी): भारत में सबसे पहले अरब आक्रमणकारी मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध प्रांत में जजिया कर लगाया था।
• दिल्ली सल्तनत काल: बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक और अलाउद्दीन खिलजी जैसे शासकों ने इसे पूरी मुस्तैदी से लागू किया। शुरुआत में ब्राह्मणों, महिलाओं, बच्चों और सन्यासियों को इससे छूट थी।
• ब्राह्मणों पर जजिया (14वीं सदी): फिरोज शाह तुगलक दिल्ली सल्तनत का पहला ऐसा सुल्तान था, जिसने ब्राह्मणों पर भी जजिया कर लगा दिया था।
• अकबर द्वारा समाप्ति (1564 ईस्वी): मुगल सम्राट अकबर ने अपनी धार्मिक सहिष्णुता (उदार नीति) के तहत 1564 में जजिया टैक्स को पूरी तरह समाप्त कर दिया था।
• औरंगजेब द्वारा दोबारा लागू (1679 ईस्वी): अकबर के हटाने के करीब 100 साल बाद, मुगल शासक औरंगजेब ने 1679 में इसे दोबारा लागू कर दिया, जिसका गैर-मुस्लिम जनता ने कड़ा विरोध किया था।
• पूर्ण रूप से समाप्ति: आखिरी तौर पर मुगल बादशाह मोहम्मद शाह 'रंगीला' के शासनकाल में इस कर को भारत से हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया।
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