इक्वेटर पुरस्कार 2026 (Equator Prize) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP Equator Initiative) द्वारा दिया जाने वाला एक द्विवार्षिक (biennial) वैश्विक पुरस्कार है, जो जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदायों के माध्यम से गरीबी कम करने के कार्यों को सम्मानित करता है।
यह एक द्विवार्षिक पुरस्कार है और इसका पिछला बड़ा वितरण वर्ष 2025 में हुआ था (जिसमें भारत के कर्नाटक राज्य के धारवाड़ जिले के बीबी फातिमा महिला स्वयं सहायता समूह ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी), वर्ष 2026 में इस पुरस्कार का मुख्य फोकस इसके पिछले विजेताओं के नेटवर्क को मजबूत करने और नीतिगत स्तर पर उनके कार्यों को बढ़ावा देने पर रहा है।
यह एक द्विवार्षिक पुरस्कार है और इसका पिछला बड़ा वितरण वर्ष 2025 में हुआ था (जिसमें भारत के कर्नाटक राज्य के धारवाड़ जिले के बीबी फातिमा महिला स्वयं सहायता समूह ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी), वर्ष 2026 में इस पुरस्कार का मुख्य फोकस इसके पिछले विजेताओं के नेटवर्क को मजबूत करने और नीतिगत स्तर पर उनके कार्यों को बढ़ावा देने पर रहा है।
73वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता (73rd Miss World 2026) का आयोजन 5 सितंबर 2026 को वियतनाम के न्हा ट्रांग (Nha Trang) शहर में हुआ था. इस ऐतिहासिक ग्रैंड फिनाले में डोमिनिकन रिपब्लिक की जोहेरी मोला (Joheirry Mola) को मिस वर्ल्ड 2026 का ताज पहनाया गया.
यह मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की 75वीं वर्षगांठ का उत्सव था, जिसमें दुनिया भर के 111 देशों की सुंदरियों ने भाग लिया था. जोहेरी मोला को उनकी पूर्ववर्ती विजेता, थाईलैंड की ओपल सुचाता चुआंगस्री (72वीं मिस वर्ल्ड) ने प्रतिष्ठित नीला ताज पहनाया
भारत का प्रतिनिधित्व
इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व मध्य प्रदेश की निकिता पोरवाल (Nikita Porwal) ने किया था, जिन्हें फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 चुना गया था।
यह मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की 75वीं वर्षगांठ का उत्सव था, जिसमें दुनिया भर के 111 देशों की सुंदरियों ने भाग लिया था. जोहेरी मोला को उनकी पूर्ववर्ती विजेता, थाईलैंड की ओपल सुचाता चुआंगस्री (72वीं मिस वर्ल्ड) ने प्रतिष्ठित नीला ताज पहनाया
भारत का प्रतिनिधित्व
इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व मध्य प्रदेश की निकिता पोरवाल (Nikita Porwal) ने किया था, जिन्हें फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 चुना गया था।
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जिसको होम डिलीवरी मंगवाना है वो लोग नीचे दी गई लिंक पर जाकर तुरंत ऑर्डर कर लीजिए....
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एफ़एओ एग्रीकोला मेडल (FAO Agricola Medal)
यह पदक संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च संस्थागत सम्मान है। 'एग्रीकोला' एक लैटिन शब्द है जिसका अर्थ 'किसान' होता है।
• हालिया विजेता (2026): भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 20 मई 2026 को रोम, इटली में इस प्रतिष्ठित पदक से सम्मानित किया गया।
• पुरस्कार का कारण: उन्हें भारत में खाद्य सुरक्षा बढ़ाने, डिजिटल कृषि तकनीकों (जैसे AI परामर्श प्रणाली और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप') को लागू करने और लगभग 3,000 जलवायु-अनुकूल फसलों की किस्में विकसित करने के लिए यह पुरस्कार मिला।
• पूर्व भारतीय विजेता: पीएम मोदी से पहले, साल 2008 में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को भी ग्रामीण कृषि सुधारों के लिए यह मेडल मिल चुका है।
2. केंटन आर. मिलर पुरस्कार (Kenton R. Miller Award)
यह पुरस्कार इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) द्वारा दिया जाता है। यह हर दो साल में एक बार (द्विवार्षिक) दिया जाता है, इसलिए साल 2026 में इसका कोई चक्र नहीं था। इसके सबसे हालिया विजेताओं की घोषणा अक्टूबर 2025 में की गई थी।
• हालिया विजेता (2025): असम के काजीरंगा नेशनल पार्क की फील्ड डायरेक्टर डॉ. सोनाली घोष यह वैश्विक सम्मान पाने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने यह पुरस्कार इक्वाडोर के रोक सिमोन सेविला लारिया के साथ साझा किया।
• पुरस्कार का कारण: डॉ. घोष को काजीरंगा में वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को जोड़ने, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन (Eco-Tourism) को बढ़ावा देने और शिकार-विरोधी अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सम्मानित किया गया।
यह पदक संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च संस्थागत सम्मान है। 'एग्रीकोला' एक लैटिन शब्द है जिसका अर्थ 'किसान' होता है।
• हालिया विजेता (2026): भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 20 मई 2026 को रोम, इटली में इस प्रतिष्ठित पदक से सम्मानित किया गया।
• पुरस्कार का कारण: उन्हें भारत में खाद्य सुरक्षा बढ़ाने, डिजिटल कृषि तकनीकों (जैसे AI परामर्श प्रणाली और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप') को लागू करने और लगभग 3,000 जलवायु-अनुकूल फसलों की किस्में विकसित करने के लिए यह पुरस्कार मिला।
• पूर्व भारतीय विजेता: पीएम मोदी से पहले, साल 2008 में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को भी ग्रामीण कृषि सुधारों के लिए यह मेडल मिल चुका है।
2. केंटन आर. मिलर पुरस्कार (Kenton R. Miller Award)
यह पुरस्कार इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) द्वारा दिया जाता है। यह हर दो साल में एक बार (द्विवार्षिक) दिया जाता है, इसलिए साल 2026 में इसका कोई चक्र नहीं था। इसके सबसे हालिया विजेताओं की घोषणा अक्टूबर 2025 में की गई थी।
• हालिया विजेता (2025): असम के काजीरंगा नेशनल पार्क की फील्ड डायरेक्टर डॉ. सोनाली घोष यह वैश्विक सम्मान पाने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने यह पुरस्कार इक्वाडोर के रोक सिमोन सेविला लारिया के साथ साझा किया।
• पुरस्कार का कारण: डॉ. घोष को काजीरंगा में वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को जोड़ने, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन (Eco-Tourism) को बढ़ावा देने और शिकार-विरोधी अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सम्मानित किया गया।
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