फरवरी में इस दंपत्ति की शादी हुई थी और अप्रैल में कश्मीर घूमने गए। कोई गलती तो नहीं की थी, अपने देश में तो कहीं भी जाया जा सकता है। कश्मीर अपने देश में ही तो है ?
आज पहलगाम कश्मीर में पति ने जान गंवा दी। कारण, निवारण, निष्कर्ष और सत्य सब अपना अपना मान लेंगे। पर क्या कोई उस पत्नी को मना पाएगा जिसने अकारण अपना पति जीवन भर के लिए खो दिया????
आज पहलगाम कश्मीर में पति ने जान गंवा दी। कारण, निवारण, निष्कर्ष और सत्य सब अपना अपना मान लेंगे। पर क्या कोई उस पत्नी को मना पाएगा जिसने अकारण अपना पति जीवन भर के लिए खो दिया????
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क्लास न होने का कारण सर के बेटे की तबियत खराब है ।
जल्द ही आपको क्लास की सूचना मिल जाएगी।👍
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#ipaperclasses
🔳 *गरीबी मापन की समितियां*
🔳 *अलघ समिति (1979)*
तथा न्यूट्रीशनल वैल्यू 2400 किलो कैलोरी ग्रामीण क्षेत्र के लिए 2100 किलो कैलोरी शहरी क्षेत्र में निर्धारित की
🔳 *लकड़ावाला समिति (1993)*
अपनी रिपोर्ट में राज्य-विशिष्ट गरीबी रेखाएँ बनाई जानी चाहिए तथा इन्हें शहरी क्षेत्रों में CPI-IW तथा ग्रामीण क्षेत्रों में CPI-AL का उपयोग करते हुए अद्यतन किया जाना चाहिए।
#ipaperclasses
🔳 *तेंदुलकर समिति (2009)*
शहरी क्षेत्र में रह रहे परिवारों के संदर्भ में गरीबी रेखा को 1000 रुपए (प्रति व्यक्ति प्रति माह) और ग्रामीण परिवारों के लिये इसे 816 रुपए निर्धारित किया था।
#ipaperclasses
🔳 *रंगराजन समिति (2014)*
अखिल भारतीय स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र में 972 रुपए प्रतिमाह(32 ₹ प्रतिदिन) तथा शहरी क्षेत्र में 1407 रुपए प्रतिमाह(47₹ प्रतिदिन) निर्धारित किया था
🔳 *गरीबी मापन की समितियां*
🔳 *अलघ समिति (1979)*
पोषक तत्वों के आधार पर गरीबी मापन किया गया`` तथा न्यूट्रीशनल वैल्यू 2400 किलो कैलोरी ग्रामीण क्षेत्र के लिए 2100 किलो कैलोरी शहरी क्षेत्र में निर्धारित की
🔳 *लकड़ावाला समिति (1993)*
अपनी रिपोर्ट में राज्य-विशिष्ट गरीबी रेखाएँ बनाई जानी चाहिए तथा इन्हें शहरी क्षेत्रों में CPI-IW तथा ग्रामीण क्षेत्रों में CPI-AL का उपयोग करते हुए अद्यतन किया जाना चाहिए।
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🔳 *तेंदुलकर समिति (2009)*
शहरी क्षेत्र में रह रहे परिवारों के संदर्भ में गरीबी रेखा को 1000 रुपए (प्रति व्यक्ति प्रति माह) और ग्रामीण परिवारों के लिये इसे 816 रुपए निर्धारित किया था।
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🔳 *रंगराजन समिति (2014)*
अखिल भारतीय स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र में 972 रुपए प्रतिमाह(32 ₹ प्रतिदिन) तथा शहरी क्षेत्र में 1407 रुपए प्रतिमाह(47₹ प्रतिदिन) निर्धारित किया था
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🔳 *बेरोजगारी के प्रकार*
🔳 *चक्रीय बेरोजगारी*
यह बाजार में उत्पन्न मंदी के कारण मांग की कमी से उत्पन्न होती है और मांग बढ़ने पर समाप्त हो जाती है जैसे विकसित देशों में
#ipaperclasses
🔳 *घर्षण जनित बेरोजगारी*
एक रोजगार छोड़कर दूसरे रोजगार प्राप्त के मध्य की अवधि
🔳 *संरचनात्मक बेरोजगारी*
कौशल की कमी योग्यता रोजगार के अनुरूप काम ना मिल पाने की स्थिति
#ipaperclasses
🔳 *मौसमी बेरोजगारी*
कृषि क्षेत्र में मौसम के अनुसार काम तथा शेष समय में बेरोजगारी
🔳 *प्रच्छन्न बेरोजगारी*
किसी काम में आवश्यकता से अधिक लगे हुए लोग जिनको निकालने पर उत्पादन का स्तर समान रहे
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🔳 *बेरोजगारी के प्रकार*
🔳 *चक्रीय बेरोजगारी*
यह बाजार में उत्पन्न मंदी के कारण मांग की कमी से उत्पन्न होती है और मांग बढ़ने पर समाप्त हो जाती है जैसे विकसित देशों में
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🔳 *घर्षण जनित बेरोजगारी*
एक रोजगार छोड़कर दूसरे रोजगार प्राप्त के मध्य की अवधि
🔳 *संरचनात्मक बेरोजगारी*
कौशल की कमी योग्यता रोजगार के अनुरूप काम ना मिल पाने की स्थिति
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🔳 *मौसमी बेरोजगारी*
कृषि क्षेत्र में मौसम के अनुसार काम तथा शेष समय में बेरोजगारी
🔳 *प्रच्छन्न बेरोजगारी*
किसी काम में आवश्यकता से अधिक लगे हुए लोग जिनको निकालने पर उत्पादन का स्तर समान रहे
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*मॉक ड्रिल (Mock Drill) क्या है?*
मॉक ड्रिल (Mock Drill) एक पूर्व नियोजित अभ्यास होता है, जिसमें किसी आपदा या आपातकालीन स्थिति (जैसे भूकंप, आग, बाढ़, आतंकी हमला आदि) के दौरान उठाए जाने वाले कदमों को व्यवहारिक रूप से दोहराया जाता है। इसका उद्देश्य यह होता है कि जब असली आपदा आए, तो लोग और संबंधित एजेंसियाँ तैयार और संगठित रहें।
*मॉक ड्रिल के प्रमुख उद्देश्य:*
1. आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की जाँच करना
2. जनता को जागरूक और तैयार करना
3. कमियों और खामियों की पहचान करना
4. सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस, फायर ब्रिगेड, अस्पताल आदि के समन्वय को परखना।
*भारत सरकार अभी मॉक ड्रिल क्यों कर रही है?*
भारत सरकार समय-समय पर मॉक ड्रिल कराती है, लेकिन अगर अभी इसके बारे में खबरें आ रही हैं, तो संभवतः इसके पीछे ये कारण हो सकते हैं:
*1. आग लगने की बढ़ती घटनाएँ* – गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएँ तेजी से बढ़ती हैं, खासकर अस्पतालों, मॉल्स, फैक्ट्रियों आदि में।
*2. चक्रवात या मानसून पूर्व तैयारी* – मई-जून के समय में चक्रवातों की आशंका रहती है (जैसे बंगाल की खाड़ी में)। ऐसे में तटीय राज्यों में ड्रिल कराई जाती है।
#ipaperclasses
*3. राष्ट्रीय स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारी* – NDMA (National Disaster Management Authority) और NDRF (National Disaster Response Force) समय-समय पर ऐसी ड्रिल कराती हैं ताकि उनकी तैयारियाँ जांची जा सकें।
*4. सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता* – आतंकी खतरे या सुरक्षा चुनौतियों की आशंका हो तो मॉक ड्रिल्स के ज़रिए रिहर्सल होती है।
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*मॉक ड्रिल (Mock Drill) क्या है?*
मॉक ड्रिल (Mock Drill) एक पूर्व नियोजित अभ्यास होता है, जिसमें किसी आपदा या आपातकालीन स्थिति (जैसे भूकंप, आग, बाढ़, आतंकी हमला आदि) के दौरान उठाए जाने वाले कदमों को व्यवहारिक रूप से दोहराया जाता है। इसका उद्देश्य यह होता है कि जब असली आपदा आए, तो लोग और संबंधित एजेंसियाँ तैयार और संगठित रहें।
*मॉक ड्रिल के प्रमुख उद्देश्य:*
1. आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की जाँच करना
2. जनता को जागरूक और तैयार करना
3. कमियों और खामियों की पहचान करना
4. सुरक्षा एजेंसियों, पुलिस, फायर ब्रिगेड, अस्पताल आदि के समन्वय को परखना।
*भारत सरकार अभी मॉक ड्रिल क्यों कर रही है?*
भारत सरकार समय-समय पर मॉक ड्रिल कराती है, लेकिन अगर अभी इसके बारे में खबरें आ रही हैं, तो संभवतः इसके पीछे ये कारण हो सकते हैं:
*1. आग लगने की बढ़ती घटनाएँ* – गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएँ तेजी से बढ़ती हैं, खासकर अस्पतालों, मॉल्स, फैक्ट्रियों आदि में।
*2. चक्रवात या मानसून पूर्व तैयारी* – मई-जून के समय में चक्रवातों की आशंका रहती है (जैसे बंगाल की खाड़ी में)। ऐसे में तटीय राज्यों में ड्रिल कराई जाती है।
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*3. राष्ट्रीय स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारी* – NDMA (National Disaster Management Authority) और NDRF (National Disaster Response Force) समय-समय पर ऐसी ड्रिल कराती हैं ताकि उनकी तैयारियाँ जांची जा सकें।
*4. सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता* – आतंकी खतरे या सुरक्षा चुनौतियों की आशंका हो तो मॉक ड्रिल्स के ज़रिए रिहर्सल होती है।
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⚔️ ऑपरेशन सिंदूर: भारत की निर्णायक कार्रवाई ⚔️
15 दिन पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और POK में 9 आतंकी ठिकानों पर रात 1:30 बजे एयर स्ट्राइक की।
▪️ ऑपरेशन नाम: सिंदूर
▪️ समय: 7 May बुधवार 1:30 am
▪️ लक्ष्य: जैश, लश्कर और हिज्बुल के शिविर
▪️ स्थान: बहावलपुर, मुरीदके, कोटली, बाघ, मुजफ्फराबाद etc
▪️ कुल मिसाइलें: 24 दागी गईं
▪️ मारे गए आतंकवादी: 90+ (स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार)
▪️ कार्रवाई में शामिल: थलसेना + वायुसेना + नौसेना
▪️ 1971 के युद्ध के बाद पहली बार तीनों सेनाओं ने एक साथ इतनी बड़ी कार्रवाई की है।
15 दिन पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और POK में 9 आतंकी ठिकानों पर रात 1:30 बजे एयर स्ट्राइक की।
▪️ ऑपरेशन नाम: सिंदूर
▪️ समय: 7 May बुधवार 1:30 am
▪️ लक्ष्य: जैश, लश्कर और हिज्बुल के शिविर
▪️ स्थान: बहावलपुर, मुरीदके, कोटली, बाघ, मुजफ्फराबाद etc
▪️ कुल मिसाइलें: 24 दागी गईं
▪️ मारे गए आतंकवादी: 90+ (स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार)
▪️ कार्रवाई में शामिल: थलसेना + वायुसेना + नौसेना
▪️ 1971 के युद्ध के बाद पहली बार तीनों सेनाओं ने एक साथ इतनी बड़ी कार्रवाई की है।
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भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस बी आर गवई (देश के दूसरे दलित मुख्य न्यायाधीश)
भारत के प्रथम बौद्ध मुख्य न्यायाधीश
JOIN US - @iPaperClaases
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📣भारत सरकार ने 23 सितंबर को हर वर्ष ‘आयुर्वेद दिवस’ के रूप में मनाने की आधिकारिक घोषणा की।
➡️2016 में पहली बार राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की घोषणा की थी। आरोग्य के देवता धन्वंतरि की जयंती धनतेरस के दिन राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था। पहला आयुर्वेद दिवस 28 अक्टूबर 2016 को मनाया गया था।
✔️आयुष मंत्रालय ने कहा, धनतेरस कार्तिक माह में मनाया जाता है। हर साल धनतेरस की तारीख बदलने के कारण आयुर्वेद दिवस के आयोजन में होने वाली दिक्कतों के कारण 23 सितंबर को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। 23 सितंबर को दिन और रात लगभग बराबर होते हैं।
https://t.me/iPaperClasses
➡️2016 में पहली बार राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की घोषणा की थी। आरोग्य के देवता धन्वंतरि की जयंती धनतेरस के दिन राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था। पहला आयुर्वेद दिवस 28 अक्टूबर 2016 को मनाया गया था।
✔️आयुष मंत्रालय ने कहा, धनतेरस कार्तिक माह में मनाया जाता है। हर साल धनतेरस की तारीख बदलने के कारण आयुर्वेद दिवस के आयोजन में होने वाली दिक्कतों के कारण 23 सितंबर को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। 23 सितंबर को दिन और रात लगभग बराबर होते हैं।
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