1. दुर्योधन 2. दुःशासन 3. दुःसह
4. दुःशल 5. जलसंघ 6. सम 7. सह 8. विंद 9. अनुविंद 10. दुर्धर्ष 11. सुबाहु 12. दुषप्रधर्षण 13. दुर्मर्षण 14. दुर्मुख 15. दुष्कर्ण 16. विकर्ण 17. शल 18. सत्वान 19. सुलोचन 20. चित्र 21. उपचित्र 22. चित्राक्ष 23. चारुचित्र 24. शरासन 25. दुर्मद 26. दुर्विगाह 27. विवित्सु 28. विकटानन्द 29. ऊर्णनाभ 30. सुनाभ 31. नन्द 32. उपनन्द 33. चित्रबाण 34. चित्रवर्मा 35. सुवर्मा 36. दुर्विमोचन 37. अयोबाहु 38. महाबाहु 39. चित्रांग 40. चित्रकुण्डल 41. भीमवेग 42. भीमबल 43. बालाकि 44. बलवर्धन 45. उग्रायुध 46. सुषेण 47. कुण्डधर 48. महोदर 49. चित्रायुध 50. निषंगी 51. पाशी 52. वृन्दारक 53. दृढ़वर्मा 54. दृढ़क्षत्र 55. सोमकीर्ति 56. अनूदर 57. दढ़संघ 58. जरासंघ 59. सत्यसंघ 60. सद्सुवाक 61. उग्रश्रवा 62. उग्रसेन 63. सेनानी 64. दुष्पराजय 65. अपराजित 66. कुण्डशायी 67. विशालाक्ष 68. दुराधर 69. दृढ़हस्त 70. सुहस्त 71. वातवेग 72. सुवर्च 73. आदित्यकेतु 74. बह्वाशी 75. नागदत्त 76. उग्रशायी 77. कवचि 78. क्रथन। 79. कुण्डी 80. भीमविक्र 81. धनुर्धर 82. वीरबाहु 83. अलोलुप 84. अभय 85. दृढ़कर्मा 86. दृढ़रथाश्रय 87. अनाधृष्य 88. कुण्डभेदी। 89. विरवि 90. चित्रकुण्डल 91. प्रधम
92. अमाप्रमाथि 93. दीर्घरोमा
94. सुवीर्यवान 95. दीर्घबाहु
96. सुजात। 97. कनकध्वज
98. कुण्डाशी 99. विरज
100. युयुत्सु
(इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहन भी थी… जिसका नाम "दुशाला" था, जिसका विवाह "जयद्रथ" से हुआ था)
"श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में-
ॐ . किसको किसने सुनाई?
उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई।
ॐ . कब सुनाई?
उ.- आज से 5700 साल पहले सुनाई।
ॐ. भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?
उ.- रविवार के दिन।
ॐ. कोन सी तिथि को?
उ.- एकादशी
ॐ. कहा सुनाई?
उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में।
ॐ. कितनी देर में सुनाई?
उ.- लगभग 45 मिनट में
ॐ. क्यूँ सुनाई?
उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए।
ॐ. कितने अध्याय है?
उ.- कुल 18 अध्याय
ॐ. कितने श्लोक है?
उ.- 700 श्लोक
ॐ. गीता में क्या-क्या बताया गया है?
उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है।
ॐ. गीता को अर्जुन के अलावा
और किन किन लोगो ने सुना?
उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने
ॐ. अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?
उ.- भगवान सूर्यदेव को
ॐ. गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?
उ.- उपनिषदों में
ॐ. गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?
उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है।
ॐ. गीता का दूसरा नाम क्या है?
उ.- गीतोपनिषद
ॐ. गीता का सार क्या है?
उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना
ॐ. गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?
उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574
अर्जुन ने- 85
धृतराष्ट्र ने- 1
संजय ने- 40.
अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। धन्यवाद🙏
अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है।
33 करोड नहीँ 33 कोटि देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मेँ।
कोटि = प्रकार।
देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते है, कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता।
हिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं...
कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मे :-
12 प्रकार हैँ :-
आदित्य , धाता, मित, आर्यमा,
शक्रा, वरुण, अँश, भाग, विवास्वान, पूष, सविता, तवास्था, और विष्णु...!
8 प्रकार हैँ :-
वासु:, धर, ध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।
11 प्रकार हैँ :-
रुद्र: ,हर,बहुरुप, त्रयँबक,
अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी,
रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।
एवँ
दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार।
कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी
अगर कभी भगवान् के आगे हाथ जोड़ा है | तो इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाएं ।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
हिन्दु हाेने के नाते जानना ज़रूरी है |
this is very good information for all of us ... जय श्रीकृष्ण ...
अब आपकी बारी है कि इस जानकारी को आगे बढ़ाएँ ......
अपनी भारत की संस्कृति को पहचाने | ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुचाये, खासकर अपने बच्चो को बताए क्योकि ये बात उन्हें कोई नहीं बताएगा...
*📜😇 दो पक्ष* -
कृष्ण पक्ष ,
शुक्ल पक्ष !
*📜😇 तीन ऋण* -
देव ऋण ,
पितृ ऋण ,
ऋषि ऋण !
*📜😇 चार युग* -
4. दुःशल 5. जलसंघ 6. सम 7. सह 8. विंद 9. अनुविंद 10. दुर्धर्ष 11. सुबाहु 12. दुषप्रधर्षण 13. दुर्मर्षण 14. दुर्मुख 15. दुष्कर्ण 16. विकर्ण 17. शल 18. सत्वान 19. सुलोचन 20. चित्र 21. उपचित्र 22. चित्राक्ष 23. चारुचित्र 24. शरासन 25. दुर्मद 26. दुर्विगाह 27. विवित्सु 28. विकटानन्द 29. ऊर्णनाभ 30. सुनाभ 31. नन्द 32. उपनन्द 33. चित्रबाण 34. चित्रवर्मा 35. सुवर्मा 36. दुर्विमोचन 37. अयोबाहु 38. महाबाहु 39. चित्रांग 40. चित्रकुण्डल 41. भीमवेग 42. भीमबल 43. बालाकि 44. बलवर्धन 45. उग्रायुध 46. सुषेण 47. कुण्डधर 48. महोदर 49. चित्रायुध 50. निषंगी 51. पाशी 52. वृन्दारक 53. दृढ़वर्मा 54. दृढ़क्षत्र 55. सोमकीर्ति 56. अनूदर 57. दढ़संघ 58. जरासंघ 59. सत्यसंघ 60. सद्सुवाक 61. उग्रश्रवा 62. उग्रसेन 63. सेनानी 64. दुष्पराजय 65. अपराजित 66. कुण्डशायी 67. विशालाक्ष 68. दुराधर 69. दृढ़हस्त 70. सुहस्त 71. वातवेग 72. सुवर्च 73. आदित्यकेतु 74. बह्वाशी 75. नागदत्त 76. उग्रशायी 77. कवचि 78. क्रथन। 79. कुण्डी 80. भीमविक्र 81. धनुर्धर 82. वीरबाहु 83. अलोलुप 84. अभय 85. दृढ़कर्मा 86. दृढ़रथाश्रय 87. अनाधृष्य 88. कुण्डभेदी। 89. विरवि 90. चित्रकुण्डल 91. प्रधम
92. अमाप्रमाथि 93. दीर्घरोमा
94. सुवीर्यवान 95. दीर्घबाहु
96. सुजात। 97. कनकध्वज
98. कुण्डाशी 99. विरज
100. युयुत्सु
(इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहन भी थी… जिसका नाम "दुशाला" था, जिसका विवाह "जयद्रथ" से हुआ था)
"श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में-
ॐ . किसको किसने सुनाई?
उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई।
ॐ . कब सुनाई?
उ.- आज से 5700 साल पहले सुनाई।
ॐ. भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?
उ.- रविवार के दिन।
ॐ. कोन सी तिथि को?
उ.- एकादशी
ॐ. कहा सुनाई?
उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में।
ॐ. कितनी देर में सुनाई?
उ.- लगभग 45 मिनट में
ॐ. क्यूँ सुनाई?
उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए।
ॐ. कितने अध्याय है?
उ.- कुल 18 अध्याय
ॐ. कितने श्लोक है?
उ.- 700 श्लोक
ॐ. गीता में क्या-क्या बताया गया है?
उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है।
ॐ. गीता को अर्जुन के अलावा
और किन किन लोगो ने सुना?
उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने
ॐ. अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?
उ.- भगवान सूर्यदेव को
ॐ. गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?
उ.- उपनिषदों में
ॐ. गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?
उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है।
ॐ. गीता का दूसरा नाम क्या है?
उ.- गीतोपनिषद
ॐ. गीता का सार क्या है?
उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना
ॐ. गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?
उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574
अर्जुन ने- 85
धृतराष्ट्र ने- 1
संजय ने- 40.
अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। धन्यवाद🙏
अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है।
33 करोड नहीँ 33 कोटि देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मेँ।
कोटि = प्रकार।
देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते है, कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता।
हिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं...
कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मे :-
12 प्रकार हैँ :-
आदित्य , धाता, मित, आर्यमा,
शक्रा, वरुण, अँश, भाग, विवास्वान, पूष, सविता, तवास्था, और विष्णु...!
8 प्रकार हैँ :-
वासु:, धर, ध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।
11 प्रकार हैँ :-
रुद्र: ,हर,बहुरुप, त्रयँबक,
अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी,
रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।
एवँ
दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार।
कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी
अगर कभी भगवान् के आगे हाथ जोड़ा है | तो इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाएं ।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
हिन्दु हाेने के नाते जानना ज़रूरी है |
this is very good information for all of us ... जय श्रीकृष्ण ...
अब आपकी बारी है कि इस जानकारी को आगे बढ़ाएँ ......
अपनी भारत की संस्कृति को पहचाने | ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुचाये, खासकर अपने बच्चो को बताए क्योकि ये बात उन्हें कोई नहीं बताएगा...
*📜😇 दो पक्ष* -
कृष्ण पक्ष ,
शुक्ल पक्ष !
*📜😇 तीन ऋण* -
देव ऋण ,
पितृ ऋण ,
ऋषि ऋण !
*📜😇 चार युग* -
सतयुग ,
त्रेतायुग ,
द्वापरयुग ,
कलियुग !
*📜😇 चार धाम* -
द्वारिका ,
बद्रीनाथ ,
जगन्नाथ पुरी ,
रामेश्वरम धाम !
*📜😇 चारपीठ* -
शारदा पीठ ( द्वारिका )
ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम )
गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) ,
शृंगेरीपीठ !
*📜😇 चार वेद* -
ऋग्वेद ,
अथर्वेद ,
यजुर्वेद ,
सामवेद !
*📜😇 चार आश्रम* -
ब्रह्मचर्य ,
गृहस्थ ,
वानप्रस्थ ,
संन्यास !
*📜😇 चार अंतःकरण* -
मन ,
बुद्धि ,
चित्त ,
अहंकार !
*📜😇 पञ्च गव्य* -
गाय का घी ,
दूध ,
दही ,
गोमूत्र ,
गोबर !
*📜😇 पञ्च देव* -
गणेश ,
विष्णु ,
शिव ,
देवी ,
सूर्य !
*📜😇 पंच तत्त्व* -
पृथ्वी ,
जल ,
अग्नि ,
वायु ,
आकाश !
*📜😇 छह दर्शन* -
वैशेषिक ,
न्याय ,
सांख्य ,
योग ,
पूर्व मिसांसा ,
दक्षिण मिसांसा !
*📜😇 सप्त ऋषि* -
विश्वामित्र ,
जमदाग्नि ,
भरद्वाज ,
गौतम ,
अत्री ,
वशिष्ठ और कश्यप!
*📜😇 सप्त पुरी* -
अयोध्या पुरी ,
मथुरा पुरी ,
माया पुरी ( हरिद्वार ) ,
काशी ,
कांची
( शिन कांची - विष्णु कांची ) ,
अवंतिका और
द्वारिका पुरी !
*📜😊 आठ योग* -
यम ,
नियम ,
आसन ,
प्राणायाम ,
प्रत्याहार ,
धारणा ,
ध्यान एवं
समािध !
*📜😇 आठ लक्ष्मी* -
आग्घ ,
विद्या ,
सौभाग्य ,
अमृत ,
काम ,
सत्य ,
भोग ,एवं
योग लक्ष्मी !
*📜😇 नव दुर्गा* -
शैल पुत्री ,
ब्रह्मचारिणी ,
चंद्रघंटा ,
कुष्मांडा ,
स्कंदमाता ,
कात्यायिनी ,
कालरात्रि ,
महागौरी एवं
सिद्धिदात्री !
*📜😇 दस दिशाएं* -
पूर्व ,
पश्चिम ,
उत्तर ,
दक्षिण ,
ईशान ,
नैऋत्य ,
वायव्य ,
अग्नि
आकाश एवं
पाताल !
*📜😇 मुख्य ११ अवतार* -
मत्स्य ,
कच्छप ,
वराह ,
नरसिंह ,
वामन ,
परशुराम ,
श्री राम ,
कृष्ण ,
बलराम ,
बुद्ध ,
एवं कल्कि !
*📜😇 बारह मास* -
चैत्र ,
वैशाख ,
ज्येष्ठ ,
अषाढ ,
श्रावण ,
भाद्रपद ,
अश्विन ,
कार्तिक ,
मार्गशीर्ष ,
पौष ,
माघ ,
फागुन !
*📜😇 बारह राशि* -
मेष ,
वृषभ ,
मिथुन ,
कर्क ,
सिंह ,
कन्या ,
तुला ,
वृश्चिक ,
धनु ,
मकर ,
कुंभ ,
मीन!
*📜😇 बारह ज्योतिर्लिंग* -
सोमनाथ ,
मल्लिकार्जुन ,
महाकाल ,
ओमकारेश्वर ,
बैजनाथ ,
रामेश्वरम ,
विश्वनाथ ,
त्र्यंबकेश्वर ,
केदारनाथ ,
घुष्नेश्वर ,
भीमाशंकर ,
नागेश्वर !
*📜😇 पंद्रह तिथियाँ* -
प्रतिपदा ,
द्वितीय ,
तृतीय ,
चतुर्थी ,
पंचमी ,
षष्ठी ,
सप्तमी ,
अष्टमी ,
नवमी ,
दशमी ,
एकादशी ,
द्वादशी ,
त्रयोदशी ,
चतुर्दशी ,
पूर्णिमा ,
अमावास्या !
*📜😇 स्मृतियां* -
मनु ,
विष्णु ,
अत्री ,
हारीत ,
याज्ञवल्क्य ,
उशना ,
अंगीरा ,
यम ,
आपस्तम्ब , google
सर्वत ,
कात्यायन ,
ब्रहस्पति ,
पराशर ,
व्यास , from
शांख्य,
लिखित,
दक्ष,
शातातप
*कृपया इस मेसेज को ध्यान से पढ़ें, पढ़ न सकें तो कोई बात नहीँ लेकिनअधिक से अधिक अध्यापक वर्ग और बच्चों को पोस्ट करें | अध्यापक वर्ग और बच्चों को पोस्ट करें |*
त्रेतायुग ,
द्वापरयुग ,
कलियुग !
*📜😇 चार धाम* -
द्वारिका ,
बद्रीनाथ ,
जगन्नाथ पुरी ,
रामेश्वरम धाम !
*📜😇 चारपीठ* -
शारदा पीठ ( द्वारिका )
ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम )
गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) ,
शृंगेरीपीठ !
*📜😇 चार वेद* -
ऋग्वेद ,
अथर्वेद ,
यजुर्वेद ,
सामवेद !
*📜😇 चार आश्रम* -
ब्रह्मचर्य ,
गृहस्थ ,
वानप्रस्थ ,
संन्यास !
*📜😇 चार अंतःकरण* -
मन ,
बुद्धि ,
चित्त ,
अहंकार !
*📜😇 पञ्च गव्य* -
गाय का घी ,
दूध ,
दही ,
गोमूत्र ,
गोबर !
*📜😇 पञ्च देव* -
गणेश ,
विष्णु ,
शिव ,
देवी ,
सूर्य !
*📜😇 पंच तत्त्व* -
पृथ्वी ,
जल ,
अग्नि ,
वायु ,
आकाश !
*📜😇 छह दर्शन* -
वैशेषिक ,
न्याय ,
सांख्य ,
योग ,
पूर्व मिसांसा ,
दक्षिण मिसांसा !
*📜😇 सप्त ऋषि* -
विश्वामित्र ,
जमदाग्नि ,
भरद्वाज ,
गौतम ,
अत्री ,
वशिष्ठ और कश्यप!
*📜😇 सप्त पुरी* -
अयोध्या पुरी ,
मथुरा पुरी ,
माया पुरी ( हरिद्वार ) ,
काशी ,
कांची
( शिन कांची - विष्णु कांची ) ,
अवंतिका और
द्वारिका पुरी !
*📜😊 आठ योग* -
यम ,
नियम ,
आसन ,
प्राणायाम ,
प्रत्याहार ,
धारणा ,
ध्यान एवं
समािध !
*📜😇 आठ लक्ष्मी* -
आग्घ ,
विद्या ,
सौभाग्य ,
अमृत ,
काम ,
सत्य ,
भोग ,एवं
योग लक्ष्मी !
*📜😇 नव दुर्गा* -
शैल पुत्री ,
ब्रह्मचारिणी ,
चंद्रघंटा ,
कुष्मांडा ,
स्कंदमाता ,
कात्यायिनी ,
कालरात्रि ,
महागौरी एवं
सिद्धिदात्री !
*📜😇 दस दिशाएं* -
पूर्व ,
पश्चिम ,
उत्तर ,
दक्षिण ,
ईशान ,
नैऋत्य ,
वायव्य ,
अग्नि
आकाश एवं
पाताल !
*📜😇 मुख्य ११ अवतार* -
मत्स्य ,
कच्छप ,
वराह ,
नरसिंह ,
वामन ,
परशुराम ,
श्री राम ,
कृष्ण ,
बलराम ,
बुद्ध ,
एवं कल्कि !
*📜😇 बारह मास* -
चैत्र ,
वैशाख ,
ज्येष्ठ ,
अषाढ ,
श्रावण ,
भाद्रपद ,
अश्विन ,
कार्तिक ,
मार्गशीर्ष ,
पौष ,
माघ ,
फागुन !
*📜😇 बारह राशि* -
मेष ,
वृषभ ,
मिथुन ,
कर्क ,
सिंह ,
कन्या ,
तुला ,
वृश्चिक ,
धनु ,
मकर ,
कुंभ ,
मीन!
*📜😇 बारह ज्योतिर्लिंग* -
सोमनाथ ,
मल्लिकार्जुन ,
महाकाल ,
ओमकारेश्वर ,
बैजनाथ ,
रामेश्वरम ,
विश्वनाथ ,
त्र्यंबकेश्वर ,
केदारनाथ ,
घुष्नेश्वर ,
भीमाशंकर ,
नागेश्वर !
*📜😇 पंद्रह तिथियाँ* -
प्रतिपदा ,
द्वितीय ,
तृतीय ,
चतुर्थी ,
पंचमी ,
षष्ठी ,
सप्तमी ,
अष्टमी ,
नवमी ,
दशमी ,
एकादशी ,
द्वादशी ,
त्रयोदशी ,
चतुर्दशी ,
पूर्णिमा ,
अमावास्या !
*📜😇 स्मृतियां* -
मनु ,
विष्णु ,
अत्री ,
हारीत ,
याज्ञवल्क्य ,
उशना ,
अंगीरा ,
यम ,
आपस्तम्ब , google
सर्वत ,
कात्यायन ,
ब्रहस्पति ,
पराशर ,
व्यास , from
शांख्य,
लिखित,
दक्ष,
शातातप
*कृपया इस मेसेज को ध्यान से पढ़ें, पढ़ न सकें तो कोई बात नहीँ लेकिनअधिक से अधिक अध्यापक वर्ग और बच्चों को पोस्ट करें | अध्यापक वर्ग और बच्चों को पोस्ट करें |*
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🟥🟥 महत्वपूर्ण अनुच्छेद 🟥🟥
❇️ अनुच्छेद 1 :- भारत अर्थात India राज्यों का संघ होगा।
❇️ अनुच्छेद 2 :- नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना
❇️ अनुच्छेद 3 :- राज्य का निर्माण तथा सीमाओं या नामों मे परिवर्तन
❇️ अनुच्छेद 4 :- पहली अनुसूची व चौथी अनुसूची के संशोधन तथा दो और तीन के अधीन बनाई गई विधियां
❇️ अनुच्छेद 5 :- संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता
❇️ अनुच्छेद 6 :- भारत आने वाले व्यक्तियों को नागरिकता
❇️ अनुच्छेद 7 :-पाकिस्तान जाने वालों को नागरिकता
❇️ अनुच्छेद 8 :- भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों का नागरिकता
❇️ अनुच्छेद 9 :- विदेशी राज्य की नागरिकता लेने पर नागरिकता का ना होना
❇️ अनुच्छेद 10 :- नागरिकता के अधिकारों का बना रहना
❇️ अनुच्छेद 11 :- संसद द्वारा नागरिकता के लिए कानून का विनियमन
❇️ अनुच्छेद 12 :- राज्य की परिभाषा
❇️ अनुच्छेद 13 :- मूल अधिकारों को असंगत या अल्पीकरण करने वाली विधियां
❇️ अनुच्छेद 14 :- विधि के समक्ष समानता
❇️ अनुच्छेद 15 :- धर्म, मूल वंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव पर रोक।
❇️ अनुच्छेद 16 :- लोक नियोजन में अवसर की समानता
❇️ अनुच्छेद 17 :- अस्पृश्यता का अंत
❇️ अनुच्छेद 18 :- उपाधियों का अंत
❇️ अनुच्छेद 19 :- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
❇️ अनुच्छेद 19 A :- सूचना का अधिकार
❇️ अनुच्छेद 20 :- अपराधों के दोष सिद्धि के संबंध में संरक्षण
❇️ अनुच्छेद 21 :-प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण
❇️ अनुच्छेद 21 A :- 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अधिकार
NOTE - निजता का अधिकार भी अनुच्छेद 21 के अंतर्गत ही आता है।
❇️ अनुच्छेद 22 :– कुछ दशाओं में गिरफ्तारी से सरंक्षण
❇️ अनुच्छेद 23 :- मानव के दुर्व्यापार, बेगारी एवं बलात श्रम पर प्रतिबंध
❇️ अनुच्छेद 24 :- 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों, खान या किसी खतरनाक उद्योग में कार्य नही कराया जा सकता है।
❇️ अनुच्छेद 25 :- धर्म का आचरण और प्रचार की स्वतंत्रता
❇️ अनुच्छेद 26 :-धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता
❇️ अनुच्छेद 29 :- अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण
❇️ अनुच्छेद 30 :- शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार
❇️ अनुच्छेद 32 :-संवैधानिक उपचारों का अधिकार (संविधान की आत्मा)
❇️ अनुच्छेद 39 A :- सभी के लिए समान न्याय एवं निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी।
❇️ अनुच्छेद 40 :- ग्राम पंचायतों का संगठन
❇️ अनुच्छेद 44 :- समान नागरिक संहिता
❇️ अनुच्छेद 48 :- कृषि और पशुपालन संगठन
❇️ अनुच्छेद 48 A :- पर्यावरण वन तथा वन्य जीवों की रक्षा
❇️ अनुच्छेद 49 :- राष्ट्रीय स्मारक स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण
❇️ अनुच्छेद 50 :- कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण
❇️ अनुच्छेद 51 :- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा
❇️ अनुच्छेद 51 A :- मूल कर्तव्य
❇️ अनुच्छेद 52 :- भारत का राष्ट्रपति
❇️ अनुच्छेद 53 :- संघ की कार्यपालिका शक्ति
❇️ अनुच्छेद 54 :- राष्ट्रपति का निर्वाचन
❇️ अनुच्छेद 55 :- राष्ट्रपति के निर्वाचन प्रणाली
❇️ अनुच्छेद 56 :- राष्ट्रपति की पदावधि
❇️ अनुच्छेद 57 :- पुनर्निर्वाचन के लिए पात्रता
❇️ अनुच्छेद 58 :- राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए आहर्ताए
❇️ अनुच्छेद 60 :- राष्ट्रपति की शपथ
❇️ अनुच्छेद 61 :- राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया
❇️ अनुच्छेद 63 :- भारत का उपराष्ट्रपति
❇️ अनुच्छेद 64 :- उपराष्ट्रपति का राज्यसभा का पदेन सभापति होना
❇️ अनुच्छेद 65 :- राष्ट्रपति के पद की रिक्त पर उप राष्ट्रपति के कार्य
❇️ अनुच्छेद 66 :- उप-राष्ट्रपति का निर्वाचन
❇️ अनुच्छेद 67 :- उपराष्ट्रपति की पदावधि
❇️ अनुच्छेद 68 :- उप राष्ट्रपति के पद की रिक्त पद भरने के लिए निर्वाचन
❇️ अनुच्छेद 69 :- उप राष्ट्रपति द्वारा शपथ
❇️ अनुच्छेद 70 :- अन्य आकस्मिकता में राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन
❇️ अनुच्छेद 71. :- राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधित विषय
❇️ अनुच्छेद 72 :-क्षमादान की शक्ति
❇️ अनुच्छेद 73 :- संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार
❇️ अनुच्छेद 74 :- राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद
❇️ अनुच्छेद 75 :- मंत्रियों के बारे में उपबंध
❇️ अनुच्छेद 76 :- भारत का महान्यायवादी
❇️ अनुच्छेद 77 :- भारत सरकार के कार्य का संचालन
❇️अनुच्छेद 78 :- राष्ट्रपति को जानकारी देने के प्रधानमंत्री के कर्तव्य
❇️ अनुच्छेद 79 :- संसद का गठन
❇️अनुच्छेद 80 :- राज्य सभा की सरंचना
❇️ अनुच्छेद 81 :- लोकसभा की संरचना
❇️ अनुच्छेद 83 :- संसद के सदनो की अवधि
❇️ अनुच्छेद 84 :-संसद के सदस्यों के लिए अहर्ता
❇️ अनुच्छेद 85 :- संसद का सत्र सत्रावसान और विघटन
❇️ अनुच्छेद 87 :- राष्ट्रपति का विशेष अभी भाषण
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❇️ अनुच्छेद 1 :- भारत अर्थात India राज्यों का संघ होगा।
❇️ अनुच्छेद 2 :- नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना
❇️ अनुच्छेद 3 :- राज्य का निर्माण तथा सीमाओं या नामों मे परिवर्तन
❇️ अनुच्छेद 4 :- पहली अनुसूची व चौथी अनुसूची के संशोधन तथा दो और तीन के अधीन बनाई गई विधियां
❇️ अनुच्छेद 5 :- संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता
❇️ अनुच्छेद 6 :- भारत आने वाले व्यक्तियों को नागरिकता
❇️ अनुच्छेद 7 :-पाकिस्तान जाने वालों को नागरिकता
❇️ अनुच्छेद 8 :- भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों का नागरिकता
❇️ अनुच्छेद 9 :- विदेशी राज्य की नागरिकता लेने पर नागरिकता का ना होना
❇️ अनुच्छेद 10 :- नागरिकता के अधिकारों का बना रहना
❇️ अनुच्छेद 11 :- संसद द्वारा नागरिकता के लिए कानून का विनियमन
❇️ अनुच्छेद 12 :- राज्य की परिभाषा
❇️ अनुच्छेद 13 :- मूल अधिकारों को असंगत या अल्पीकरण करने वाली विधियां
❇️ अनुच्छेद 14 :- विधि के समक्ष समानता
❇️ अनुच्छेद 15 :- धर्म, मूल वंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव पर रोक।
❇️ अनुच्छेद 16 :- लोक नियोजन में अवसर की समानता
❇️ अनुच्छेद 17 :- अस्पृश्यता का अंत
❇️ अनुच्छेद 18 :- उपाधियों का अंत
❇️ अनुच्छेद 19 :- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
❇️ अनुच्छेद 19 A :- सूचना का अधिकार
❇️ अनुच्छेद 20 :- अपराधों के दोष सिद्धि के संबंध में संरक्षण
❇️ अनुच्छेद 21 :-प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण
❇️ अनुच्छेद 21 A :- 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अधिकार
NOTE - निजता का अधिकार भी अनुच्छेद 21 के अंतर्गत ही आता है।
❇️ अनुच्छेद 22 :– कुछ दशाओं में गिरफ्तारी से सरंक्षण
❇️ अनुच्छेद 23 :- मानव के दुर्व्यापार, बेगारी एवं बलात श्रम पर प्रतिबंध
❇️ अनुच्छेद 24 :- 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों, खान या किसी खतरनाक उद्योग में कार्य नही कराया जा सकता है।
❇️ अनुच्छेद 25 :- धर्म का आचरण और प्रचार की स्वतंत्रता
❇️ अनुच्छेद 26 :-धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता
❇️ अनुच्छेद 29 :- अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण
❇️ अनुच्छेद 30 :- शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार
❇️ अनुच्छेद 32 :-संवैधानिक उपचारों का अधिकार (संविधान की आत्मा)
❇️ अनुच्छेद 39 A :- सभी के लिए समान न्याय एवं निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी।
❇️ अनुच्छेद 40 :- ग्राम पंचायतों का संगठन
❇️ अनुच्छेद 44 :- समान नागरिक संहिता
❇️ अनुच्छेद 48 :- कृषि और पशुपालन संगठन
❇️ अनुच्छेद 48 A :- पर्यावरण वन तथा वन्य जीवों की रक्षा
❇️ अनुच्छेद 49 :- राष्ट्रीय स्मारक स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण
❇️ अनुच्छेद 50 :- कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण
❇️ अनुच्छेद 51 :- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा
❇️ अनुच्छेद 51 A :- मूल कर्तव्य
❇️ अनुच्छेद 52 :- भारत का राष्ट्रपति
❇️ अनुच्छेद 53 :- संघ की कार्यपालिका शक्ति
❇️ अनुच्छेद 54 :- राष्ट्रपति का निर्वाचन
❇️ अनुच्छेद 55 :- राष्ट्रपति के निर्वाचन प्रणाली
❇️ अनुच्छेद 56 :- राष्ट्रपति की पदावधि
❇️ अनुच्छेद 57 :- पुनर्निर्वाचन के लिए पात्रता
❇️ अनुच्छेद 58 :- राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए आहर्ताए
❇️ अनुच्छेद 60 :- राष्ट्रपति की शपथ
❇️ अनुच्छेद 61 :- राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया
❇️ अनुच्छेद 63 :- भारत का उपराष्ट्रपति
❇️ अनुच्छेद 64 :- उपराष्ट्रपति का राज्यसभा का पदेन सभापति होना
❇️ अनुच्छेद 65 :- राष्ट्रपति के पद की रिक्त पर उप राष्ट्रपति के कार्य
❇️ अनुच्छेद 66 :- उप-राष्ट्रपति का निर्वाचन
❇️ अनुच्छेद 67 :- उपराष्ट्रपति की पदावधि
❇️ अनुच्छेद 68 :- उप राष्ट्रपति के पद की रिक्त पद भरने के लिए निर्वाचन
❇️ अनुच्छेद 69 :- उप राष्ट्रपति द्वारा शपथ
❇️ अनुच्छेद 70 :- अन्य आकस्मिकता में राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन
❇️ अनुच्छेद 71. :- राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधित विषय
❇️ अनुच्छेद 72 :-क्षमादान की शक्ति
❇️ अनुच्छेद 73 :- संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार
❇️ अनुच्छेद 74 :- राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद
❇️ अनुच्छेद 75 :- मंत्रियों के बारे में उपबंध
❇️ अनुच्छेद 76 :- भारत का महान्यायवादी
❇️ अनुच्छेद 77 :- भारत सरकार के कार्य का संचालन
❇️अनुच्छेद 78 :- राष्ट्रपति को जानकारी देने के प्रधानमंत्री के कर्तव्य
❇️ अनुच्छेद 79 :- संसद का गठन
❇️अनुच्छेद 80 :- राज्य सभा की सरंचना
❇️ अनुच्छेद 81 :- लोकसभा की संरचना
❇️ अनुच्छेद 83 :- संसद के सदनो की अवधि
❇️ अनुच्छेद 84 :-संसद के सदस्यों के लिए अहर्ता
❇️ अनुच्छेद 85 :- संसद का सत्र सत्रावसान और विघटन
❇️ अनुच्छेद 87 :- राष्ट्रपति का विशेष अभी भाषण
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🚩 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन।
🧑💻 1885 का कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन।
◆स्थान -बम्बई।
◆ अध्यक्ष - व्योमेश चन्द्र बनर्जी दो बार अध्यक्ष (1885,1892)
◆ 72 प्रतिनधियों ने भाग लिया।
◆ दादा भाई नौरोजी के सुझाव पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नाम रखा गया।
🧑💻 1886 कांग्रेस का अधिवेशन ।
◆ स्थान -कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नौरोजी (तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने 1886,1893,1906)
🧑💻 1887 का कांग्रेस अधिवेशन ।
◆ स्थान - मद्रास।
◆ अध्यक्ष - बदरुद्दीन तैय्यब ( कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे)
🧑💻 1888 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - इलाहाबाद।
◆ अध्यक्ष - जॉर्ज यूले (प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष)
🧑💻 1896 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - रहीमतुल्ला सयानी।
◆ इस अधिवेशन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का पहली बार गायन किया गया।
🧑💻 1905 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - वारणसी।
◆ अध्यक्ष - गोपाल कृष्ण गोखले।
◆ स्वदेशी आंदोलन का समर्थन।
🧑💻 1906 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नैरोजी।
◆ इस अधिवेशन में पहली बार स्वराज शब्द का प्रयोग किया गया।
🧑💻 1907 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - सूरत।
◆ अध्यक्ष - रास बिहारी घोष।
◆ इस अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन ।
🧑💻 1911 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - विशन नारायण दर।
◆ इस अधिवेशन में पहली बार जन गण मन का गान किया गया।
🧑💻 1916 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - लखनऊ।
◆ अध्यक्ष - अम्बिकचरण मजूमदार।
◆ इस अधिवेशन में कांग्रेस-लीग के बीच लखनऊ पैक्ट (पृथक निर्वाचन स्वीकार)
◆ नरम दल और गरम दल एक हुए।
🧑💻 1917 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - एनी बेसेंट ( कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष बनी )
◆ तीन महिलाएं कांग्रेस की अध्यक्ष बनी ।
◆ 1917 में एनी बेसेंट।
◆ 1925 में सरोजिनी नायडू (प्रथम भातीय महिला )
◆ 1933 में नलनी सेन गुप्ता।
🧑💻 1919 का कांग्रेस अधिवेशन
◆ स्थान - अमृतसर।
◆ अध्यक्ष - मोती लाल नेहरू ( दो बार अध्यक्ष बने 1919,1928)
🧑💻 1920 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - नागपुर।
◆ अध्यक्ष - वीर राघवाचारी।
◆ असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ।
◆ कांग्रेस द्वारा पहली बार भाषाई आधार पर प्रान्तों के गठन की बात की गई।
🧑💻 1924 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - बेलगाँव ( कर्नाटक )
◆ अध्यक्ष - महात्मा गांधी ( मात्र एक बार )
🧑💻 1929 का कांग्रेस अधिवेशन ।
◆ स्थान - लाहौर।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ इस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुआ।
◆ 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निश्चय किया गया।
🧑💻 1931 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कराची।
◆ अध्यक्ष - बल्लभ भाई पटेल।
◆ इस अधिवेशन में मौलिक अधिकार सम्बन्धी प्रस्ताव पारित किया गया।
◆ इसी अधिवेशन में गाँधी ने कहा था गाँधी मर सकते हैं परतन्तु गांधीवाद नहीं।
🧑💻 1936 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - लखनऊ।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ इसी अधिवेशन में नेहरू ने कहा मैं समाजवादी हूँ।
🧑💻 1937 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - फैजपुर।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ पहली बार कांग्रेस का अधिवेशन किसी गॉव में हुआ।
🧑💻 1938 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - हरिपुरा ( गुजरात )
◆ अध्यक्ष - सुभाष चंद्र बोस।
◆ इसी अधिवेशन में राष्ट्रीय नियोजन समिति का गठन।
🧑💻 1939 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - त्रिपुरी ( जबलपुर, मध्यप्रदेश)
◆ अध्यक्ष -सुभाष चंद्र बोस।
◆ इसी अधिवेशन में गाँधी जी से विवाद होने के कारण सुभाष द्वारा त्यागपत्र दिया जाना तथा राजेन्द्र प्रसाद को अध्यक्ष बनाया गया।
🧑💻 1940 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - रामगढ़।
◆ अध्यक्ष - अबुल कलाम आजाद।
◆ ये सबसे लंबे समय तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे 1940-1945 तक।
🧑💻 1947 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ अध्यक्ष - जे.बी. कृपलानी।
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🧑💻 1885 का कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन।
◆स्थान -बम्बई।
◆ अध्यक्ष - व्योमेश चन्द्र बनर्जी दो बार अध्यक्ष (1885,1892)
◆ 72 प्रतिनधियों ने भाग लिया।
◆ दादा भाई नौरोजी के सुझाव पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नाम रखा गया।
🧑💻 1886 कांग्रेस का अधिवेशन ।
◆ स्थान -कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नौरोजी (तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने 1886,1893,1906)
🧑💻 1887 का कांग्रेस अधिवेशन ।
◆ स्थान - मद्रास।
◆ अध्यक्ष - बदरुद्दीन तैय्यब ( कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे)
🧑💻 1888 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - इलाहाबाद।
◆ अध्यक्ष - जॉर्ज यूले (प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष)
🧑💻 1896 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - रहीमतुल्ला सयानी।
◆ इस अधिवेशन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का पहली बार गायन किया गया।
🧑💻 1905 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - वारणसी।
◆ अध्यक्ष - गोपाल कृष्ण गोखले।
◆ स्वदेशी आंदोलन का समर्थन।
🧑💻 1906 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - दादा भाई नैरोजी।
◆ इस अधिवेशन में पहली बार स्वराज शब्द का प्रयोग किया गया।
🧑💻 1907 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - सूरत।
◆ अध्यक्ष - रास बिहारी घोष।
◆ इस अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन ।
🧑💻 1911 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - विशन नारायण दर।
◆ इस अधिवेशन में पहली बार जन गण मन का गान किया गया।
🧑💻 1916 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - लखनऊ।
◆ अध्यक्ष - अम्बिकचरण मजूमदार।
◆ इस अधिवेशन में कांग्रेस-लीग के बीच लखनऊ पैक्ट (पृथक निर्वाचन स्वीकार)
◆ नरम दल और गरम दल एक हुए।
🧑💻 1917 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कलकत्ता।
◆ अध्यक्ष - एनी बेसेंट ( कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष बनी )
◆ तीन महिलाएं कांग्रेस की अध्यक्ष बनी ।
◆ 1917 में एनी बेसेंट।
◆ 1925 में सरोजिनी नायडू (प्रथम भातीय महिला )
◆ 1933 में नलनी सेन गुप्ता।
🧑💻 1919 का कांग्रेस अधिवेशन
◆ स्थान - अमृतसर।
◆ अध्यक्ष - मोती लाल नेहरू ( दो बार अध्यक्ष बने 1919,1928)
🧑💻 1920 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - नागपुर।
◆ अध्यक्ष - वीर राघवाचारी।
◆ असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ।
◆ कांग्रेस द्वारा पहली बार भाषाई आधार पर प्रान्तों के गठन की बात की गई।
🧑💻 1924 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - बेलगाँव ( कर्नाटक )
◆ अध्यक्ष - महात्मा गांधी ( मात्र एक बार )
🧑💻 1929 का कांग्रेस अधिवेशन ।
◆ स्थान - लाहौर।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ इस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुआ।
◆ 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निश्चय किया गया।
🧑💻 1931 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - कराची।
◆ अध्यक्ष - बल्लभ भाई पटेल।
◆ इस अधिवेशन में मौलिक अधिकार सम्बन्धी प्रस्ताव पारित किया गया।
◆ इसी अधिवेशन में गाँधी ने कहा था गाँधी मर सकते हैं परतन्तु गांधीवाद नहीं।
🧑💻 1936 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - लखनऊ।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ इसी अधिवेशन में नेहरू ने कहा मैं समाजवादी हूँ।
🧑💻 1937 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - फैजपुर।
◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू।
◆ पहली बार कांग्रेस का अधिवेशन किसी गॉव में हुआ।
🧑💻 1938 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - हरिपुरा ( गुजरात )
◆ अध्यक्ष - सुभाष चंद्र बोस।
◆ इसी अधिवेशन में राष्ट्रीय नियोजन समिति का गठन।
🧑💻 1939 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - त्रिपुरी ( जबलपुर, मध्यप्रदेश)
◆ अध्यक्ष -सुभाष चंद्र बोस।
◆ इसी अधिवेशन में गाँधी जी से विवाद होने के कारण सुभाष द्वारा त्यागपत्र दिया जाना तथा राजेन्द्र प्रसाद को अध्यक्ष बनाया गया।
🧑💻 1940 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ स्थान - रामगढ़।
◆ अध्यक्ष - अबुल कलाम आजाद।
◆ ये सबसे लंबे समय तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे 1940-1945 तक।
🧑💻 1947 का कांग्रेस अधिवेशन।
◆ अध्यक्ष - जे.बी. कृपलानी।
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✍1
ईंट या पत्थर एक क्षैतिज परत को कहा जाता है
Anonymous Poll
15%
दरार
38%
उत्फुल्लन
29%
झिलना
18%
उपरोक्त सभी
एक ग्रेडर की मृदा फलाने की दर.... ली जाती हैं15
Anonymous Poll
33%
1000-1500 वर्ग मीटर/घंटा
43%
800-1000 वर्ग मीटर/घंटा
18%
700-1200 वर्ग मीटर/घंटा
6%
1500-2000 वर्ग मीटर/घंटा
एक साधारण T-धरन के डिजाइन के लिए बीम की समग्र गहराई तक प्रभावी अवधि का अनुपात सीमित है।
Anonymous Quiz
17%
10
39%
15
38%
20
6%
25
R.C.C स्लैब में मुख्य छडी की स्पेलिग नहीं बढ़ेगी
Anonymous Quiz
25%
प्रभावी गहराई के 3 गुना से
24%
कुल गहराई के 3 गुना से
35%
मुख्य हुड के डायोमीटर के 30 गुना से
15%
30cm
💩1
विरुपित हुड के प्रयोग के प्रबलन हुड की कितने प्रतिशत - बचत होती है%
Anonymous Quiz
11%
10%
47%
20%
37%
15%
5%
40%
💩1
UPSSSC Junior Assistant Clerk AG III Eligibility Result Declared (Shortlisted Candidate for Mains Exam)
#SarkariResult #UPSSSC
Click to Check it Out :
https://t.me/sscje_engineer
#SarkariResult #UPSSSC
Click to Check it Out :
https://t.me/sscje_engineer
केशिका नालिका मे मेनिस्कम का निमोण हमेशा....होता है।
Anonymous Quiz
21%
उत्तल
47%
अवतल
24%
सतुलन
8%
कोई नहीं
जब पानी की सतह से एकसमान सलेक्शन की केशिका ट्यूब उठाई जाती है तो ट्यूब मे पानी...होगा।
Final Results
14%
बनाए रखा
14%
बरकरार नही है
71%
आशिक रूप से बनाए रखा
0%
कोई नहीं