We will have a video session for these shortly, most of these are issues which generally are of 2016-17 and a bit of 2018, since Upsc now asks current affairs from old years as well, go through it once (value added notes VAN) in about 10-15 min
इंसान अगर कुछ भी चाह ले तो हासिल कर सकता । एक दोस्त हैं हमारे - दिव्यांग हैं । बहुत खास मित्र । अकादमी के सबसे अच्छे लोगों में । उनकी शख्सियत ऐसी है कि आप उनके चाहने वाले बने बिना नहीं रह पाएंगे ।
भारत दर्शन में एक बार मेरी तबीयत कश्मीर में ख़राब हुई। बेहद ख़राब , शायद ही पहले कभी ऐसा हुआ हो । उसी दिन हमे कश्मीर से गोवा आना था । -२५ से २५ की तापमान में मेरा शरीर टूट सा गया । पहले कभी गोवा नहीं घुमा था मैं पर पहली बार भी घूम ना सका । ३ दिन तो बिस्तर पर ही रहा। आखरी दिन मैं एक वृद्धाश्रम गया था क्योंकि २५ दिसंबर को मै हर वर्ष जाता हूं।
मेरे दोस्त ने ना सिर्फ मेरा ध्यान रखा अपितु वो खुद फोल्डिंग पर सोए ताकि मैं बेड पर आराम से सो सकूं । यहां से ऐसी दोस्ती हुई कि मंदिरों के १००-२००-३०० सीढियां वो पहले चढ जाते । हम कई जगह जमीनी लोगों से मिलने रोज ३००-४०० कि माी जो कि लगभग ६-७ घंटे लेता सिर्फ आने जाने में जाते ।
वो कभी नहीं थकते । उनकी जिंदादिली एक सीख है । उनके एक वाक्य आज भी याद आते हैं -
"आज मौका मिला है , जीवन है , तो संगर्ष करने में संकोच क्यूं
जब मनमे ही ठान लिया है , तो बाहरी अवरोध क्यूं ।
जिंदा हूं दरियादिली से , शिकायत नहीं ईश्वर से ,
भले ही दौड़ ना पाऊं दोनो पैरों से , पर चल तो सकता हूं
कुछ लोगों के सपने अपने बनाकर , उनके जीवन को बदल तो सकता हूं
तो फिर किसी और के प्रति जगाऊं क्रोध क्यूं ।। "
उनको देखता हूं, उनके परिश्रम को तो जिंदगी में गम कम लगते अपने मुझे । इसलिए जिंदादिल बनिए , ये खेल परीक्षा का चलता रहेगा ।
जरूरी ये नहीं आज मॉक में कितना आया , जरूरी ये भी नहीं कि प्री में कितना आएगा। जरूरी बस ये है कि आपने जिंदादिली से जिंदगी को जिया और अपना पूरा दिया की नहीं । उसी में मूल ज्ञान निहित है ।
भारत दर्शन में एक बार मेरी तबीयत कश्मीर में ख़राब हुई। बेहद ख़राब , शायद ही पहले कभी ऐसा हुआ हो । उसी दिन हमे कश्मीर से गोवा आना था । -२५ से २५ की तापमान में मेरा शरीर टूट सा गया । पहले कभी गोवा नहीं घुमा था मैं पर पहली बार भी घूम ना सका । ३ दिन तो बिस्तर पर ही रहा। आखरी दिन मैं एक वृद्धाश्रम गया था क्योंकि २५ दिसंबर को मै हर वर्ष जाता हूं।
मेरे दोस्त ने ना सिर्फ मेरा ध्यान रखा अपितु वो खुद फोल्डिंग पर सोए ताकि मैं बेड पर आराम से सो सकूं । यहां से ऐसी दोस्ती हुई कि मंदिरों के १००-२००-३०० सीढियां वो पहले चढ जाते । हम कई जगह जमीनी लोगों से मिलने रोज ३००-४०० कि माी जो कि लगभग ६-७ घंटे लेता सिर्फ आने जाने में जाते ।
वो कभी नहीं थकते । उनकी जिंदादिली एक सीख है । उनके एक वाक्य आज भी याद आते हैं -
"आज मौका मिला है , जीवन है , तो संगर्ष करने में संकोच क्यूं
जब मनमे ही ठान लिया है , तो बाहरी अवरोध क्यूं ।
जिंदा हूं दरियादिली से , शिकायत नहीं ईश्वर से ,
भले ही दौड़ ना पाऊं दोनो पैरों से , पर चल तो सकता हूं
कुछ लोगों के सपने अपने बनाकर , उनके जीवन को बदल तो सकता हूं
तो फिर किसी और के प्रति जगाऊं क्रोध क्यूं ।। "
उनको देखता हूं, उनके परिश्रम को तो जिंदगी में गम कम लगते अपने मुझे । इसलिए जिंदादिल बनिए , ये खेल परीक्षा का चलता रहेगा ।
जरूरी ये नहीं आज मॉक में कितना आया , जरूरी ये भी नहीं कि प्री में कितना आएगा। जरूरी बस ये है कि आपने जिंदादिली से जिंदगी को जिया और अपना पूरा दिया की नहीं । उसी में मूल ज्ञान निहित है ।
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किसी ने पूछा अब मै क्यूं पढ़ाता हूं । मैंने बोला बस एक वाक्य - क्यूंकि यही मेरा ईमान है यही मेरा कर्म है ।
जीवन में जो एक चीज मुझे प्रिय लगी वो है पढ़ाना। शायद आज भी समाज में एक शिक्षक के गरिमा को नहीं समझा जाता । शिक्षा लेने और देने में मुझे बहुत आनंद आता है बचपन से ।
इस बात को लिखना आवश्यक है क्योंकि मै ये कार्य ना समाज के नजरिए के लिए करता , ना किसी की तारीफ के लिए ।
कार्य करके मुझे खुशी मिले इसके लिए कार्य नहीं करता , मै खुश रहता हूं इसलिए कार्य करता ।
इसलिए कुछ बहुत प्यारे साथी हैं जो मैंने देखा है कि इस कोशिश में रहते कि कोई ऐसा कमेंट या टिप्पणी ना कर दे जिससे मुझे बुरा लग जाए और मैं पढ़ाना छोड़ दूं ।
ऐसा डर निकाल दीजिए । अगर मैंने कुछ बोला और नहीं कर पाया तो यद्यपि कुछ कारण रहे होंगे पर आलोचना करने का लोगों का हक़ है । उस आलोचना से मुझपर कितना प्रभाव पड़ता है वो मेरा हक़ है ।
इसलिए मैं पूर्ण ईमानदारी से जितना संभव होगा इस बार भी पढ़ा दूंगा !
जनहित में जारी
जीवन में जो एक चीज मुझे प्रिय लगी वो है पढ़ाना। शायद आज भी समाज में एक शिक्षक के गरिमा को नहीं समझा जाता । शिक्षा लेने और देने में मुझे बहुत आनंद आता है बचपन से ।
इस बात को लिखना आवश्यक है क्योंकि मै ये कार्य ना समाज के नजरिए के लिए करता , ना किसी की तारीफ के लिए ।
कार्य करके मुझे खुशी मिले इसके लिए कार्य नहीं करता , मै खुश रहता हूं इसलिए कार्य करता ।
इसलिए कुछ बहुत प्यारे साथी हैं जो मैंने देखा है कि इस कोशिश में रहते कि कोई ऐसा कमेंट या टिप्पणी ना कर दे जिससे मुझे बुरा लग जाए और मैं पढ़ाना छोड़ दूं ।
ऐसा डर निकाल दीजिए । अगर मैंने कुछ बोला और नहीं कर पाया तो यद्यपि कुछ कारण रहे होंगे पर आलोचना करने का लोगों का हक़ है । उस आलोचना से मुझपर कितना प्रभाव पड़ता है वो मेरा हक़ है ।
इसलिए मैं पूर्ण ईमानदारी से जितना संभव होगा इस बार भी पढ़ा दूंगा !
जनहित में जारी
2018 remaining Q and how to solve will start in 5 min ...
Set C as we were doing earlier . Have paper and pay utmost attention
Set C as we were doing earlier . Have paper and pay utmost attention
Aap isme Dekh skte real exam me kaise elimination apply karta tha Mai ( I also did not know all strategies then), these are my live paper from 2017 pre
COMBO Notes_Part1_MK.pdf
307.8 KB
Emailing COMBO Notes_Part1_MK.pdf
Hello All,
We will have about 10 COMBO notes which will help you to fetch higher marks in exam
This is new this year
Do take out 30 min everyday to read and revise these
COMBO noted means - combining materials and boosting output
These are self explanatory
And these are highly exam oriented and took a lot of time to prepare
Hope it will help
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This is new this year
Do take out 30 min everyday to read and revise these
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These are self explanatory
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Hope it will help
COMBO Notes_Part 2_MK.pdf
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iasbaba_com_PRELIMS_TIPS_Topper.pdf
307 KB
iasbaba.com-PRELIMS TIPS Topper Abhijeet Sinha Rank 19 UPSC CSE 2017 IASbabas ILP Student who has scored 163 and.pdf
I have just one request : if your friend who is feeling nervous and you really care for them help them ....no competition in helping ...Acha Karne se achha hoga exam me
Baaki as promised 2017 paper
Schedule thoda tight hai Mera 10 se 5 roj class rahta hai in training and hamara bhi exam hoga so jitna possible hai I will discuss positively
Baaki as promised 2017 paper
Schedule thoda tight hai Mera 10 se 5 roj class rahta hai in training and hamara bhi exam hoga so jitna possible hai I will discuss positively