आज जो दुनिया भर में wars दिख रही हैं, वो सिर्फ borders या ideology की लड़ाई नहीं हैं, ये असल में एक बड़े financial reset के संकेत हैं। बात थोड़ी deep है, लेकिन समझने लायक है।
पूरी दुनिया इस समय लगभग $340 trillion के global debt के नीचे दबी हुई है, जबकि global GDP करीब $100 trillion के आसपास है। सीधा सा मतलब, दुनिया जितना कमा रही है, उससे कई गुना ज्यादा उधार लेकर सिस्टम चलाया जा रहा है। और ये कोई अचानक बनी situation नहीं है, बल्कि सालों से चल रहे एक financial loop का नतीजा है।
इस loop को समझो, government banks से loan लेती है, उस पैसे को economy में spend करती है। वही पैसा लोगों के पास जाता है, लोग उसे banks में deposit करते हैं, और banks उसी पैसे को फिर से government को loan के रूप में दे देते हैं। ये cycle बार-बार repeat होता है। हर बार थोड़ा-थोड़ा debt और interest जुड़ता जाता है, क्योंकि compound interest अपना काम करता रहता है। धीरे-धीरे पूरा सिस्टम debt पर dependent हो जाता है।
इस पूरी कहानी ने असली speed तब पकड़ी जब 1970s में USA ने dollar को gold से अलग कर दिया। उसके बाद से पैसा practically unlimited हो गया, print करो, circulate करो, और system को चलाते रहो। लेकिन हर चीज़ की एक limit होती है, और अब वही limit सामने आ रही है।
आज governments के पास options बहुत limited हैं, या तो और पैसा print करो जिससे inflation बढ़ेगा, या taxes बढ़ाओ जिससे लोग नाराज़ होंगे, या और ज्यादा debt लो जिससे future और heavy हो जाएगा। कोई भी रास्ता आसान नहीं है।
इसी तरह के phases history में पहले भी आए हैं। जब debt बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और inequality बढ़ने लगती है, तो countries के अंदर भी tensions बढ़ते हैं और बाहर भी conflicts शुरू हो जाते हैं। आज जो global alignments बन रहे हैं, USA और Israel एक तरफ, और दूसरी तरफ China, Iran जैसे देश, ये सब उसी shifting power balance का हिस्सा हैं।
इसी pattern को Ray Dalio ने अपनी famous book The Changing World Order में detail में explain किया है। उनका कहना है कि हर empire एक cycle से गुजरता है, rise, peak, फिर debt और inequality, उसके बाद internal conflict, और आखिर में external wars… और फिर एक नया world order जन्म लेता है।
आज central banks का gold reserves बढ़ाना भी इसी बात का संकेत है कि trust धीरे-धीरे existing system से हट रहा है। क्योंकि जब system पर भरोसा कमजोर होता है, तब countries safe assets की तरफ भागती हैं।
सीधी बात ये है, ये wars सिर्फ जमीन या ताकत की नहीं हैं, ये एक transition phase है। पुराना system धीरे-धीरे टूट रहा है, और नया system बनने की तैयारी में है। और history हमें यही सिखाती है कि जब भी ऐसा बदलाव आता है, वो कभी शांत तरीके से नहीं आता।
@forexproguru
पूरी दुनिया इस समय लगभग $340 trillion के global debt के नीचे दबी हुई है, जबकि global GDP करीब $100 trillion के आसपास है। सीधा सा मतलब, दुनिया जितना कमा रही है, उससे कई गुना ज्यादा उधार लेकर सिस्टम चलाया जा रहा है। और ये कोई अचानक बनी situation नहीं है, बल्कि सालों से चल रहे एक financial loop का नतीजा है।
इस loop को समझो, government banks से loan लेती है, उस पैसे को economy में spend करती है। वही पैसा लोगों के पास जाता है, लोग उसे banks में deposit करते हैं, और banks उसी पैसे को फिर से government को loan के रूप में दे देते हैं। ये cycle बार-बार repeat होता है। हर बार थोड़ा-थोड़ा debt और interest जुड़ता जाता है, क्योंकि compound interest अपना काम करता रहता है। धीरे-धीरे पूरा सिस्टम debt पर dependent हो जाता है।
इस पूरी कहानी ने असली speed तब पकड़ी जब 1970s में USA ने dollar को gold से अलग कर दिया। उसके बाद से पैसा practically unlimited हो गया, print करो, circulate करो, और system को चलाते रहो। लेकिन हर चीज़ की एक limit होती है, और अब वही limit सामने आ रही है।
आज governments के पास options बहुत limited हैं, या तो और पैसा print करो जिससे inflation बढ़ेगा, या taxes बढ़ाओ जिससे लोग नाराज़ होंगे, या और ज्यादा debt लो जिससे future और heavy हो जाएगा। कोई भी रास्ता आसान नहीं है।
इसी तरह के phases history में पहले भी आए हैं। जब debt बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और inequality बढ़ने लगती है, तो countries के अंदर भी tensions बढ़ते हैं और बाहर भी conflicts शुरू हो जाते हैं। आज जो global alignments बन रहे हैं, USA और Israel एक तरफ, और दूसरी तरफ China, Iran जैसे देश, ये सब उसी shifting power balance का हिस्सा हैं।
इसी pattern को Ray Dalio ने अपनी famous book The Changing World Order में detail में explain किया है। उनका कहना है कि हर empire एक cycle से गुजरता है, rise, peak, फिर debt और inequality, उसके बाद internal conflict, और आखिर में external wars… और फिर एक नया world order जन्म लेता है।
आज central banks का gold reserves बढ़ाना भी इसी बात का संकेत है कि trust धीरे-धीरे existing system से हट रहा है। क्योंकि जब system पर भरोसा कमजोर होता है, तब countries safe assets की तरफ भागती हैं।
सीधी बात ये है, ये wars सिर्फ जमीन या ताकत की नहीं हैं, ये एक transition phase है। पुराना system धीरे-धीरे टूट रहा है, और नया system बनने की तैयारी में है। और history हमें यही सिखाती है कि जब भी ऐसा बदलाव आता है, वो कभी शांत तरीके से नहीं आता।
@forexproguru
❤19👍2🫡2
💥 Markets & Global Tensions Update
📉 Stock markets today:
🇦🇺 Australia: -1.5%
🇯🇵 Japan: -4.8%
🇰🇷 South Korea: -6%
🚨 BREAKING: Japan’s Nikkei 225 futures drop over 4%
🛢 Brent oil surges to $114/barrel — highest in 4 years
💣 Reports of loud explosions in Tehran 🇮🇷
🛡 Saudi Arabia intercepts ballistic missile targeting Riyadh
🥇 Gold falls to $4,340 — lowest level this year
📉 Stock markets today:
🇦🇺 Australia: -1.5%
🇯🇵 Japan: -4.8%
🇰🇷 South Korea: -6%
🚨 BREAKING: Japan’s Nikkei 225 futures drop over 4%
🛢 Brent oil surges to $114/barrel — highest in 4 years
💣 Reports of loud explosions in Tehran 🇮🇷
🛡 Saudi Arabia intercepts ballistic missile targeting Riyadh
🥇 Gold falls to $4,340 — lowest level this year
😱8👍5
ये तो होना ही था 😂😂
अमेरिका ने इरान को 5 दिन का Waiver दे दिया है.. अमेरिका अब हमले नहीं करेगा
उधर इरान वालों ने कह दिया है... कि ट्रम्प चिचा झूठ बोल रहे हैं.
अमेरिका अब जैसे तैसे इस युद्ध से पीछा छुड़ाकर भागना चाह रहा है.... पुरानी आदत है इनकी.
@forexproguru
अमेरिका ने इरान को 5 दिन का Waiver दे दिया है.. अमेरिका अब हमले नहीं करेगा
उधर इरान वालों ने कह दिया है... कि ट्रम्प चिचा झूठ बोल रहे हैं.
अमेरिका अब जैसे तैसे इस युद्ध से पीछा छुड़ाकर भागना चाह रहा है.... पुरानी आदत है इनकी.
@forexproguru
😁18👍3❤2
ये सब खबरें बाहर लायी जा रही।
कल एक और खबर बाहर लायी गयी जिसमे बताया गया कि ट्रम्प सलाहकारो की मीटिंग में कहा गया था कि रेजा पहलवी एक "लूजर प्रिंस" है जो भीड़ को सड़क पर नही ला सका।
एक और खबर है कि ट्रम्प की फैमिली ही इस युद्ध मे ट्रम्प के खिलाफ हो गयी है।
वहीं एक अन्य खबर में ये है कि सऊदी ट्रम्प पर प्रेशर बना रहा कि रुकना मत, ईरान की इस सत्ता को पूरी तरह खत्म कर दो, वरना ये फिर हमारे लिए खतरा बनेंगे।
कुल मिलाकर ये है कि माहौल बनवाया जा रहा है।
ईरान को कम आंककर ये युद्ध मे उतरे हैं और अब फंस गए हैं क्योंकि ईरान को जितना डेमेज हो रहा, वो उतना डेमेज पेट्रोडोलर वालो का कर रहा है।
इनको लगा होगा कि हम ईरान को मारेंगे तो ईरान ज्यादा से ज्यादा इज्ज्रेल और अमरीकी बेसेस पर हमला करेगा, बाकी पर करेगा तो इस्लामी उम्मा की दुहाई कैसे देगा फिर?
लेकिन ईरान ने सबसे पहले उम्मा को ही पेला।
अब सऊदी जो हूथी से भी परेशान है वो भले चाहता हो कि उसका पिंड छुड़ाया जाए लेकिन बाकी के खाड़ी देश कह रहे कि उनकी ऐसी तैसी हो गयी है।
इज्ज्रेल का प्लान वैसे भी फेल हो चुका, क्योंकि उसे लगा कि लीडरशिप मार देने से तख्तापलट हो जाएगा।
अमरीकी नौकर, उनकी भारी बेजत्ती इस युद्ध मे हो गयी है कि तुम एक 45 साल से सेंक्शनड देश से नही जीत पा रहे तो अब तो तुम्हारी धमकियों से डरना ही बन्द हो जाएगा।
उल्टा अब न्यूक्लियर रेस की होड़ लगेगी कि अपने प्रोग्राम शुरू करो, अमरीका से क्या डरना, जो अब तक डर रहे थे।
ट्रम्प का क्या है, वो यहां भी अपनी जीत का दावा कर निकल लेगा, और किसी क्यूबा को परेशान करने पहुंच जाएगा, लेकिन अब इज्ज्रेल अंदर से डर गया है कि इतना हिट करने के बाद भी जब ईरान का कुछ नही बिगड़ा, तो ये तो ईरान और उसकी प्रॉक्सी को बल देगा कि अब तुम्हे और रगड़ेंगे, मार जितना मार सकता है।
हालांकि ये युद्ध समाप्ति नही है, बल्कि युद्ध के एक नए फेज की तरफ जाने का इशारा करने वाली खबरें हैं, जितना मुझे समझ आ रहा।
@forexproguru
कल एक और खबर बाहर लायी गयी जिसमे बताया गया कि ट्रम्प सलाहकारो की मीटिंग में कहा गया था कि रेजा पहलवी एक "लूजर प्रिंस" है जो भीड़ को सड़क पर नही ला सका।
एक और खबर है कि ट्रम्प की फैमिली ही इस युद्ध मे ट्रम्प के खिलाफ हो गयी है।
वहीं एक अन्य खबर में ये है कि सऊदी ट्रम्प पर प्रेशर बना रहा कि रुकना मत, ईरान की इस सत्ता को पूरी तरह खत्म कर दो, वरना ये फिर हमारे लिए खतरा बनेंगे।
कुल मिलाकर ये है कि माहौल बनवाया जा रहा है।
ईरान को कम आंककर ये युद्ध मे उतरे हैं और अब फंस गए हैं क्योंकि ईरान को जितना डेमेज हो रहा, वो उतना डेमेज पेट्रोडोलर वालो का कर रहा है।
इनको लगा होगा कि हम ईरान को मारेंगे तो ईरान ज्यादा से ज्यादा इज्ज्रेल और अमरीकी बेसेस पर हमला करेगा, बाकी पर करेगा तो इस्लामी उम्मा की दुहाई कैसे देगा फिर?
लेकिन ईरान ने सबसे पहले उम्मा को ही पेला।
अब सऊदी जो हूथी से भी परेशान है वो भले चाहता हो कि उसका पिंड छुड़ाया जाए लेकिन बाकी के खाड़ी देश कह रहे कि उनकी ऐसी तैसी हो गयी है।
इज्ज्रेल का प्लान वैसे भी फेल हो चुका, क्योंकि उसे लगा कि लीडरशिप मार देने से तख्तापलट हो जाएगा।
अमरीकी नौकर, उनकी भारी बेजत्ती इस युद्ध मे हो गयी है कि तुम एक 45 साल से सेंक्शनड देश से नही जीत पा रहे तो अब तो तुम्हारी धमकियों से डरना ही बन्द हो जाएगा।
उल्टा अब न्यूक्लियर रेस की होड़ लगेगी कि अपने प्रोग्राम शुरू करो, अमरीका से क्या डरना, जो अब तक डर रहे थे।
ट्रम्प का क्या है, वो यहां भी अपनी जीत का दावा कर निकल लेगा, और किसी क्यूबा को परेशान करने पहुंच जाएगा, लेकिन अब इज्ज्रेल अंदर से डर गया है कि इतना हिट करने के बाद भी जब ईरान का कुछ नही बिगड़ा, तो ये तो ईरान और उसकी प्रॉक्सी को बल देगा कि अब तुम्हे और रगड़ेंगे, मार जितना मार सकता है।
हालांकि ये युद्ध समाप्ति नही है, बल्कि युद्ध के एक नए फेज की तरफ जाने का इशारा करने वाली खबरें हैं, जितना मुझे समझ आ रहा।
@forexproguru
❤8👍7❤🔥1💯1
आम मीडिया की तरह फाइनैन्शल मीडिया भी लोगों को डराता है , क्योंकि डर से अटेन्शन मिलता है और उस से पैसा
दूसरे मीडिया से आप डरते है तो ज्यादा दिक्कत नहीं , पर फाइनैन्शल मीडिया से डर गए तो आपका बड़ा नुकसान तो होना ही है , आपके काम करने की उम्र भी बढ़ेगी और रिटायरमेंट पीछे हो जाएगा
मुखयतः 3 ट्रिक का इस्तेमाल होता है जो समझने की है
1. बड़े नंबरों का इस्तेमाल
वो ये नहीं कहेंगे सेंसेक्स 2% गिरा क्योंकि आप इस से नहीं डरेंगे , वो कहेंगे सेंसेक्स 1800 पॉइंट गिरा इस से डर पैदा होता है , बड़ा नंबर बड़ा डर | बात दोनों ही एक ही है पर 2% से डर नहीं आएगा 1800 पॉइंट से आएगा
1-3% की गिरावट बहुत ही सामान्य है कोई घबराने की बात नहीं होती है मार्केट मे रोज का होता है पर यही आपको पॉइंट मे बताएंगे तो आप डरेंगे , वैसे तो निफ्टी बड़ा इंडेक्स है पर क्योंकि उसके पॉइंट कम बनेंगे वो आपको सेंसेक्स के नाम से ही डराएंगे
2. पेपर लॉस को असली लॉस जैसा बोलेंगे
मार्केट से 10 लाख करोड़ साफ , निवेशकों के 8 लाख करोड़ डूबे
अगर इतने बड़े नमबर का पैसा सच मे साफ हो रहा होता तो देश भिखारी होता , मार्केट केप का कम होना , पैसा डूबना , पैसा साफ होना नहीं होता
ये सिर्फ आपको डराने के लिए होता है
कॉम्पनिया जिंदा है , रोज उनमे काम हो रहा है , लोगों को सैलरी मिल रही है , कुछ नहीं डूबा कुछ खत्म नहीं हुआ
बस मार्केट केप कम ज्यादा हुआ है और ये तो होता ही है मार्केट में , रोज का
3. खतरनाक , डरावने शब्दों का इस्तेमाल
मार्केट मे ब्लड बाथ , निवेशकों का खून बहा , सब साफ , पैसा डूब गया , वर्ल्ड वार 3, भीषण युद्ध , लंबा युद्ध , सब खत्म ..
एसे शब्द आपके दिमाग में flight response activate करते है , जब ये ऐक्टिव होता है तो आप भागने की सोचते है , लाभ उठाने की नहीं , सब बेचो और भागों नहीं तो ये भी नहीं बचेगा .. एसा सोचने लगोगे
अगर आप इन सब के चक्कर मे फस गए तो , सही निर्णय नहीं ले सकते , संभव ही नहीं
कैसे बचे
अपने प्लान,अपने गोल का सोचो ,न्यूज is नॉइज़
इनवेस्टमेंट चालू रखो
मीडिया का उपभोग कम करो , सोच समझ के करो.
अपने सलाहकार(Mentor)से बात करो
अर्जुन भी श्री कृष्ण से सलाह लेते थे , भगवान राम भी जांवनत से
आप अगर इन से भी बड़े बल्लम हो तो रहने दो 😂
@forexproguru
दूसरे मीडिया से आप डरते है तो ज्यादा दिक्कत नहीं , पर फाइनैन्शल मीडिया से डर गए तो आपका बड़ा नुकसान तो होना ही है , आपके काम करने की उम्र भी बढ़ेगी और रिटायरमेंट पीछे हो जाएगा
मुखयतः 3 ट्रिक का इस्तेमाल होता है जो समझने की है
1. बड़े नंबरों का इस्तेमाल
वो ये नहीं कहेंगे सेंसेक्स 2% गिरा क्योंकि आप इस से नहीं डरेंगे , वो कहेंगे सेंसेक्स 1800 पॉइंट गिरा इस से डर पैदा होता है , बड़ा नंबर बड़ा डर | बात दोनों ही एक ही है पर 2% से डर नहीं आएगा 1800 पॉइंट से आएगा
1-3% की गिरावट बहुत ही सामान्य है कोई घबराने की बात नहीं होती है मार्केट मे रोज का होता है पर यही आपको पॉइंट मे बताएंगे तो आप डरेंगे , वैसे तो निफ्टी बड़ा इंडेक्स है पर क्योंकि उसके पॉइंट कम बनेंगे वो आपको सेंसेक्स के नाम से ही डराएंगे
2. पेपर लॉस को असली लॉस जैसा बोलेंगे
मार्केट से 10 लाख करोड़ साफ , निवेशकों के 8 लाख करोड़ डूबे
अगर इतने बड़े नमबर का पैसा सच मे साफ हो रहा होता तो देश भिखारी होता , मार्केट केप का कम होना , पैसा डूबना , पैसा साफ होना नहीं होता
ये सिर्फ आपको डराने के लिए होता है
कॉम्पनिया जिंदा है , रोज उनमे काम हो रहा है , लोगों को सैलरी मिल रही है , कुछ नहीं डूबा कुछ खत्म नहीं हुआ
बस मार्केट केप कम ज्यादा हुआ है और ये तो होता ही है मार्केट में , रोज का
3. खतरनाक , डरावने शब्दों का इस्तेमाल
मार्केट मे ब्लड बाथ , निवेशकों का खून बहा , सब साफ , पैसा डूब गया , वर्ल्ड वार 3, भीषण युद्ध , लंबा युद्ध , सब खत्म ..
एसे शब्द आपके दिमाग में flight response activate करते है , जब ये ऐक्टिव होता है तो आप भागने की सोचते है , लाभ उठाने की नहीं , सब बेचो और भागों नहीं तो ये भी नहीं बचेगा .. एसा सोचने लगोगे
अगर आप इन सब के चक्कर मे फस गए तो , सही निर्णय नहीं ले सकते , संभव ही नहीं
कैसे बचे
अपने प्लान,अपने गोल का सोचो ,न्यूज is नॉइज़
इनवेस्टमेंट चालू रखो
मीडिया का उपभोग कम करो , सोच समझ के करो.
अपने सलाहकार(Mentor)से बात करो
अर्जुन भी श्री कृष्ण से सलाह लेते थे , भगवान राम भी जांवनत से
आप अगर इन से भी बड़े बल्लम हो तो रहने दो 😂
@forexproguru
💯15❤5👍4
🚨 MARKET SHOCK 🚨
💥 Nearly $130 BILLION wiped out from the Korean stock market in just ONE day!
📉 Tensions Rising:
Trump signals continued strikes on Iran for the next 2–3 weeks, escalating global uncertainty 🌍🔥
🌍 Critical Risk Ahead:
The Strait of Hormuz may remain largely closed — a *lifeline for global oil supply* ⛽
⛽ Big Impact Coming:
This could severely disrupt energy supply across Asia
and trigger massive market volatility 📊⚠️
💥 Nearly $130 BILLION wiped out from the Korean stock market in just ONE day!
📉 Tensions Rising:
Trump signals continued strikes on Iran for the next 2–3 weeks, escalating global uncertainty 🌍🔥
🌍 Critical Risk Ahead:
The Strait of Hormuz may remain largely closed — a *lifeline for global oil supply* ⛽
⛽ Big Impact Coming:
This could severely disrupt energy supply across Asia
and trigger massive market volatility 📊⚠️
😱6👍3👏1
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
श्री हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें
जय बजरंग बली 🙏
जय बजरंग बली 🙏
❤18🙏5
स्पेस एक्स कंपनी का आईपीओ आने वाला है. कंपनी की एक्सपेक्टेड वैल्यू 1.75 ट्रिलियन डॉलर्स है. यह अब तक के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ होगा. कल्पना की जा सकती है कि मिडल ईस्ट की सबसे बड़ी तेल कंपनी जिसके तेल के सहारे सऊदी अरब की पूरी इकॉनमी है उसका आईपीओ इससे कम कीमत का था.
और इसी के साथ एलन मस्क दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति बन जायेंगे जिनकी दो कंपनी टेस्ला और स्पेस एक्स ट्रिलियन डॉलर प्लस हैं वैल्यू में.
एलन मस्क उदाहरण हैं मनुष्य चाह जाये तो क्या नहीं कर सकता. सैटेलाइट से इंटरनेट देने का उनका मिशन स्टारलिंक है जिसका दुनिया में कोई कम्पेटिटर नहीं. फिर स्पेस एक्स ने ऐसे रॉकेट बनाए जिन्हें कई बार प्रयोग किया जा सकता है. मनुष्य ने चंद्रमा पर पहुंचना बंद कर दिया था - मस्क ने आगे की सोची कि मंगल पर कॉलोनी बनायेंगे और चंद्रमा पर अड्डा . तो अगले साल फिर से मनुष्य चंद्रमा पर जाने वाला है - इस बार कोई देश / सरकार नहीं जा रही, प्राइवेट कंपनी स्पेस एक्स ले जा रही है. स्पेस एक्स की ही कंपनी एक्स ai के ग्रॉक को तो सब प्रयोग करते ही हैं. और एक्स तो सोशल मीडिया में अग्रणी है. इतना कुछ सब स्पेस एक्स के बैनर में है.
फिर टेस्ला ने ईवी में धूम मचाई, सेल्फ ड्राइव कार में टेस्ला का कोई मुकाबला नहीं. इन दो कंपनी के अलावा भविष्य के ऐंगल से दिमाग़ में चिप लगाने वाली कंपनी न्यूरालिंक भी मस्क की है तो टनल बनाने वाली बोरिंग कंपनी भी मस्क की है - यह अभी पब्लिक कंपनी नहीं हैं.
स्पेस एक्स का आईपीओ आने के पश्चात् मस्क की पर्सनल वैल्यू एक ट्रिलियन डॉलर प्लस हो जायेगी. मस्क इतने अमीर हैं कि उनके बाद विश्व का दूसरा सबसे अमीर व्यक्ति उनका बीस परसेंट भी नहीं है. बड़े बड़े राजे महाराजे शेख़ नवाब किंग हुवे जिनके खानदान ने सदियों राज किया वह इतनी वेल्थ न बना पाये जितनी मस्क ने बस 35 साल में बना दी शून्य से आरम्भ कर.
मस्क की पर्सनल वेल्थ इतनी ज्यादा है कि पाकिस्तान और बंगला देश के 45 करोड़ लोगों की साल भर की जीडीपी जोड़ दी जाये, साथ में ओमान, बहरीन भी जोड़ दिए जाएँ - इससे ज्यादा इस एक अकेले व्यक्ति की नेट वर्थ है.
हिंदी सोशल मीडिया पर आप ढेरों conspiracy थ्योरी पढ़ते हैं अमेरिका डॉलर छाप अमीर बना है, मिडल ईस्ट से अमेरिका गया तो अमेरिका कंगाल बन जाएगा. हकीकत में अमेरिका को अमेरिका बनाया है मस्क जैसे लोगों ने और दूसरी ओर सच यह भी है कि दक्षिण अफ्रीका से अमेरिका पढ़ने आए मस्क को आज का मस्क बनाया भी अमेरिका ने ही है.
@forexproguru
और इसी के साथ एलन मस्क दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति बन जायेंगे जिनकी दो कंपनी टेस्ला और स्पेस एक्स ट्रिलियन डॉलर प्लस हैं वैल्यू में.
एलन मस्क उदाहरण हैं मनुष्य चाह जाये तो क्या नहीं कर सकता. सैटेलाइट से इंटरनेट देने का उनका मिशन स्टारलिंक है जिसका दुनिया में कोई कम्पेटिटर नहीं. फिर स्पेस एक्स ने ऐसे रॉकेट बनाए जिन्हें कई बार प्रयोग किया जा सकता है. मनुष्य ने चंद्रमा पर पहुंचना बंद कर दिया था - मस्क ने आगे की सोची कि मंगल पर कॉलोनी बनायेंगे और चंद्रमा पर अड्डा . तो अगले साल फिर से मनुष्य चंद्रमा पर जाने वाला है - इस बार कोई देश / सरकार नहीं जा रही, प्राइवेट कंपनी स्पेस एक्स ले जा रही है. स्पेस एक्स की ही कंपनी एक्स ai के ग्रॉक को तो सब प्रयोग करते ही हैं. और एक्स तो सोशल मीडिया में अग्रणी है. इतना कुछ सब स्पेस एक्स के बैनर में है.
फिर टेस्ला ने ईवी में धूम मचाई, सेल्फ ड्राइव कार में टेस्ला का कोई मुकाबला नहीं. इन दो कंपनी के अलावा भविष्य के ऐंगल से दिमाग़ में चिप लगाने वाली कंपनी न्यूरालिंक भी मस्क की है तो टनल बनाने वाली बोरिंग कंपनी भी मस्क की है - यह अभी पब्लिक कंपनी नहीं हैं.
स्पेस एक्स का आईपीओ आने के पश्चात् मस्क की पर्सनल वैल्यू एक ट्रिलियन डॉलर प्लस हो जायेगी. मस्क इतने अमीर हैं कि उनके बाद विश्व का दूसरा सबसे अमीर व्यक्ति उनका बीस परसेंट भी नहीं है. बड़े बड़े राजे महाराजे शेख़ नवाब किंग हुवे जिनके खानदान ने सदियों राज किया वह इतनी वेल्थ न बना पाये जितनी मस्क ने बस 35 साल में बना दी शून्य से आरम्भ कर.
मस्क की पर्सनल वेल्थ इतनी ज्यादा है कि पाकिस्तान और बंगला देश के 45 करोड़ लोगों की साल भर की जीडीपी जोड़ दी जाये, साथ में ओमान, बहरीन भी जोड़ दिए जाएँ - इससे ज्यादा इस एक अकेले व्यक्ति की नेट वर्थ है.
हिंदी सोशल मीडिया पर आप ढेरों conspiracy थ्योरी पढ़ते हैं अमेरिका डॉलर छाप अमीर बना है, मिडल ईस्ट से अमेरिका गया तो अमेरिका कंगाल बन जाएगा. हकीकत में अमेरिका को अमेरिका बनाया है मस्क जैसे लोगों ने और दूसरी ओर सच यह भी है कि दक्षिण अफ्रीका से अमेरिका पढ़ने आए मस्क को आज का मस्क बनाया भी अमेरिका ने ही है.
@forexproguru
👍12❤7
Media is too big
VIEW IN TELEGRAM
#BREAKING: Trump announces ceasefire, Iran agrees to safe passage through Hormuz Strait for two weeks "if attacks halted".
I explain statements from Trump and Araghchi on the US-Iran ceasefire after nearly 40 days of the war in West Asia.
@forexproguru
I explain statements from Trump and Araghchi on the US-Iran ceasefire after nearly 40 days of the war in West Asia.
@forexproguru
👍12❤3
कल रात जब दुनिया सोई हुई थी.....हमारे पड़ोस में कुछ अजीब सा घटा 😂
एकाएक Ceasefire की घोषणा कर दी गई... और अब अगले 2 हफ्ते के लिए अमेरिका और इजराइल इरान पर हमले नहीं करेंगे, उधर इरान भी अड़ोस पड़ोस के देशों पर हमले नहीं करेगा.
खबर छन कर आई है, कि पाकिस्तान ने Ceasefire का प्रस्ताव रखा, जिसे अमेरिका, इजराइल और इरान ने मान लिया है... लड़ाई रुक गई है, आगे की बातचीत इस्लामाबाद में होगी
फिर पता चला कि पाकिस्तानी PM ने एक दिए गए ड्राफ्ट को ही ट्वीट कर दिया था... उसे बाद में Edit करा गया. उसी ट्वीट पर ट्रम्प और इरान वाले खुश हो गए और लड़ाई रुक गई.
तेल के दाम 15-17% गिर गए हैं... लोगों ने राहत की सांस ली है.
Social Media में TACO (Trump Always Chickens Out) का हल्ला मच रहा है.
उधर इरान की सुप्रीम National Security कौंसिल ने बताना शुरू किया है कि यह Ceasefire उनकी जीत है... उन्होंने अमेरिका और इजराइल की सेनाओं को Crushing Defeat दे दी है
सुना सुना सा लग रहा है ना कुछ... Operation सिन्दूर में भी पाकिस्तान ऐसे ही जीत गया था 🤣🤣
@forexproguru
एकाएक Ceasefire की घोषणा कर दी गई... और अब अगले 2 हफ्ते के लिए अमेरिका और इजराइल इरान पर हमले नहीं करेंगे, उधर इरान भी अड़ोस पड़ोस के देशों पर हमले नहीं करेगा.
खबर छन कर आई है, कि पाकिस्तान ने Ceasefire का प्रस्ताव रखा, जिसे अमेरिका, इजराइल और इरान ने मान लिया है... लड़ाई रुक गई है, आगे की बातचीत इस्लामाबाद में होगी
फिर पता चला कि पाकिस्तानी PM ने एक दिए गए ड्राफ्ट को ही ट्वीट कर दिया था... उसे बाद में Edit करा गया. उसी ट्वीट पर ट्रम्प और इरान वाले खुश हो गए और लड़ाई रुक गई.
तेल के दाम 15-17% गिर गए हैं... लोगों ने राहत की सांस ली है.
Social Media में TACO (Trump Always Chickens Out) का हल्ला मच रहा है.
उधर इरान की सुप्रीम National Security कौंसिल ने बताना शुरू किया है कि यह Ceasefire उनकी जीत है... उन्होंने अमेरिका और इजराइल की सेनाओं को Crushing Defeat दे दी है
सुना सुना सा लग रहा है ना कुछ... Operation सिन्दूर में भी पाकिस्तान ऐसे ही जीत गया था 🤣🤣
@forexproguru
😁12❤8
अमेरिका और इरान के ceasefire का Behind The Scene सुनिये
लड़ाई को चलते हुए महीने से ऊपर हो गया..... दुनिया भर में हाहाकार मच गया.... ऊर्जा संकट उत्पन्न हो गया.
इरान का जबरदस्त नुकसान हुआ है... वहीं GCC के देशों को भी अच्छा खासा नुकसान हुआ है... अमेरिका और इजराइल को भी ठीक ठाक नुकसान हुआ है.
अब समस्या यह थी कि लड़ाई को बंद कैसे करें..... कोई रास्ता नहीं दिख रहा था.
अमेरिका ने पाकिस्तान को मध्यस्त बनाने की कोशिश की... इस्लामाबाद में बातचीत करने का कहा..... लेकिन इरान ने साफ मना कर दिया.
अंततः अमेरिका ने इरान को एक 15 point का Ceasefire Plan भेजा... जिसे इरान ने कूड़ेदान में डाल दिया
ट्रम्प कल एक post करते हैं.... इरान की Civilization को नष्ट करने वाला post. उसके बाद दुनिया में हलचल होती है.
इरान वाले भी भड़क जाते हैं.... अमेरिका के साथ सभी Diplomatic Channels समाप्त कर देते हैं.... Nuclear अटैक की तैयारी करने लगते हैं.
लेकिन अब आता है चीन.
चीन वाले इरान से बात करते हैं..... कहते हैं थोड़ा सा Mild हो जाओ बे. फिर चीन ने इरान के साथ मिल कर एक 10 point Ceasefire plan बनवाया.
और यह plan पाकिस्तान के रास्ते अमेरिका को भिजवाया.
ट्रम्प के so called अटैक की Timeline ख़त्म होने वाली थी.... भारतीय समय के अनुसार सुबह 5:30 बजे अमेरिका इरान पर हमला करने वाला था.
उधर White House में तनाव बढ़ता जाता है.... ट्रम्प चाह रहे थे कि इरान उनकी शर्तों पर ceasefire करे.... जबकि इरान ने अपनी 10 शर्ते रख दी थी... और उस पर अड़ भी गया था.
क्या करें... क्या करें. कुछ घंटो में हमले की डेडलाइन भी आ रही है..... कैसे भी करके युद्ध रोकना पड़ेगा.
अमेरिका ने तुरत फुरत पाकिस्तान को ड्राफ्ट भिजवाया... और भारतीय समय के अनुसार रात 1 बजे के आस पास शाहबाज शरीफ इस ड्राफ्ट को ही ट्वीट कर देते हैं.
बाद में ट्वीट Edit किया जाता है.
सुबह 4 बजे के आस पास अमेरिका घोषणा कर देता है Ceasefire की. इरान भी घोषणा कर देता है.... दोनों देश पाकिस्तान का धन्यवाद देते हैं.... ट्रम्प तो बाकायदा शरीफ के ट्वीट को post कर देते हैं. 😂😂
इरान वाले इसे अपनी जीत बताते हैं. अमेरिका वाले अपनी.
उधर पाकिस्तान वाले खुश हैं कि इस्लामाबाद में Talks होंगे... कुछ सौ करोड़ अंटी में आएंगे.... दवा दारू का खर्च निकलेगा.
इस बीच इजराइल खुश नहीं है... उसने लेबनान पर हमले कर दिए हैं. पाकिस्तानी PM ने दावा किया कि लेबनान में भी ceasefire हो गया है.... नेतन्याहु ने कहा... चल भग.
युद्ध में जीत हार इस पर निर्भर करती है... कि किसकी शर्ते मानी गयी. ट्रम्प कुछ घंटे पहले अपने 15 point एजेंडे का गाना गा रहे थे...अब इरान की 10 शर्तों पर राजी हैं.
जब इरान की 10 शर्ते माननी ही थी... तो यह युद्ध किया ही क्यों 🤣🤣
मेरा पहले दिन से ही मानना है... अमेरिका ने यह युद्ध फ़िजूल में लड़ा है.... कोई लॉजिक ही नहीं था.. कोई plan नहीं... बस ऐसे ही कूद गए.
अमेरिका के समर्थक इस फटी की चाहे जितनी तुरपाई कर लें.... लेकिन सन्देश चला गया है कि अमेरिका ने सरेंडर कर दिया है... और यह आपको Whatsapp Facebook कथाओं में नहीं....अमेरिकी संसद में सुनने को मिलेगा.
@forexproguru
लड़ाई को चलते हुए महीने से ऊपर हो गया..... दुनिया भर में हाहाकार मच गया.... ऊर्जा संकट उत्पन्न हो गया.
इरान का जबरदस्त नुकसान हुआ है... वहीं GCC के देशों को भी अच्छा खासा नुकसान हुआ है... अमेरिका और इजराइल को भी ठीक ठाक नुकसान हुआ है.
अब समस्या यह थी कि लड़ाई को बंद कैसे करें..... कोई रास्ता नहीं दिख रहा था.
अमेरिका ने पाकिस्तान को मध्यस्त बनाने की कोशिश की... इस्लामाबाद में बातचीत करने का कहा..... लेकिन इरान ने साफ मना कर दिया.
अंततः अमेरिका ने इरान को एक 15 point का Ceasefire Plan भेजा... जिसे इरान ने कूड़ेदान में डाल दिया
ट्रम्प कल एक post करते हैं.... इरान की Civilization को नष्ट करने वाला post. उसके बाद दुनिया में हलचल होती है.
इरान वाले भी भड़क जाते हैं.... अमेरिका के साथ सभी Diplomatic Channels समाप्त कर देते हैं.... Nuclear अटैक की तैयारी करने लगते हैं.
लेकिन अब आता है चीन.
चीन वाले इरान से बात करते हैं..... कहते हैं थोड़ा सा Mild हो जाओ बे. फिर चीन ने इरान के साथ मिल कर एक 10 point Ceasefire plan बनवाया.
और यह plan पाकिस्तान के रास्ते अमेरिका को भिजवाया.
ट्रम्प के so called अटैक की Timeline ख़त्म होने वाली थी.... भारतीय समय के अनुसार सुबह 5:30 बजे अमेरिका इरान पर हमला करने वाला था.
उधर White House में तनाव बढ़ता जाता है.... ट्रम्प चाह रहे थे कि इरान उनकी शर्तों पर ceasefire करे.... जबकि इरान ने अपनी 10 शर्ते रख दी थी... और उस पर अड़ भी गया था.
क्या करें... क्या करें. कुछ घंटो में हमले की डेडलाइन भी आ रही है..... कैसे भी करके युद्ध रोकना पड़ेगा.
अमेरिका ने तुरत फुरत पाकिस्तान को ड्राफ्ट भिजवाया... और भारतीय समय के अनुसार रात 1 बजे के आस पास शाहबाज शरीफ इस ड्राफ्ट को ही ट्वीट कर देते हैं.
बाद में ट्वीट Edit किया जाता है.
सुबह 4 बजे के आस पास अमेरिका घोषणा कर देता है Ceasefire की. इरान भी घोषणा कर देता है.... दोनों देश पाकिस्तान का धन्यवाद देते हैं.... ट्रम्प तो बाकायदा शरीफ के ट्वीट को post कर देते हैं. 😂😂
इरान वाले इसे अपनी जीत बताते हैं. अमेरिका वाले अपनी.
उधर पाकिस्तान वाले खुश हैं कि इस्लामाबाद में Talks होंगे... कुछ सौ करोड़ अंटी में आएंगे.... दवा दारू का खर्च निकलेगा.
इस बीच इजराइल खुश नहीं है... उसने लेबनान पर हमले कर दिए हैं. पाकिस्तानी PM ने दावा किया कि लेबनान में भी ceasefire हो गया है.... नेतन्याहु ने कहा... चल भग.
युद्ध में जीत हार इस पर निर्भर करती है... कि किसकी शर्ते मानी गयी. ट्रम्प कुछ घंटे पहले अपने 15 point एजेंडे का गाना गा रहे थे...अब इरान की 10 शर्तों पर राजी हैं.
जब इरान की 10 शर्ते माननी ही थी... तो यह युद्ध किया ही क्यों 🤣🤣
मेरा पहले दिन से ही मानना है... अमेरिका ने यह युद्ध फ़िजूल में लड़ा है.... कोई लॉजिक ही नहीं था.. कोई plan नहीं... बस ऐसे ही कूद गए.
अमेरिका के समर्थक इस फटी की चाहे जितनी तुरपाई कर लें.... लेकिन सन्देश चला गया है कि अमेरिका ने सरेंडर कर दिया है... और यह आपको Whatsapp Facebook कथाओं में नहीं....अमेरिकी संसद में सुनने को मिलेगा.
@forexproguru
❤18👍8😁4
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
*व्हाइट हाउस* : मीडिया में आज रिपोर्ट किए गए ईरान के "दस पॉइंट्स" "पूरी तरह से बेतुके, अस्वीकार्य और पूरी तरह से खारिज कर दिए गए है, सचमुच कूड़ेदान में फेंक दिए गए" है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जिस प्रस्ताव को बातचीत का व्यावहारिक आधार बताया था, वह "अधिक तर्कसंगत और बिल्कुल अलग" था।
ये 10 पॉइंट बिल्कुल अलग है जिन्हें हम कूड़ेदान में फेंकते हैं
इस प्रेस के बाद दुनिया भर के शेयर बाजार में हाहाकार मच गया
यानी लगता है सीज फायर खटाई में पड़ गया,
*यह कैसा सीज फायर है ?*
इजराइल लेबनान को खंडहर बना रहा है (आज लेबनान में राष्ट्रीय शोक घोषित किया है), जेडी वेंस और ट्रंप कह रहा शांति प्रक्रिया में लेबनान शामिल नहीं है ,
वही पाकिस्तान कहा शांति प्रक्रिया में लेबनान शामिल है। ईरान कह रहा अब अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है कह के कुवैत पर ड्रोन फेक रहा है। हॉर्मुज फिर से बंद हो गया है।
यह पाकिस्तानी जो कर्जा लेकर शेरवानी सिलवाए थे मुर्ग मुसल्लम का आर्डर दिए थे सब कैंसिल करना पड़ेगा😜
@forexproguru
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जिस प्रस्ताव को बातचीत का व्यावहारिक आधार बताया था, वह "अधिक तर्कसंगत और बिल्कुल अलग" था।
ये 10 पॉइंट बिल्कुल अलग है जिन्हें हम कूड़ेदान में फेंकते हैं
इस प्रेस के बाद दुनिया भर के शेयर बाजार में हाहाकार मच गया
यानी लगता है सीज फायर खटाई में पड़ गया,
*यह कैसा सीज फायर है ?*
इजराइल लेबनान को खंडहर बना रहा है (आज लेबनान में राष्ट्रीय शोक घोषित किया है), जेडी वेंस और ट्रंप कह रहा शांति प्रक्रिया में लेबनान शामिल नहीं है ,
वही पाकिस्तान कहा शांति प्रक्रिया में लेबनान शामिल है। ईरान कह रहा अब अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है कह के कुवैत पर ड्रोन फेक रहा है। हॉर्मुज फिर से बंद हो गया है।
यह पाकिस्तानी जो कर्जा लेकर शेरवानी सिलवाए थे मुर्ग मुसल्लम का आर्डर दिए थे सब कैंसिल करना पड़ेगा😜
@forexproguru
😁13❤5
THE AGREEMENT BETWEEN US AND IRAN HAS FAILED— JD VANCE.
The US Delegation is now Leaving Islamabad back to Washington.
IT'S OVER OFFICIALLY
@forexproguru
The US Delegation is now Leaving Islamabad back to Washington.
IT'S OVER OFFICIALLY
@forexproguru
👍10❤5