एक होश है कि मुझे ही संभालना है मेरा सब कुछ ,
एक खयाल है कि तेरी बाहें होती संभालने को तो मैं लापरवाह होती.... 🌙
एक खयाल है कि तेरी बाहें होती संभालने को तो मैं लापरवाह होती.... 🌙
❤10
तुझे आंखें पढ़नी आती तो ,
ढूंढ पाता खुद को मेरे इश्क़ में , खयालों में , इंतज़ार में और सवालों में ,
तेरे नाम का नूर पढ़ना था तुझे
क्यूं इश्क़ गिना तूने महीनों में और सालों में ... 🫠
ढूंढ पाता खुद को मेरे इश्क़ में , खयालों में , इंतज़ार में और सवालों में ,
तेरे नाम का नूर पढ़ना था तुझे
क्यूं इश्क़ गिना तूने महीनों में और सालों में ... 🫠
❤9
सुबह के हसीन ख़्वाब की तरह है मेरी ज़िंदगी में तुम्हारा होना ,
फ़िर ,
फ़िर , उठते ही दिन की हक़ीक़त शुरू हो जाती है... 🫠
फ़िर ,
फ़िर , उठते ही दिन की हक़ीक़त शुरू हो जाती है... 🫠
❤8
कितना ही परहेज़ कर लीजिये आप,
सबके हिस्से आयेगा कम्बख़्त ये इश्क़!
~🖤
सबके हिस्से आयेगा कम्बख़्त ये इश्क़!
~
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❤7
ज़मीं की हक़ीक़त है आसपास मेरे ,
एक तुम ख्वाहिशों भरा आकाश हो ,
सब छुटी हुई चीज़ें खैर है मुझे ,
एक तुम काश हो... ❤️
एक तुम ख्वाहिशों भरा आकाश हो ,
सब छुटी हुई चीज़ें खैर है मुझे ,
एक तुम काश हो... ❤️
❤6
वो कहता है , तूने दुनिया नहीं देखी ,
मैंने उसकी आंखें नहीं देखी ... ❤️🌻
मैंने उसकी आंखें नहीं देखी ... ❤️🌻
❤8❤🔥1
10 अक्टूबर का खास दिन ,
कहीं ना कहीं चित्रा मिल रही होगी अपने सुदीप से ,
कहीं खत्म हो रहा होगा साल भर का इंतज़ार ,
कहीं तो सुनाई जा रही होगी ज़िंदगी की दास्तान ,
कहीं बयां हो रहा होगा, बिन कहा प्यार ,
10 अक्टूबर का ये खास दिन ,
मैं , एक किताब , और चित्रा और सुदीप का संसार ❤️
#Octoberjunctionday
कहीं ना कहीं चित्रा मिल रही होगी अपने सुदीप से ,
कहीं खत्म हो रहा होगा साल भर का इंतज़ार ,
कहीं तो सुनाई जा रही होगी ज़िंदगी की दास्तान ,
कहीं बयां हो रहा होगा, बिन कहा प्यार ,
10 अक्टूबर का ये खास दिन ,
मैं , एक किताब , और चित्रा और सुदीप का संसार ❤️
#Octoberjunctionday
❤12
वक़्त कम मिला साथ वक़्त बिताने को ,
शिकायतें काफ़ी रही ज़माने को ,
इस ज़िंदगी की सारी दुआएं यही है ,
एक जन्म मिले तुमसे मुक्कमल इश्क़ फरमाने को... ❤️
शिकायतें काफ़ी रही ज़माने को ,
इस ज़िंदगी की सारी दुआएं यही है ,
एक जन्म मिले तुमसे मुक्कमल इश्क़ फरमाने को... ❤️
❤7
कभी खुद पे कभी हालात पे रोना आया ,
बात निकली तो हर बात पे रोना आया,
हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उनको ,
क्या हुआ , ये आज किस बात पे रोना आया
किस लिए जीते हैं हम , किसके लिए जीते हैं ,
बरहा ऐसे सवालात पे रोना आया ,
कौन रोता है किसी और की खातिर ए दोस्त !
सबको अपनी ही किसी बात पे रोना आया... ❤️
~ साहिर लुधियानवी ✍
बात निकली तो हर बात पे रोना आया,
हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उनको ,
क्या हुआ , ये आज किस बात पे रोना आया
किस लिए जीते हैं हम , किसके लिए जीते हैं ,
बरहा ऐसे सवालात पे रोना आया ,
कौन रोता है किसी और की खातिर ए दोस्त !
सबको अपनी ही किसी बात पे रोना आया... ❤️
~ साहिर लुधियानवी ✍
❤8
मुझे नफ़रत तुमसे नफ़रत ना हो पाने से है,
बिना समझे, समझाने वाले इस ज़माने से है
तुम्हें हैरत है, देख कर, मोहब्बत मेरी आंखों में
यहां देखो, तुम्हारा हाथ किसी के हाथ में देख, मेरा दिल धड़कन गंवाने पे है
खैर ! इश्क़ है सो है, ये ना दुनिया को बताने से है
मुझे नफ़रत तुमसे नहीं ,
तुमसे नफ़रत ना हो पाने से है ... ❤️
बिना समझे, समझाने वाले इस ज़माने से है
तुम्हें हैरत है, देख कर, मोहब्बत मेरी आंखों में
यहां देखो, तुम्हारा हाथ किसी के हाथ में देख, मेरा दिल धड़कन गंवाने पे है
खैर ! इश्क़ है सो है, ये ना दुनिया को बताने से है
मुझे नफ़रत तुमसे नहीं ,
तुमसे नफ़रत ना हो पाने से है ... ❤️
❤8❤🔥3👏2
तुम्हारे साथ रहकर जो मैं बन जाती हूं ,
" वो मैं " , मुझे बहुत पसंद है ... 🫠
" वो मैं " , मुझे बहुत पसंद है ... 🫠
❤9
मन्नतों के बांधो धागे या लगाओ लाख अर्ज़ी ,
वो देगा वही , जो होगी उसकी मर्ज़ी 😌
वो देगा वही , जो होगी उसकी मर्ज़ी 😌
❤6🔥1
यूं हंस हंस के मैं उसे
किस्मत वाला बताती हूं ,
और सबके लिए लिखती हूं ,
तुझे खुद सुनाती हूं 😁🙈
किस्मत वाला बताती हूं ,
और सबके लिए लिखती हूं ,
तुझे खुद सुनाती हूं 😁🙈
😁5👏2
Forwarded from 💓सुकूँन 🍁 (~अभिमंद ᥫ᭡፝֟፝֟)
क्या दुनिया का कोई कोना है
जहाँ तू नहीं हो!
~अभि🤍
जहाँ तू नहीं हो!
~अभि
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❤5😢2🥰1
ख़्वाब ही ख़्वाब कब तलक देखूं ,
काश ! तुझे भी एक झलक देखूं
एक ही ख्वाहिश है इस धड़कते दिल की ,
कभी बैठूं तेरे साथ और फलक देखूं ❤️
काश ! तुझे भी एक झलक देखूं
एक ही ख्वाहिश है इस धड़कते दिल की ,
कभी बैठूं तेरे साथ और फलक देखूं ❤️
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