ना कर इश्क़ की उम्मीद भी, उम्र गुज़ार दी खोते हुए वो बेबस सी थकान हूं मैं ,
कहां आसरा ढूंढ रही हो तुम मेरी जान !
मरम्मत भी जिसकी मुमकिन नहीं, वो जर्जर मकान हूं मैं ... 🥂
कहां आसरा ढूंढ रही हो तुम मेरी जान !
मरम्मत भी जिसकी मुमकिन नहीं, वो जर्जर मकान हूं मैं ... 🥂
❤12
ख्वाइश-ए-वफ़ा शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें संग मेरे हर ओर पांव पांव चली
धूप में बिताए जो कुछ पल तो समझ आया
वो ज़िन्दगी ही क्या , जो छांव छांव चली ❤️✨
कुछ यादें संग मेरे हर ओर पांव पांव चली
धूप में बिताए जो कुछ पल तो समझ आया
वो ज़िन्दगी ही क्या , जो छांव छांव चली ❤️✨
❤11
अब कोई आए चला जाए मैं ख़ुश रहता हूँ,
अब किसी शख़्स की आदत नहीं होती मुझ को!
~
अब किसी शख़्स की आदत नहीं होती मुझ को!
~
❤8❤🔥3👍1
Forwarded from Sunpreet
We always know how it ends—
not in cruelty, but in love that cuts deep enough to stay.
Real bonds ask for what we hide the most.
If it hurts, it means you showed up with your whole heart.
And that kind of courage is rare and beautiful.
not in cruelty, but in love that cuts deep enough to stay.
Real bonds ask for what we hide the most.
If it hurts, it means you showed up with your whole heart.
And that kind of courage is rare and beautiful.
❤4💯4👏1
उलझे रहना नासमझ बनके तुम मेरे साथ
समझदारियों की सुलझनें अक्सर रास्ते बदल देती हैं ... 🫂
समझदारियों की सुलझनें अक्सर रास्ते बदल देती हैं ... 🫂
❤13
मेरी मोहब्बत के पैमाने कहते है,
कि उसे मेरी बाहों में होना चाहिए!
~Abhiwrites
कि उसे मेरी बाहों में होना चाहिए!
~Abhiwrites
❤11🔥2
तुम्हारा आगोश देता हैं मुझको सुकून-ए-इश्क़,
जिंदगी भर अपनी बाहों में यूँ ही कैद कर के रखना !!
~αвhíwrites❤️
जिंदगी भर अपनी बाहों में यूँ ही कैद कर के रखना !!
~αвhíwrites❤️
❤6😁1
...और फिर ले आयी मैं उसके नाम पे बांधे सारे धागे मंदिर से ,
एहसाह हुआ जब कि बंधने वाले धागों के मोहताज नहीं होते 💫
एहसाह हुआ जब कि बंधने वाले धागों के मोहताज नहीं होते 💫
❤11👏1😢1
उधर ये वतन की मिट्टी में मिल गया था,
इधर वो फरवरी के नए शेर तैयार करने में लगी थी!
~🤍
इधर वो फरवरी के नए शेर तैयार करने में लगी थी!
~🤍
❤7🔥4
रिश्ते निभाइए बिन शर्तों के , ये सौ पन्नों वाले वादों की किताब बेफजूल है ,
उम्र भर रहेंगे हम साथ एक दूजे के , बस यही आज के इश्क़ की भूल है .... 🤷♀
#promiseday😙
उम्र भर रहेंगे हम साथ एक दूजे के , बस यही आज के इश्क़ की भूल है .... 🤷♀
#promiseday😙
❤10👏2😁1💯1
उम्र दराज हो जायेंगे इश्क़ मैं तुम्हारे..
तन्हा रह लेंगे तब तक जब तक तुम ना हुए हमारे..!!
~💗
तन्हा रह लेंगे तब तक जब तक तुम ना हुए हमारे..!!
~💗
❤🔥8❤4
कितना ख़ूबसूरत लगता है सफ़र शायरियों का,
जैसे लफ़्ज़ों का पुल हो मेरे तुम्हारे दरमियाँ..!!
~❤️
जैसे लफ़्ज़ों का पुल हो मेरे तुम्हारे दरमियाँ..!!
~❤️
❤11
तुम्हे बस ये बताना चाहता हूं,
मै तुमसे क्या छुपाना चाहता हूं!
कभी मुझसे भी कोई झूठ बोलो,
मै हां मे हां मिलाना चाहता हूं!
अमीरी इश्क़ की तुमको मुबारक,
मै बस खाना कमाना चाहता हूं!
मुझे तुमसे बिछड़ना ही पड़ेगा,
मै तुमको याद आना चाहता हूं!
~🤍
मै तुमसे क्या छुपाना चाहता हूं!
कभी मुझसे भी कोई झूठ बोलो,
मै हां मे हां मिलाना चाहता हूं!
अमीरी इश्क़ की तुमको मुबारक,
मै बस खाना कमाना चाहता हूं!
मुझे तुमसे बिछड़ना ही पड़ेगा,
मै तुमको याद आना चाहता हूं!
~🤍
❤6🥰3❤🔥1
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
शायद वो पहले सी बात न रहे , शायद वो हालात न रहे
इश्क़ होगा , तो पुराने रिश्ते कहीं खो जायेंगे
मैं चाहती ही नहीं कि ये रिश्ता कहीं खो जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
इश्क़ होगा तो दिल दिमाग तुम्हारे सयाने हो जायेंगे
फिर हर रोज़ होने वाली बातों को ज़माने हो जायेंगे
मैं चाहती ही नहीं कि तेरे साथ खिली ये तकदीर फिर से सो जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
इश्क़ होगा तो तुम्हें बीते लम्हें याद आयेंगे
मेरी तुमसे हुई उम्मीदों को पर लग जायेंगे
मैं चाहती ही नहीं कि उम्मीदें लगे और बिखर जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
शुरुआत हो और मुमकिन है तुम सब संभाल लो
कुछ वक्त होगा और मोहब्बत के मौसम ढ़ल जायेंगे
मैं चाहती ही नहीं कि ये रंग हमारे दरमियां फीका पड़ जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
ये रिश्ता एक बेनाम सा , बिखरे से सितारे और ढलती सी शाम सा ,
ज़िंदगी की मुश्किलों में मुमकिन है रोने को तुम्हारी बाहें मिले , इस हल्की हल्की सी मोहब्बत से हम दूर हो जायेंगे ,
मैं चाहती ही नहीं कि ये सुकून कहीं खो जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये .... ❤️
शायद वो पहले सी बात न रहे , शायद वो हालात न रहे
इश्क़ होगा , तो पुराने रिश्ते कहीं खो जायेंगे
मैं चाहती ही नहीं कि ये रिश्ता कहीं खो जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
इश्क़ होगा तो दिल दिमाग तुम्हारे सयाने हो जायेंगे
फिर हर रोज़ होने वाली बातों को ज़माने हो जायेंगे
मैं चाहती ही नहीं कि तेरे साथ खिली ये तकदीर फिर से सो जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
इश्क़ होगा तो तुम्हें बीते लम्हें याद आयेंगे
मेरी तुमसे हुई उम्मीदों को पर लग जायेंगे
मैं चाहती ही नहीं कि उम्मीदें लगे और बिखर जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
शुरुआत हो और मुमकिन है तुम सब संभाल लो
कुछ वक्त होगा और मोहब्बत के मौसम ढ़ल जायेंगे
मैं चाहती ही नहीं कि ये रंग हमारे दरमियां फीका पड़ जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
ये रिश्ता एक बेनाम सा , बिखरे से सितारे और ढलती सी शाम सा ,
ज़िंदगी की मुश्किलों में मुमकिन है रोने को तुम्हारी बाहें मिले , इस हल्की हल्की सी मोहब्बत से हम दूर हो जायेंगे ,
मैं चाहती ही नहीं कि ये सुकून कहीं खो जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये .... ❤️
🔥9❤3👏3😍1
Forwarded from Elixir 's group / yaari shayari 💙🌸 (Owner)
उलझे हुए हैं कब से
इसी एक सवाल में!
आते हैं हम भी क्या....
कभी तेरे ख़्याल में!
~❤️
इसी एक सवाल में!
आते हैं हम भी क्या....
कभी तेरे ख़्याल में!
~❤️
❤14🔥4😁1