मैं वो हूँ जो कहता था कि इश्क में क्या रखा है,
कुछ अरसे से एक हीर ने मुझे राँझा बना रखा है।
~❤️
कुछ अरसे से एक हीर ने मुझे राँझा बना रखा है।
~❤️
❤13👍2
अगली ज़िंदगी आऊंगी मैं तेरी मनपसंद बन कर ,
इस ज़िंदगी अब फिर मुझे पहाड़ ही बन जाने दे ... 😌
इस ज़िंदगी अब फिर मुझे पहाड़ ही बन जाने दे ... 😌
❤12
मैं हर्फ़ हूँ पन्नो का और तू दास्ताँ किताबों की,
मैं क़ैदी तेरे ख्यालों का,तू हकीकत मेरे ख्वाबों की!
~✍
मैं क़ैदी तेरे ख्यालों का,तू हकीकत मेरे ख्वाबों की!
~✍
❤13
तुम एक चिराग़ की खैरात दे रहे हो मुझे ,
मैं आफ़ताब से दामन छुड़ा के आयी हूं ... 😌
मैं आफ़ताब से दामन छुड़ा के आयी हूं ... 😌
❤6🔥4👏1
उसकी बददुआओं का असर कुछ इस कदर है मुझ पर,
मुझे मेरे आस-पास कोई भाता ही नहीं!
😐
मुझे मेरे आस-पास कोई भाता ही नहीं!
😐
❤6🔥6
तुम किस सोहबत की बात करते हो,
हवाओं से रुकने का वादा नहीं लेते!
~🤝
हवाओं से रुकने का वादा नहीं लेते!
~🤝
❤8🔥2🥰2
तिल के लड्डू , सर्द अहसास और पतंग का प्यार ,
मुबारक हो आपको उत्तरायण का त्यौंहार🪁🪁 🌞💐💐❤️
साल के पहले त्यौंहार की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏
मुबारक हो आपको उत्तरायण का त्यौंहार🪁🪁 🌞💐💐❤️
साल के पहले त्यौंहार की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏
❤7🎉2
जिन्हें प्रेम मिला उन्होंने प्रेम में कविताऐं लिखी ,
जिन्हें नहीं मिला , उन्होंने कविताओं में प्रेम लिखा ... ❤️
जिन्हें नहीं मिला , उन्होंने कविताओं में प्रेम लिखा ... ❤️
❤12🥰2
किस्मत का लिखा उतरता है ज़मीं पर , खयालों का आसमां कहां जीतता है ,
बीत जाती हैं ज़िंदगियां वक्त के साथ , वही यादें लिये शहर कहां बीतता है ... 🌻🍂
बीत जाती हैं ज़िंदगियां वक्त के साथ , वही यादें लिये शहर कहां बीतता है ... 🌻🍂
❤11🥰2
ग़ैर चांद की भी नज़रें नहीं पड़ने देती ,
वो ज़रा भी मिलता तो बहोत सम्भाल के रखती मैं ... ❤️
वो ज़रा भी मिलता तो बहोत सम्भाल के रखती मैं ... ❤️
❤10
एक दफ़ा जिसे छूने के लिए मैंने घण्टों समय बिताया था!
उसकी चाहत की कसक सिर्फ़ वही समझ पाया था!
मैंने तो बस एक दफ़ा पलटकर मुस्कुराया था!
मोह्हबत का हर फ़र्ज़ उसने निभाया था!
मैं समझी मैं एक अंजान हूँ उसके लिए,
मग़र वो तो मुझे छोड़ने मेरे शहर तलक आया था!
खुदगर्ज़ मैं न जाने किस ज़माने से डरती रही,
मरकर एक रोज,वो तिरंगे में लिपट कर आया था!
आज फ़िर उस इंतज़ार में बैठी हूँ,
शायद आ जाए वो भीगता हुआ,जैसे एक रोज़ आया था!
~ अभिमंद 🩵
उसकी चाहत की कसक सिर्फ़ वही समझ पाया था!
मैंने तो बस एक दफ़ा पलटकर मुस्कुराया था!
मोह्हबत का हर फ़र्ज़ उसने निभाया था!
मैं समझी मैं एक अंजान हूँ उसके लिए,
मग़र वो तो मुझे छोड़ने मेरे शहर तलक आया था!
खुदगर्ज़ मैं न जाने किस ज़माने से डरती रही,
मरकर एक रोज,वो तिरंगे में लिपट कर आया था!
आज फ़िर उस इंतज़ार में बैठी हूँ,
शायद आ जाए वो भीगता हुआ,जैसे एक रोज़ आया था!
~ अभिमंद 🩵
❤10
अपनी खुशहाली पर बेफ़िज़ूल गुरूर करोगे
मेरी दुआएँ रखेंगी खयाल तुम्हारा , ग़र तुम मुझे दूर करोगे ... 🌷
मेरी दुआएँ रखेंगी खयाल तुम्हारा , ग़र तुम मुझे दूर करोगे ... 🌷
❤11
Forwarded from 💓सुकूँन 🍁 (~अभिमंद ᥫ᭡፝֟፝֟)
Let us celebrate Unity in diversity and the ideals that shape our nation.
Happy Republic Day 🇮🇳
260126
Happy Republic Day 🇮🇳
260126
❤2🎉1
Forwarded from Sunpreet
𝑾𝒆 𝒂𝒍𝒍 𝒉𝒂𝒗𝒆 𝒂 𝒘𝒉𝒐𝒍𝒆 𝒍𝒊𝒃𝒓𝒂𝒓𝒚 𝒐𝒇 𝒔𝒕𝒐𝒓𝒊𝒆𝒔 𝒘𝒆 𝒘𝒐𝒖𝒍𝒅 𝒏𝒆𝒗𝒆𝒓 𝒂𝒍𝒍𝒐𝒘 𝒂𝒏𝒚𝒐𝒏𝒆 𝒕𝒐 𝒓𝒆𝒂𝒅 🥀🍂
❤15
ज़िद करते हो तुम बस हर बार अपनी ,
झुमके भी नहीं लाये....
जाओ मैं नहीं मानती ..
क्या ... तुम्हारे सिवा भी दुनिया है ?
कौन .. कहां ...
जाओ मैं नहीं जानती...
तारीख आज घर आयी है उसकी ज़िंदगी किसी और के साथ जुड़ने की ,
उसका नाम किसी अनजान के नाम के साथ...
जाओ मैं नहीं मानती...
जाओ मैं नहीं मानती... ❤️🩹
झुमके भी नहीं लाये....
जाओ मैं नहीं मानती ..
क्या ... तुम्हारे सिवा भी दुनिया है ?
कौन .. कहां ...
जाओ मैं नहीं जानती...
तारीख आज घर आयी है उसकी ज़िंदगी किसी और के साथ जुड़ने की ,
उसका नाम किसी अनजान के नाम के साथ...
जाओ मैं नहीं मानती...
जाओ मैं नहीं मानती... ❤️🩹
❤7❤🔥3
ना कर इश्क़ की उम्मीद भी, उम्र गुज़ार दी खोते हुए वो बेबस सी थकान हूं मैं ,
कहां आसरा ढूंढ रही हो तुम मेरी जान !
मरम्मत भी जिसकी मुमकिन नहीं, वो जर्जर मकान हूं मैं ... 🥂
कहां आसरा ढूंढ रही हो तुम मेरी जान !
मरम्मत भी जिसकी मुमकिन नहीं, वो जर्जर मकान हूं मैं ... 🥂
❤12
ख्वाइश-ए-वफ़ा शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें संग मेरे हर ओर पांव पांव चली
धूप में बिताए जो कुछ पल तो समझ आया
वो ज़िन्दगी ही क्या , जो छांव छांव चली ❤️✨
कुछ यादें संग मेरे हर ओर पांव पांव चली
धूप में बिताए जो कुछ पल तो समझ आया
वो ज़िन्दगी ही क्या , जो छांव छांव चली ❤️✨
❤11