ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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Owner - @Bright_fringe🌙
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तुम ज़माने से जा मिले ,

वरना हम ज़माने को मिलवाते तुमसे... 🫧
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सुप्रभात 🌷

शुभ धनतेरस everyone ❤️
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दीपावली के हजारों द्वीप आपके जीवन को आनंद , धन , शांति और स्वास्थ्य के साथ रोशन करें....❤️

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं 🪔🎉
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तुम्हारा मेरे लिए झुमके लाना ही मेरी दिवाली है 🥹
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अंततः वो वास्तविकता में सहन करना पड़ा ,

जो कल्पनाओं में भी असहनीय था .... 🕯
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आँखे बंद करके तुम्हें महसूस करने के सिवा...
मेरे पास तुमसे मिलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है!

~
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15🤩1
जो मिल गया तो मुकाम कैसा ,

जो छू लिया तो फिर चांद ही कैसा .... 🥱
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पाबंदियां तो कदमों पर लगती है ,
दिलों पर नहीं ...

माना कि छू सकते नहीं चांद ,
मगर देखना तो मना नहीं ... ! 🪷
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मेरी राहतों से, जाके पूछो,

मेरे दर्द में, कितना सुक़ून पाया उसने!

~abhiwrites🩷
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8🔥2
कुछ रूठ जाने पे लिखती हूं तो कुछ मनाने पे ,

कुछ समझने पे लिखती हूं तो कुछ उसके समझाने पे ,

कुछ खोने पे लिखती हूं तो कुछ पाने पे ,

कुछ उसे याद कर लिखती हूं तो कुछ उसे भुलाने पे... 💜
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Happy morning 🌷🦋

( A coffee and hug please 🥹)
9
एक रूह है जिसे सुकून की तलाश है

एक मिज़ाज है जिसे आवारगी की तलब🦋❤️
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Forwarded from 💓सुकूँन 🍁 (~अभिमंद ᥫ᭡፝֟፝֟)
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5❤‍🔥3🔥1😢1
ख़त्म हुई यहां स्याही मेरे अनुभव की ,

नई कहानी को अब नये किरदारों की तलाश है... 🪷
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हर हिस्से में घर हर पहर देखने लगी ,

मां के साथ सुकून से रहने वाली, नए शहर में उठी तो सहर देखने लगी.... ❤️
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आप जो बे-कद्री कर रहे हैं हमारी याद रखिए,

हम काश हो जाएंगे किसी दिन आप के लिए।

~🤝
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जाती है सबकी नज़र तुम्हारी ही तरफ,

सब्जी़ मंडी में टमाटर जैसी हो तुम।
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एक होश है कि मुझे ही संभालना है मेरा सब कुछ ,

एक खयाल है कि तेरी बाहें होती संभालने को तो मैं लापरवाह होती.... 🌙
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ये सर्द हवा,ये ओस के कतरे,
लगता है...
अब दर्द हुआ है नवम्बर को,
सितंबर के जाने का..!!

~GoodMorning
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यूं एकदम चुप होने से पहले ,

बोहोत बोला था मैंने .... 🍂
💔61🔥1🥰1👏1
कभी पिता होकर घर की छत बने
कभी प्रेम में रहकर फिर बच्चे बने

कभी बेटा होकर सपनों से समझौता किया
कभी जिम्मेदारियों का बस्ता उम्र से पहले कंधों पर लिया

कभी लड़े जंग के मैदान में डटकर
कभी हार गए लड़ाई अपनो की खातिर

कभी तेज़ बरसात में गाड़ी चलाते
कभी हॉस्पिटल में मरीज़ को दिन रात संभालते

कभी लाइनों में धक्के खाकर टिकट कटवाते
कभी बसों में अपनी सीट देकर घंटों खड़े रह जाते

इन पुरुषों ने निरंतर वे सभी ज़रूरी किरदार निभाए
जहां ज़रूरत थी , थककर कुछ देर बैठ जाने की

~ Aishwarya Sharma
( जाना ज़रूरी है क्या )

Happy international man's day
And thankyou so much to all men in my life. ❤️
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