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पढ़ाई के लिए सबसे अच्छी तरकीब
पहले एक छोटा सा टारगेट फिक्स करो और पूरा दिन अपने उस टारगेट को अचीव करने में लगा दो हर रोज सुबह जल्दी उठकर टारगेट सेट करिए और रात को सोने से पहले चेक कीजिए कि वह टारगेट खत्म हुआ है या नहीं ऐसा करने से आपको अपने जीवन में बहुत सारे पॉजिटिव चेंज नजर आएंगे मोबाइल से जितना हो सके उतना दूर रहिए क्योंकि जितना ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करेंगे उतना ही पढ़ाई से ध्यान हटाना अगर हो सके तो पढ़ने के समय अपने मोबाइल के इंटरनेट को बंद करके उसे साइलेंट करके दूर कहीं रख दीजिए इससे बहुत अच्छी पढ़ाई होगी आप लोगों की और जो एप्स काम की नहीं है उन्हें इंस्टॉल ना कीजिए जैसे कि इंस्टाग्राम फेसबुक इत्यादि ऐसा करके देखिए खाली एक महीना बहुत आगे पहुंचेंगे आप लोग
पहले एक छोटा सा टारगेट फिक्स करो और पूरा दिन अपने उस टारगेट को अचीव करने में लगा दो हर रोज सुबह जल्दी उठकर टारगेट सेट करिए और रात को सोने से पहले चेक कीजिए कि वह टारगेट खत्म हुआ है या नहीं ऐसा करने से आपको अपने जीवन में बहुत सारे पॉजिटिव चेंज नजर आएंगे मोबाइल से जितना हो सके उतना दूर रहिए क्योंकि जितना ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करेंगे उतना ही पढ़ाई से ध्यान हटाना अगर हो सके तो पढ़ने के समय अपने मोबाइल के इंटरनेट को बंद करके उसे साइलेंट करके दूर कहीं रख दीजिए इससे बहुत अच्छी पढ़ाई होगी आप लोगों की और जो एप्स काम की नहीं है उन्हें इंस्टॉल ना कीजिए जैसे कि इंस्टाग्राम फेसबुक इत्यादि ऐसा करके देखिए खाली एक महीना बहुत आगे पहुंचेंगे आप लोग
"बड़ी महत्वाकांक्षा महान चरित्र का भावावेश (जुनून) है। जो इससे संपन्न है वे या तो बहुत अच्छे अथवा बहुत बुरे कार्य कर सकते हैं। ये सब कुछ उन सिद्धन्तों पर आधारित है जिनसे वे निर्देशित होते हैं।”
– Napoleon Bonaparte.
– Napoleon Bonaparte.
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To reach to your Goal, You have to fight every single day.💪💪
अगर सही दिशा और सही समय का ज्ञान ना हो,
तो उगता सूरज भी डूबता नजर आता है
तो उगता सूरज भी डूबता नजर आता है
📍📍 चलो मान लेते हैं की राहों में अंधेरा घना है पर फिर भी मंजिलों की ओर चलना कौनसा मना है..!! 📍📍
यदि आप उड़ना चाहते हैं, तो वह सब कुछ छोड़ दें जो आपको नीचे खींचता है।
~ बुद्ध
~ बुद्ध
⏲️Your Time, Your Choice🌍
150 × 4hrs = 600hrs
150 × 6hrs = 900hrs
150 × 8hrs = 1200hrs
150 × 10hrs = 1500hrs
150 × 12hrs = 1800hrs
150 × 14hrs = 2100hrs
150 × 16hrs = 2400hrs
150 × 18hrs = 2700hrs
150 × 20hrs = 3000hrs
150 × 22hrs = 3300hrs
150 × 24hrs = 3600hrs
150 × 00hrs = 0000hrs
📍150 Days for UPSC CSE 2023📍
150 × 4hrs = 600hrs
150 × 6hrs = 900hrs
150 × 8hrs = 1200hrs
150 × 10hrs = 1500hrs
150 × 12hrs = 1800hrs
150 × 14hrs = 2100hrs
150 × 16hrs = 2400hrs
150 × 18hrs = 2700hrs
150 × 20hrs = 3000hrs
150 × 22hrs = 3300hrs
150 × 24hrs = 3600hrs
150 × 00hrs = 0000hrs
📍150 Days for UPSC CSE 2023📍
भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती है
और दूसरों पर रखो तो कमजोरी बन जाती है......... 📍
हमें अपने बाहर की दुनिया को जीतने या हासिल करने से पहले। हमें अपने अंतर्मन से जीतना होगा। खुद के भीतर की दुनिया से जीतने के लिए, आपको अपने अंदर के आत्मविश्वास को बढ़ाना होगा। क्योंकि जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करेंगे। तो आप पर इस पूरे संसार के 700 करोड़ लोग कैसे भरोसा करेंगें।
📍📍आत्मविश्वास की ऊंचाई📍📍
हम सभी लोगों के पास एक कुदरती शक्ति है। लेकिन हम उस शक्ति को, तब महसूस करते हैं। जब हम अपने दिमाग से, चीजों को समझने और देखने का तरीका बदलते हैं। यही वह शक्ति है। जिससे हमारे मन में विश्वास आता है। जब हमारे मन में, किसी चीज के प्रति विश्वास बन जाता है। तब हमारे अंदर आत्मविश्वास उत्पन्न होने लगता है।
एक बार एक आदमी ने, दो खूबसूरत पक्षी खरीदें। उसने अपने माली से कहा कि वह इन दोनों पक्षियों को प्रशिक्षित करें। थोड़े दिनों के बाद, माली ने देखा। कि उन दोनों पंछियों में एक ने उड़ना सीख लिया। जबकि दूसरा पंछी उड़ नहीं पा रहा था। मतलब उसने कभी छोड़ने की कोशिश नहीं की।
वह हमेशा डाली पर बैठा रहता था। माली उस पंछी को उड़ना सिखाने की बहुत कोशिश करता था। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एक दिन जब मालिक ने, उन दोनों पंछियों को आसमान में उड़ते हुए देखा। तो वह बहुत आश्चर्य में पड़ गया। उसने माली से पूछा। तुमने ऐसा कैसे किया।
तब उस माली ने कहा। मैंने इस पंछी को उड़ाने के लिए, कई प्रयास किए। लेकिन यह कभी उड़ने की कोशिश नहीं करता था। इसलिए मैंने उस डाली को ही काट दिया। जिसमें वह बैठा करता था। ठीक उसी प्रकार ज्यादातर इंसान, हमेशा अपने दुखों के साथ चिपके रहते हैं।
वह कभी ये सोचते ही नहीं है। कि इन दुखों के बिना जिंदगी कैसे होती है। हर इंसान की जिंदगी में दुख आता है। तो नकारात्मक सोच उस पर हावी हो जाती है। उस समय उसको न अपने आप पर, न दूसरे लोगों पर, न ही ब्रह्मांड की शक्ति पर विश्वास रहता है।
ऐसी परिस्थिति में, उसके पास दो ही रास्ते बचते हैं। पहला – वह अपने मन की बात को मानकर, निराशा के समंदर में डूबा रहे। दूसरा – उस दुख को खत्म करने के लिए रास्ता खोजे। अच्छा सोचने से हमारा दिमाग, हर समस्या का समाधान खोज ही लेता है।
हमारा दिमाग वह शक्ति है। जो हर सच्चे झूठे सपने को, किसी न किसी तरीके से सच कर ही देता है। फिर जब आप अपने गोल के बारे में, पूरी तरह से सोच लेते हैं। मतलब उसके बारे में निश्चित हो जाते हैं। तब आपका दिमाग, उस सोचे हुए सपने को सच मान लेता है।
जिस चीज को हमारा दिमाग पूरी तरह से accept कर लेता है। वह चीज निश्चित रूप से घटित होती है। अगर आप विश्वास करते हैं कि आप सफल होंगे। तो आप निश्चित रूप से सफल होंगे। लेकिन अगर आप विश्वास करते हैं कि आप सफल नहीं होंगे। तो यकीन मानिए। आपको असफलता ही हाथ लगेगी। यानी सारा खेल मन के विश्वास का है।
अगर किसी जानवर को एक तालाब में डाल दो। तो वह तैरकर निकल जाएगा। जबकि अगर आप किसी ऐसे इंसान को तालाब में डाल दो। जो तैरना नहीं जानता है। तो वह डूब जाएगा। लेकिन ऐसा क्यों। तो ऐसा इसलिए, क्योंकि उस जानवर को यह विश्वास होता है कि वह तैरकर पार हो जाएगा। इसलिए वह पार भी हो जाता है।
जबकि जिस इंसान को तैरना नहीं आता है। वह अपने मन में विश्वास भी नहीं कर पाता है कि वह सच में तैरकर नदी को पार कर सकता है। इसीलिए वह डूब जाता है। यानी कि यह इंसान ऐसे समय में भी नेगेटिव चीज को सोच रहा है। हर इंसान को कोई न कोई चीज नेगेटिव चीज बांध कर रखती है।
मतलब कोई न कोई नेगेटिव चीज, इंसानों को अपनी तरफ आकर्षित करती रहती है। जिस दिन आपने उस डाली की तरह, अपने आप से निगेटिव चीज को दूर कर लेंगे। उस दिन से आपकी जिंदगी में बदलाव आना शुरू हो जाएंगे।
और दूसरों पर रखो तो कमजोरी बन जाती है......... 📍
हमें अपने बाहर की दुनिया को जीतने या हासिल करने से पहले। हमें अपने अंतर्मन से जीतना होगा। खुद के भीतर की दुनिया से जीतने के लिए, आपको अपने अंदर के आत्मविश्वास को बढ़ाना होगा। क्योंकि जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करेंगे। तो आप पर इस पूरे संसार के 700 करोड़ लोग कैसे भरोसा करेंगें।
📍📍आत्मविश्वास की ऊंचाई📍📍
हम सभी लोगों के पास एक कुदरती शक्ति है। लेकिन हम उस शक्ति को, तब महसूस करते हैं। जब हम अपने दिमाग से, चीजों को समझने और देखने का तरीका बदलते हैं। यही वह शक्ति है। जिससे हमारे मन में विश्वास आता है। जब हमारे मन में, किसी चीज के प्रति विश्वास बन जाता है। तब हमारे अंदर आत्मविश्वास उत्पन्न होने लगता है।
एक बार एक आदमी ने, दो खूबसूरत पक्षी खरीदें। उसने अपने माली से कहा कि वह इन दोनों पक्षियों को प्रशिक्षित करें। थोड़े दिनों के बाद, माली ने देखा। कि उन दोनों पंछियों में एक ने उड़ना सीख लिया। जबकि दूसरा पंछी उड़ नहीं पा रहा था। मतलब उसने कभी छोड़ने की कोशिश नहीं की।
वह हमेशा डाली पर बैठा रहता था। माली उस पंछी को उड़ना सिखाने की बहुत कोशिश करता था। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एक दिन जब मालिक ने, उन दोनों पंछियों को आसमान में उड़ते हुए देखा। तो वह बहुत आश्चर्य में पड़ गया। उसने माली से पूछा। तुमने ऐसा कैसे किया।
तब उस माली ने कहा। मैंने इस पंछी को उड़ाने के लिए, कई प्रयास किए। लेकिन यह कभी उड़ने की कोशिश नहीं करता था। इसलिए मैंने उस डाली को ही काट दिया। जिसमें वह बैठा करता था। ठीक उसी प्रकार ज्यादातर इंसान, हमेशा अपने दुखों के साथ चिपके रहते हैं।
वह कभी ये सोचते ही नहीं है। कि इन दुखों के बिना जिंदगी कैसे होती है। हर इंसान की जिंदगी में दुख आता है। तो नकारात्मक सोच उस पर हावी हो जाती है। उस समय उसको न अपने आप पर, न दूसरे लोगों पर, न ही ब्रह्मांड की शक्ति पर विश्वास रहता है।
ऐसी परिस्थिति में, उसके पास दो ही रास्ते बचते हैं। पहला – वह अपने मन की बात को मानकर, निराशा के समंदर में डूबा रहे। दूसरा – उस दुख को खत्म करने के लिए रास्ता खोजे। अच्छा सोचने से हमारा दिमाग, हर समस्या का समाधान खोज ही लेता है।
हमारा दिमाग वह शक्ति है। जो हर सच्चे झूठे सपने को, किसी न किसी तरीके से सच कर ही देता है। फिर जब आप अपने गोल के बारे में, पूरी तरह से सोच लेते हैं। मतलब उसके बारे में निश्चित हो जाते हैं। तब आपका दिमाग, उस सोचे हुए सपने को सच मान लेता है।
जिस चीज को हमारा दिमाग पूरी तरह से accept कर लेता है। वह चीज निश्चित रूप से घटित होती है। अगर आप विश्वास करते हैं कि आप सफल होंगे। तो आप निश्चित रूप से सफल होंगे। लेकिन अगर आप विश्वास करते हैं कि आप सफल नहीं होंगे। तो यकीन मानिए। आपको असफलता ही हाथ लगेगी। यानी सारा खेल मन के विश्वास का है।
अगर किसी जानवर को एक तालाब में डाल दो। तो वह तैरकर निकल जाएगा। जबकि अगर आप किसी ऐसे इंसान को तालाब में डाल दो। जो तैरना नहीं जानता है। तो वह डूब जाएगा। लेकिन ऐसा क्यों। तो ऐसा इसलिए, क्योंकि उस जानवर को यह विश्वास होता है कि वह तैरकर पार हो जाएगा। इसलिए वह पार भी हो जाता है।
जबकि जिस इंसान को तैरना नहीं आता है। वह अपने मन में विश्वास भी नहीं कर पाता है कि वह सच में तैरकर नदी को पार कर सकता है। इसीलिए वह डूब जाता है। यानी कि यह इंसान ऐसे समय में भी नेगेटिव चीज को सोच रहा है। हर इंसान को कोई न कोई चीज नेगेटिव चीज बांध कर रखती है।
मतलब कोई न कोई नेगेटिव चीज, इंसानों को अपनी तरफ आकर्षित करती रहती है। जिस दिन आपने उस डाली की तरह, अपने आप से निगेटिव चीज को दूर कर लेंगे। उस दिन से आपकी जिंदगी में बदलाव आना शुरू हो जाएंगे।
Question:-- What are the three main forms of Satyagraha?
सत्याग्रह के तीन प्रमुख स्वरूप कौन-से हैं?
सत्याग्रह के तीन प्रमुख स्वरूप कौन-से हैं?
Anonymous Quiz
10%
Revolution, plebiscite and boycott / क्रांति, जनमत तथा बहिष्कार
11%
Non-cooperation, revolution and rejection (referendum) / असहयोग, क्रांति तथा अस्वीकार (जनमत-संग्रह)
13%
Boycott, Civil disobedience and rebellion / बहिष्कार, सविनय अवज्ञा तथा विद्रोह
66%
Non-cooperation, civil disobedience and boycott / असहयोग, सविनय अवज्ञा तथा बहिष्कार
माइक्रोबायोम
औसत व्यक्ति में मुंह, त्वचा, पसीने और पेट और आंतों से बैक्टीरिया में बड़ी विविधता होती है। बैक्टीरिया हमारे स्वास्थ्य में एक चिकित्सा लाभ और एक चिकित्सा जोखिम दोनों के रूप में एक विशेष स्थान रखता है क्योंकि उनके माइक्रोएन्वायरमेंट और होस्ट के साथ उनकी बातचीत होती है।
© Human metabolome technologies America inc.
औसत व्यक्ति में मुंह, त्वचा, पसीने और पेट और आंतों से बैक्टीरिया में बड़ी विविधता होती है। बैक्टीरिया हमारे स्वास्थ्य में एक चिकित्सा लाभ और एक चिकित्सा जोखिम दोनों के रूप में एक विशेष स्थान रखता है क्योंकि उनके माइक्रोएन्वायरमेंट और होस्ट के साथ उनकी बातचीत होती है।
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आसमान में सिर उठाकर
घने बादलों को चीरकर
रोशनी का संकल्प लें
अभी तो सूरज उगा है
दृढ़ निश्चय के साथ चलकर
हर मुश्किल को पार कर
घोर अंधेरे को मिटाने
अभी तो सूरज उगा है।।
- प्रधानमंत्री
घने बादलों को चीरकर
रोशनी का संकल्प लें
अभी तो सूरज उगा है
दृढ़ निश्चय के साथ चलकर
हर मुश्किल को पार कर
घोर अंधेरे को मिटाने
अभी तो सूरज उगा है।।
- प्रधानमंत्री
📂 Report on Trend and Progress of Banking in India
**** यूपीएससी परीक्षा हेतु अति महत्वपूर्ण डाटा स्रोत
**** भारतीय अर्थव्यवस्था पर आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट
© RBI
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**** भारतीय अर्थव्यवस्था पर आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट
© RBI
1 दिन ऐसा भी आएगा
जब आप के पास
इतना वक्त नहीं होगा कि
आप वह सब चीजें कर पाओ,
जो आप हमेशा से करना चाहते थे।
इसलिए आज ही शुरुआत करो, अभी से।
जब आप के पास
इतना वक्त नहीं होगा कि
आप वह सब चीजें कर पाओ,
जो आप हमेशा से करना चाहते थे।
इसलिए आज ही शुरुआत करो, अभी से।
“यदि आप कुछ भी जोखिम नहीं लेते हैं , तो आप और भी अधिक जोखिम उठाते हैं । ”
“If you don’t risk anything, you risk even more.”
“If you don’t risk anything, you risk even more.”
छोटा लक्ष्य एक अपराध है , अपने लक्ष्य को हमेशा बड़ा रखो ।
A small goal is a crime, always keep your goal big.
A small goal is a crime, always keep your goal big.
तजुर्बा बता रहा हूँ ऐ दोस्त दर्द , गम , डर जो भी है
बस तेरे अन्दर है ,
खुद के बनाए पिंजरे से निकल कर तो देख ,
तू भी एक सिकंदर है