what is EPROM in hindi
EPROM का पूरा नाम erasable programmable ROM (एरेजेबल प्रोग्रामेबल रीड ऑनली मैमोरी) है.
EPROM एक non volatile मैमोरी चिप है इसका अविष्कार 1971 में Dov frohman ने किया था.
जब power supply नहीं होती है तब भी यह डेटा को contain किये रहता है.
EPROM में डेटा को erase किया जा सकता है तथा इसे दुबारा write किया जा सकता है. पराबैगनी (ultraviolet) प्रकाश के द्वारा मैमोरी चिप में से डेटा को erase किया जाता है जिससे कि हम उसे दुबारा write या प्रोग्राम कर सकें.
EPROM में से डेटा को मिटाने तथा दुबारा प्रोग्राम करने के लिए हमें एक विशेष डिवाइस की आवश्यकता होती है जिसे हम PROM programmer या PROM burner कहते है. तथा EPROM में प्रोग्रामिंग की प्रक्रिया को burning कहते है.
EPROM का पूरा नाम erasable programmable ROM (एरेजेबल प्रोग्रामेबल रीड ऑनली मैमोरी) है.
EPROM एक non volatile मैमोरी चिप है इसका अविष्कार 1971 में Dov frohman ने किया था.
जब power supply नहीं होती है तब भी यह डेटा को contain किये रहता है.
EPROM में डेटा को erase किया जा सकता है तथा इसे दुबारा write किया जा सकता है. पराबैगनी (ultraviolet) प्रकाश के द्वारा मैमोरी चिप में से डेटा को erase किया जाता है जिससे कि हम उसे दुबारा write या प्रोग्राम कर सकें.
EPROM में से डेटा को मिटाने तथा दुबारा प्रोग्राम करने के लिए हमें एक विशेष डिवाइस की आवश्यकता होती है जिसे हम PROM programmer या PROM burner कहते है. तथा EPROM में प्रोग्रामिंग की प्रक्रिया को burning कहते है.
प्रोग्रामिंग की गयी EPROM डेटा को 10 से 20 वर्ष तक retain कर सकती है. EPROM के उपर एक क्वाटर्ज़ क्रिस्टल विंडो होती है जिसके द्वारा पराबैगनी प्रकाश डेटा को erase करता है.
EPROM के डेटा को बार बार मिटाने से उसकी सिलिकॉन डाइऑक्साइड लेयर नष्ट हो जाती है जिससे वह अविश्वसनीय बन जाती है. इसलिए EPROM को बार बार erase करना उसके लिए हानिकारक होता है.
PROM के स्थान पर EPROM का इस्तेमाल किया जाता था. परन्तु अब के कंप्यूटरों में EPROM का प्रयोग भी नहीं किया जाता है इसके स्थान पर EEPROM (electrically erasable programmable read only memory) का प्रयोग किया जाता है.
EPROM के डेटा को बार बार मिटाने से उसकी सिलिकॉन डाइऑक्साइड लेयर नष्ट हो जाती है जिससे वह अविश्वसनीय बन जाती है. इसलिए EPROM को बार बार erase करना उसके लिए हानिकारक होता है.
PROM के स्थान पर EPROM का इस्तेमाल किया जाता था. परन्तु अब के कंप्यूटरों में EPROM का प्रयोग भी नहीं किया जाता है इसके स्थान पर EEPROM (electrically erasable programmable read only memory) का प्रयोग किया जाता है.
Advantage of EPROM in hindi
इसके लाभ निम्नलिखित है:-
1:- यह बहुत ही सस्ता है.
2:- इसे दुबारा प्रोग्राम किया जा सकता है.
3:- जब power supply नहीं होता है तब भी यह डेटा को retain किये रहता है.
4:- इसमें testing और debugging किया जा सकता है.
इसके लाभ निम्नलिखित है:-
1:- यह बहुत ही सस्ता है.
2:- इसे दुबारा प्रोग्राम किया जा सकता है.
3:- जब power supply नहीं होता है तब भी यह डेटा को retain किये रहता है.
4:- इसमें testing और debugging किया जा सकता है.
disadvantage of EPROM in hindi
इसकी हानियाँ निम्नलिखित है.
1:- EP-ROM में प्रयोग किये जाने वाले ट्रांजिस्टर का प्रतिरोध बहुत उच्च होता है.
2:- इसमें बिजली की खपत अधिक होती है.
3:- इसमें डेटा को मिटाने के लिए पराबैगनी प्रकाश की जरूरत होती है तथा इसे इलेक्ट्रिकल सिग्नल से नहीं erase किया जा सकता है.
4:- इसमें EEPROM की तरह किसी विशेष बाइट को नही erase किया जा सकता अर्थात् इसमें सभी डेटा erase हो जाता है.
5:- EPROM में डेटा को मिटाने तथा दुबारा प्रोग्राम करने के लिए इसे कंप्यूटर से निकालना पड़ता है.
6:- इसमें प्रोग्रामिंग बहुत ही धीमी होती है.
7:- PROM की तुलना में इसकी कीमत अधिक है.
इसकी हानियाँ निम्नलिखित है.
1:- EP-ROM में प्रयोग किये जाने वाले ट्रांजिस्टर का प्रतिरोध बहुत उच्च होता है.
2:- इसमें बिजली की खपत अधिक होती है.
3:- इसमें डेटा को मिटाने के लिए पराबैगनी प्रकाश की जरूरत होती है तथा इसे इलेक्ट्रिकल सिग्नल से नहीं erase किया जा सकता है.
4:- इसमें EEPROM की तरह किसी विशेष बाइट को नही erase किया जा सकता अर्थात् इसमें सभी डेटा erase हो जाता है.
5:- EPROM में डेटा को मिटाने तथा दुबारा प्रोग्राम करने के लिए इसे कंप्यूटर से निकालना पड़ता है.
6:- इसमें प्रोग्रामिंग बहुत ही धीमी होती है.
7:- PROM की तुलना में इसकी कीमत अधिक है.
what is EEPROM in hindi
EEPROM का पूरा नाम electrically erasable programmable ROM (इलेक्ट्रिकली इरेजेबल प्रोग्रामेबल रीड ऑनली मैमोरी) है. इसे George perlegos ने इंटेल में 1978 में विकसित किया था.
यह एक non volatile मैमोरी चिप है जिसका प्रयोग कंप्यूटर में छोटी मात्रा में डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है.
E.EPROM में डेटा बाइट को erase तथा reprogram किया जा सकता है. इसमें डेटा बाइट को इलेक्ट्रिक चार्ज के द्वारा erase किया जाता है. जिससे कि उसे दुबारा प्रोग्राम किया जा सकें.
EEPROM का प्रयोग PROM (programmable read only memory) तथा EPROM (erasable programmable read only memory) के स्थान पर किया जाता है.
E.PROM चिप को erase करने के लिए उसे कंप्यूटर से निकालना पड़ता है परन्तु EEPROM को कंप्यूटर से निकालने की जरूरत नहीं पड़ती है.
EEPROM जो है वह flash memory (फ़्लैश मैमोरी) की तरह होती है परन्तु इनमें असमानता यह है कि EEPROM में एक समय केवल एक डेटा बाइट ही erase या write होता है जबकि flash मैमोरी में डेटा blocks में erase या write होता है. जिसके कारण फ़्लैश मैमोरी EEPROM से तेज है.
EEPROM का पूरा नाम electrically erasable programmable ROM (इलेक्ट्रिकली इरेजेबल प्रोग्रामेबल रीड ऑनली मैमोरी) है. इसे George perlegos ने इंटेल में 1978 में विकसित किया था.
यह एक non volatile मैमोरी चिप है जिसका प्रयोग कंप्यूटर में छोटी मात्रा में डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है.
E.EPROM में डेटा बाइट को erase तथा reprogram किया जा सकता है. इसमें डेटा बाइट को इलेक्ट्रिक चार्ज के द्वारा erase किया जाता है. जिससे कि उसे दुबारा प्रोग्राम किया जा सकें.
EEPROM का प्रयोग PROM (programmable read only memory) तथा EPROM (erasable programmable read only memory) के स्थान पर किया जाता है.
E.PROM चिप को erase करने के लिए उसे कंप्यूटर से निकालना पड़ता है परन्तु EEPROM को कंप्यूटर से निकालने की जरूरत नहीं पड़ती है.
EEPROM जो है वह flash memory (फ़्लैश मैमोरी) की तरह होती है परन्तु इनमें असमानता यह है कि EEPROM में एक समय केवल एक डेटा बाइट ही erase या write होता है जबकि flash मैमोरी में डेटा blocks में erase या write होता है. जिसके कारण फ़्लैश मैमोरी EEPROM से तेज है.
types of EEPROM in hindi
EEP-ROM दो प्रकार की होती है:-
1:- serial EEPROM
2:- parallel EEPROM
1:- serial EEPROM:- इसमें डेटा ट्रान्सफर serial (क्रमबद्ध) होता है तथा इसकी कार्यविधि बहुत ही जटिल है.
serial डेटा ट्रान्सफर होने के कारण यह parallel से slow (धीमी) है.
2:- parallel EEPROM:- parallel EEPROM जो है वह serial EEPROM से तेज है तथा विश्वसनीय भी है एवम् इसका प्रयोग EPROM तथा फ़्लैश मैमोरी के साथ भी किया जा सकता है.
परन्तु इनका मूल्य अधिक होने के कारण इन्हें बहुत ही कम प्रयोग किया जाता है.
EEP-ROM दो प्रकार की होती है:-
1:- serial EEPROM
2:- parallel EEPROM
1:- serial EEPROM:- इसमें डेटा ट्रान्सफर serial (क्रमबद्ध) होता है तथा इसकी कार्यविधि बहुत ही जटिल है.
serial डेटा ट्रान्सफर होने के कारण यह parallel से slow (धीमी) है.
2:- parallel EEPROM:- parallel EEPROM जो है वह serial EEPROM से तेज है तथा विश्वसनीय भी है एवम् इसका प्रयोग EPROM तथा फ़्लैश मैमोरी के साथ भी किया जा सकता है.
परन्तु इनका मूल्य अधिक होने के कारण इन्हें बहुत ही कम प्रयोग किया जाता है.
advantage of EEPROM in hindi
EEP ROM के लाभ निम्नलिखित है.
1:- इसमें इलेक्ट्रिकल विधि से डेटा को erase किया जाता है जो कि तेज विधि है.
2:- इसमें हम पूरे डेटा को मिटा सकते है. और डेटा एक बाइट को भी.
3:- डेटा को erase करने के लिए इसे कंप्यूटर से नहीं निकालना पड़ता है.
4:- इसे प्रोग्राम करना बहुत ही आसान है.
5:- EEP-ROM को अनगिनत बार reprogram किया जा सकता है.
EEP ROM के लाभ निम्नलिखित है.
1:- इसमें इलेक्ट्रिकल विधि से डेटा को erase किया जाता है जो कि तेज विधि है.
2:- इसमें हम पूरे डेटा को मिटा सकते है. और डेटा एक बाइट को भी.
3:- डेटा को erase करने के लिए इसे कंप्यूटर से नहीं निकालना पड़ता है.
4:- इसे प्रोग्राम करना बहुत ही आसान है.
5:- EEP-ROM को अनगिनत बार reprogram किया जा सकता है.
disadvantage of EEPROM in hindi
इसकी हानियाँ निम्नलिखित है:-
1:- EEPROM जो है वह prom तथा eprom की तुलना में महंगी है.
2:- इस में डेटा को read, write, तथा erase करने के लिए अलग अलग वोल्टेज की आवश्यकता होती है.
3:- यह डेटा केवल लगभग 10 वर्ष तक retain कर सकता है.
इसकी हानियाँ निम्नलिखित है:-
1:- EEPROM जो है वह prom तथा eprom की तुलना में महंगी है.
2:- इस में डेटा को read, write, तथा erase करने के लिए अलग अलग वोल्टेज की आवश्यकता होती है.
3:- यह डेटा केवल लगभग 10 वर्ष तक retain कर सकता है.
Peripheral Devices In Hindi
Definition (परिभाषा ) :- peripheral device एक कंप्यूटर डिवाइस होती है जैसे:- keyboard या scanner. ये devices कंप्यूटर का हिस्सा नही होती है. ये कंप्यूटर की सहायक (auxiliary) डिवाइस होती हैं.
एक पेरीफेरल डिवाइस कंप्यूटर के लिए इनपुट / आउटपुट (I / O) कार्य प्रदान करता है और इनमें computing करने की क्षमता नही होती है. computing की क्षमता ना होने के बावजूद भी ये computer के सहायक उपकरण के रूप में कार्य करता है। peripheral device कई I / O इंटरफेस के माध्यम से कंप्यूटर से जुड़ते हैं, जैसे communications (COM), यूनिवर्सल सीरियल बस (USB) और सीरियल पोर्ट।
Definition (परिभाषा ) :- peripheral device एक कंप्यूटर डिवाइस होती है जैसे:- keyboard या scanner. ये devices कंप्यूटर का हिस्सा नही होती है. ये कंप्यूटर की सहायक (auxiliary) डिवाइस होती हैं.
एक पेरीफेरल डिवाइस कंप्यूटर के लिए इनपुट / आउटपुट (I / O) कार्य प्रदान करता है और इनमें computing करने की क्षमता नही होती है. computing की क्षमता ना होने के बावजूद भी ये computer के सहायक उपकरण के रूप में कार्य करता है। peripheral device कई I / O इंटरफेस के माध्यम से कंप्यूटर से जुड़ते हैं, जैसे communications (COM), यूनिवर्सल सीरियल बस (USB) और सीरियल पोर्ट।
Types Of Peripheral Device in Hindi
यह निम्नलिखित दो प्रकार के होते है।
1.Based on Installation (स्थापना के आधार पर)
2.Based on Function (फ़ंक्शन के आधार पर)
1:- Based on Installation
यह निम्नलिखित दो प्रकार के होते है।
A. Internal Peripheral Device
वे पेरीफेरल डिवाइस(Peripheral Device) जो आंतरिक रूप से कंप्यूटर सिस्टम में स्थापित या जुड़े होते हैं, आंतरिक पेरीफेरल डिवाइस (Internal Peripheral Device) कहलाते हैं।
उदाहरण:- सीडी / डीडीवी रोम (CD/DVD Rom), आंतरिक मॉडेम (Internal Modem), विडियो कार्ड (Video Card), ऑप्टिकल डिस्क ड्राइव(Optical Disk Drive) आदि।
यह निम्नलिखित दो प्रकार के होते है।
1.Based on Installation (स्थापना के आधार पर)
2.Based on Function (फ़ंक्शन के आधार पर)
1:- Based on Installation
यह निम्नलिखित दो प्रकार के होते है।
A. Internal Peripheral Device
वे पेरीफेरल डिवाइस(Peripheral Device) जो आंतरिक रूप से कंप्यूटर सिस्टम में स्थापित या जुड़े होते हैं, आंतरिक पेरीफेरल डिवाइस (Internal Peripheral Device) कहलाते हैं।
उदाहरण:- सीडी / डीडीवी रोम (CD/DVD Rom), आंतरिक मॉडेम (Internal Modem), विडियो कार्ड (Video Card), ऑप्टिकल डिस्क ड्राइव(Optical Disk Drive) आदि।
B. External Peripheral Device
वे पेरीफेरल डिवाइस(Peripheral Device) जो बाहरी रूप से कंप्यूटर सिस्टम में स्थापित या जुड़े होते हैं, बाहरी पेरीफेरल डिवाइस ( (External Peripheral Device) कहलाते हैं।
उदाहरण:- कीबोर्ड (Keyboard) , माउस (Mouse), हार्ड डिस्क (Hard Disk), प्रिंटर (Printer), प्रोजेक्टर (Projector), स्पीकर (Speaker) आदि।
2:- Based on Function
यह निम्नलिखित तीन प्रकार के होते है।
A:- Input Peripheral Device
जिन पेरीफेरल डिवाइस (Peripheral Device) का उपयोग कंप्यूटर प्रणाली में डेटा Data को send करने के लिए किया जाता है, उन्हें इनपुट पेरीफेरल डिवाइस (Input Peripheral Device) कहा जाता है।
उदाहरण :-
Key-board (की-बोर्ड) :- यह एक इनपुट डिवाइस है और उपयोगकर्ता के लिए कंप्यूटर के साथ संवाद (Communicate) करने का सबसे बुनियादी तरीका है। आम तौर पर मानक (Standard) की-बोर्ड में 104 keys होती हैं। इसका उपयोग शॉर्टकट (Shortcuts) के लिए किया जा सकता है, जो डॉस (DOS) कमांड में मदद करता है (जहां माउस काम नहीं करता है)।
जैसे :- Alphabet Key, numeric Key, and Special keys, Function key, Number key, Arrow key.
वे पेरीफेरल डिवाइस(Peripheral Device) जो बाहरी रूप से कंप्यूटर सिस्टम में स्थापित या जुड़े होते हैं, बाहरी पेरीफेरल डिवाइस ( (External Peripheral Device) कहलाते हैं।
उदाहरण:- कीबोर्ड (Keyboard) , माउस (Mouse), हार्ड डिस्क (Hard Disk), प्रिंटर (Printer), प्रोजेक्टर (Projector), स्पीकर (Speaker) आदि।
2:- Based on Function
यह निम्नलिखित तीन प्रकार के होते है।
A:- Input Peripheral Device
जिन पेरीफेरल डिवाइस (Peripheral Device) का उपयोग कंप्यूटर प्रणाली में डेटा Data को send करने के लिए किया जाता है, उन्हें इनपुट पेरीफेरल डिवाइस (Input Peripheral Device) कहा जाता है।
उदाहरण :-
Key-board (की-बोर्ड) :- यह एक इनपुट डिवाइस है और उपयोगकर्ता के लिए कंप्यूटर के साथ संवाद (Communicate) करने का सबसे बुनियादी तरीका है। आम तौर पर मानक (Standard) की-बोर्ड में 104 keys होती हैं। इसका उपयोग शॉर्टकट (Shortcuts) के लिए किया जा सकता है, जो डॉस (DOS) कमांड में मदद करता है (जहां माउस काम नहीं करता है)।
जैसे :- Alphabet Key, numeric Key, and Special keys, Function key, Number key, Arrow key.
Mouse (माउस) :- इसका उपयोग स्क्रीन पर कर्सर (Cursor) या पॉइंटर को नियंत्रित करने और कंप्यूटर को कमांड देने के लिए किया जाता है। यह जटिल की-बोर्ड कमांड को याद किए बिना ऑपरेशनों को बनाए रखने की अनुमति देता है। एक रोलर माउस की एक गेंद होती है जिसे डेस्क-टॉप (Desktop)पर माउस के रूप में घुमाया जाता है। इसका उपयोग एक पॉइंटर के रूप में किया जाता है। इसके द्वारा हम मेनू कमांड (Menu command) को select करना, आइकॉन (Icon) को मूव करना, विंडोज़(Windows) को आकार देना, प्रोग्राम(Program) शुरू करना और विकल्प चुनने जैसे functions (कार्यों) को आसानी से कर सकते है.
Joystick(जॉयस्टिक) : – यह कारों के स्टिक शिफ्ट जैसा दिखता है। यह स्क्रीन पर ऑब्जेक्ट को नियंत्रित करता है। जॉयस्टिक एक इनपुट डिवाइस है जिसका उपयोग कंप्यूटर डिवाइस में Cursor या Pointer की गति को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है। इस Input Device का उपयोग ज्यादातर gaming और कभी-कभी graphics के कार्यों में किया जाता है
Digital Camera (डिजिटल कैमरा)
यह हमें इमेज (Image) को capture करने और इमेज फाइल के रूप में कंप्यूटर में ट्रांसफर करने की अनुमति देता है। छोटे आकार के डिजिटल कैमरे छोटी मात्रा में वीडियो कैप्चर कर सकते हैं।
Web-Camera(वेब कैमरा) : – एक वेब कैमरा एक वीडियो कैमरा है जो कंप्यूटर या कंप्यूटर नेटवर्क पर अपनी छवि को दिखाता है। इसके लिए सबसे लोकप्रिय उपयोग वीडियो लिंक की स्थापना है, जो कंप्यूटर को एक वीडियो-फ़ोन या video conference स्टेशन के रूप में कार्य करने की अनुमति देता है।
Microphone (माइक्रोफोन) : – इसका उपयोग ऑडियो-इनपुट डिवाइस के रूप में किया जाता है। माइक्रोफोन का कार्य कंप्यूटर में voice को दर्ज करना है।
यह हमें इमेज (Image) को capture करने और इमेज फाइल के रूप में कंप्यूटर में ट्रांसफर करने की अनुमति देता है। छोटे आकार के डिजिटल कैमरे छोटी मात्रा में वीडियो कैप्चर कर सकते हैं।
Web-Camera(वेब कैमरा) : – एक वेब कैमरा एक वीडियो कैमरा है जो कंप्यूटर या कंप्यूटर नेटवर्क पर अपनी छवि को दिखाता है। इसके लिए सबसे लोकप्रिय उपयोग वीडियो लिंक की स्थापना है, जो कंप्यूटर को एक वीडियो-फ़ोन या video conference स्टेशन के रूप में कार्य करने की अनुमति देता है।
Microphone (माइक्रोफोन) : – इसका उपयोग ऑडियो-इनपुट डिवाइस के रूप में किया जाता है। माइक्रोफोन का कार्य कंप्यूटर में voice को दर्ज करना है।