उच्च शक्ति मुद्रा के उपयोग व महत्व-Uses and Importance of High Powered Money in Hindi
उच्च शक्ति मुद्रा के उपयोग व महत्व (Uses and Importance of High Powered Money)- आधुनिक अर्थव्यस्था में उच्च शक्ति मुद्रा (H) धारणा का अत्यधिक महत्व व उपयोग है जो कि निम्नलिखित बिन्दुओं से स्पष्ट हो जायेगा।
1. आधार मुद्रा (Base Money)- उच्च शक्ति मुद्रा (H) बैंक जमाओं के विस्तार और मुद्रा पूर्ति के निर्माण का आधार है इसलिए कुछ व्यक्ति इसे आधार मुद्रा (Base Money or Reserve Money) कहते हैं।
2. परिवर्तन का मुख्य स्रोत (Main Source of Change)– अर्थव्यवस्था में मुद्रा की पूर्ति उच्च शक्ति मुद्रा (H) पर निर्भर करती है। जिस दिशा में इसमें परिवर्तन होता है, उसी दिशा में मुद्रा की पूर्ति में भी परिवर्तन होता है। मुद्रा की पूर्ति में अधिकांश परिवर्तन इसी के कारण होता है ।
3. मुद्रा गुणक (Money Multiplier)- अर्थव्यवस्था में मुद्रा की पूर्ति (M) उच्च शक्ति मुद्रा (H) से कई गुना अधिक होती है। H में होने वाली वृद्धि के कारण मुद्रा की पूर्ति में कितनी गुनी वृद्धि होगी, यह मुद्रा गुणक (Money Multiplier) या m पर निर्भर करता है जिसका निर्धारक स्वयं उच्च शक्ति मुद्रा पर निर्भर करता है।
( 4 ) मौद्रिक नियन्त्रण (Monetary Control)- उच्च शक्ति मुद्रा मौद्रिक नियन्त्रण का एक प्रमुख उपकरण है। हम जानते हैं उच्च शक्ति मुद्रा वह राशि है जो वाणिज्य बैंकों के पास रिजर्व (Reserve-R) तथा जनता के पास करेन्सी (C) के रूप में विद्यमान है।
उच्च शक्ति मुद्रा के उपयोग व महत्व (Uses and Importance of High Powered Money)- आधुनिक अर्थव्यस्था में उच्च शक्ति मुद्रा (H) धारणा का अत्यधिक महत्व व उपयोग है जो कि निम्नलिखित बिन्दुओं से स्पष्ट हो जायेगा।
1. आधार मुद्रा (Base Money)- उच्च शक्ति मुद्रा (H) बैंक जमाओं के विस्तार और मुद्रा पूर्ति के निर्माण का आधार है इसलिए कुछ व्यक्ति इसे आधार मुद्रा (Base Money or Reserve Money) कहते हैं।
2. परिवर्तन का मुख्य स्रोत (Main Source of Change)– अर्थव्यवस्था में मुद्रा की पूर्ति उच्च शक्ति मुद्रा (H) पर निर्भर करती है। जिस दिशा में इसमें परिवर्तन होता है, उसी दिशा में मुद्रा की पूर्ति में भी परिवर्तन होता है। मुद्रा की पूर्ति में अधिकांश परिवर्तन इसी के कारण होता है ।
3. मुद्रा गुणक (Money Multiplier)- अर्थव्यवस्था में मुद्रा की पूर्ति (M) उच्च शक्ति मुद्रा (H) से कई गुना अधिक होती है। H में होने वाली वृद्धि के कारण मुद्रा की पूर्ति में कितनी गुनी वृद्धि होगी, यह मुद्रा गुणक (Money Multiplier) या m पर निर्भर करता है जिसका निर्धारक स्वयं उच्च शक्ति मुद्रा पर निर्भर करता है।
( 4 ) मौद्रिक नियन्त्रण (Monetary Control)- उच्च शक्ति मुद्रा मौद्रिक नियन्त्रण का एक प्रमुख उपकरण है। हम जानते हैं उच्च शक्ति मुद्रा वह राशि है जो वाणिज्य बैंकों के पास रिजर्व (Reserve-R) तथा जनता के पास करेन्सी (C) के रूप में विद्यमान है।