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मिस्टर कुलकर्णी पांडे के मामले में मुझे तुम्हारी ये भी सलाह की जरूरत नहीं है क्या किया जा सकता है, और क्या नहीं ये देखना मेरा काम है- तुम मुझे ये बताओ कि मंजुला से तुम्हारा क्या संबंध है ?” “हम दोनों एक ही किश्ती के सवार हैं जनाब हम दोनों ही सुपारी किंग से टक्कर लेने की ख्वाइश रखते हैं।” नानसेंस?” कमिश्नर ने बुरा-सा मुंह बनाया। “आप कुछ भी कहिए जनाब, उस सुपारी किंग को तो ऐसी-तैसी में करके ही रहूंगा एक बार वह मेरे सामने. आ जाएं…।””बिल्ली के सरापे छींका नहीं टूटा करता बेवकूफ ?” तुम एक मामूली से आदमी उसका बिगाड़ ही क्या लोगे।” “इस दुनिया में कहीं-न-कहीं हर किसी का बाप हुआ करता है जनाये। ऊंट जब तक पहाड़ के नीचे नहीं आ जाता, वह खुद को माउंट एवरेस्ट से भी ऊंचा समझा करता है। जिस चींटी को एक हाथी मद से चूर होकर हिकारत भरी नजर से देखता है, वहीं चींटी उसके कान में घुसकर उसकी जान भी ले सकती है। जंगल के राजा शेर की नजरों में चाहे एक इंसान की बिसात कुछ भी न हो, मगर जब वह किसी सर्कस के रिंग मास्टर के हत्थे चढ़ जाता है तो वही शेर किसी पालतू कुत्ते की तरह उसके सामने घुटने तक टेक देता है..।””तुपारी किंग भी इसी धरती का इंसान है जनाब-वह कोई आसमान से टपका हत्या नहीं है। सच तो यह है कि यह एक डरपोक चूस है जो हमेशा अपने बिल में ही दुबका रहता है और मैं उसे उसके बिल से बाहर निकालकर ही रहूंगा। अगर वह न निकला तो मैं वह बिल ही तोड़ डालूंगा।’
एक और सुपारी किंग था तो दूसरी ओर था एक मामूली सा सर्क हंसराज कुलकर्णी । कौन सेर था तो कौन सवा सेर, इन्हीं सब सवालों का पथकता दस्तावेज है प्रस्तुत उपन्यास ।
Name: Ser Ko Sava Ser
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 244
Size: 27.2 MB
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense, Murder Mystery
Writer: Tiger
https://www.comixtream.com/free-download-ser-ko-sava-ser-tiger-hindi-novel-pdf/
#Hindi_Novels #Indian_Author_Novels #Thriller_and_Suspense_Novels #Tiger_Novels
मिस्टर कुलकर्णी पांडे के मामले में मुझे तुम्हारी ये भी सलाह की जरूरत नहीं है क्या किया जा सकता है, और क्या नहीं ये देखना मेरा काम है- तुम मुझे ये बताओ कि मंजुला से तुम्हारा क्या संबंध है ?” “हम दोनों एक ही किश्ती के सवार हैं जनाब हम दोनों ही सुपारी किंग से टक्कर लेने की ख्वाइश रखते हैं।” नानसेंस?” कमिश्नर ने बुरा-सा मुंह बनाया। “आप कुछ भी कहिए जनाब, उस सुपारी किंग को तो ऐसी-तैसी में करके ही रहूंगा एक बार वह मेरे सामने. आ जाएं…।””बिल्ली के सरापे छींका नहीं टूटा करता बेवकूफ ?” तुम एक मामूली से आदमी उसका बिगाड़ ही क्या लोगे।” “इस दुनिया में कहीं-न-कहीं हर किसी का बाप हुआ करता है जनाये। ऊंट जब तक पहाड़ के नीचे नहीं आ जाता, वह खुद को माउंट एवरेस्ट से भी ऊंचा समझा करता है। जिस चींटी को एक हाथी मद से चूर होकर हिकारत भरी नजर से देखता है, वहीं चींटी उसके कान में घुसकर उसकी जान भी ले सकती है। जंगल के राजा शेर की नजरों में चाहे एक इंसान की बिसात कुछ भी न हो, मगर जब वह किसी सर्कस के रिंग मास्टर के हत्थे चढ़ जाता है तो वही शेर किसी पालतू कुत्ते की तरह उसके सामने घुटने तक टेक देता है..।””तुपारी किंग भी इसी धरती का इंसान है जनाब-वह कोई आसमान से टपका हत्या नहीं है। सच तो यह है कि यह एक डरपोक चूस है जो हमेशा अपने बिल में ही दुबका रहता है और मैं उसे उसके बिल से बाहर निकालकर ही रहूंगा। अगर वह न निकला तो मैं वह बिल ही तोड़ डालूंगा।’
एक और सुपारी किंग था तो दूसरी ओर था एक मामूली सा सर्क हंसराज कुलकर्णी । कौन सेर था तो कौन सवा सेर, इन्हीं सब सवालों का पथकता दस्तावेज है प्रस्तुत उपन्यास ।
Name: Ser Ko Sava Ser
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Language: Hindi
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Novel Type: Crime, Thriller & Suspense, Murder Mystery
Writer: Tiger
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“तू जारती है-कौन है इसकी मौत का कारण ? “हां बावा । “कौन है ?”
“इसका पति वही आया था अमरू सपेरे के पास- • अनरू ने मुझे पिटारे मे निकाला था—मैंने तभी देखा था उसे वही आदमी इस औरत का रूमाल लेकर आया था, जिसकी गंध पाकर मैंने इसे डस लिया ।” “हां ठीक कहती है तू -लेकिन वह अकेला ही षड्यंत्र- कारी नहीं है-और लोग भी हैं। पहचान लेगी तू उन्हें ?”
“हां बाबा- इसके एक-एक शत्रु को पहचान लूंगी मैं ओर उनका दंड भी निश्चित है।”,
“लेकिन नागिन एक बात का ध्यान रखना- दण्ड सिर्फ उन्हें ही देना है तुझे, जिनका दोष है। किसी निर्दोष का अहित हुआ तो मैं तुझे क्षमा नहीं करूंगा।”
“मैं इस आशा का पालन करूंगी बाबा !”
“त प्रवेश कर इस शरीर में बहुत सो चुकी है यह सुहन जगा दे इसे अपना प्रतिशोध लेने के लिए- सृष्टि का आदेश है। उस बाकी बचे जीवन में यही दायित्व पूरा करना है इस मुहागिन को तेरे सहयोग से -एक नागिन के सहयोग से।”
सुहागिन बनी नागिन
एक इच्छाधारी नागिन की कहानी, जिसे उसी शरीर में वॉम करना पड़ा, जिसे उसकर उसने मौत की नींद सुलाया था। वह मृत अबला – इच्छाधारी नागिन के रूप में जब वह अपनी दुनिया में जीवित होकर लौठी तो. हाहाकार मच गया। वे लोग थर-थर कांपने लगे, जिन्होंने उस अबला को दी की हवस की खातिर, एक खतरनाक साजिश के तहत मौत के आगोश में सुलाने का षड्यंत्र रचा था।
Name: Suhagan Bani Nagin
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 290
Size: 51.3 MB
Novel Type: Thriller & Suspense, Murder Mystery
Writer: Tiger
https://www.comixtream.com/free-download-suhagan-bani-nagin-tiger-hindi-novel-pdf/
#Hindi_Novels #Thriller_Mystery_Novels #Thriller_and_Suspense_Novels #Tiger_Novels
“तू जारती है-कौन है इसकी मौत का कारण ? “हां बावा । “कौन है ?”
“इसका पति वही आया था अमरू सपेरे के पास- • अनरू ने मुझे पिटारे मे निकाला था—मैंने तभी देखा था उसे वही आदमी इस औरत का रूमाल लेकर आया था, जिसकी गंध पाकर मैंने इसे डस लिया ।” “हां ठीक कहती है तू -लेकिन वह अकेला ही षड्यंत्र- कारी नहीं है-और लोग भी हैं। पहचान लेगी तू उन्हें ?”
“हां बाबा- इसके एक-एक शत्रु को पहचान लूंगी मैं ओर उनका दंड भी निश्चित है।”,
“लेकिन नागिन एक बात का ध्यान रखना- दण्ड सिर्फ उन्हें ही देना है तुझे, जिनका दोष है। किसी निर्दोष का अहित हुआ तो मैं तुझे क्षमा नहीं करूंगा।”
“मैं इस आशा का पालन करूंगी बाबा !”
“त प्रवेश कर इस शरीर में बहुत सो चुकी है यह सुहन जगा दे इसे अपना प्रतिशोध लेने के लिए- सृष्टि का आदेश है। उस बाकी बचे जीवन में यही दायित्व पूरा करना है इस मुहागिन को तेरे सहयोग से -एक नागिन के सहयोग से।”
सुहागिन बनी नागिन
एक इच्छाधारी नागिन की कहानी, जिसे उसी शरीर में वॉम करना पड़ा, जिसे उसकर उसने मौत की नींद सुलाया था। वह मृत अबला – इच्छाधारी नागिन के रूप में जब वह अपनी दुनिया में जीवित होकर लौठी तो. हाहाकार मच गया। वे लोग थर-थर कांपने लगे, जिन्होंने उस अबला को दी की हवस की खातिर, एक खतरनाक साजिश के तहत मौत के आगोश में सुलाने का षड्यंत्र रचा था।
Name: Suhagan Bani Nagin
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“तू जारती है-कौन है इसकी मौत का कारण ? “हां बावा । “कौन है ?”
“इसका पति वही आया था अमरू सपेरे के पास- • अनरू ने मुझे पिटारे मे निकाला था—मैंने तभी देखा था उसे वही आदमी इस औरत का रूमाल लेकर आया था, जिसकी गंध पाकर मैंने इसे डस लिया ।” “हां ठीक कहती है तू -लेकिन वह अकेला ही षड्यंत्र- कारी नहीं है-और लोग भी हैं। पहचान लेगी तू उन्हें ?”
“हां बाबा- इसके एक-एक शत्रु को पहचान लूंगी मैं ओर उनका दंड भी निश्चित है।”,
“लेकिन नागिन एक बात का ध्यान रखना- दण्ड सिर्फ उन्हें ही देना है तुझे, जिनका दोष है। किसी निर्दोष का अहित हुआ तो मैं तुझे क्षमा नहीं करूंगा।”
“मैं इस आशा का पालन करूंगी बाबा !”
“त प्रवेश कर इस शरीर में बहुत सो चुकी है यह सुहन जगा दे इसे अपना प्रतिशोध लेने के लिए- सृष्टि का आदेश है। उस बाकी बचे जीवन में यही दायित्व पूरा करना है इस मुहागिन को तेरे सहयोग से -एक नागिन के सहयोग से।”
सुहागिन बनी नागिन
एक इच्छाधारी नागिन की कहानी, जिसे उसी शरीर में वॉम करना पड़ा, जिसे उसकर उसने मौत की नींद सुलाया था। वह मृत अबला – इच्छाधारी नागिन के रूप में जब वह अपनी दुनिया में जीवित होकर लौठी तो. हाहाकार मच गया। वे लोग थर-थर कांपने लगे, जिन्होंने उस अबला को दी की हवस की खातिर, एक खतरनाक साजिश के तहत मौत के आगोश में सुलाने का षड्यंत्र रचा था।
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“तू जारती है-कौन है इसकी मौत का कारण ? “हां बावा । “कौन है ?”
“इसका पति वही आया था अमरू सपेरे के पास- • अनरू ने मुझे पिटारे मे निकाला था—मैंने तभी देखा था उसे वही आदमी इस औरत का रूमाल लेकर आया था, जिसकी गंध पाकर मैंने इसे डस लिया ।” “हां ठीक कहती है तू -लेकिन वह अकेला ही षड्यंत्र- कारी नहीं है-और लोग भी हैं। पहचान लेगी तू उन्हें ?”
“हां बाबा- इसके एक-एक शत्रु को पहचान लूंगी मैं ओर उनका दंड भी निश्चित है।”,
“लेकिन नागिन एक बात का ध्यान रखना- दण्ड सिर्फ उन्हें ही देना है तुझे, जिनका दोष है। किसी निर्दोष का अहित हुआ तो मैं तुझे क्षमा नहीं करूंगा।”
“मैं इस आशा का पालन करूंगी बाबा !”
“त प्रवेश कर इस शरीर में बहुत सो चुकी है यह सुहन जगा दे इसे अपना प्रतिशोध लेने के लिए- सृष्टि का आदेश है। उस बाकी बचे जीवन में यही दायित्व पूरा करना है इस मुहागिन को तेरे सहयोग से -एक नागिन के सहयोग से।”
सुहागिन बनी नागिन
एक इच्छाधारी नागिन की कहानी, जिसे उसी शरीर में वॉम करना पड़ा, जिसे उसकर उसने मौत की नींद सुलाया था। वह मृत अबला – इच्छाधारी नागिन के रूप में जब वह अपनी दुनिया में जीवित होकर लौठी तो. हाहाकार मच गया। वे लोग थर-थर कांपने लगे, जिन्होंने उस अबला को दी की हवस की खातिर, एक खतरनाक साजिश के तहत मौत के आगोश में सुलाने का षड्यंत्र रचा था।
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“तू जारती है-कौन है इसकी मौत का कारण ? “हां बावा । “कौन है ?”
“इसका पति वही आया था अमरू सपेरे के पास- • अनरू ने मुझे पिटारे मे निकाला था—मैंने तभी देखा था उसे वही आदमी इस औरत का रूमाल लेकर आया था, जिसकी गंध पाकर मैंने इसे डस लिया ।” “हां ठीक कहती है तू -लेकिन वह अकेला ही षड्यंत्र- कारी नहीं है-और लोग भी हैं। पहचान लेगी तू उन्हें ?”
“हां बाबा- इसके एक-एक शत्रु को पहचान लूंगी मैं ओर उनका दंड भी निश्चित है।”,
“लेकिन नागिन एक बात का ध्यान रखना- दण्ड सिर्फ उन्हें ही देना है तुझे, जिनका दोष है। किसी निर्दोष का अहित हुआ तो मैं तुझे क्षमा नहीं करूंगा।”
“मैं इस आशा का पालन करूंगी बाबा !”
“त प्रवेश कर इस शरीर में बहुत सो चुकी है यह सुहन जगा दे इसे अपना प्रतिशोध लेने के लिए- सृष्टि का आदेश है। उस बाकी बचे जीवन में यही दायित्व पूरा करना है इस मुहागिन को तेरे सहयोग से -एक नागिन के सहयोग से।”
सुहागिन बनी नागिन
एक इच्छाधारी नागिन की कहानी, जिसे उसी शरीर में वॉम करना पड़ा, जिसे उसकर उसने मौत की नींद सुलाया था। वह मृत अबला – इच्छाधारी नागिन के रूप में जब वह अपनी दुनिया में जीवित होकर लौठी तो. हाहाकार मच गया। वे लोग थर-थर कांपने लगे, जिन्होंने उस अबला को दी की हवस की खातिर, एक खतरनाक साजिश के तहत मौत के आगोश में सुलाने का षड्यंत्र रचा था।
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“इसका पति वही आया था अमरू सपेरे के पास- • अनरू ने मुझे पिटारे मे निकाला था—मैंने तभी देखा था उसे वही आदमी इस औरत का रूमाल लेकर आया था, जिसकी गंध पाकर मैंने इसे डस लिया ।” “हां ठीक कहती है तू -लेकिन वह अकेला ही षड्यंत्र- कारी नहीं है-और लोग भी हैं। पहचान लेगी तू उन्हें ?”
“हां बाबा- इसके एक-एक शत्रु को पहचान लूंगी मैं ओर उनका दंड भी निश्चित है।”,
“लेकिन नागिन एक बात का ध्यान रखना- दण्ड सिर्फ उन्हें ही देना है तुझे, जिनका दोष है। किसी निर्दोष का अहित हुआ तो मैं तुझे क्षमा नहीं करूंगा।”
“मैं इस आशा का पालन करूंगी बाबा !”
“त प्रवेश कर इस शरीर में बहुत सो चुकी है यह सुहन जगा दे इसे अपना प्रतिशोध लेने के लिए- सृष्टि का आदेश है। उस बाकी बचे जीवन में यही दायित्व पूरा करना है इस मुहागिन को तेरे सहयोग से -एक नागिन के सहयोग से।”
सुहागिन बनी नागिन
एक इच्छाधारी नागिन की कहानी, जिसे उसी शरीर में वॉम करना पड़ा, जिसे उसकर उसने मौत की नींद सुलाया था। वह मृत अबला – इच्छाधारी नागिन के रूप में जब वह अपनी दुनिया में जीवित होकर लौठी तो. हाहाकार मच गया। वे लोग थर-थर कांपने लगे, जिन्होंने उस अबला को दी की हवस की खातिर, एक खतरनाक साजिश के तहत मौत के आगोश में सुलाने का षड्यंत्र रचा था।
Name: Suhagan Bani Nagin
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Novel Type: Thriller & Suspense, Murder Mystery
Writer: Tiger
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“मुझे देख !” ओघड़ बाबा अपनी लाल-लाल आंखों से मोहिता के चेहरे को घूरते हुए बोला- “मेरे नंगे जिस्म को देख!, कड़कड़ाती ठंड से भरी इस काली रात को देख! इस श्मशानघाट को देख ! जलती हुई चिता को देख! शराब की उस बोतल को देख जो प्रेतराज को भोग लगाने के बाद मैंने खाली की है। अथभुनी लाश के उस मांस को देख! जिसे मैं अभी-अभी खा रहा था, फिर सोच कि तंत्र – विद्या सीखने के लिए साधक को कैसे-कैसे हालातों से गुजरना पड़ता है। श्मशान सिद्धि पाने के लिए ओघड़ तंत्र की कैसी-कैसी नंगी तलवारों पर चलना पड़ता है।”
“ऐसा कहकर तुम मुझे मेरे इरादों से नहीं डिगा सकोगे बाबा ।” मोहिता सपाट स्वर में कहती चली गई— “तुम मुझे देखो! मैं एक लड़की हूं। एक जवान कुंआरी लड़की जो आधी रात के वक्त, बिना किसी खौफ के श्मशान में चली आई, जो इस वक्त एक ओ बाबा से बातें कर रही है। मुझे बताओ बाबा! क्या यह लड़की तंत्र-विद्या सीखने के काबिल नहीं? क्या अपनी काबलियत साबित करने के लिए इसे कोई और सबूत देना होगा ? ” “मुझसे बहस मत कर लड़की!” बाबा गुर्राया “यहां से चुपचाप लौट जाने में ही तेरी भलाई है।”
“बाबा!” मोहिता के स्वर में तनिक और सख्ती आ गई “मुझे हर कीमत पर तंत्र-विद्या सीखनी है। मैं इतनी खूबसूरत नहीं जो अपने धनकुबेर बहनोई को अपने रूप-जाल में फांस सकूं, मुझे हर हाल में मिसेज मेहरा बनना है। हर हाल में! चाहे मुझे इसके लिए कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।”
Name: Sali Number 1
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 310
Size: 42.9 MB
Novel Type: Thriller & Suspense, Murder Mystery
Writer: Tiger
https://www.comixtream.com/free-download-sali-number-1-tiger-hindi-novel-pdf/
#Hindi_Novels #Thriller_and_Suspense_Novels #Tiger_Novels
“मुझे देख !” ओघड़ बाबा अपनी लाल-लाल आंखों से मोहिता के चेहरे को घूरते हुए बोला- “मेरे नंगे जिस्म को देख!, कड़कड़ाती ठंड से भरी इस काली रात को देख! इस श्मशानघाट को देख ! जलती हुई चिता को देख! शराब की उस बोतल को देख जो प्रेतराज को भोग लगाने के बाद मैंने खाली की है। अथभुनी लाश के उस मांस को देख! जिसे मैं अभी-अभी खा रहा था, फिर सोच कि तंत्र – विद्या सीखने के लिए साधक को कैसे-कैसे हालातों से गुजरना पड़ता है। श्मशान सिद्धि पाने के लिए ओघड़ तंत्र की कैसी-कैसी नंगी तलवारों पर चलना पड़ता है।”
“ऐसा कहकर तुम मुझे मेरे इरादों से नहीं डिगा सकोगे बाबा ।” मोहिता सपाट स्वर में कहती चली गई— “तुम मुझे देखो! मैं एक लड़की हूं। एक जवान कुंआरी लड़की जो आधी रात के वक्त, बिना किसी खौफ के श्मशान में चली आई, जो इस वक्त एक ओ बाबा से बातें कर रही है। मुझे बताओ बाबा! क्या यह लड़की तंत्र-विद्या सीखने के काबिल नहीं? क्या अपनी काबलियत साबित करने के लिए इसे कोई और सबूत देना होगा ? ” “मुझसे बहस मत कर लड़की!” बाबा गुर्राया “यहां से चुपचाप लौट जाने में ही तेरी भलाई है।”
“बाबा!” मोहिता के स्वर में तनिक और सख्ती आ गई “मुझे हर कीमत पर तंत्र-विद्या सीखनी है। मैं इतनी खूबसूरत नहीं जो अपने धनकुबेर बहनोई को अपने रूप-जाल में फांस सकूं, मुझे हर हाल में मिसेज मेहरा बनना है। हर हाल में! चाहे मुझे इसके लिए कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।”
Name: Sali Number 1
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 310
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Novel Type: Thriller & Suspense, Murder Mystery
Writer: Tiger
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“मुझे देख !” ओघड़ बाबा अपनी लाल-लाल आंखों से मोहिता के चेहरे को घूरते हुए बोला- “मेरे नंगे जिस्म को देख!, कड़कड़ाती ठंड से भरी इस काली रात को देख! इस श्मशानघाट को देख ! जलती हुई चिता को देख! शराब की उस बोतल को देख जो प्रेतराज को भोग लगाने के बाद मैंने खाली की है। अथभुनी लाश के उस मांस को देख! जिसे मैं अभी-अभी खा रहा था, फिर सोच कि तंत्र – विद्या सीखने के लिए साधक को कैसे-कैसे हालातों से गुजरना पड़ता है। श्मशान सिद्धि पाने के लिए ओघड़ तंत्र की कैसी-कैसी नंगी तलवारों पर चलना पड़ता है।”
“ऐसा कहकर तुम मुझे मेरे इरादों से नहीं डिगा सकोगे बाबा ।” मोहिता सपाट स्वर में कहती चली गई— “तुम मुझे देखो! मैं एक लड़की हूं। एक जवान कुंआरी लड़की जो आधी रात के वक्त, बिना किसी खौफ के श्मशान में चली आई, जो इस वक्त एक ओ बाबा से बातें कर रही है। मुझे बताओ बाबा! क्या यह लड़की तंत्र-विद्या सीखने के काबिल नहीं? क्या अपनी काबलियत साबित करने के लिए इसे कोई और सबूत देना होगा ? ” “मुझसे बहस मत कर लड़की!” बाबा गुर्राया “यहां से चुपचाप लौट जाने में ही तेरी भलाई है।”
“बाबा!” मोहिता के स्वर में तनिक और सख्ती आ गई “मुझे हर कीमत पर तंत्र-विद्या सीखनी है। मैं इतनी खूबसूरत नहीं जो अपने धनकुबेर बहनोई को अपने रूप-जाल में फांस सकूं, मुझे हर हाल में मिसेज मेहरा बनना है। हर हाल में! चाहे मुझे इसके लिए कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।”
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“मुझे देख !” ओघड़ बाबा अपनी लाल-लाल आंखों से मोहिता के चेहरे को घूरते हुए बोला- “मेरे नंगे जिस्म को देख!, कड़कड़ाती ठंड से भरी इस काली रात को देख! इस श्मशानघाट को देख ! जलती हुई चिता को देख! शराब की उस बोतल को देख जो प्रेतराज को भोग लगाने के बाद मैंने खाली की है। अथभुनी लाश के उस मांस को देख! जिसे मैं अभी-अभी खा रहा था, फिर सोच कि तंत्र – विद्या सीखने के लिए साधक को कैसे-कैसे हालातों से गुजरना पड़ता है। श्मशान सिद्धि पाने के लिए ओघड़ तंत्र की कैसी-कैसी नंगी तलवारों पर चलना पड़ता है।”
“ऐसा कहकर तुम मुझे मेरे इरादों से नहीं डिगा सकोगे बाबा ।” मोहिता सपाट स्वर में कहती चली गई— “तुम मुझे देखो! मैं एक लड़की हूं। एक जवान कुंआरी लड़की जो आधी रात के वक्त, बिना किसी खौफ के श्मशान में चली आई, जो इस वक्त एक ओ बाबा से बातें कर रही है। मुझे बताओ बाबा! क्या यह लड़की तंत्र-विद्या सीखने के काबिल नहीं? क्या अपनी काबलियत साबित करने के लिए इसे कोई और सबूत देना होगा ? ” “मुझसे बहस मत कर लड़की!” बाबा गुर्राया “यहां से चुपचाप लौट जाने में ही तेरी भलाई है।”
“बाबा!” मोहिता के स्वर में तनिक और सख्ती आ गई “मुझे हर कीमत पर तंत्र-विद्या सीखनी है। मैं इतनी खूबसूरत नहीं जो अपने धनकुबेर बहनोई को अपने रूप-जाल में फांस सकूं, मुझे हर हाल में मिसेज मेहरा बनना है। हर हाल में! चाहे मुझे इसके लिए कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।”
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“अपने घरवाले को समझा।” जगतपाल शामली को घूरते हुए बड़े ही गंभीर स्वर में बोला- “मेरी बीवी से दूर रहे। उससे दिल लगाने की भूल न करे । उसने आज तक किसी से वफा नहीं की। जो भी उसे चाहने लगता है, वह उसकी मौत बन जाती है। सुन रही है न तू मेरी बीवी सबकी मौत है… सबकी मौत!”
“लेकिन तुम्हारी बीवी है कहां —तुम्हारी तो अभी तक शादी ही नहीं हुई।” शामली ने हैरत से आंखें फाड़कर पूछा ।
प्रत्युत्तर में जगतपाल जोर-जोर से अट्टहास लगाने लगा । शामली को लगा जैसे वह उसका मजाक उड़ा रहा है।
Name: Meri Biwi Sabki Maut
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 274
Size: 34.8 MB
Novel Type: Thriller & Suspense, Murder Mystery
Writer: Tiger
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#Hindi_Novels #Murder_Mystery_Novels #Thriller_and_Suspense_Novels #Tiger_Novels
“अपने घरवाले को समझा।” जगतपाल शामली को घूरते हुए बड़े ही गंभीर स्वर में बोला- “मेरी बीवी से दूर रहे। उससे दिल लगाने की भूल न करे । उसने आज तक किसी से वफा नहीं की। जो भी उसे चाहने लगता है, वह उसकी मौत बन जाती है। सुन रही है न तू मेरी बीवी सबकी मौत है… सबकी मौत!”
“लेकिन तुम्हारी बीवी है कहां —तुम्हारी तो अभी तक शादी ही नहीं हुई।” शामली ने हैरत से आंखें फाड़कर पूछा ।
प्रत्युत्तर में जगतपाल जोर-जोर से अट्टहास लगाने लगा । शामली को लगा जैसे वह उसका मजाक उड़ा रहा है।
Name: Meri Biwi Sabki Maut
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 274
Size: 34.8 MB
Novel Type: Thriller & Suspense, Murder Mystery
Writer: Tiger
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Free Download Mujhe Janm Do Tiger Hindi Novel Pdf
“बड़ी मुश्किल से दो ही मिनट गुजरे होंगे।” कांस्टेबल ने बताया -” अंदर से एक गोली चलने की आवाज आई। हम लोगों ने जोर-जोर से इमरजेंसी वार्ड का दरवाजा खटखटाया जो कि जल्द ही खुला तथा हमें वही नर्स दिखाई दी जो डॉक्टर साहब के साथ अंदर गई थी।” “फिर ?” शुक्ला ने धड़कते दिल से पूछा । “उसके चेहरे पर मौत नाच रही थी सर !” आंखों की पुतलियां यूं लग रही थीं जैसे अभी निकलकर बाहर आ गिरेंगी। इससे पहले कि हम उससे कुछ पूछते, उसका जिस्म धड़ाम से फर्श पर जा गिरा।”
“फिर तुमने क्या किया ?”“अपने साथी को उस नर्स के पास छोड़कर मैं तेजी से इमरजेंसी वार्ड में घुसा। वहां फर्श पर डॉक्टर भारद्वाज की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। लाश के पास ही उसका रिवॉल्वर पड़ा था मगर… ।”“मगर क्या ?” शुक्ला ने एक ही झटके से पूछा। कोई जवाब देने की बजाए कांस्टेबल यूं अपने होंठों पर जुबान फिराने लगा जैसे आगे की बात बताने के लिए स्वयं को तैयार कर रहा है।
Name: Meri Biwi Sabki Maut
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 322
Size: 58 MB
Novel Type: Thriller & Suspense, Murder Mystery
Writer: Tiger
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“बड़ी मुश्किल से दो ही मिनट गुजरे होंगे।” कांस्टेबल ने बताया -” अंदर से एक गोली चलने की आवाज आई। हम लोगों ने जोर-जोर से इमरजेंसी वार्ड का दरवाजा खटखटाया जो कि जल्द ही खुला तथा हमें वही नर्स दिखाई दी जो डॉक्टर साहब के साथ अंदर गई थी।” “फिर ?” शुक्ला ने धड़कते दिल से पूछा । “उसके चेहरे पर मौत नाच रही थी सर !” आंखों की पुतलियां यूं लग रही थीं जैसे अभी निकलकर बाहर आ गिरेंगी। इससे पहले कि हम उससे कुछ पूछते, उसका जिस्म धड़ाम से फर्श पर जा गिरा।”
“फिर तुमने क्या किया ?”“अपने साथी को उस नर्स के पास छोड़कर मैं तेजी से इमरजेंसी वार्ड में घुसा। वहां फर्श पर डॉक्टर भारद्वाज की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। लाश के पास ही उसका रिवॉल्वर पड़ा था मगर… ।”“मगर क्या ?” शुक्ला ने एक ही झटके से पूछा। कोई जवाब देने की बजाए कांस्टेबल यूं अपने होंठों पर जुबान फिराने लगा जैसे आगे की बात बताने के लिए स्वयं को तैयार कर रहा है।
Name: Meri Biwi Sabki Maut
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 322
Size: 58 MB
Novel Type: Thriller & Suspense, Murder Mystery
Writer: Tiger
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Free Download Matribhumi Tiger Hindi Novel Pdf
“मिस मोनिका ।” जनरल मखीजा गम्भीर स्वर में बोला – “मुझे डर है कि वे लोग कहीं तुम्हारा कत्ल न कर दें। तुम चाहो तो अब भी इस मिशन से पीछे हट सकती हो। हम तुम्हारी जगह किसी और…।” “सर, मैं हमेशा खतरों से खेलती आई हूं।” मोनिका दृढ़ स्वर में बोली— अपनी मातृभूमि के लिए मैं अपनी जान भी दे सकती हूं। मैं इस मिशन से पीछे नहीं हट सकती। सर, मेरा मानना है कि मौत अपने वक्त से पहले कभी नहीं आ सकती। सर, मुझे खलीफा अली की कही एक बात बहुत पसंद है। उनका कहना था कि मौत इंसान की खुद निगहबानी करती है। यानि जब तक उसके मरने का वक्त नहीं आता मौत खुद रक्षा करती है।”
क्रिमिनल लॉयर मोनिका पंडित का एक्शन से भरपूर छठा विस्फोटक धमाका।
Name: Matribhumi
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 269
Size: 46 MB
Series: Monika Pandit Series
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense
Writer: Tiger
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“मिस मोनिका ।” जनरल मखीजा गम्भीर स्वर में बोला – “मुझे डर है कि वे लोग कहीं तुम्हारा कत्ल न कर दें। तुम चाहो तो अब भी इस मिशन से पीछे हट सकती हो। हम तुम्हारी जगह किसी और…।” “सर, मैं हमेशा खतरों से खेलती आई हूं।” मोनिका दृढ़ स्वर में बोली— अपनी मातृभूमि के लिए मैं अपनी जान भी दे सकती हूं। मैं इस मिशन से पीछे नहीं हट सकती। सर, मेरा मानना है कि मौत अपने वक्त से पहले कभी नहीं आ सकती। सर, मुझे खलीफा अली की कही एक बात बहुत पसंद है। उनका कहना था कि मौत इंसान की खुद निगहबानी करती है। यानि जब तक उसके मरने का वक्त नहीं आता मौत खुद रक्षा करती है।”
क्रिमिनल लॉयर मोनिका पंडित का एक्शन से भरपूर छठा विस्फोटक धमाका।
Name: Matribhumi
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Series: Monika Pandit Series
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense
Writer: Tiger
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Free Download Hatyara Kanoon Tiger Hindi Novel Pdf
‘जस्टिस विरमानी! तूने हमेशा कानून को बच्चों वाला झुनझुना समझा। तूने बिना सोचे-समझे इसे कई बार हिलाया और उन बेगुनाह लोगों को सजा सुना दी जो कि सरासर बेकसूर थे। अपने इसी झुनझुने से तूने न केवल कानून का मजाक उड़ाया, बल्कि इसकी आड़ में तूने कई लोगों की हत्याएं भी की हैं। तू एक हत्यारा है। तूने जितने भी कत्ल किए, खुद नहीं
किए, बल्कि कानून के कंधे का सहारा लेकर उसकी पीठ के पीछे छुपकर किए। शायद इसी वजह से दुनिया की कोई अदालत तुझे तेरे काले कारनामों की सजा नहीं दे सकती। लेकिन तेरे काले कारनामों की सजा मैं तुझे दूंगा। जिस तरह तूने कानून का सहारा लेकर खूब हत्याएं करके कानून को हत्यारा बनाया है, ठीक उसी तरह मैं कानून का सहारा लेकर तुझे और तेरे पूरे परिवार को खत्म कर दूंगा और हत्यारा भी नहीं कहलाऊंगा, क्योंकि हत्यारा कहलाएगा. हमारे देश का कानून जो कि अंधा है। अब तू अपनी और अपने घर के सदस्यों की जान बचाने के लिए जो कर सकता है, कर ले। बाद में तू मुझ पर यह इल्जाम मत लगाना कि मैंने तुझे सफाई का मौका नहीं दिया, यानी कि तुझे चेताया नहीं।
Name: Hatyara Kanoon
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 315
Size: 33.6 MB
Series: Monika Pandit Series
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense
Writer: Tiger
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‘जस्टिस विरमानी! तूने हमेशा कानून को बच्चों वाला झुनझुना समझा। तूने बिना सोचे-समझे इसे कई बार हिलाया और उन बेगुनाह लोगों को सजा सुना दी जो कि सरासर बेकसूर थे। अपने इसी झुनझुने से तूने न केवल कानून का मजाक उड़ाया, बल्कि इसकी आड़ में तूने कई लोगों की हत्याएं भी की हैं। तू एक हत्यारा है। तूने जितने भी कत्ल किए, खुद नहीं
किए, बल्कि कानून के कंधे का सहारा लेकर उसकी पीठ के पीछे छुपकर किए। शायद इसी वजह से दुनिया की कोई अदालत तुझे तेरे काले कारनामों की सजा नहीं दे सकती। लेकिन तेरे काले कारनामों की सजा मैं तुझे दूंगा। जिस तरह तूने कानून का सहारा लेकर खूब हत्याएं करके कानून को हत्यारा बनाया है, ठीक उसी तरह मैं कानून का सहारा लेकर तुझे और तेरे पूरे परिवार को खत्म कर दूंगा और हत्यारा भी नहीं कहलाऊंगा, क्योंकि हत्यारा कहलाएगा. हमारे देश का कानून जो कि अंधा है। अब तू अपनी और अपने घर के सदस्यों की जान बचाने के लिए जो कर सकता है, कर ले। बाद में तू मुझ पर यह इल्जाम मत लगाना कि मैंने तुझे सफाई का मौका नहीं दिया, यानी कि तुझे चेताया नहीं।
Name: Hatyara Kanoon
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 315
Size: 33.6 MB
Series: Monika Pandit Series
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense
Writer: Tiger
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