2025 में शीर्ष अर्थव्यवस्थाएं: अमेरिका, चीन, जर्मनी और भारत
विश्व बैंक आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में, निर्यात ने भारत की जीडीपी में 21.2% का योगदान दिया है। जो दर्शाता है कि व्यापार देश के आर्थिक विस्तार में किस प्रकार सहायक हो रही है।
भारत का सेवा क्षेत्र इस उपलब्धि में प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
भारत के सेवा क्षेत्र में IT, बैंकिंग, बीमा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, और परिवहन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
World Travel & Tourism Council द्वारा हालिया जारी वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, पर्यटन अर्थव्यवस्था के मामले में भारत विश्व में 8वें स्थान पर है।
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कोर्स की सारी जानकारी के लिए इस वीडियो को देखें - https://youtu.be/GHAmVxCKkHI?si=PqWdO7SsopV6qPwZ
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गणतंत्र दिवस 2026 के मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय संघ (European Union) के दो शीर्ष नेताओं — उर्सुला वॉन डेर लेयेन (यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष) और एंटोनियो कोस्टा (यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष) को भारत ने आमंत्रित किया है।
यह पहली बार होगा जब यूरोपीय संघ के शीर्ष दोनों नेता एक साथ गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगे।
इस निमंत्रण का उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी और व्यापारिक संबंधों को मज़बूत करना है।
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26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में भारतीय सेना का पशु दस्ता पहली बार प्रदर्शित किया गया।
यह दस्ता कैप्टन हर्षिता यादव के नेतृत्व में किया गया, जो इस क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षित अधिकारी हैं।
यह कदम सेना की पारंपरिक और सांस्कृतिक विरासत को दिखाने के लिए उठाया गया है।
पशु दस्ता घोड़ों और अन्य सैन्य जानवरों के सामूहिक प्रदर्शन को दिखाया।
वीडियो में देखें - https://www.instagram.com/reel/DT-WxWfj87g/?igsh=MXY2a2Y3N2xsdWtueg==
यह दस्ता कैप्टन हर्षिता यादव के नेतृत्व में किया गया, जो इस क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षित अधिकारी हैं।
यह कदम सेना की पारंपरिक और सांस्कृतिक विरासत को दिखाने के लिए उठाया गया है।
पशु दस्ता घोड़ों और अन्य सैन्य जानवरों के सामूहिक प्रदर्शन को दिखाया।
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अरावली पर्वत श्रृंखला भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है, यह लगभग 250 करोड़ (2.5 अरब) साल पुरानी मानी जाती है, जब हिमालय का जन्म भी नहीं हुआ था।
इसे दुनिया की सबसे पुरानी वलित पर्वत श्रृंखलाओं (folded mountain ranges) में गिना जाता है। यह गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली (कुल 4 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश) में फैली हुई है।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में अरावली की कानूनी परिभाषा को लेकर मामला सामने आया। एक आदेश में कहा गया कि केवल 100 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले पहाड़ी क्षेत्र को ही अरावली माना जाए, जिससे बड़ा भू-भाग पर संरक्षण से बाहर होने की आशंका पैदा हुई।
पर्यावरणविदों ने चिंता जताई कि इससे खनन, निर्माण गतिविधियाँ और पर्यावरणीय क्षति बढ़ सकती है, खासकर दिल्ली-NCR और राजस्थान क्षेत्र में।
विवाद बढ़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी है।
बताएं कि अरावली रेंज कितने राज्यों में फैला हुआ है?
इसे दुनिया की सबसे पुरानी वलित पर्वत श्रृंखलाओं (folded mountain ranges) में गिना जाता है। यह गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली (कुल 4 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश) में फैली हुई है।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में अरावली की कानूनी परिभाषा को लेकर मामला सामने आया। एक आदेश में कहा गया कि केवल 100 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले पहाड़ी क्षेत्र को ही अरावली माना जाए, जिससे बड़ा भू-भाग पर संरक्षण से बाहर होने की आशंका पैदा हुई।
पर्यावरणविदों ने चिंता जताई कि इससे खनन, निर्माण गतिविधियाँ और पर्यावरणीय क्षति बढ़ सकती है, खासकर दिल्ली-NCR और राजस्थान क्षेत्र में।
विवाद बढ़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी है।
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