ल का वाष्प में परिवर्तन भौतिक परिवर्तन है I
नोबल गैस समान गुणों वाइए रासायनिक तत्वों का एक समूह होता है I प्रमुख नोबल गैस हैं – हीलियम, नीऑन, आर्गन, क्रिप्टन, जौनॉन रेडॉनI
एक जलती हुई माचिस की तीली जब हाइड्रोजन गैस के सम्पर्क में आती है तो वह बुझ जाती है एवं गैस ‘चाप’ ध्वनि के बाद जल जाती है I
प्रकाश संश्लेषण तथा श्वसन भी रासायनिक परिवर्तन है I
पानी का चीनी में घुलना भौतिक परिवर्तन का उद्दाहरण है I
प्रिज्म से गुजरने पर श्वेत प्रकाश का सात रंगों में विभक्त होना भौतिक परिवर्तन है I
गलन, वाष्पन, संघनन, हिमायन, आसवन, ऊर्ध्वपातन आदि भौतिक परिवर्तन हैं I
जल मैं विद्युत् प्रवाहित करने पर हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन प्राप्त होना रासायनिक परिवर्तन है l
ऊष्माक्षेपी प्रतिक्रिया में ताप की उत्पति होती है l
रासायनिक समीकरणों को द्रव्यमान संरक्षण के नियम द्वारा संतुलित किया जाता है l
कच्चे फल का पकना रासायनिक परिवर्तन है l
लोहे पर जंग लोहे का ऑक्सीकरण होने के कारण लगती है l
सिरके का मुख्य घटक एसिटिक एसिड है l
अम्लों एवं क्षारों की पहचान के लिये मुख्यतया लिटमस पेपर , फिनाफ्थेलिन और मेथिल ऑरेंज का प्रयोग किया जाता है l
लिटमस लाइकेन से प्राप्त किया जाता है l
अम्ल वर्षा मुख्यतया SO2 , NO2 आदि के कारण होता है l
चाय में टेनिक अम्ल पाया जाता है l
सिरके में एसिटिक अम्ल पाया जाता है l
घरों में सिरका स्टार्च के किण्वन से बनता है l
अम्लों के अम्लीय गुणों हेतु उत्तरदायी अम्लों के जलीय विलय में मुक्त हाइड्रोजन (H+) आयन होता है l
अम्लों एवं क्षारों की आधुनिक संकल्पना लॉरी एवं ब्रॉन्स्टेड ने 1923 ई० में दी l
जल में कार्बन डाईऑक्साइड (CO2 ) प्रवाहित करने पर बना सोडा वाटर अम्लीय प्रकृति का होता है l
दूध में लैक्टिक अम्ल पाया जाता है l
अचार के परिरक्षण हेतु उसमें एसिटिक एसिड मिलाया जाता है l
सेब में मैलिक अम्ल पाया जाता है l
फोटोग्राफी में ऑक्जैलिक अम्ल प्रयुक्त होता है l
इमली में टार्टरिक अम्ल पाया जाता है l
चाय में टेनिक अम्ल पाया जाता है l
खाद्य पदार्थों के संरक्षण में बेन्जोइक अम्ल का उपयोग किया जाता है l
जल की कठोरता सोडियम कार्बोनेट एवं कैल्शियम हाइड्रोक्साइड द्वारा दूर की जाती है l
मक्खन में ब्यूटाईरिक अम्ल पाया जाता है l
फार्मिक अम्ल एवं एसिटिक अम्ल दोनों ही कार्बनिक एवं दुर्बल अम्ल हैं l
शीतल पेयों एवं एसिटिक अम्ल दोनों ही कार्बनिक एवं दुर्बल अम्ल हैं l
बेकिंग पाउडर निर्माण में पर्युक्त अम्ल टार्टरिक अम्ल है l
चीटियों में फार्मिक अम्ल पाया जाता है l
लंबे समय तक कठोर शारीरिक श्रम के पश्चात मांसपेशियों में थकान पेशियों में लैक्टिक अम्ल के कारण होता है l
कोकाकोला का खट्टा स्वाद फास्फोरिक अम्ल के कारण होता है l
कपडे के स्याही एवं जंग के दाग धब्बे छुड़ाने हेतु आक्जैलिक अम्ल का प्रयोग किया जाता है l
नींबू का खट्टापन इसमें उपस्थित सिट्रिक अम्ल के कारण होता हैं l
घी की प्रकृति अम्लीय होती है जिसका pH मान लगभग 6.5 होता है l
वर्षा जल का pH मान 5.4 या कम होने को अम्ल वर्षा की संज्ञा देते है l
जठर रस में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल पाया जाता है l
पौधों की अच्छी वृद्धि के लिये मृदा का pH मान 7 के आस – पास होना चाहिये l
मृदा का pH मान 8 से अधिक होना क्षारीय मृदा कहलाता है l
pH मूल्य किसी घोल के अम्लीय या क्षारीय होने का मूल्यांकन दर्शाता है l
फलों के रास के परिरक्षण के लिये सोडियम बेंजोइक का उपयोग किया जाता है l
सोडियम बाई कार्बोनेट का वाणिज्यिक नाम बेकिंग सोडा है l
मानव शरीर सामान्यतः 7 से 7.8 pH मान के बीच कार्य करता है l
रक्त में उपस्थित फॉस्फोरस हमारे शरीर में अम्लीयता एवं क्षारीयता जे बीच संतुलन बनाए रखता है l
सातवां आवर्त अभी भी अपूर्ण है l
डी ब्लॉक के कुछ तत्व ऑफबाऊ के नियम का पालन नहीं करते हैं l
शीतलीकरण में नाइट्रोजन तत्व का ऑक्साइड होता होता है l
आधुनिक आवर्त सरणी का आधार परमाणु क्रमांक है l
पकृति में उपलब्ध अंतिम तत्व यूरेनियम है l
तत्वों का एक्टिनाइट समूह रेडियो सक्रिय समूह कहलाता है l
यूनूनोक्तियम (Uo ) खोजा गया नया तत्व है l
जिंक धातु एसिड एवं एल्कली के साथ क्रिया करके हाइड्रोजन निकलती है l
जर्मन सिल्वर में चांदी की मात्रा नहीं होती है l
पारा धातु सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में रहता है l
स्टील मुख्यतः लोहा एवं कार्बन का मिश्रण है l
बोक्साइड एल्युमीनियम धातु का अयस्क है l
एंटिमनी स्टीबनाईट तत्व का अयस्क है l
लोहे में जंग लगने से उसके भार में वृद्धि हो जाती है l
प्लेटिनम कठोरतम धातुओं में से एक है l
तांबा एक ऐसा धातु है जो पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करता l
श्वेत फॉस्फोरस को पानी में रखा जाता है क्योंकि ये हवा की ऑक्सीजन से क्रिया कर जल उठता है परन्तु जल से कोई प्रतिक्रिया नहीं क
नोबल गैस समान गुणों वाइए रासायनिक तत्वों का एक समूह होता है I प्रमुख नोबल गैस हैं – हीलियम, नीऑन, आर्गन, क्रिप्टन, जौनॉन रेडॉनI
एक जलती हुई माचिस की तीली जब हाइड्रोजन गैस के सम्पर्क में आती है तो वह बुझ जाती है एवं गैस ‘चाप’ ध्वनि के बाद जल जाती है I
प्रकाश संश्लेषण तथा श्वसन भी रासायनिक परिवर्तन है I
पानी का चीनी में घुलना भौतिक परिवर्तन का उद्दाहरण है I
प्रिज्म से गुजरने पर श्वेत प्रकाश का सात रंगों में विभक्त होना भौतिक परिवर्तन है I
गलन, वाष्पन, संघनन, हिमायन, आसवन, ऊर्ध्वपातन आदि भौतिक परिवर्तन हैं I
जल मैं विद्युत् प्रवाहित करने पर हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन प्राप्त होना रासायनिक परिवर्तन है l
ऊष्माक्षेपी प्रतिक्रिया में ताप की उत्पति होती है l
रासायनिक समीकरणों को द्रव्यमान संरक्षण के नियम द्वारा संतुलित किया जाता है l
कच्चे फल का पकना रासायनिक परिवर्तन है l
लोहे पर जंग लोहे का ऑक्सीकरण होने के कारण लगती है l
सिरके का मुख्य घटक एसिटिक एसिड है l
अम्लों एवं क्षारों की पहचान के लिये मुख्यतया लिटमस पेपर , फिनाफ्थेलिन और मेथिल ऑरेंज का प्रयोग किया जाता है l
लिटमस लाइकेन से प्राप्त किया जाता है l
अम्ल वर्षा मुख्यतया SO2 , NO2 आदि के कारण होता है l
चाय में टेनिक अम्ल पाया जाता है l
सिरके में एसिटिक अम्ल पाया जाता है l
घरों में सिरका स्टार्च के किण्वन से बनता है l
अम्लों के अम्लीय गुणों हेतु उत्तरदायी अम्लों के जलीय विलय में मुक्त हाइड्रोजन (H+) आयन होता है l
अम्लों एवं क्षारों की आधुनिक संकल्पना लॉरी एवं ब्रॉन्स्टेड ने 1923 ई० में दी l
जल में कार्बन डाईऑक्साइड (CO2 ) प्रवाहित करने पर बना सोडा वाटर अम्लीय प्रकृति का होता है l
दूध में लैक्टिक अम्ल पाया जाता है l
अचार के परिरक्षण हेतु उसमें एसिटिक एसिड मिलाया जाता है l
सेब में मैलिक अम्ल पाया जाता है l
फोटोग्राफी में ऑक्जैलिक अम्ल प्रयुक्त होता है l
इमली में टार्टरिक अम्ल पाया जाता है l
चाय में टेनिक अम्ल पाया जाता है l
खाद्य पदार्थों के संरक्षण में बेन्जोइक अम्ल का उपयोग किया जाता है l
जल की कठोरता सोडियम कार्बोनेट एवं कैल्शियम हाइड्रोक्साइड द्वारा दूर की जाती है l
मक्खन में ब्यूटाईरिक अम्ल पाया जाता है l
फार्मिक अम्ल एवं एसिटिक अम्ल दोनों ही कार्बनिक एवं दुर्बल अम्ल हैं l
शीतल पेयों एवं एसिटिक अम्ल दोनों ही कार्बनिक एवं दुर्बल अम्ल हैं l
बेकिंग पाउडर निर्माण में पर्युक्त अम्ल टार्टरिक अम्ल है l
चीटियों में फार्मिक अम्ल पाया जाता है l
लंबे समय तक कठोर शारीरिक श्रम के पश्चात मांसपेशियों में थकान पेशियों में लैक्टिक अम्ल के कारण होता है l
कोकाकोला का खट्टा स्वाद फास्फोरिक अम्ल के कारण होता है l
कपडे के स्याही एवं जंग के दाग धब्बे छुड़ाने हेतु आक्जैलिक अम्ल का प्रयोग किया जाता है l
नींबू का खट्टापन इसमें उपस्थित सिट्रिक अम्ल के कारण होता हैं l
घी की प्रकृति अम्लीय होती है जिसका pH मान लगभग 6.5 होता है l
वर्षा जल का pH मान 5.4 या कम होने को अम्ल वर्षा की संज्ञा देते है l
जठर रस में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल पाया जाता है l
पौधों की अच्छी वृद्धि के लिये मृदा का pH मान 7 के आस – पास होना चाहिये l
मृदा का pH मान 8 से अधिक होना क्षारीय मृदा कहलाता है l
pH मूल्य किसी घोल के अम्लीय या क्षारीय होने का मूल्यांकन दर्शाता है l
फलों के रास के परिरक्षण के लिये सोडियम बेंजोइक का उपयोग किया जाता है l
सोडियम बाई कार्बोनेट का वाणिज्यिक नाम बेकिंग सोडा है l
मानव शरीर सामान्यतः 7 से 7.8 pH मान के बीच कार्य करता है l
रक्त में उपस्थित फॉस्फोरस हमारे शरीर में अम्लीयता एवं क्षारीयता जे बीच संतुलन बनाए रखता है l
सातवां आवर्त अभी भी अपूर्ण है l
डी ब्लॉक के कुछ तत्व ऑफबाऊ के नियम का पालन नहीं करते हैं l
शीतलीकरण में नाइट्रोजन तत्व का ऑक्साइड होता होता है l
आधुनिक आवर्त सरणी का आधार परमाणु क्रमांक है l
पकृति में उपलब्ध अंतिम तत्व यूरेनियम है l
तत्वों का एक्टिनाइट समूह रेडियो सक्रिय समूह कहलाता है l
यूनूनोक्तियम (Uo ) खोजा गया नया तत्व है l
जिंक धातु एसिड एवं एल्कली के साथ क्रिया करके हाइड्रोजन निकलती है l
जर्मन सिल्वर में चांदी की मात्रा नहीं होती है l
पारा धातु सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में रहता है l
स्टील मुख्यतः लोहा एवं कार्बन का मिश्रण है l
बोक्साइड एल्युमीनियम धातु का अयस्क है l
एंटिमनी स्टीबनाईट तत्व का अयस्क है l
लोहे में जंग लगने से उसके भार में वृद्धि हो जाती है l
प्लेटिनम कठोरतम धातुओं में से एक है l
तांबा एक ऐसा धातु है जो पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करता l
श्वेत फॉस्फोरस को पानी में रखा जाता है क्योंकि ये हवा की ऑक्सीजन से क्रिया कर जल उठता है परन्तु जल से कोई प्रतिक्रिया नहीं क
👍1
रता l
जीवों में नाइट्रोजन प्रोटीन के रूप में पाया जाता है l
सर्वधिक कठोर तत्व हिरा है l
पोटैशियम ब्रोमाइट का प्रयोग नींद लेन वाली दवा के रूप में होता है l
एक से अधिक धातुओं तथा अधातुओं के समांगी मिश्रण को मिश्र धातु कहते है l
मिश्र धातुओं के गुण अवयवी धातुओं के गुणों से भिन्न होते है l
बेंजीन अरोमैटिक प्रकार के योगिक हैं l
प्रथम संश्लेषित कार्बनिक यौगिक का प्रियोगशाला में निर्माण व्होलर नई किया था l
किसी कार्बनिक यौगिक के मुख्य गुण यौगिक के क्रियात्मक समूह पर निर्भर करता है l
एथेन खुली श्रृंखला का यौगिक है l
न चिपकने वाले खाना पकने वाले बर्तनों में टेफ्लॉन का लेप चढ़ा होता है l
पॉलीथिन एथिलीन के बहुलीकरण द्वारा संश्लेषित किया जाता है l
रेयॉन सेलुलोज से बनाया जाता है l
थायोकाल रबर एक प्रकार की संश्लिष्ट रबर है l
न्यूनतम ज्वलनशील रेशा टेरेलीन है l
बकेलाइट एवं फिनॉल फर्मेल्डिहाइट के सहबहुलक हैं l
निप्रोप्रीन संश्लेषित रबर है l
रबर को वल्कनीकृत करने के लिये प्रयुक्त तत्व सल्फर है l
कागज पौधों के सलूलोज से बनाया जाता है l
प्राकृतिक रबर आइसोप्रीन का बहुलक है जो कि रबर के वृक्ष से लेटैक्स के रूप में प्राप्त होता है l
CFC एक ‘ हरित गृह गैस ‘ है , जो ओजोन (O3 ) क्षरण के लिये जिम्मेदार है l
मीथेन को ‘मार्श’ गैस के नाम से भी जाना जाता है l
इथाइलीन रंगहीन गैस है इसे सूंघने से बेहोशी आ जाती है l
औद्योगिक स्तर पर एथाइलिन का निर्माण , पेट्रोलियम के भंजन द्वारा किया जाता है l
एसिटिलीन रंगहीन गैस है , कुछ अशुद्धियों के कारण इसमें लहसुन जैसी गंध होती है l
भीड़ को तीतर -बितर करने के लिये अश्रु गैस का उपयोग होता है l
मिथाइल एल्कोहल रंगहीन , ज्वनशील द्रव होता है जो अत्यधिक विषैला होता है l
इथाइल एल्कोहल को ‘ स्पिरिट ऑफ वाइन’ भी कहा जाता है l
डाई इथाइल ईथर रंगहीन , अतीवाष्पशील द्रव होता है , जिसे त्वचा में डालने से ठंडा अनुभव होता है l
प्लास्टिक कृत्रिम रेशे , खाद्य परिरक्षक , स्नेहक , रेजिन , एंटीफ्रीज आदि बनाने में गिलसरोल का उपयोग किया जाता है l
एसिटिक अम्ल , सिरके का प्रमुख अवयव होता है l
लैक्टिक अम्ल सभी प्रकार के दुग्ध में पाया जाता है l
फॉर्मिक अम्ल या मेथेनोइक अम्ल लाल चीटियों , बिच्छू तथा मधुमक्खी आदि के डंक में पाया जाता है l
मानव मूत्र में यूरिया पाया जाता है l
कैल्शियम ऑक्ज्लेट की मात्रा अधिक हो जाने पर मानव गुर्दे में पथरी पड़ जाती है l
संश्लेषित रबड़ , क्लोरोप्रीन अथवा आइसोब्यूटाइलिन का बहुलक होती है l
नायलॉन मानव द्वारा संश्लेषित किया गया प्रथम रेशा है l
सोडियम बेन्जोएट का सर्वाधिक उपयोग खाघ परिरक्षक के रूप में होता है l
अपमार्जक कठोर जल के साथ कैल्शियम एवं मैग्नीशियम के घुलनशील लवण बनाते है l
कैनोलो, जेट्रोफा, सैलिफॉर्निया आदि पौधों से हरित डीज़ल प्राप्त किया जाता है l
गैसेहॉल में 90 % सीसा रहित पेट्रोल तथा 10 % एल्कोहल का मिश्रण होता है l
निकिल उत्प्रेरक की उपस्थिति में तेलों के हाइड्रोजनीकरण द्वारा खाघ वनस्पति तेल, वनस्पति घी में बदल दिये जाते है l
ग्रेफाइट एक स्नेह (लुब्रिकेंट) के रूप में भी प्रयोग किया जाता है l
यूरेनियम जीवाश्म ईंधन नहीं है l
सभी जैव यौगिक का अनिवार्य मूल तत्व कार्बन है l
बुलेटप्रूफ पदार्थ बनाने के लिये पोलिऐमाइड नामक बहुलक प्रयुक्त होता है l
जीवों में नाइट्रोजन प्रोटीन के रूप में पाया जाता है l
सर्वधिक कठोर तत्व हिरा है l
पोटैशियम ब्रोमाइट का प्रयोग नींद लेन वाली दवा के रूप में होता है l
एक से अधिक धातुओं तथा अधातुओं के समांगी मिश्रण को मिश्र धातु कहते है l
मिश्र धातुओं के गुण अवयवी धातुओं के गुणों से भिन्न होते है l
बेंजीन अरोमैटिक प्रकार के योगिक हैं l
प्रथम संश्लेषित कार्बनिक यौगिक का प्रियोगशाला में निर्माण व्होलर नई किया था l
किसी कार्बनिक यौगिक के मुख्य गुण यौगिक के क्रियात्मक समूह पर निर्भर करता है l
एथेन खुली श्रृंखला का यौगिक है l
न चिपकने वाले खाना पकने वाले बर्तनों में टेफ्लॉन का लेप चढ़ा होता है l
पॉलीथिन एथिलीन के बहुलीकरण द्वारा संश्लेषित किया जाता है l
रेयॉन सेलुलोज से बनाया जाता है l
थायोकाल रबर एक प्रकार की संश्लिष्ट रबर है l
न्यूनतम ज्वलनशील रेशा टेरेलीन है l
बकेलाइट एवं फिनॉल फर्मेल्डिहाइट के सहबहुलक हैं l
निप्रोप्रीन संश्लेषित रबर है l
रबर को वल्कनीकृत करने के लिये प्रयुक्त तत्व सल्फर है l
कागज पौधों के सलूलोज से बनाया जाता है l
प्राकृतिक रबर आइसोप्रीन का बहुलक है जो कि रबर के वृक्ष से लेटैक्स के रूप में प्राप्त होता है l
CFC एक ‘ हरित गृह गैस ‘ है , जो ओजोन (O3 ) क्षरण के लिये जिम्मेदार है l
मीथेन को ‘मार्श’ गैस के नाम से भी जाना जाता है l
इथाइलीन रंगहीन गैस है इसे सूंघने से बेहोशी आ जाती है l
औद्योगिक स्तर पर एथाइलिन का निर्माण , पेट्रोलियम के भंजन द्वारा किया जाता है l
एसिटिलीन रंगहीन गैस है , कुछ अशुद्धियों के कारण इसमें लहसुन जैसी गंध होती है l
भीड़ को तीतर -बितर करने के लिये अश्रु गैस का उपयोग होता है l
मिथाइल एल्कोहल रंगहीन , ज्वनशील द्रव होता है जो अत्यधिक विषैला होता है l
इथाइल एल्कोहल को ‘ स्पिरिट ऑफ वाइन’ भी कहा जाता है l
डाई इथाइल ईथर रंगहीन , अतीवाष्पशील द्रव होता है , जिसे त्वचा में डालने से ठंडा अनुभव होता है l
प्लास्टिक कृत्रिम रेशे , खाद्य परिरक्षक , स्नेहक , रेजिन , एंटीफ्रीज आदि बनाने में गिलसरोल का उपयोग किया जाता है l
एसिटिक अम्ल , सिरके का प्रमुख अवयव होता है l
लैक्टिक अम्ल सभी प्रकार के दुग्ध में पाया जाता है l
फॉर्मिक अम्ल या मेथेनोइक अम्ल लाल चीटियों , बिच्छू तथा मधुमक्खी आदि के डंक में पाया जाता है l
मानव मूत्र में यूरिया पाया जाता है l
कैल्शियम ऑक्ज्लेट की मात्रा अधिक हो जाने पर मानव गुर्दे में पथरी पड़ जाती है l
संश्लेषित रबड़ , क्लोरोप्रीन अथवा आइसोब्यूटाइलिन का बहुलक होती है l
नायलॉन मानव द्वारा संश्लेषित किया गया प्रथम रेशा है l
सोडियम बेन्जोएट का सर्वाधिक उपयोग खाघ परिरक्षक के रूप में होता है l
अपमार्जक कठोर जल के साथ कैल्शियम एवं मैग्नीशियम के घुलनशील लवण बनाते है l
कैनोलो, जेट्रोफा, सैलिफॉर्निया आदि पौधों से हरित डीज़ल प्राप्त किया जाता है l
गैसेहॉल में 90 % सीसा रहित पेट्रोल तथा 10 % एल्कोहल का मिश्रण होता है l
निकिल उत्प्रेरक की उपस्थिति में तेलों के हाइड्रोजनीकरण द्वारा खाघ वनस्पति तेल, वनस्पति घी में बदल दिये जाते है l
ग्रेफाइट एक स्नेह (लुब्रिकेंट) के रूप में भी प्रयोग किया जाता है l
यूरेनियम जीवाश्म ईंधन नहीं है l
सभी जैव यौगिक का अनिवार्य मूल तत्व कार्बन है l
बुलेटप्रूफ पदार्थ बनाने के लिये पोलिऐमाइड नामक बहुलक प्रयुक्त होता है l
👍3
PHYSICS FOR POLYTECHNIC.pdf
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PHYSICS FOR POLYTECHNIC.pdf