BIHAR POLYTECHNIC ENTRANCE 2026
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बिहार पॉलिटेक्निक और बिहार पारा मेडिकल के तैयारी हेतु यहाँ आपको नोट्स मिल जायेगा।

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धन्यवाद
📚 *रसायन सूत्र* 📚

1. आक्सीजन—O₂

2. नाइट्रोजन—N₂

3. हाइड्रोजन—H₂

4. कार्बन डाइऑक्साइड—CO₂

5. कार्बन मोनोआक्साइड—CO

6. सल्फर डाइऑक्साइड—SO₂

7. नाइट्रोजन डाइऑक्साइड—NO₂

8. नाइट्रोजन मोनोऑक्साइड (नाइट्रिक ऑक्साइड) — NO

9. डाईनाइट्रोजन ऑक्साइड (नाइट्रस ऑक्साइड) — N₂O

10. क्लोरीन — Cl₂

11. हाइड्रोजन क्लोराइड—HCl

12. अमोनिया — NH₃

अम्ल
13. हाइड्रोक्लोरिक एसिड — HCl

14. सल्फ्यूरिक एसिड — H₂SO₄

15. नाइट्रिक एसिड — HNO₃

16. फॉस्फोरिक एसिड — H₃PO₄

17. कार्बोनिक एसिड — H₂CO₃

क्षार
18. सोडियम हाइड्राक्साइड—NaOH

19. पोटेशियम हाइड्राक्साइड—KOH

20. कैल्शियम हाइड्राक्साइड—Ca(OH)₂

लवण
21. सोडियम क्लोराइड—NaCl

22. कार्बोनेट सोडियम—Na₂CO₃

23. कैल्शियम कार्बोनेट — CaCO₃

24. कैल्शियम सल्फेट — CaSO₄

25. अमोनियम सल्फेट — (NH₄)₂SO₄

26. नाइट्रेट पोटेशियम—KNO₃

आम रसायनों के व्यावसायिक एवं रासायनिक नाम
व्यावसायिक नाम — IAPUC नाम — अणु सूत्र
27. चाक — कैल्सियम कार्बोनेट — CaCO₃

28. अंगूर का सत — ग्लूकोज — C6H₁₂O6

एल्कोहल — एथिल 29. एल्कोहल — C₂H5OH
30. कास्टिक पोटाश — पोटेशियम हाईड्राक्साईड — KOH

31. खाने का सोडा — सोडियम बाईकार्बोनेट — NaHCO₃

32. चूना — कैल्सियम आक्साईड — CaO

33. जिप्सम — कैल्सियम सल्फेट — CaSO₄.2H₂O

34. टी.एन.टी. — ट्राई नाईट्रो टालीन — C6H₂CH₃(NO₂)₃

35. धोने का सोडा — सोडियम कार्बोनेट — Na₂CO₃

36. नीला थोथा — कॉपर सल्फेट — CuSO₄

37. नौसादर — अमोनियम क्लोराईड — NH₄Cl

38. फिटकरी — पोटैसियम एलुमिनियम सल्फेट — K₂SO₄Al₂(SO₄)₃.24H₂O

39. बुझा चूना — कैल्सियम हाईड्राक्साईड — Ca(OH)₂

40. मंड — स्टार्च — C6H10O5

41. लाफिंग गैस — नाइट्रस आक्साईड — N₂O

42. लाल दवा — पोटैसियम परमैगनेट — KMnO₄

43. लाल सिंदूर — लैड परआक्साईड — Pb₃O₄

44. शुष्क बर्फ — ठोस कार्बन-डाई-आक्साईड — CO₂

45. शोरा — पोटैसियम नाइट्रेट — KNO₃

46. सिरका — एसिटिक एसिड का तनु घोल — CH₃COOH

47. सुहागा — बोरेक्स — Na₂B₄O7.10H₂O

48. स्प्रिट — मैथिल एल्कोहल — CH₃OH

49. स्लेट — सिलिका एलुमिनियम आक्साईड — Al₂O₃2SiO₂.2H₂O

50.हरा कसीस — फैरिक सल्फेट — Fe₂(SO₄)₃
विश्लेषिका रसायन में विभिन्न द्रव्यों का गुणात्मक तथा मात्रात्मक विश्लेषण किया जाता है l

सबसे हल्का तत्व हाइड्रोजन है l

शुद्ध वायु समांग मिश्रण का उदाहरण होती है l

मिश्र धातुएँ समांगी मिश्रण होती हैं l

वायु , गैस एवं जलवाष्प का मिश्रण है l

एल्कोहल एवं जल का मिश्रण समांगी मिश्रण है l

पेट्रोल एवं जल का मिश्रण विषमांगी मिश्रण है l

तांबा प्रदूषण रहित तत्व हैं l

कार्बन मुख्यतः एक मिश्रण है लोहा एवं कार्बन का l

आसुत जल आसवन विधि द्वारा प्राप्त किया जाता है l

निलंबन विषमांगी की तरह का मिश्रण है l

कोलॉइड विषमांगी की तरह का मिश्रण है l

द्रव की प्लाज्मा अवस्था विद्युत् की सुचालक होती है l

आर्सेनिक एवं एंटिमनी उपधातु श्रेणी के तत्व हैं l

ब्रोमीन कमरे के तप पर द्रव अवस्था में पाया जाता हैl

आस्तु जल आसवन विधि से प्राप्त किया जाता है पीतल , तांबा एवं जस्ते का मिश्रण है l

कोल्ड ड्रिंक में कार्बन डाईऑक्साइड गैस का जल में विलयन होता है l

तांबा , शुद्ध पदार्थ है l

आर्सेनिक में धातु एवं अधातु दोनों तरह के तत्व पाए जाते हैं l

नील्स बोर के मॉडल को आधुनिक भौतिकी की आधारशिला कहा जाता है l

परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान नाभिक में निहित होता है l

नील्स बोर ने अपना परमाणु मॉडल 1913  ई० में प्रस्तुत किया l

इलेक्ट्रॉन को नाभिक का चक्कर लगाने के लिये आवश्यक अभिकेंद्र बल इलेक्ट्रॉन एवं नाभिक के बीच कार्यकारी स्थिर वैद्युत आकर्षण बल से प्राप्त होता है l

रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल परमाणु के स्थायित्व एवं रेखीय स्पेक्ट्रम की संतोषजनक व्याख्या नहीं प्रस्तुत क्र सका l

बोर एवं बरी ने साथ मिलकर तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास की योजना प्रस्तुत की थी l

हाइड्रोजन के सूक्ष्म स्पेक्ट्रम की व्याख्या सोमरफील्ड ने की l

हाइजेनबर्ग की अनिश्चितता का सिद्धांत बड़े कानों पर लागु नहीं होता है क्योंकि बड़े कणों का द्रव्यमान अधिक होता है l

परमाणु संरचना का आधुनिक विचार इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति पर आधारित है l

हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धांत बड़े कणों पर लागु नहीं होता है क्योंकि बड़े कणों का द्रव्यमान अधिक होता है l

परमाणु संरचना का आधुनिक विचार इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति पर आधारित है l

हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत ‘संवेग तथा स्थिति में अनिश्चितता विद्यमान होती है l “

परमाणु की संरचना का आधुनिक विचार श्रांडिगर  ने दिया l

कक्षक के आकृति सबसे जटिल होती है l

किसी कोष की कर्म संख्या (Order ) उस कोश में उपकोशों की संख्या व्यक्त करती है l

P उपकोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या  6 हो सकती है l

किसी परमाणु या आयन के चुंबकीय गुणों की व्याख्या चक्रण क्वांटम संख्या करता है l   

एक परमाणु में दो इलेक्ट्रॉनोंकी चारों संख्याएँ समान नहीं हो सकतीं I यह नियम ‘पाउली का अपवर्जन नियम है I’

एक मोल इलेक्ट्रॉन का भर 0.55 मिग्रा. होता है I

परमाणु की बाह्यतम कक्षा में उपस्थित इलेक्ट्रॉन संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं I  

इलेक्ट्रॉन की खोज जे.जे. थॉमसन ने की I  

इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु का 1/1837वें भाग के बराबर होता है I  

परमाणु के नाभिक की खोज रदरफोर्ड ने 1911 ई. में की थी I

किसी तत्व के परमाण्विक भार को एटॉमिक मॉस यूनिट (a.m.u.)में व्यक्त किया जाता है  I

न्यूट्रॉन एक वैद्युत उदासीन कण है I

हाइड्रोजन ही एकमात्र ऐसा तत्व है ,जिसके सभी समस्थानिकों के नाम अलग -अलग होते हैं I

पोलोनियम (Po) सर्वाधिक समस्थानिकों वाला तत्व है I

जीवाश्मों, मृत पेड पौधे की आयु निर्धारण (कार्बन डेटिंग ) के लिए कार्बन के रेडियोसक्रिय` समस्थानिक का उपयोग किया जाता है I

सबसे मजबूत बंध एकल बंध (Single bond) होता है I

त्रिबंध से युक्त यौगिक सबसे क्रियाशील होते है I

विद्युत संयोजी यौगिकों के बंध युक्त यौगिकों के क्वथनांक अधिक होते है I

सोडियम क्लोराइड (NaCL)एवं कैल्शियम क्लोराइड में विद्युत् संयोजी बंध बनता है I

अधिक इलेक्ट्रॉन बंधता वाला तत्व इलेक्ट्रॉन ग्राही प्रवृति का होता है I

विद्युत संयोजक यौगिकों में अणु संरचना का अभाव पाया जाता है I

कार्बनिक यौगिकों में सह-संयोजक बंध पाया जाता है I

सह-संयोजक यौगिकों के अणु आपस में वांडरवाल्स बल से बंधे होते है I   

सह-संयोजी यौगिक अध्रुवीय तथा कार्बनिक विलायकों में आसानी से घुल जाते है

ग्रेफाइट तत्व का अणु सह-संयोजक बंध होने के बावजूद विद्युत का सुचालक है I

धात्विक ठोसों परमाणुओं के मध्य धात्विक बंध पाया जाता है I

पुरानी पुस्तकों के पन्ने ऑक्सीकरण के कारण पीले पड़ जाते हैं I

ऑक्साइड बनाने की क्रिया को ऑक्सीकरण कहते हैं  I

द्रव्यमान संरक्षण का नियम सर्वप्रथम लोमोनोसॉफ ने प्रतिपादित किया I

हवा में चांदी के बर्तनो का काला होना रासायनिक परिवर्तन है I

दूध से दही का बनना रासायनिक परिवर्तन है I  

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ल का वाष्प में परिवर्तन भौतिक परिवर्तन है I

नोबल गैस समान गुणों वाइए रासायनिक तत्वों का एक समूह होता है I प्रमुख नोबल गैस हैं – हीलियम, नीऑन, आर्गन, क्रिप्टन, जौनॉन रेडॉनI

एक जलती हुई माचिस की तीली जब हाइड्रोजन गैस के सम्पर्क में आती है तो वह बुझ जाती है एवं गैस ‘चाप’ ध्वनि के बाद जल जाती है I

प्रकाश संश्लेषण तथा श्वसन भी रासायनिक परिवर्तन है I

पानी का चीनी में घुलना भौतिक परिवर्तन का उद्दाहरण है I

प्रिज्म से गुजरने पर श्वेत प्रकाश का सात रंगों में विभक्त होना भौतिक परिवर्तन है  I

गलन, वाष्पन, संघनन, हिमायन, आसवन, ऊर्ध्वपातन आदि भौतिक परिवर्तन हैं I

जल मैं विद्युत् प्रवाहित करने पर हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन प्राप्त होना रासायनिक परिवर्तन है l  

ऊष्माक्षेपी प्रतिक्रिया में ताप की उत्पति होती है l  

रासायनिक समीकरणों को द्रव्यमान संरक्षण के नियम द्वारा संतुलित किया जाता है l

कच्चे फल का पकना रासायनिक परिवर्तन है l

लोहे पर जंग लोहे का ऑक्सीकरण होने के कारण लगती है l

सिरके का मुख्य घटक एसिटिक एसिड है l

अम्लों एवं क्षारों की पहचान के लिये मुख्यतया लिटमस पेपर , फिनाफ्थेलिन और मेथिल ऑरेंज का प्रयोग किया जाता है l

लिटमस लाइकेन से प्राप्त किया जाता है l

अम्ल वर्षा मुख्यतया SO2 , NO2 आदि के कारण होता है l

चाय में टेनिक अम्ल पाया जाता है l

सिरके में एसिटिक अम्ल पाया जाता है l

घरों में सिरका स्टार्च के किण्वन से बनता है l

अम्लों के अम्लीय गुणों हेतु उत्तरदायी अम्लों के जलीय विलय में मुक्त हाइड्रोजन   (H+) आयन होता है l

अम्लों एवं क्षारों की आधुनिक संकल्पना लॉरी एवं ब्रॉन्स्टेड ने 1923 ई० में दी l

जल में कार्बन डाईऑक्साइड (CO2 ) प्रवाहित करने पर बना सोडा वाटर अम्लीय प्रकृति का होता है l

दूध में लैक्टिक अम्ल पाया जाता है l

अचार के परिरक्षण हेतु उसमें एसिटिक एसिड मिलाया जाता है l

सेब में मैलिक अम्ल पाया जाता है l

फोटोग्राफी में ऑक्जैलिक अम्ल प्रयुक्त होता है l

इमली में टार्टरिक अम्ल पाया जाता है l

चाय में टेनिक अम्ल पाया जाता है l

खाद्य पदार्थों के संरक्षण में बेन्जोइक अम्ल का उपयोग किया जाता है l

जल की कठोरता सोडियम कार्बोनेट एवं कैल्शियम हाइड्रोक्साइड द्वारा दूर की जाती है l

मक्खन में ब्यूटाईरिक अम्ल पाया जाता है l

फार्मिक अम्ल एवं एसिटिक अम्ल दोनों ही कार्बनिक एवं दुर्बल अम्ल हैं l

शीतल पेयों एवं एसिटिक अम्ल दोनों ही कार्बनिक एवं दुर्बल अम्ल हैं l

बेकिंग पाउडर निर्माण में पर्युक्त अम्ल टार्टरिक अम्ल है l

चीटियों में फार्मिक अम्ल पाया जाता है l

लंबे समय तक कठोर शारीरिक श्रम के पश्चात मांसपेशियों में थकान पेशियों में लैक्टिक अम्ल के कारण होता है l

कोकाकोला का खट्टा स्वाद फास्फोरिक अम्ल के कारण होता है l

कपडे के स्याही एवं जंग के दाग धब्बे छुड़ाने हेतु आक्जैलिक अम्ल का प्रयोग किया जाता है l

नींबू का खट्टापन इसमें उपस्थित सिट्रिक अम्ल के कारण होता हैं l

घी की प्रकृति अम्लीय होती है जिसका pH  मान लगभग 6.5 होता है l

वर्षा जल का pH मान 5.4  या कम होने को अम्ल वर्षा की संज्ञा देते है l

जठर रस में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल पाया जाता है l

पौधों की अच्छी वृद्धि के लिये मृदा का pH मान 7  के आस – पास होना चाहिये l

मृदा का pH  मान 8 से अधिक होना क्षारीय मृदा कहलाता है l

pH मूल्य किसी घोल के अम्लीय या क्षारीय होने का मूल्यांकन दर्शाता है l  

फलों के रास के परिरक्षण के लिये सोडियम बेंजोइक का उपयोग किया जाता है l

सोडियम बाई कार्बोनेट का वाणिज्यिक नाम बेकिंग सोडा है l

मानव शरीर सामान्यतः 7  से 7.8 pH मान के बीच कार्य करता है l

रक्त में उपस्थित फॉस्फोरस हमारे  शरीर में अम्लीयता एवं क्षारीयता जे बीच संतुलन बनाए रखता है l

सातवां आवर्त अभी भी अपूर्ण है l

डी ब्लॉक के कुछ तत्व ऑफबाऊ के नियम का पालन नहीं करते हैं l

शीतलीकरण में नाइट्रोजन तत्व का ऑक्साइड होता होता है l

आधुनिक आवर्त सरणी का आधार परमाणु क्रमांक है l

पकृति में उपलब्ध अंतिम तत्व यूरेनियम  है l

तत्वों का एक्टिनाइट समूह रेडियो सक्रिय समूह कहलाता है l

यूनूनोक्तियम (Uo ) खोजा गया नया तत्व है l  

जिंक धातु एसिड एवं एल्कली के साथ क्रिया करके हाइड्रोजन निकलती है l

जर्मन सिल्वर में चांदी की मात्रा नहीं होती है l

पारा धातु सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में रहता है l

स्टील मुख्यतः लोहा एवं कार्बन का मिश्रण है l

बोक्साइड एल्युमीनियम धातु का अयस्क है l

एंटिमनी स्टीबनाईट तत्व का अयस्क है l

लोहे में जंग लगने से उसके भार में वृद्धि हो जाती है l

प्लेटिनम कठोरतम धातुओं में से एक है l

तांबा एक ऐसा धातु है जो पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करता l

श्वेत फॉस्फोरस को पानी में रखा जाता है क्योंकि ये हवा की ऑक्सीजन से क्रिया कर जल उठता है परन्तु जल से कोई प्रतिक्रिया नहीं क
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रता l

जीवों में नाइट्रोजन प्रोटीन के रूप में पाया जाता है l

सर्वधिक कठोर तत्व हिरा है l

पोटैशियम ब्रोमाइट का प्रयोग नींद लेन वाली दवा के रूप में होता है l

एक से अधिक धातुओं तथा अधातुओं के समांगी मिश्रण को मिश्र धातु कहते है l

मिश्र धातुओं के गुण अवयवी धातुओं के गुणों से भिन्न होते है l

बेंजीन अरोमैटिक प्रकार के योगिक हैं l

प्रथम संश्लेषित कार्बनिक यौगिक का प्रियोगशाला में निर्माण व्होलर नई किया था l

किसी कार्बनिक यौगिक के मुख्य गुण यौगिक के क्रियात्मक समूह पर निर्भर करता है l

एथेन खुली श्रृंखला का यौगिक है l

न चिपकने वाले खाना पकने वाले बर्तनों में टेफ्लॉन का लेप चढ़ा होता है l

पॉलीथिन एथिलीन के बहुलीकरण द्वारा संश्लेषित किया जाता है l

रेयॉन सेलुलोज से बनाया जाता है l

थायोकाल रबर एक प्रकार की संश्लिष्ट रबर है l

न्यूनतम ज्वलनशील रेशा टेरेलीन है l

बकेलाइट एवं फिनॉल फर्मेल्डिहाइट के सहबहुलक हैं l  

निप्रोप्रीन संश्लेषित रबर है l

रबर को वल्कनीकृत करने के लिये प्रयुक्त तत्व सल्फर है l

कागज पौधों के सलूलोज से बनाया जाता है l

प्राकृतिक रबर आइसोप्रीन का बहुलक है जो कि रबर के वृक्ष से लेटैक्स के रूप में प्राप्त होता है l

CFC एक ‘ हरित गृह गैस ‘ है , जो ओजोन (O3 ) क्षरण के लिये जिम्मेदार है l

मीथेन को ‘मार्श’ गैस के नाम से भी जाना जाता है l

इथाइलीन रंगहीन गैस है इसे सूंघने से बेहोशी आ जाती है l

औद्योगिक स्तर पर एथाइलिन का निर्माण , पेट्रोलियम के भंजन द्वारा किया जाता है l

एसिटिलीन रंगहीन गैस है , कुछ अशुद्धियों के कारण इसमें लहसुन जैसी गंध होती है l

भीड़ को तीतर -बितर करने के लिये अश्रु गैस का उपयोग होता है l

मिथाइल एल्कोहल रंगहीन , ज्वनशील द्रव होता है जो अत्यधिक विषैला होता है l

इथाइल एल्कोहल को ‘ स्पिरिट ऑफ वाइन’ भी कहा जाता है l

डाई इथाइल ईथर रंगहीन , अतीवाष्पशील द्रव होता है , जिसे त्वचा में डालने से ठंडा अनुभव होता है l

प्लास्टिक कृत्रिम रेशे , खाद्य परिरक्षक , स्नेहक , रेजिन , एंटीफ्रीज आदि बनाने में गिलसरोल का उपयोग किया जाता है l

एसिटिक अम्ल , सिरके का प्रमुख अवयव होता है l

लैक्टिक अम्ल सभी प्रकार के दुग्ध में पाया जाता है l

फॉर्मिक अम्ल या मेथेनोइक अम्ल लाल चीटियों , बिच्छू तथा मधुमक्खी आदि के डंक में पाया जाता है l

मानव मूत्र में यूरिया पाया जाता है l  

कैल्शियम ऑक्ज्लेट की मात्रा अधिक हो जाने पर मानव गुर्दे में पथरी पड़ जाती है l

संश्लेषित रबड़ , क्लोरोप्रीन अथवा आइसोब्यूटाइलिन का बहुलक होती है l

नायलॉन मानव द्वारा संश्लेषित किया गया प्रथम रेशा है l

सोडियम बेन्जोएट का सर्वाधिक उपयोग खाघ परिरक्षक के रूप में होता है l

अपमार्जक कठोर जल के साथ कैल्शियम एवं मैग्नीशियम के घुलनशील लवण बनाते है l

कैनोलो, जेट्रोफा, सैलिफॉर्निया आदि पौधों से हरित डीज़ल प्राप्त किया जाता है l

गैसेहॉल में 90 % सीसा रहित पेट्रोल तथा 10 % एल्कोहल का मिश्रण होता है l

निकिल उत्प्रेरक की उपस्थिति में तेलों के हाइड्रोजनीकरण द्वारा खाघ वनस्पति तेल, वनस्पति घी में बदल दिये जाते है l

ग्रेफाइट एक स्नेह (लुब्रिकेंट) के रूप में भी प्रयोग किया जाता है l

यूरेनियम जीवाश्म ईंधन नहीं है l

सभी जैव यौगिक का अनिवार्य मूल तत्व कार्बन है l

बुलेटप्रूफ पदार्थ बनाने के लिये पोलिऐमाइड नामक बहुलक प्रयुक्त होता है l
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