Landmark decision taken by Government
of India in Medical Education
27% reservation for OBCs and 10%
reservation for Economically Weaker
Section (EWS) in All India Quota (AIQ)
Scheme for undergraduate and
postgraduate medical / dental courses
(MBBS / MD / MS / Diploma / BDS /
MDS) from current academic year
2021-22 onwards
Nearly 5,550 students will be benefitted
Government is committed to providing
due reservation both to Backward
Category and EWS Category
@BAMS_STUDY
of India in Medical Education
27% reservation for OBCs and 10%
reservation for Economically Weaker
Section (EWS) in All India Quota (AIQ)
Scheme for undergraduate and
postgraduate medical / dental courses
(MBBS / MD / MS / Diploma / BDS /
MDS) from current academic year
2021-22 onwards
Nearly 5,550 students will be benefitted
Government is committed to providing
due reservation both to Backward
Category and EWS Category
@BAMS_STUDY
Question
HbF Fetal hemoglobin :-
HbF Fetal hemoglobin :-
Anonymous Quiz
41%
A. Two aplha chains and Two gamma chains
41%
B. Two alpha chains and Two beta chains
17%
C. Both A and B
1%
D. None of the above
Question
The plane passing through the body of lumbar 3 vertebra is :-
The plane passing through the body of lumbar 3 vertebra is :-
Anonymous Quiz
35%
A. Transpyloric Plane
39%
B. Transtubercular Plane
23%
C. Subcostal
4%
D. None of the above
Question
शमनं कोपनं _______द्रव्यमिति त्रिधा |
शमनं कोपनं _______द्रव्यमिति त्रिधा |
Anonymous Quiz
15%
A. कुपित
7%
B. शमन
74%
C. स्वस्थहितं
4%
D. None of the above
Question
_________स्निग्ध, उष्ण, गुरु गुण वाला होने के कारण वातदोष का शमन कर देता है |
_________स्निग्ध, उष्ण, गुरु गुण वाला होने के कारण वातदोष का शमन कर देता है |
Anonymous Quiz
61%
A. तैल
26%
B. घृत
9%
C. मधु
5%
D. None of the above
Forwarded from HELPING 🩺 MEDICOS
NEET OBC RESERVATION (EXPLANATION)
@Helping_Medicos
मेडिकल कॉलेजों के लिए ऑल इंडिया कोटा क्या है?
राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए दो तरह के नियम हैं- 1. ऑल इंडिया कोटा और, 2. स्टेट कोटा। स्टेट कोटे में राज्य के मूल निवासी स्टूडेंट्स को एडमिशन मिलता था। वहीं, ऑल इंडिया कोटे में नेशनल लेवल पर मेरिट लिस्ट के आधार पर अन्य राज्यों के स्टूडेंट्स को भी एडमिशन मिलता है। राज्यों के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में 15% अंडरग्रेजुएट सीटें और 50% पोस्टग्रेजुएट सीटें ऑल इंडिया कोटे में रहती है। बाकी बची सीटें स्टेट कोटे में आती है।
यह रिजर्वेशन पॉलिसी किस तरह लागू होती है?
2007 तक मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए ऑल इंडिया कोटे में कोई रिजर्वेशन नहीं होता था। पर 31 जनवरी 2007 को अभय नाथ बनाम दिल्ली यूनिवर्सिटी एवं अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऑल इंडिया कोटे में अनुसूचित जाति को 15% और अनुसूचित जनजाति को 7.5% रिजर्वेशन देने का आदेश दिया था।
इसके बाद सरकार ने सेंट्रल एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस (रिजर्वेशन इन एडमिशन) एक्ट 2007 लागू किया। इससे केंद्र सरकार के मेडिकल कॉलेजों- यानी एम्स जैसे संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) स्टूडेंट्स को 27% रिजर्वेशन मिलने लगा। राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में ऑल इंडिया कोटे के बाहर OBC कोटा रहेगा। यानी ऑल इंडिया कोटे में OBC के लिए रिजर्वेशन नहीं दिया जा रहा था।
2019 में सरकार ने संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम 2019 पारित किया। इसमें आर्थिक तौर पर कमजोर तबके (EWS) के लिए 10% कोटा जोड़ा गया। इसे केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में लागू किया गया पर राज्यों के संस्थानों में NEET के ऑल इंडिया कोटे में उसे शामिल नहीं किया गया।
केंद्र सरकार ने 29 जुलाई को देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन के लिए ऑल इंडिया कोटा में OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) और EWS (आर्थिक तौर पर कमजोर तबके) के लिए रिजर्वेशन को मंजूरी दे दी है। नए नियम के तहत OBC कैंडिडेट्स को 27% और EWS कैंडिडेट्स को 10% रिजर्वेशन मिलेगा। सरकार का दावा है कि MBBS सीटों पर 1,500 OBC और 550 EWS कैंडिडेट्स को इसका लाभ मिलेगा।
मेडिकल कॉलेजों के लिए ऑल इंडिया कोटा क्या है?
राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए दो तरह के नियम हैं- 1. ऑल इंडिया कोटा और, 2. स्टेट कोटा। स्टेट कोटे में राज्य के मूल निवासी स्टूडेंट्स को एडमिशन मिलता था। वहीं, ऑल इंडिया कोटे में नेशनल लेवल पर मेरिट लिस्ट के आधार पर अन्य राज्यों के स्टूडेंट्स को भी एडमिशन मिलता है। राज्यों के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में 15% अंडरग्रेजुएट सीटें और 50% पोस्टग्रेजुएट सीटें ऑल इंडिया कोटे में रहती है। बाकी बची सीटें स्टेट कोटे में आती है।
ऑल इंडिया कोटा भी सुप्रीम कोर्ट के 1986 के फैसले से लागू हुआ था। ताकि अगर कोई स्टूडेंट अपने मूल राज्य से बाहर के अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेना चाहता है तो उसे ऐसा करने की इजाजत मिल सके।
उदाहरण के लिए अगर राजस्थान का मूल निवासी महाराष्ट्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन चाहता है तो वह ऑल इंडिया कोटे की मेरिट लिस्ट में जगह बनाकर ऐसा कर सकता है। अगर ऑल इंडिया कोटे में जगह नहीं बना सका तो स्टूडेंट के पास अपने राज्य के मेडिकल या डेंटल कॉलेज में एडमिशन की उम्मीद कायम रहती है।
डीम्ड/सेंट्रल यूनिवर्सिटियों, ESIC और आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC) में 100% सीटें ऑल इंडिया कोटे में रहती हैं। यानी ऑल इंडिया कोटे का अलग से प्रावधान सिर्फ राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रहता है।
Join now 👉@Helping_Medicos
@Helping_Medicos
मेडिकल कॉलेजों के लिए ऑल इंडिया कोटा क्या है?
राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए दो तरह के नियम हैं- 1. ऑल इंडिया कोटा और, 2. स्टेट कोटा। स्टेट कोटे में राज्य के मूल निवासी स्टूडेंट्स को एडमिशन मिलता था। वहीं, ऑल इंडिया कोटे में नेशनल लेवल पर मेरिट लिस्ट के आधार पर अन्य राज्यों के स्टूडेंट्स को भी एडमिशन मिलता है। राज्यों के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में 15% अंडरग्रेजुएट सीटें और 50% पोस्टग्रेजुएट सीटें ऑल इंडिया कोटे में रहती है। बाकी बची सीटें स्टेट कोटे में आती है।
यह रिजर्वेशन पॉलिसी किस तरह लागू होती है?
2007 तक मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए ऑल इंडिया कोटे में कोई रिजर्वेशन नहीं होता था। पर 31 जनवरी 2007 को अभय नाथ बनाम दिल्ली यूनिवर्सिटी एवं अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऑल इंडिया कोटे में अनुसूचित जाति को 15% और अनुसूचित जनजाति को 7.5% रिजर्वेशन देने का आदेश दिया था।
इसके बाद सरकार ने सेंट्रल एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस (रिजर्वेशन इन एडमिशन) एक्ट 2007 लागू किया। इससे केंद्र सरकार के मेडिकल कॉलेजों- यानी एम्स जैसे संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) स्टूडेंट्स को 27% रिजर्वेशन मिलने लगा। राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में ऑल इंडिया कोटे के बाहर OBC कोटा रहेगा। यानी ऑल इंडिया कोटे में OBC के लिए रिजर्वेशन नहीं दिया जा रहा था।
2019 में सरकार ने संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम 2019 पारित किया। इसमें आर्थिक तौर पर कमजोर तबके (EWS) के लिए 10% कोटा जोड़ा गया। इसे केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में लागू किया गया पर राज्यों के संस्थानों में NEET के ऑल इंडिया कोटे में उसे शामिल नहीं किया गया।
केंद्र सरकार ने 29 जुलाई को देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन के लिए ऑल इंडिया कोटा में OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) और EWS (आर्थिक तौर पर कमजोर तबके) के लिए रिजर्वेशन को मंजूरी दे दी है। नए नियम के तहत OBC कैंडिडेट्स को 27% और EWS कैंडिडेट्स को 10% रिजर्वेशन मिलेगा। सरकार का दावा है कि MBBS सीटों पर 1,500 OBC और 550 EWS कैंडिडेट्स को इसका लाभ मिलेगा।
मेडिकल कॉलेजों के लिए ऑल इंडिया कोटा क्या है?
राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए दो तरह के नियम हैं- 1. ऑल इंडिया कोटा और, 2. स्टेट कोटा। स्टेट कोटे में राज्य के मूल निवासी स्टूडेंट्स को एडमिशन मिलता था। वहीं, ऑल इंडिया कोटे में नेशनल लेवल पर मेरिट लिस्ट के आधार पर अन्य राज्यों के स्टूडेंट्स को भी एडमिशन मिलता है। राज्यों के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में 15% अंडरग्रेजुएट सीटें और 50% पोस्टग्रेजुएट सीटें ऑल इंडिया कोटे में रहती है। बाकी बची सीटें स्टेट कोटे में आती है।
ऑल इंडिया कोटा भी सुप्रीम कोर्ट के 1986 के फैसले से लागू हुआ था। ताकि अगर कोई स्टूडेंट अपने मूल राज्य से बाहर के अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेना चाहता है तो उसे ऐसा करने की इजाजत मिल सके।
उदाहरण के लिए अगर राजस्थान का मूल निवासी महाराष्ट्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन चाहता है तो वह ऑल इंडिया कोटे की मेरिट लिस्ट में जगह बनाकर ऐसा कर सकता है। अगर ऑल इंडिया कोटे में जगह नहीं बना सका तो स्टूडेंट के पास अपने राज्य के मेडिकल या डेंटल कॉलेज में एडमिशन की उम्मीद कायम रहती है।
डीम्ड/सेंट्रल यूनिवर्सिटियों, ESIC और आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC) में 100% सीटें ऑल इंडिया कोटे में रहती हैं। यानी ऑल इंडिया कोटे का अलग से प्रावधान सिर्फ राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रहता है।
Join now 👉@Helping_Medicos
नागार्जुन
नागार्जुन का कार्य इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ये हमें बताता है कि भारत ने गणित, भौतिकी और खगोल विज्ञान में ही असाधारण सफलता हासिल नहीं की थी बल्कि रसायन शास्त्र में भी हम पूरी दुनिया का नेतृत्व करते थे।
नागार्जुन के ठीक ठीक समय को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है। ये तथ्य स्प्ष्ट है कि रस रत्नाकर और रसेंद्र मंगल जैसे ग्रंथों की रचना इन्होंने ही की थी। जिस तरह वेदों और महाकाव्यों की परंपरा हमारे देश में श्रुति स्मृति और विशेषज्ञों की वजह से आज तक जीवित है इसी तरह विज्ञान के अद्भुत प्रयोग भी इन ग्रंथों के रूप में सुरक्षित हैं। समय समय पर विद्वान इन ग्रंथों की पुनर्स्थापना करते रहे हैं।
@BAMS_Study
नागार्जुन का कार्य इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ये हमें बताता है कि भारत ने गणित, भौतिकी और खगोल विज्ञान में ही असाधारण सफलता हासिल नहीं की थी बल्कि रसायन शास्त्र में भी हम पूरी दुनिया का नेतृत्व करते थे।
नागार्जुन के ठीक ठीक समय को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है। ये तथ्य स्प्ष्ट है कि रस रत्नाकर और रसेंद्र मंगल जैसे ग्रंथों की रचना इन्होंने ही की थी। जिस तरह वेदों और महाकाव्यों की परंपरा हमारे देश में श्रुति स्मृति और विशेषज्ञों की वजह से आज तक जीवित है इसी तरह विज्ञान के अद्भुत प्रयोग भी इन ग्रंथों के रूप में सुरक्षित हैं। समय समय पर विद्वान इन ग्रंथों की पुनर्स्थापना करते रहे हैं।
@BAMS_Study
Question
Decrease in Neutrophil count causes :-
Decrease in Neutrophil count causes :-
Anonymous Quiz
22%
A. Bone marrow disorders
20%
B. Tuberculosis
13%
C. Typhoid
45%
D. All of these
Question
_________ is the process by which the leukocytes squeeze through the narrow blood vessels.
_________ is the process by which the leukocytes squeeze through the narrow blood vessels.
Anonymous Quiz
39%
A. Diapedesis
12%
B. Chemotaxis
27%
C. Phagocytosis
23%
D. All of the above
Question
अनेक पदार्थों में एकत्व बुद्धि को उत्पन्न करने वाला...... होता है ।
अनेक पदार्थों में एकत्व बुद्धि को उत्पन्न करने वाला...... होता है ।
Anonymous Quiz
49%
A. सामान्य
23%
B. विशेष
14%
C. कर्म
13%
D. द्रव्य
Question
कर्म का समवायिकारण ............. होता है ।
कर्म का समवायिकारण ............. होता है ।
Anonymous Quiz
26%
A. सामान्य
15%
B. विशेष
10%
C. कर्म
48%
D. द्रव्य