Ans x- किरणे विद्युत चुंबकीय तरंग है, x-किरणे का स्थिर द्रव्यमान शून्य होता है !
(4) नाभिकीय रिएक्टर में मंदक, शीतलक और नियंत्रक छड़ के उपयोग बताइए
Ans मंदक :- तीव्रगामी न्यूट्रॉन को धीमा करने के लिए मंदक का प्रयोग किया जाता है जैसे ग्रेफाइट और भारी जल
शीतलक :- शीतलक एक ठंडा करने वाला पदार्थ है जो रिएक्टर में उत्पन ऊष्मा को घटाता है जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन
नियंत्रक छड़ :- नियंत्रक छड़ को श्रृंखला अभिक्रिया को नियंत्रित करने तथा अभिक्रिया की एक स्थाई दर बनाने रखने के लिए प्रयोग किया जाता है जैसे कैडमियम तथा बोरोन की छड़
(5) नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन में क्या अंतर है ?
Ans नाभिकीय विखंडन में एक भारी नाभिक टूट कर दो या दो से अधिक हल्के नाभिकों का निर्माण होता है जबकि नाभिकीय संलयन में दो या दो से अधिक हल्के नाभिक परस्पर जुड़कर एक बड़े और भारी नाभिक का निर्माण करता है
नाभिकीय विखंडन की क्रिया ताप से स्वतंत्र होती है जबकि नाभिकीय संलयन अत्यधिक ताप पर संपन्न होती है
नाभिकीय विखंडन न्यूट्रॉन द्वारा प्रेरित होता है जबकि नाभिकीय संलयन प्रोटॉन द्वारा प्रेरित होता है
नाभिकीय विखंडन एक श्रृंखला अभिक्रिया है जबकि नाभिकीय संलयन श्रृंखला अभिक्रिया नहीं है
(6) नाभिक से अल्फा बीटा कण के उत्सर्जन से तत्व के परमाणु स्थिति आवर्त तालिका में कैसे बदलती है लिखें !
Ans किसी परमाणु के नाभिक से जब एक अल्फा कण बाहर निकलता है तो उसके परमाणु संख्या में दो इकाई की कमी आती है तथा परमाणु द्रव्यमान में चार इकाई की कमी आती है यानी आवर्त सारणी में इसका स्थान दो स्थान पीछे चला आता है जबकि जब एक बीटा कण बाहर निकलता है तो इसके परमाणु संख्या में एक इकाई की बढ़ोतरी होती है और परमाणु द्रव्यमान में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होता है यानी आवर्त सारणी में इसका स्थान एक स्थान आगे चल जाता है !
(8) किसे नाभिक की बंधन ऊर्जा किसे कहते हैं ?
Ans किसी भी नाभिक को उसके घटक कणों में अलग-अलग करने के लिए जितनी वाह्यतम ऊर्जा की आवश्यकता होती है उसे उस नाभिक की बंधन ऊर्जा कहते हैं !
(9) बीटा किरणों के 2 गुणों को लिखें
Ans बीटा किरण इलेक्ट्रॉन के समतुल्य होता है
बीटा किरण का वेग अल्फा कण और गामा किरणों के बीच होता है !
(4) नाभिकीय रिएक्टर में मंदक, शीतलक और नियंत्रक छड़ के उपयोग बताइए
Ans मंदक :- तीव्रगामी न्यूट्रॉन को धीमा करने के लिए मंदक का प्रयोग किया जाता है जैसे ग्रेफाइट और भारी जल
शीतलक :- शीतलक एक ठंडा करने वाला पदार्थ है जो रिएक्टर में उत्पन ऊष्मा को घटाता है जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन
नियंत्रक छड़ :- नियंत्रक छड़ को श्रृंखला अभिक्रिया को नियंत्रित करने तथा अभिक्रिया की एक स्थाई दर बनाने रखने के लिए प्रयोग किया जाता है जैसे कैडमियम तथा बोरोन की छड़
(5) नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन में क्या अंतर है ?
Ans नाभिकीय विखंडन में एक भारी नाभिक टूट कर दो या दो से अधिक हल्के नाभिकों का निर्माण होता है जबकि नाभिकीय संलयन में दो या दो से अधिक हल्के नाभिक परस्पर जुड़कर एक बड़े और भारी नाभिक का निर्माण करता है
नाभिकीय विखंडन की क्रिया ताप से स्वतंत्र होती है जबकि नाभिकीय संलयन अत्यधिक ताप पर संपन्न होती है
नाभिकीय विखंडन न्यूट्रॉन द्वारा प्रेरित होता है जबकि नाभिकीय संलयन प्रोटॉन द्वारा प्रेरित होता है
नाभिकीय विखंडन एक श्रृंखला अभिक्रिया है जबकि नाभिकीय संलयन श्रृंखला अभिक्रिया नहीं है
(6) नाभिक से अल्फा बीटा कण के उत्सर्जन से तत्व के परमाणु स्थिति आवर्त तालिका में कैसे बदलती है लिखें !
Ans किसी परमाणु के नाभिक से जब एक अल्फा कण बाहर निकलता है तो उसके परमाणु संख्या में दो इकाई की कमी आती है तथा परमाणु द्रव्यमान में चार इकाई की कमी आती है यानी आवर्त सारणी में इसका स्थान दो स्थान पीछे चला आता है जबकि जब एक बीटा कण बाहर निकलता है तो इसके परमाणु संख्या में एक इकाई की बढ़ोतरी होती है और परमाणु द्रव्यमान में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होता है यानी आवर्त सारणी में इसका स्थान एक स्थान आगे चल जाता है !
(8) किसे नाभिक की बंधन ऊर्जा किसे कहते हैं ?
Ans किसी भी नाभिक को उसके घटक कणों में अलग-अलग करने के लिए जितनी वाह्यतम ऊर्जा की आवश्यकता होती है उसे उस नाभिक की बंधन ऊर्जा कहते हैं !
(9) बीटा किरणों के 2 गुणों को लिखें
Ans बीटा किरण इलेक्ट्रॉन के समतुल्य होता है
बीटा किरण का वेग अल्फा कण और गामा किरणों के बीच होता है !
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इस तरह के कई रिजल्ट हमारे कोचिंग से है अभी तक जानकारी के अनुसार हाईएस्ट 459 है राहुल कुमार कोचिंग मैं रोल नंबर 66 बायपास चौक
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