(6) चित्र द्वारा समझाएं के प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश का वर्ण विक्षेपण कैसे होता है !
(7) उत्तल लेंस के प्रधान अक्ष् के ऊपर रखे बिंदु का लेंस से बने प्रतिबिंब को दिखाने वाला किरण आरेख खींचें यदि वस्तु फोकस दूरी से 3 गुनी दुरी पर हो ?
(8) खतरे का संकेत लाल क्यों होता है समझाइए !
Ans लाल रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होता है जिसके कारण इसका प्रकीर्णन कम होता है खतरे का निशान लाल रंग इसलिए रखा जाता है क्योंकि इसे दूर से भी देखा जा सकता है !
(9) प्राथमिक और द्वितीयक इंद्रधनुष में अंतर स्पष्ट करें !
Ans प्राथमिक इंद्रधनुष अधिक चमकीला होता है जबकि द्वितीयक इंद्रधनुष कम चमकीला होता है !
प्राथमिक इंद्रधनुष के स्पेक्ट्रम का बैगनी रंग अंदर के किनारे पर एवं लाल रंग बाहर के किनारे पर जबकि द्वितीयक इंद्रधनुष के स्पेक्ट्रम का लाल रंग अंदर के किनारे पर और बैगनी रंग बाहर के किनारे पर होता है !
(10) नेत्र की समंजन क्षमता से आप क्या समझते हैं ?
Ans नेत्र के वह क्षमता जिसके कारण हम निकट और दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नग्न आंखों द्वारा देख सकते हैं समंजन क्षमता कहलाता है जिसमें सिलिअरी मांसपेशी मदद करता है जो की लेंस के फोकस दूरी को आवश्यकता अनुसार बढ़ाता घटाता है !
(12) क्रांतिक कोण और अपवर्तनांक के बीच संबंध स्थापित करें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(14) प्रकाश के वर्ण विक्षेपण को समझाएं !
Ans जब श्वेत प्रकाश की किरणें किसी प्रिज्म पर आपतित होती है तो प्रिज्म से निर्गत करने सात रंगों में विभक्त हो जाती है इस घटना को वर्ण विक्षेपण कहते हैं !
(15) सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता किस स्थिति में अधिक होगी ?
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) पोलेराइड क्या है ? इसके उपयोगों को लिखें !
Ans पोलेराइड एक ऐसा युक्ति है जो अध्रुवित प्रकाश को ध्रुवित प्रकाश में बदलने का कार्य करता है !
ध्रुवित प्रकाश प्राप्त करने में इसका उपयोग होता है !
(2) हाइगेन तरंग सिद्धांत के प्रयोग हुए स्नेल के अपवर्तन के नियम को प्राप्त करें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(3) हाइगेन सिद्धांत के आधार पर परावर्तन के नियमों को प्राप्त करें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(4) ब्रस्टर का प्रकाश का नियम बताइए !
Ans जब किसी अपवर्तक पृष्ठ पर प्रकाश की कोई किरण इस तरह से आपतित होती है कि आपतन कोण ध्रुवण कोण के तुल्य होती है तो परावर्तित किरण और अपवर्तित किरण एक दूसरे के लंबवत होती है इस नियम को बब्रूस्टर का नियम कहते हैं !
(5) व्यतीकरण फ्रेंजों की चौड़ाई का व्यंजक लिखें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(6) तरंगाग्र क्या है ? इसके प्रकाश की किरणों से संबंध को लिखें !
Ans किसी माध्यम में खींचा गया वह पृष्ठ जिस पर स्थित सभी कण कंपन की समान कला में हो तरंगाग्र कहलाता है ! तरंगाग्र मुख्यतः तीन प्रकार का होता है, गोलीय तरंगाग्र, वृताकार तरंगाग्र, समतल तरंगाग्र
किरणों से संबंध - (a) तरंगाग्र पर डाला गया लंब को किरण कहा जाता है (b) गोलीय तरंगाग्र से जुड़ी हुई किरणें अपसारी करने कही जाती है ! (C) समतल तरंगाग्र से जुड़ी हुई किरणें अभिसारी किरणें कही जाती है !
(7) व्यतिकरण एवं विवर्तन में अंतर स्पष्ट करें !
Ans व्यतिकरण की घटना दो कलासंबध स्रोतों से आने वाले अलग-अलग तरंगाग्रो के अध्यारोपण से होता है जबकि विवर्तन की घटना एक ही तरंगाग्र के विभिन्न बिंदुओं से आने वाले द्वितीयक तरंगाग्र के अध्यारोपण से होता है !
व्यतिकरण फ्रिंज प्रायः सामान चौड़ाई का होता है जबकि विवर्तन फ्रिंजे सामान चौड़ाई का नहीं होता है !
(8) संपोषी व्यतिकरण की दो आवश्यक शर्तों को लिखें !
Ans (a) प्रकाश स्रोत कला संबद्ध होना चाहिए !
(b) दोनों प्रकाश के आवृत्ति समान होना चाहिए आयाम बराबर या लगभग बराबर होना चाहिए !
(9) प्रकाश के विवर्तन से आप क्या समझते हैं !
Ans जब प्रकाश की किरणें किसी अवरोधक या तीक्ष्ण किनारो पर आपतित होती है तो यह आधार की तरफ झुक जाता है इस घटना को प्रकाश का विवर्तन कहते हैं जो कि दो प्रकार का होता है फ्राउनहॉफर विवर्तन, फ्रेनेल विवर्तन
(7) उत्तल लेंस के प्रधान अक्ष् के ऊपर रखे बिंदु का लेंस से बने प्रतिबिंब को दिखाने वाला किरण आरेख खींचें यदि वस्तु फोकस दूरी से 3 गुनी दुरी पर हो ?
(8) खतरे का संकेत लाल क्यों होता है समझाइए !
Ans लाल रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होता है जिसके कारण इसका प्रकीर्णन कम होता है खतरे का निशान लाल रंग इसलिए रखा जाता है क्योंकि इसे दूर से भी देखा जा सकता है !
(9) प्राथमिक और द्वितीयक इंद्रधनुष में अंतर स्पष्ट करें !
Ans प्राथमिक इंद्रधनुष अधिक चमकीला होता है जबकि द्वितीयक इंद्रधनुष कम चमकीला होता है !
प्राथमिक इंद्रधनुष के स्पेक्ट्रम का बैगनी रंग अंदर के किनारे पर एवं लाल रंग बाहर के किनारे पर जबकि द्वितीयक इंद्रधनुष के स्पेक्ट्रम का लाल रंग अंदर के किनारे पर और बैगनी रंग बाहर के किनारे पर होता है !
(10) नेत्र की समंजन क्षमता से आप क्या समझते हैं ?
Ans नेत्र के वह क्षमता जिसके कारण हम निकट और दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नग्न आंखों द्वारा देख सकते हैं समंजन क्षमता कहलाता है जिसमें सिलिअरी मांसपेशी मदद करता है जो की लेंस के फोकस दूरी को आवश्यकता अनुसार बढ़ाता घटाता है !
(12) क्रांतिक कोण और अपवर्तनांक के बीच संबंध स्थापित करें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(14) प्रकाश के वर्ण विक्षेपण को समझाएं !
Ans जब श्वेत प्रकाश की किरणें किसी प्रिज्म पर आपतित होती है तो प्रिज्म से निर्गत करने सात रंगों में विभक्त हो जाती है इस घटना को वर्ण विक्षेपण कहते हैं !
(15) सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता किस स्थिति में अधिक होगी ?
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) पोलेराइड क्या है ? इसके उपयोगों को लिखें !
Ans पोलेराइड एक ऐसा युक्ति है जो अध्रुवित प्रकाश को ध्रुवित प्रकाश में बदलने का कार्य करता है !
ध्रुवित प्रकाश प्राप्त करने में इसका उपयोग होता है !
(2) हाइगेन तरंग सिद्धांत के प्रयोग हुए स्नेल के अपवर्तन के नियम को प्राप्त करें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(3) हाइगेन सिद्धांत के आधार पर परावर्तन के नियमों को प्राप्त करें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(4) ब्रस्टर का प्रकाश का नियम बताइए !
Ans जब किसी अपवर्तक पृष्ठ पर प्रकाश की कोई किरण इस तरह से आपतित होती है कि आपतन कोण ध्रुवण कोण के तुल्य होती है तो परावर्तित किरण और अपवर्तित किरण एक दूसरे के लंबवत होती है इस नियम को बब्रूस्टर का नियम कहते हैं !
(5) व्यतीकरण फ्रेंजों की चौड़ाई का व्यंजक लिखें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(6) तरंगाग्र क्या है ? इसके प्रकाश की किरणों से संबंध को लिखें !
Ans किसी माध्यम में खींचा गया वह पृष्ठ जिस पर स्थित सभी कण कंपन की समान कला में हो तरंगाग्र कहलाता है ! तरंगाग्र मुख्यतः तीन प्रकार का होता है, गोलीय तरंगाग्र, वृताकार तरंगाग्र, समतल तरंगाग्र
किरणों से संबंध - (a) तरंगाग्र पर डाला गया लंब को किरण कहा जाता है (b) गोलीय तरंगाग्र से जुड़ी हुई किरणें अपसारी करने कही जाती है ! (C) समतल तरंगाग्र से जुड़ी हुई किरणें अभिसारी किरणें कही जाती है !
(7) व्यतिकरण एवं विवर्तन में अंतर स्पष्ट करें !
Ans व्यतिकरण की घटना दो कलासंबध स्रोतों से आने वाले अलग-अलग तरंगाग्रो के अध्यारोपण से होता है जबकि विवर्तन की घटना एक ही तरंगाग्र के विभिन्न बिंदुओं से आने वाले द्वितीयक तरंगाग्र के अध्यारोपण से होता है !
व्यतिकरण फ्रिंज प्रायः सामान चौड़ाई का होता है जबकि विवर्तन फ्रिंजे सामान चौड़ाई का नहीं होता है !
(8) संपोषी व्यतिकरण की दो आवश्यक शर्तों को लिखें !
Ans (a) प्रकाश स्रोत कला संबद्ध होना चाहिए !
(b) दोनों प्रकाश के आवृत्ति समान होना चाहिए आयाम बराबर या लगभग बराबर होना चाहिए !
(9) प्रकाश के विवर्तन से आप क्या समझते हैं !
Ans जब प्रकाश की किरणें किसी अवरोधक या तीक्ष्ण किनारो पर आपतित होती है तो यह आधार की तरफ झुक जाता है इस घटना को प्रकाश का विवर्तन कहते हैं जो कि दो प्रकार का होता है फ्राउनहॉफर विवर्तन, फ्रेनेल विवर्तन
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विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
(3) सिवेक प्रभाव से आप क्या समझते हैं ?
Ans दो विभिन्न धातुओं के तारों के दोनों तारों को दो अलग-अलग तापक्रम पर रखने पर उन तारों में थर्मो विभव प्रेरित होता है जिसके कारण थर्मो विद्युत धारा तार में उत्पन्न होता है इस प्रभाव को सिविक प्रभाव कहते हैं !
(4) तापयुग्मी में विद्युत वाहक बल किन-किन बातों पर निर्भर करता है ?
Ans तापयुगमी में उत्पन्न ताप विद्युत वाहक बल निम्न दो कारकों पर निर्भर करता है उत्क्रमण ताप, उदासीन ताप
(5) प्रकाश उत्सर्जन की घटना सिर्फ धातु के सतह पर ही क्यों घटती है ?
Ans प्रकाश उत्सर्जन की घटना सिर्फ धातु सतह पर ही घटती है क्योंकि धातुओं के पास मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो कि ऊष्मा पाकर सतह से बाहर आसानी से निकल जाते हैं !
(6) थॉमसन प्रभाव :- यदि किसी तार के छोरों पर तापों को नियत रखकर तार के बीच वाले भाग के ताप को बढ़ाया जाता है और साथ ही साथ तार से होकर विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो तार का पहला आधा भाग ठंडा और दूसरा आधा भाग गर्म रहता है तार में धारा की दिशा बदल देने पर गर्म और ठंडा भाग भी आपस में बदल जाते हैं इस प्रभाव को थॉमसन प्रभाव कहते हैं !
पेल्टियर प्रभाव :- जब विभिन्न धातुओं का ताप-युग्म बनाकर उसमें किसी बाह्य स्रोत से धारा प्रवाहित की जाती है तो एक संधि ठंडी तथा दूसरी संधि गर्म हो जाती है अर्थात एक संधि पर उसका का अवशोषण तथा दूसरी संधि पर उसका का उत्पादन होता है इस प्रभाव को पेल्टियर प्रभाव कहते हैं !
(8) प्रकाश विद्युत प्रभाव क्या है ? किसी प्रकाशीय नली से निर्गत प्रकाशीय इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर आपतित प्रकाश की आवृत्ति बढ़ाने पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
Ans जब किसी धातु सतह पर उचित आवृत्ति यानी देल्ही आवृत्ति से अधिक आवृत्ति का प्रकाश आपतित होता है तो उस धातु के सतह से मुक्त इलेक्ट्रोनों का उत्सर्जन होता है इस घटना को प्रकाश विद्युत प्रभाव कहते हैं और इलेक्ट्रॉन को फोटो इलेक्ट्रॉन कहते हैं !
किसी प्रकाशीय नली से निर्गत प्रकाशीय इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर आपतित प्रकाश के आवृत्ति बढ़ाने पर आपतित प्रकाश की आवृत्ति से उत्सर्जित होने वाले फोटो इलेक्ट्रॉनों की संख्या और प्रभावित रहती है !
(9) ) प्रकाश विद्युत प्रभाव के संदर्भ में देहली आवृत्ति कार्यफलन और निरोधी विभव को परिभाषित करें
Ans देहली आवृत्ति :- किसी धातु के सतह पर आपतित प्रकाश की वह न्यूनतम आवृत्ति जिसके कारण धातु के सतह से इलेक्ट्रोनों का उत्सर्जन मात्र हो सके, देहली आवृत्ति कहलाता है !
कार्य फलन :- धातु के पृष्ठ पर आपतित प्रकाश का वह न्यूनतम ऊर्जा जिसके कारण धातु के सतह से इलेक्ट्रोनों का उत्सर्जन मात्र हो सके कार्य फलन कहलाता है !
निरोधी विभव :- किसी प्रकाश सेल की प्लेट को दिया गया वह न्यूनतम ऋणात्मक विभव जिस पर प्रकाश विद्युत धारा शून्य हो जाती है निरोधी विभव कहलाता है !
परमाणु
(1) बोर के परमाणु सिद्धांत की कमियां क्या है ?
Ans इस सिद्धांत द्वारा किसी तत्व की विभिन्न स्पेक्ट्री रेखाओं की तीव्रता में अंतर होने का कारण नहीं समझाया जा सकता है !
अधिक विभेदन क्षमता वाले स्पेक्ट्रोस्कोप से हाइड्रोजन की स्पेक्ट्रूमी रेखाओं का परीक्षण करने पर यह देखा गया कि इसमें एक से अधिक धूमिल सूक्ष्म रेखाएं रहती है स्पेक्टमी रेखाओं की इस सूक्ष्म योजना को बोर के सिद्धांत द्वारा नहीं समझाया जा सका !
(2) पाश्च्न श्रेणी क्या है ?
Ans इड्रोजन परमाणु जब किसी उच्चतर ऊर्जा स्तर से तृतीय ऊर्जा स्तर में प्रवेश करता है तब जो श्रेणी प्राप्त होता है उसे पाशचन श्रेणी कहते हैं जो की अदृश्य होता है
नाभिक
(1) रदरफोर्ड के अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग के आधार पर विकसित रदरफोर्ड के परमाणु संरचना को समझाइए !
Ans परमाणु के सभी धनात्मक आवेश अत्यल्प भाग में संकेंद्रित होता है
पूरे द्रव्यमान थोड़े भाग में ही संकेंद्रित होता है जिनका आकार का भाग1/10000 वाँ भाग होता है उसे नाभिक कहते हैं
नाभिक के चारों ओर का स्थान व्यावहारिक रूप से रिक्त होता है अल्फा कणों के प्रकीर्णन की कुल संख्या तथा प्रकीर्णन कोण के बीच का ग्राफ परमाणु के नाभिक मॉडल के आधार पर होता है
(2) रेडियो सक्रियता से आप क्या समझते हैं क्यूरी क्या है ? Ans कुछ अस्थाई तत्व स्वतः विखंडित होकर कुछ अदृश्य किरणें जैसे अल्फा बीटा तथा गामा किरणों का उत्सर्जन करते रहता है इस घटना को रेडियो सक्रियता कहते हैं !
क्यूरी रेडियोसक्रियता का मात्रक है !
(3) X- किरणों के किन्ही दो गुणों को लिखें
(3) सिवेक प्रभाव से आप क्या समझते हैं ?
Ans दो विभिन्न धातुओं के तारों के दोनों तारों को दो अलग-अलग तापक्रम पर रखने पर उन तारों में थर्मो विभव प्रेरित होता है जिसके कारण थर्मो विद्युत धारा तार में उत्पन्न होता है इस प्रभाव को सिविक प्रभाव कहते हैं !
(4) तापयुग्मी में विद्युत वाहक बल किन-किन बातों पर निर्भर करता है ?
Ans तापयुगमी में उत्पन्न ताप विद्युत वाहक बल निम्न दो कारकों पर निर्भर करता है उत्क्रमण ताप, उदासीन ताप
(5) प्रकाश उत्सर्जन की घटना सिर्फ धातु के सतह पर ही क्यों घटती है ?
Ans प्रकाश उत्सर्जन की घटना सिर्फ धातु सतह पर ही घटती है क्योंकि धातुओं के पास मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो कि ऊष्मा पाकर सतह से बाहर आसानी से निकल जाते हैं !
(6) थॉमसन प्रभाव :- यदि किसी तार के छोरों पर तापों को नियत रखकर तार के बीच वाले भाग के ताप को बढ़ाया जाता है और साथ ही साथ तार से होकर विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो तार का पहला आधा भाग ठंडा और दूसरा आधा भाग गर्म रहता है तार में धारा की दिशा बदल देने पर गर्म और ठंडा भाग भी आपस में बदल जाते हैं इस प्रभाव को थॉमसन प्रभाव कहते हैं !
पेल्टियर प्रभाव :- जब विभिन्न धातुओं का ताप-युग्म बनाकर उसमें किसी बाह्य स्रोत से धारा प्रवाहित की जाती है तो एक संधि ठंडी तथा दूसरी संधि गर्म हो जाती है अर्थात एक संधि पर उसका का अवशोषण तथा दूसरी संधि पर उसका का उत्पादन होता है इस प्रभाव को पेल्टियर प्रभाव कहते हैं !
(8) प्रकाश विद्युत प्रभाव क्या है ? किसी प्रकाशीय नली से निर्गत प्रकाशीय इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर आपतित प्रकाश की आवृत्ति बढ़ाने पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
Ans जब किसी धातु सतह पर उचित आवृत्ति यानी देल्ही आवृत्ति से अधिक आवृत्ति का प्रकाश आपतित होता है तो उस धातु के सतह से मुक्त इलेक्ट्रोनों का उत्सर्जन होता है इस घटना को प्रकाश विद्युत प्रभाव कहते हैं और इलेक्ट्रॉन को फोटो इलेक्ट्रॉन कहते हैं !
किसी प्रकाशीय नली से निर्गत प्रकाशीय इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर आपतित प्रकाश के आवृत्ति बढ़ाने पर आपतित प्रकाश की आवृत्ति से उत्सर्जित होने वाले फोटो इलेक्ट्रॉनों की संख्या और प्रभावित रहती है !
(9) ) प्रकाश विद्युत प्रभाव के संदर्भ में देहली आवृत्ति कार्यफलन और निरोधी विभव को परिभाषित करें
Ans देहली आवृत्ति :- किसी धातु के सतह पर आपतित प्रकाश की वह न्यूनतम आवृत्ति जिसके कारण धातु के सतह से इलेक्ट्रोनों का उत्सर्जन मात्र हो सके, देहली आवृत्ति कहलाता है !
कार्य फलन :- धातु के पृष्ठ पर आपतित प्रकाश का वह न्यूनतम ऊर्जा जिसके कारण धातु के सतह से इलेक्ट्रोनों का उत्सर्जन मात्र हो सके कार्य फलन कहलाता है !
निरोधी विभव :- किसी प्रकाश सेल की प्लेट को दिया गया वह न्यूनतम ऋणात्मक विभव जिस पर प्रकाश विद्युत धारा शून्य हो जाती है निरोधी विभव कहलाता है !
परमाणु
(1) बोर के परमाणु सिद्धांत की कमियां क्या है ?
Ans इस सिद्धांत द्वारा किसी तत्व की विभिन्न स्पेक्ट्री रेखाओं की तीव्रता में अंतर होने का कारण नहीं समझाया जा सकता है !
अधिक विभेदन क्षमता वाले स्पेक्ट्रोस्कोप से हाइड्रोजन की स्पेक्ट्रूमी रेखाओं का परीक्षण करने पर यह देखा गया कि इसमें एक से अधिक धूमिल सूक्ष्म रेखाएं रहती है स्पेक्टमी रेखाओं की इस सूक्ष्म योजना को बोर के सिद्धांत द्वारा नहीं समझाया जा सका !
(2) पाश्च्न श्रेणी क्या है ?
Ans इड्रोजन परमाणु जब किसी उच्चतर ऊर्जा स्तर से तृतीय ऊर्जा स्तर में प्रवेश करता है तब जो श्रेणी प्राप्त होता है उसे पाशचन श्रेणी कहते हैं जो की अदृश्य होता है
नाभिक
(1) रदरफोर्ड के अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग के आधार पर विकसित रदरफोर्ड के परमाणु संरचना को समझाइए !
Ans परमाणु के सभी धनात्मक आवेश अत्यल्प भाग में संकेंद्रित होता है
पूरे द्रव्यमान थोड़े भाग में ही संकेंद्रित होता है जिनका आकार का भाग1/10000 वाँ भाग होता है उसे नाभिक कहते हैं
नाभिक के चारों ओर का स्थान व्यावहारिक रूप से रिक्त होता है अल्फा कणों के प्रकीर्णन की कुल संख्या तथा प्रकीर्णन कोण के बीच का ग्राफ परमाणु के नाभिक मॉडल के आधार पर होता है
(2) रेडियो सक्रियता से आप क्या समझते हैं क्यूरी क्या है ? Ans कुछ अस्थाई तत्व स्वतः विखंडित होकर कुछ अदृश्य किरणें जैसे अल्फा बीटा तथा गामा किरणों का उत्सर्जन करते रहता है इस घटना को रेडियो सक्रियता कहते हैं !
क्यूरी रेडियोसक्रियता का मात्रक है !
(3) X- किरणों के किन्ही दो गुणों को लिखें
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Ans x- किरणे विद्युत चुंबकीय तरंग है, x-किरणे का स्थिर द्रव्यमान शून्य होता है !
(4) नाभिकीय रिएक्टर में मंदक, शीतलक और नियंत्रक छड़ के उपयोग बताइए
Ans मंदक :- तीव्रगामी न्यूट्रॉन को धीमा करने के लिए मंदक का प्रयोग किया जाता है जैसे ग्रेफाइट और भारी जल
शीतलक :- शीतलक एक ठंडा करने वाला पदार्थ है जो रिएक्टर में उत्पन ऊष्मा को घटाता है जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन
नियंत्रक छड़ :- नियंत्रक छड़ को श्रृंखला अभिक्रिया को नियंत्रित करने तथा अभिक्रिया की एक स्थाई दर बनाने रखने के लिए प्रयोग किया जाता है जैसे कैडमियम तथा बोरोन की छड़
(5) नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन में क्या अंतर है ?
Ans नाभिकीय विखंडन में एक भारी नाभिक टूट कर दो या दो से अधिक हल्के नाभिकों का निर्माण होता है जबकि नाभिकीय संलयन में दो या दो से अधिक हल्के नाभिक परस्पर जुड़कर एक बड़े और भारी नाभिक का निर्माण करता है
नाभिकीय विखंडन की क्रिया ताप से स्वतंत्र होती है जबकि नाभिकीय संलयन अत्यधिक ताप पर संपन्न होती है
नाभिकीय विखंडन न्यूट्रॉन द्वारा प्रेरित होता है जबकि नाभिकीय संलयन प्रोटॉन द्वारा प्रेरित होता है
नाभिकीय विखंडन एक श्रृंखला अभिक्रिया है जबकि नाभिकीय संलयन श्रृंखला अभिक्रिया नहीं है
(6) नाभिक से अल्फा बीटा कण के उत्सर्जन से तत्व के परमाणु स्थिति आवर्त तालिका में कैसे बदलती है लिखें !
Ans किसी परमाणु के नाभिक से जब एक अल्फा कण बाहर निकलता है तो उसके परमाणु संख्या में दो इकाई की कमी आती है तथा परमाणु द्रव्यमान में चार इकाई की कमी आती है यानी आवर्त सारणी में इसका स्थान दो स्थान पीछे चला आता है जबकि जब एक बीटा कण बाहर निकलता है तो इसके परमाणु संख्या में एक इकाई की बढ़ोतरी होती है और परमाणु द्रव्यमान में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होता है यानी आवर्त सारणी में इसका स्थान एक स्थान आगे चल जाता है !
(8) किसे नाभिक की बंधन ऊर्जा किसे कहते हैं ?
Ans किसी भी नाभिक को उसके घटक कणों में अलग-अलग करने के लिए जितनी वाह्यतम ऊर्जा की आवश्यकता होती है उसे उस नाभिक की बंधन ऊर्जा कहते हैं !
(9) बीटा किरणों के 2 गुणों को लिखें
Ans बीटा किरण इलेक्ट्रॉन के समतुल्य होता है
बीटा किरण का वेग अल्फा कण और गामा किरणों के बीच होता है !
(4) नाभिकीय रिएक्टर में मंदक, शीतलक और नियंत्रक छड़ के उपयोग बताइए
Ans मंदक :- तीव्रगामी न्यूट्रॉन को धीमा करने के लिए मंदक का प्रयोग किया जाता है जैसे ग्रेफाइट और भारी जल
शीतलक :- शीतलक एक ठंडा करने वाला पदार्थ है जो रिएक्टर में उत्पन ऊष्मा को घटाता है जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन
नियंत्रक छड़ :- नियंत्रक छड़ को श्रृंखला अभिक्रिया को नियंत्रित करने तथा अभिक्रिया की एक स्थाई दर बनाने रखने के लिए प्रयोग किया जाता है जैसे कैडमियम तथा बोरोन की छड़
(5) नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन में क्या अंतर है ?
Ans नाभिकीय विखंडन में एक भारी नाभिक टूट कर दो या दो से अधिक हल्के नाभिकों का निर्माण होता है जबकि नाभिकीय संलयन में दो या दो से अधिक हल्के नाभिक परस्पर जुड़कर एक बड़े और भारी नाभिक का निर्माण करता है
नाभिकीय विखंडन की क्रिया ताप से स्वतंत्र होती है जबकि नाभिकीय संलयन अत्यधिक ताप पर संपन्न होती है
नाभिकीय विखंडन न्यूट्रॉन द्वारा प्रेरित होता है जबकि नाभिकीय संलयन प्रोटॉन द्वारा प्रेरित होता है
नाभिकीय विखंडन एक श्रृंखला अभिक्रिया है जबकि नाभिकीय संलयन श्रृंखला अभिक्रिया नहीं है
(6) नाभिक से अल्फा बीटा कण के उत्सर्जन से तत्व के परमाणु स्थिति आवर्त तालिका में कैसे बदलती है लिखें !
Ans किसी परमाणु के नाभिक से जब एक अल्फा कण बाहर निकलता है तो उसके परमाणु संख्या में दो इकाई की कमी आती है तथा परमाणु द्रव्यमान में चार इकाई की कमी आती है यानी आवर्त सारणी में इसका स्थान दो स्थान पीछे चला आता है जबकि जब एक बीटा कण बाहर निकलता है तो इसके परमाणु संख्या में एक इकाई की बढ़ोतरी होती है और परमाणु द्रव्यमान में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होता है यानी आवर्त सारणी में इसका स्थान एक स्थान आगे चल जाता है !
(8) किसे नाभिक की बंधन ऊर्जा किसे कहते हैं ?
Ans किसी भी नाभिक को उसके घटक कणों में अलग-अलग करने के लिए जितनी वाह्यतम ऊर्जा की आवश्यकता होती है उसे उस नाभिक की बंधन ऊर्जा कहते हैं !
(9) बीटा किरणों के 2 गुणों को लिखें
Ans बीटा किरण इलेक्ट्रॉन के समतुल्य होता है
बीटा किरण का वेग अल्फा कण और गामा किरणों के बीच होता है !
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इस तरह के कई रिजल्ट हमारे कोचिंग से है अभी तक जानकारी के अनुसार हाईएस्ट 459 है राहुल कुमार कोचिंग मैं रोल नंबर 66 बायपास चौक
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