*Class 12th Bihar board*
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A K PHYSICS TUTORIAL
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लाल रंग से हाईलाइट किया हुआ आंसर है इसी तरह का 2024 परीक्षा के लिए इम्पोर्टेन्ट क्वेश्चन आंसर रोज आपके व्हाट्सएप चैनल पर भेजा जाएगा टेलीग्राम पर भी ऑनलाइन टेस्ट रोज हो रहा है और यूट्यूब पर वीडियो देखना ना भूले जो जो बच्चे व्हाट्सएप चैनल या टेलीग्राम पर नहीं जुड़े हुए हैं उन्हें भेज देने का कष्ट करें
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लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) एक कूलाम आवेश में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं
Ans 6.25×10*18
(2)परावैद्युत शक्ति एवं आपेक्षिक परावैद्युतांक को परिभाषित करें
Ans किसी परावैद्युत की शक्ति वह महत्तम क्षेत्र या विभव प्रवणता है जिस पर आरोपित करने पर इसका विद्युतीय विघटन नहीं होता है ऐसे पदार्थ को जब किसी विद्युतीय क्षेत्र में रखा जाता है तो अणुओं में अलगाव होना शुरू होता है एक ऐसी स्थिति आती है जब यह टूट जाता है विद्युत अपघटन कहलाता है !
(3) कूलाम के नियम की सीमाएं क्या है ?
Ans कुलम के नियम के निम्नलिखित सीमाएं हैं
(a) यह नियम केवल दो स्थिर आवेशों के लिए ही सत्य है
(b) यह नियम केवल दो बिंदु आवेशों के लिए ही सत्य है
(c)यह नियम केवल दो परिमित दूरी पर स्थित आवेशों के लिए ही सत्य है यानी दो आवेशों के बीच का दूरी अनंत से 10 पर पावर -15 मीटर के बीच होना चाहिए
(4) कूलाम के नियम के महत्व को लिखे
Ans कुलम के नियम सभी आवेशित वस्तुओं के बीच लगता है इस नियम के सहायता से दो आवेशित वस्तुओं के बीच आकर्षण और प्रतिकर्षण बल को हम ज्ञात कर सकते हैं इस नियम के सहायता से अणुओं या परमाणुओं के बीच लगने वाले बल को पता कर सकते हैं इस नियम के सहायता से इलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रॉन के बीच और प्रोटोन प्रोटोन के बीच के बल को ज्ञात कर सकते हैं
(5) विद्युत क्षेत्र के लिए अध्यारोपण सिद्धांत को लिखें और समझाएं
Ans दो से अधिक आवेश के निकाय में किसी एक आवेश पर लगने वाला कुल परिणामी बल प्रत्येक आवेश के कारण इस आवेश पर लगने वाले बलों के सदिश योगफल के बराबर होता है !
(6) विद्युत आवेश के गुणों को लिखें
Ans विद्युत आवेश के मुख्य रूप से तीन गुण हैं
(a)योगज्जता का गुण
(b)आवेश का क्वांटमीकरण
(C) विद्युत आवेश का संरक्षण
(7)विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण का एस आई मात्रक क्या है
Ans कुलम मीटर
(8) विद्युत बल रेखाएं एक दूसरे को क्यों नहीं काटती है ?
Ansक्योंकि यह रेखाएं एक दूसरे के समांतर होती है और यदि यह रेखाएं एक दूसरे को किसी बिंदु पर काटेगी तो कटान बिंदु पर एक से अधिक स्पर्श रेखाएं खींची जा सकती है जिसके कारण एक ही स्थान पर एक से अधिक विद्युत क्षेत्र का दिशा प्राप्त होता है जो कि संभव नहीं है
(9) गॉस के प्रमेय से कुलम का नियम प्राप्त करें
(10) बाहरी विद्युत क्षेत्र में रखें विद्युत द्विध्रुव पर लगे बल आघूर्ण के लिए व्यंजक प्राप्त करें अथवा समरूप विद्युत क्षेत्र में स्थित विद्युत द्विध्रुव पर लगे बल आघूर्ण का व्यंजक प्राप्त करें
(11) विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण को परिभाषित करें और इसका एस आई मात्रक लिखें
Ans विद्युत द्विध्रुव में स्थित किसी एक आवेश का परिमाण तथा दोनों आवेशों के बीच अल्प दूरी के गुणनफल को विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण कहते हैं जो की एक सदिश राशि है S,I मात्रक cm
(12)वरसात में बांस के हैंडल वाला धातु के हैंडल वाले छाता से अधिक सुरक्षित होता है क्यों
Ans धातु विद्युत का सुचालक होता है बरसात के समय जब आकाश में बिजली चमकता है तो उसे उत्पन्न आवेश धातु के हैंडल द्वारा आकर्षित हो सकता है जिससे व्यक्ति को हानि पहुंच सकता है इसीलिए बरसात के समय बांस का हैंडल वाला छाता का प्रयोग या प्लास्टिक का हैंडल वाला छाता का प्रयोग उचित माना जाता है
(13)विद्युत क्षेत्र को प्रदर्शित करने के लिए बल रेखाएं खींचे
(14) असमरूप विद्युत क्षेत्र को प्रदर्शित करने के लिए बल रेखाएं खींचे
(15) दो समान धन आवेश हवा में कुछ दूरी पर हो तो विद्युत बल रेखाएं खींचे
(16) मुक्त आकाश की विद्युतशीलता का मात्रक तथा विमीय सूत्र लिखें
Ans N-1C2m-2
(17) किसी गॉस पृष्ठ में -q , +2q , तथा -q आवेश है पृष्ठ में से परिणामी विद्युत फ्लक्स ज्ञात करें
Ans 0
(18) वायुमंडल विद्युत उदासीन नहीं होता है समझाएं क्यों
Ans वायुमंडल के ऊपरी भागों में धनायन तथा ऋण आयन पाए जाते हैं जिसके कारण वहां चालकता अधिक होता है इसी कारण से वायुमंडल उदासीन नहीं होता है
(19) विद्युतीय बल रेखाओं के 2 गुणों को लिखें
Ans (1))विद्युत बल रेखाएं एक दूसरे के समानांतर होती है
(2) विद्युत बल रेखाएं एक दूसरे को कभी नहीं कटती है
(3) विद्युत बल रेखाएं विद्युत क्षेत्र का परिमाण को व्यक्त करता है
(19) विद्युत क्षेत्र के फलकस से से आप क्या समझते हैं एस आई मात्रक को लिखें
Ans विद्युत क्षेत्र के तीव्रता और पृष्ठीय क्षेत्रफल के अदिश गुणनफल को विद्युत फ्लक्स कहते हैं इसका सी मात्रकNm2/C
(1) एक कूलाम आवेश में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं
Ans 6.25×10*18
(2)परावैद्युत शक्ति एवं आपेक्षिक परावैद्युतांक को परिभाषित करें
Ans किसी परावैद्युत की शक्ति वह महत्तम क्षेत्र या विभव प्रवणता है जिस पर आरोपित करने पर इसका विद्युतीय विघटन नहीं होता है ऐसे पदार्थ को जब किसी विद्युतीय क्षेत्र में रखा जाता है तो अणुओं में अलगाव होना शुरू होता है एक ऐसी स्थिति आती है जब यह टूट जाता है विद्युत अपघटन कहलाता है !
(3) कूलाम के नियम की सीमाएं क्या है ?
Ans कुलम के नियम के निम्नलिखित सीमाएं हैं
(a) यह नियम केवल दो स्थिर आवेशों के लिए ही सत्य है
(b) यह नियम केवल दो बिंदु आवेशों के लिए ही सत्य है
(c)यह नियम केवल दो परिमित दूरी पर स्थित आवेशों के लिए ही सत्य है यानी दो आवेशों के बीच का दूरी अनंत से 10 पर पावर -15 मीटर के बीच होना चाहिए
(4) कूलाम के नियम के महत्व को लिखे
Ans कुलम के नियम सभी आवेशित वस्तुओं के बीच लगता है इस नियम के सहायता से दो आवेशित वस्तुओं के बीच आकर्षण और प्रतिकर्षण बल को हम ज्ञात कर सकते हैं इस नियम के सहायता से अणुओं या परमाणुओं के बीच लगने वाले बल को पता कर सकते हैं इस नियम के सहायता से इलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रॉन के बीच और प्रोटोन प्रोटोन के बीच के बल को ज्ञात कर सकते हैं
(5) विद्युत क्षेत्र के लिए अध्यारोपण सिद्धांत को लिखें और समझाएं
Ans दो से अधिक आवेश के निकाय में किसी एक आवेश पर लगने वाला कुल परिणामी बल प्रत्येक आवेश के कारण इस आवेश पर लगने वाले बलों के सदिश योगफल के बराबर होता है !
(6) विद्युत आवेश के गुणों को लिखें
Ans विद्युत आवेश के मुख्य रूप से तीन गुण हैं
(a)योगज्जता का गुण
(b)आवेश का क्वांटमीकरण
(C) विद्युत आवेश का संरक्षण
(7)विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण का एस आई मात्रक क्या है
Ans कुलम मीटर
(8) विद्युत बल रेखाएं एक दूसरे को क्यों नहीं काटती है ?
Ansक्योंकि यह रेखाएं एक दूसरे के समांतर होती है और यदि यह रेखाएं एक दूसरे को किसी बिंदु पर काटेगी तो कटान बिंदु पर एक से अधिक स्पर्श रेखाएं खींची जा सकती है जिसके कारण एक ही स्थान पर एक से अधिक विद्युत क्षेत्र का दिशा प्राप्त होता है जो कि संभव नहीं है
(9) गॉस के प्रमेय से कुलम का नियम प्राप्त करें
(10) बाहरी विद्युत क्षेत्र में रखें विद्युत द्विध्रुव पर लगे बल आघूर्ण के लिए व्यंजक प्राप्त करें अथवा समरूप विद्युत क्षेत्र में स्थित विद्युत द्विध्रुव पर लगे बल आघूर्ण का व्यंजक प्राप्त करें
(11) विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण को परिभाषित करें और इसका एस आई मात्रक लिखें
Ans विद्युत द्विध्रुव में स्थित किसी एक आवेश का परिमाण तथा दोनों आवेशों के बीच अल्प दूरी के गुणनफल को विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण कहते हैं जो की एक सदिश राशि है S,I मात्रक cm
(12)वरसात में बांस के हैंडल वाला धातु के हैंडल वाले छाता से अधिक सुरक्षित होता है क्यों
Ans धातु विद्युत का सुचालक होता है बरसात के समय जब आकाश में बिजली चमकता है तो उसे उत्पन्न आवेश धातु के हैंडल द्वारा आकर्षित हो सकता है जिससे व्यक्ति को हानि पहुंच सकता है इसीलिए बरसात के समय बांस का हैंडल वाला छाता का प्रयोग या प्लास्टिक का हैंडल वाला छाता का प्रयोग उचित माना जाता है
(13)विद्युत क्षेत्र को प्रदर्शित करने के लिए बल रेखाएं खींचे
(14) असमरूप विद्युत क्षेत्र को प्रदर्शित करने के लिए बल रेखाएं खींचे
(15) दो समान धन आवेश हवा में कुछ दूरी पर हो तो विद्युत बल रेखाएं खींचे
(16) मुक्त आकाश की विद्युतशीलता का मात्रक तथा विमीय सूत्र लिखें
Ans N-1C2m-2
(17) किसी गॉस पृष्ठ में -q , +2q , तथा -q आवेश है पृष्ठ में से परिणामी विद्युत फ्लक्स ज्ञात करें
Ans 0
(18) वायुमंडल विद्युत उदासीन नहीं होता है समझाएं क्यों
Ans वायुमंडल के ऊपरी भागों में धनायन तथा ऋण आयन पाए जाते हैं जिसके कारण वहां चालकता अधिक होता है इसी कारण से वायुमंडल उदासीन नहीं होता है
(19) विद्युतीय बल रेखाओं के 2 गुणों को लिखें
Ans (1))विद्युत बल रेखाएं एक दूसरे के समानांतर होती है
(2) विद्युत बल रेखाएं एक दूसरे को कभी नहीं कटती है
(3) विद्युत बल रेखाएं विद्युत क्षेत्र का परिमाण को व्यक्त करता है
(19) विद्युत क्षेत्र के फलकस से से आप क्या समझते हैं एस आई मात्रक को लिखें
Ans विद्युत क्षेत्र के तीव्रता और पृष्ठीय क्षेत्रफल के अदिश गुणनफल को विद्युत फ्लक्स कहते हैं इसका सी मात्रकNm2/C
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(20) आवेश के आयतन घनत्व की परिभाषा दें इसके एस आई मात्रक को लिखें
Ans किसी चालक के एकांक आयतन में उपस्थित आवेश की कुल मात्रा को आयतन आवेश घनत्व कहते हैं इसका एस आई मात्रकCm-3
(21) आवेश संरक्षण का सिद्धांत क्या है
Ans किसी विलगित निकाय का कुल विद्युत आवेश को ना तो नष्ट किया जा सकता है और ना ही उत्पन्न किया जा सकता है बल्कि निकाय में ही एक वस्तु से दूसरे वस्तु में स्थानांतरित किया जा सकता है जैसे कांच के छड़ को रेशम के टुकड़ा से रगड़ते हैं तो कांच के छड पर जितना धन आवेश उत्पन्न होता है उतना ही ऋण आवेश रेशम के टुकड़ा पर उत्पन्न होता है
(22) विद्युत क्षेत्र की तीव्रता से आप क्या समझते हैं
Ans किसी आवेश के विद्युत क्षेत्र के अंदर एकांक कुलम के धन परीक्षण आवेश पर लगने वाले बाल को विद्युत क्षेत्र की तीव्रता कहते हैं !
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) नमी के दिनों में स्थिर विद्युत के प्रयोग ठीक से क्यों नहीं हो पाता है
Ans नमी के दिनों में स्थिर विद्युत के प्रयोग ठीक से नहीं हो पाते हैं क्योंकि नामी हवा आवेश के लिए सुचालक होता है आद्र हवा की सुचालकता के कारण प्रयोग में आवेश यंत्र पर स्थिर नहीं रह पाता है !
(2) वान डी ग्राफ जनरेटर का बेल्ट क्यों विद्युत रोधी पदार्थ का बना रहता है
Ans इसके कारण बेल्ट द्वारा लिया गया आवेश उस पर फैलता नहीं है बल्कि स्थानीकृत होता है बेल्ट के साथ आवेश नुकीले चालक के पास पहुंचा जाता है यदि बेल्ट सुचालक पदार्थ का होता तो यह पूरे बेल्ट पर फैल जाता और क्रिया प्रणाली सुचारू रूप से नहीं चल पाता !
(3) समविभवी सतह क्या है
Ans विद्युत क्षेत्र के अंदर खींचा गया वह तल जिसके प्रत्येक बिंदु का विभव समान होता है तथा किन्हीं दो बिंदुओं का विभावांतर जीरो होता है संविभवि तल कहलाता है
(4) दो संधारित्र के श्रेणी क्रम और समांतर क्रम परिपथ को दर्शाए
(5) चालक की धारिता को प्रभावित करने वाले कारकों को लिखें
Ans (a) चालक का आकार (b) चालक की आकृति (c) समीपवर्ती माध्यम की प्रकृति (d) अन्य चालकों की उपस्थिति
(6) दो विद्युत बल रेखाएं एक दूसरे को क्यों नहीं काट सकती है क्या दो समविभव सतह काट सकती है
Ans समविभवी तल एक दूसरे को नहीं कटती है क्योंकि
(a) विद्युत बल रेखाएं एक दूसरे के समानांतर होती है
(b) यदि यह विद्युत बल रेखाएं एक दूसरे को किसी बिंदु पर काटती है तो कटान बिंदु पर एक से अधिक स्पर्श रेखाएं खींची जा सकती है जिसके कारण उस स्थान पर एक से अधिक विद्युत क्षेत्र का दिशा प्राप्त होता है जो कि संभव नहीं है
(7) स्थिर विद्युत परिरक्षण क्या है इसके 1 जीवन उपयोगी उपयोग लिखें
Ans किसी निश्चित क्षेत्र को विद्युत क्षेत्र के प्रभाव से बचने की प्रक्रिया को स्थिर विद्युत परिरक्षण कहते हैं
जैसे बिजली गिरने के समय बंद कार, बस में बैठे रहना किसी पेड़ के नीचे या मैदान में खड़े रहने के तुलना में अधिक सुरक्षित होता है क्योंकि चालक के अंदर के खोखले भाग में स्थित के कारण आवेश बाह्य प्रभाव से परिरक्षित रहता है
(8) समांतर प्लेट संधारित्र में दूसरे प्लेट का क्या कार्य है
Ans समांतर प्लेट संधारित्र में दूसरा प्लेट प्रथम प्लेट के विभव को कम कर देता है जिसके कारण संधारित्र की धारिता बढ़ जाती है
(9) तीन संधारित्र के समांतर क्रम में संयोजन के लिए परिणामी धारिता प्राप्त करें
(10) विद्युत क्षेत्र की तीव्रता और विभव् के बीच संबंध स्थापित करें
(11) चालक की धारिता से आप क्या समझते हैं
Ans चालक को दिया गया आवेश तथा उनके दोनों प्लाटों के बीच विभावांतर के अनुपात को चालक की धारिता कहते हैं
(12) C धारिता वाले संधारित्र को विभव V तक आवेशित किया गया है इसके विद्युत ऊर्जा क्या है
1/2CV2
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) संचायक सेल का आंतरिक प्रतिरोध क्यों कम होता है
Ans संचायक सेल की प्लेटों का आकार बड़ा होता है और उनके बीच की दूरी काफी कम होती है संचायक सेल में ध्रुव नहीं होता है इस कारण संचायक सेल का आंतरिक प्रतिरोध काफी कम होता है !
(2) यदि गलती से बोल्ट मीटर को परिपथ के श्रेणी क्रम में तथा आमीटर को समांतर क्रम में जोड़ दिया जाए तो क्या होगा ?
Ans वोल्टमीटर का प्रतिरोध अधिक होता है यदि इसे श्रेणी क्रम में जोड़ देंगे तो इसका प्रभावी प्रतिरोध और अधिक हो जाएगा जिसके कारण परिपथ में कुंडली के जलने की संभावना हो जाएगी
अमीटर को यदि समांतर क्रम में जोड़ दें तो इसके कम प्रतिरोध होने के कारण पाठ्यंक सही-सही नहीं दे पाएगा
Ans किसी चालक के एकांक आयतन में उपस्थित आवेश की कुल मात्रा को आयतन आवेश घनत्व कहते हैं इसका एस आई मात्रकCm-3
(21) आवेश संरक्षण का सिद्धांत क्या है
Ans किसी विलगित निकाय का कुल विद्युत आवेश को ना तो नष्ट किया जा सकता है और ना ही उत्पन्न किया जा सकता है बल्कि निकाय में ही एक वस्तु से दूसरे वस्तु में स्थानांतरित किया जा सकता है जैसे कांच के छड़ को रेशम के टुकड़ा से रगड़ते हैं तो कांच के छड पर जितना धन आवेश उत्पन्न होता है उतना ही ऋण आवेश रेशम के टुकड़ा पर उत्पन्न होता है
(22) विद्युत क्षेत्र की तीव्रता से आप क्या समझते हैं
Ans किसी आवेश के विद्युत क्षेत्र के अंदर एकांक कुलम के धन परीक्षण आवेश पर लगने वाले बाल को विद्युत क्षेत्र की तीव्रता कहते हैं !
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) नमी के दिनों में स्थिर विद्युत के प्रयोग ठीक से क्यों नहीं हो पाता है
Ans नमी के दिनों में स्थिर विद्युत के प्रयोग ठीक से नहीं हो पाते हैं क्योंकि नामी हवा आवेश के लिए सुचालक होता है आद्र हवा की सुचालकता के कारण प्रयोग में आवेश यंत्र पर स्थिर नहीं रह पाता है !
(2) वान डी ग्राफ जनरेटर का बेल्ट क्यों विद्युत रोधी पदार्थ का बना रहता है
Ans इसके कारण बेल्ट द्वारा लिया गया आवेश उस पर फैलता नहीं है बल्कि स्थानीकृत होता है बेल्ट के साथ आवेश नुकीले चालक के पास पहुंचा जाता है यदि बेल्ट सुचालक पदार्थ का होता तो यह पूरे बेल्ट पर फैल जाता और क्रिया प्रणाली सुचारू रूप से नहीं चल पाता !
(3) समविभवी सतह क्या है
Ans विद्युत क्षेत्र के अंदर खींचा गया वह तल जिसके प्रत्येक बिंदु का विभव समान होता है तथा किन्हीं दो बिंदुओं का विभावांतर जीरो होता है संविभवि तल कहलाता है
(4) दो संधारित्र के श्रेणी क्रम और समांतर क्रम परिपथ को दर्शाए
(5) चालक की धारिता को प्रभावित करने वाले कारकों को लिखें
Ans (a) चालक का आकार (b) चालक की आकृति (c) समीपवर्ती माध्यम की प्रकृति (d) अन्य चालकों की उपस्थिति
(6) दो विद्युत बल रेखाएं एक दूसरे को क्यों नहीं काट सकती है क्या दो समविभव सतह काट सकती है
Ans समविभवी तल एक दूसरे को नहीं कटती है क्योंकि
(a) विद्युत बल रेखाएं एक दूसरे के समानांतर होती है
(b) यदि यह विद्युत बल रेखाएं एक दूसरे को किसी बिंदु पर काटती है तो कटान बिंदु पर एक से अधिक स्पर्श रेखाएं खींची जा सकती है जिसके कारण उस स्थान पर एक से अधिक विद्युत क्षेत्र का दिशा प्राप्त होता है जो कि संभव नहीं है
(7) स्थिर विद्युत परिरक्षण क्या है इसके 1 जीवन उपयोगी उपयोग लिखें
Ans किसी निश्चित क्षेत्र को विद्युत क्षेत्र के प्रभाव से बचने की प्रक्रिया को स्थिर विद्युत परिरक्षण कहते हैं
जैसे बिजली गिरने के समय बंद कार, बस में बैठे रहना किसी पेड़ के नीचे या मैदान में खड़े रहने के तुलना में अधिक सुरक्षित होता है क्योंकि चालक के अंदर के खोखले भाग में स्थित के कारण आवेश बाह्य प्रभाव से परिरक्षित रहता है
(8) समांतर प्लेट संधारित्र में दूसरे प्लेट का क्या कार्य है
Ans समांतर प्लेट संधारित्र में दूसरा प्लेट प्रथम प्लेट के विभव को कम कर देता है जिसके कारण संधारित्र की धारिता बढ़ जाती है
(9) तीन संधारित्र के समांतर क्रम में संयोजन के लिए परिणामी धारिता प्राप्त करें
(10) विद्युत क्षेत्र की तीव्रता और विभव् के बीच संबंध स्थापित करें
(11) चालक की धारिता से आप क्या समझते हैं
Ans चालक को दिया गया आवेश तथा उनके दोनों प्लाटों के बीच विभावांतर के अनुपात को चालक की धारिता कहते हैं
(12) C धारिता वाले संधारित्र को विभव V तक आवेशित किया गया है इसके विद्युत ऊर्जा क्या है
1/2CV2
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) संचायक सेल का आंतरिक प्रतिरोध क्यों कम होता है
Ans संचायक सेल की प्लेटों का आकार बड़ा होता है और उनके बीच की दूरी काफी कम होती है संचायक सेल में ध्रुव नहीं होता है इस कारण संचायक सेल का आंतरिक प्रतिरोध काफी कम होता है !
(2) यदि गलती से बोल्ट मीटर को परिपथ के श्रेणी क्रम में तथा आमीटर को समांतर क्रम में जोड़ दिया जाए तो क्या होगा ?
Ans वोल्टमीटर का प्रतिरोध अधिक होता है यदि इसे श्रेणी क्रम में जोड़ देंगे तो इसका प्रभावी प्रतिरोध और अधिक हो जाएगा जिसके कारण परिपथ में कुंडली के जलने की संभावना हो जाएगी
अमीटर को यदि समांतर क्रम में जोड़ दें तो इसके कम प्रतिरोध होने के कारण पाठ्यंक सही-सही नहीं दे पाएगा
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(3) प्रतिरोधकता क्या है ? इसका S.I मात्रक लिखें किसी प्रा रूपी अर्धचालक के लिए तापमान में परिवर्तन के साथ प्रतिरोधकता के बदलाव को ग्राफ द्वारा प्रदर्शित करें
Ans किसी चालक के एकांक लंबाई तथा एकांक अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के प्रतिरोध को प्रतिरोधकता कहते हैं S.I मात्रक ओम मीटर
(4) विभवमापी के सिद्धांत को लिखें दो प्राथमिक खेलों के विद्युत वाहक बल के तुलनात्मक अध्ययन हेतु प्रयुक्त परिपथ आरेख खींचें
(5) प्रतिरोधकता का व्यंजक किसी चालक के लिए लिखें तथा व्यंजक के प्रत्येक अवयव को समझाएं
(7) p प्रतिरोधकता वाले तार की लंबाई दुगनी कर दी गई है तार की नई प्रतिरोधकता क्या होगी
Ans नई प्रतिरोधकता में कोई परिवर्तन नहीं होता है क्योंकि प्रतिरोधकता लंबाई पर निर्भर नहीं करता है
(8) शट किसे कहते हैं तथा शट के क्या उपयोग हैं
Ans धारामापी से अमीटर बनाने के क्रम में धारामापी के समांतर क्रम में एक निम्न प्रतिरोध का तार जोड़ देते हैं जिसे शंट कहते हैं
इसका उपयोग (a) कुंडली के जलने से बचाता है
(b)अमीटर के पारस को विभिन्न प्रकार के शंट का उपयोग करके बदल सकते हैं
(9) विद्युत नेटवर्क के लिए किरचॉफ के दोनों नियम लिखें
Ans (a) प्रथम नियम - विद्युत परिपथ के किसी संधि पर मिलने वाले समस्त विद्युत धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है
(b) विद्युत परिपथ के किसी बंद पाश के विभिन्न भागों में प्रवाहित विद्युत धाराओं तथा उनके संगत प्रतिरोधों के गुणनफल के योगफल उसमें उपस्थित विभिन्न सेलों के विद्युत वाहक बलों के बीजगणितीय योग के बराबर होता है
(10) सवहन वेग को समझाएं संवहन वेग और विद्युत धारा में क्या संबंध है
Ans किसी चालक तार में नियत विद्युत क्षेत्र आरोपित करने पर उसमें उपस्थित मुक्त इलेक्ट्रॉन एक निश्चित दिशा में निश्चित वेग से गति करने लगते हैं इसी निश्चित बैग को संवहन वेग कहते हैं
(11) क्या किरचॉफ का द्वितीय नियम ओम के नियम का प्रतिपादन करता है
Ans हां, किरचॉफ का द्वितीय नियम ओम के नियम का प्रतिपादन करता है
(12) समझाएं कि किरचॉफ का द्वितीय नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम है
Ans किसी बंद परिपथ के प्रत्येक भाग में धारा और प्रतिरोध के गुणनफल का बीजगणितीय योग परिपथ के कुल विद्युत वाहक बल के योगफल के बराबर होता है
(13) संवहन वेग के सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ओम के नियम को प्राप्त करें
(14) किसी चालक में बह रहे धारा एवं इलेक्ट्रॉन के अनुगमन वेग के बीच संबंध स्थापित करें
(15) सौर सेल को समझाइए
Ans सौर सेल सिलिकॉन का बना होता है सौर सेल एक ऐसा युक्ति होता है जो सूर्य ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा के रूप में परिवर्तित करके परिपथ में एक नियत विभावांतर को बनाए रखता है
(16) कार्बन प्रतिरोध के कलर कोड से आप क्या समझते हैं ! नारंगी और पीले रंगों के लिए कार्बन प्रतिरोध का कलर कोड लिखें !
Ans विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक और विद्युतीय परिपथ में प्रयुक्त प्रतिरोधों का परिसर काफी बड़ा होता है प्रतिरोध को मापने के लिए कलर कोड का इस्तेमाल करते हैं जिसे कार्बन प्रतिरोध का कलर कोड कहते हैं जिसमें चार संगकेंद्री वलय होता है प्रथम दो बलई सार्थक अंक को तीसरा वलय दशमलव गुणक को और चौथा वलय त्रुटि सीमा को व्यक्त करता है
(17) विभवमापी के दो उपयोग को लिखे !
Ans (a) किसी सेल का विद्युत वाहक बल मापने में
(b) दो सेलों के विद्युत वाहक बलों की तुलना करने में
(c) किसी सेल का आंतरिक प्रतिरोध ज्ञात करने में
(18) प्रतिरोधकों के समांतर क्रम के संयोजन को समझाएं !
Ans प्रतिरोधकों का वह संयोजन जिसमें प्रत्येक प्रतिरोध के प्रथम सिरे को एक साथ एक बिंदु पर तथा प्रत्येक प्रतिरोध के दूसरे सिरे को एक साथ एक बिंदु पर जोड़ते हैं उसे समांतर क्रम संयोजन कहते हैं
(19) धारा घनत्व क्या है विवेचना करें
Ans किसी चालक तार के प्रति एकांक अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल से होकर प्रवाहित होने वाले विद्युत धारा को धारा घनत्व कहते हैं यह एक सदिश राशि है
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) चल कुंडली गैल्वेनोमीटर में रखिए चुंबकीय क्षेत्र का क्या महत्व है
Ans विद्युत क्षेत्र के कारण इलेक्ट्रॉन उत्तर की ओर विक्षेपित होता है इलेक्ट्रॉन अविक्षेपित रहेगा यदि चुंबकीय क्षेत्र के कारण बल दक्षिण की ओर हो चुकी इलेक्ट्रॉन पश्चिम से पूर्व की ओर गतिशील है अतः फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम के अनुसार यह उदग्र रूप से नीचे की ओर होना चाहिए !
(2) चल कुंडली गैल्वेनोमीटर को वोल्टमीटर में किस तरह बदला जाता है
Ans किसी चालक के एकांक लंबाई तथा एकांक अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के प्रतिरोध को प्रतिरोधकता कहते हैं S.I मात्रक ओम मीटर
(4) विभवमापी के सिद्धांत को लिखें दो प्राथमिक खेलों के विद्युत वाहक बल के तुलनात्मक अध्ययन हेतु प्रयुक्त परिपथ आरेख खींचें
(5) प्रतिरोधकता का व्यंजक किसी चालक के लिए लिखें तथा व्यंजक के प्रत्येक अवयव को समझाएं
(7) p प्रतिरोधकता वाले तार की लंबाई दुगनी कर दी गई है तार की नई प्रतिरोधकता क्या होगी
Ans नई प्रतिरोधकता में कोई परिवर्तन नहीं होता है क्योंकि प्रतिरोधकता लंबाई पर निर्भर नहीं करता है
(8) शट किसे कहते हैं तथा शट के क्या उपयोग हैं
Ans धारामापी से अमीटर बनाने के क्रम में धारामापी के समांतर क्रम में एक निम्न प्रतिरोध का तार जोड़ देते हैं जिसे शंट कहते हैं
इसका उपयोग (a) कुंडली के जलने से बचाता है
(b)अमीटर के पारस को विभिन्न प्रकार के शंट का उपयोग करके बदल सकते हैं
(9) विद्युत नेटवर्क के लिए किरचॉफ के दोनों नियम लिखें
Ans (a) प्रथम नियम - विद्युत परिपथ के किसी संधि पर मिलने वाले समस्त विद्युत धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है
(b) विद्युत परिपथ के किसी बंद पाश के विभिन्न भागों में प्रवाहित विद्युत धाराओं तथा उनके संगत प्रतिरोधों के गुणनफल के योगफल उसमें उपस्थित विभिन्न सेलों के विद्युत वाहक बलों के बीजगणितीय योग के बराबर होता है
(10) सवहन वेग को समझाएं संवहन वेग और विद्युत धारा में क्या संबंध है
Ans किसी चालक तार में नियत विद्युत क्षेत्र आरोपित करने पर उसमें उपस्थित मुक्त इलेक्ट्रॉन एक निश्चित दिशा में निश्चित वेग से गति करने लगते हैं इसी निश्चित बैग को संवहन वेग कहते हैं
(11) क्या किरचॉफ का द्वितीय नियम ओम के नियम का प्रतिपादन करता है
Ans हां, किरचॉफ का द्वितीय नियम ओम के नियम का प्रतिपादन करता है
(12) समझाएं कि किरचॉफ का द्वितीय नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम है
Ans किसी बंद परिपथ के प्रत्येक भाग में धारा और प्रतिरोध के गुणनफल का बीजगणितीय योग परिपथ के कुल विद्युत वाहक बल के योगफल के बराबर होता है
(13) संवहन वेग के सिद्धांत का प्रयोग करते हुए ओम के नियम को प्राप्त करें
(14) किसी चालक में बह रहे धारा एवं इलेक्ट्रॉन के अनुगमन वेग के बीच संबंध स्थापित करें
(15) सौर सेल को समझाइए
Ans सौर सेल सिलिकॉन का बना होता है सौर सेल एक ऐसा युक्ति होता है जो सूर्य ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा के रूप में परिवर्तित करके परिपथ में एक नियत विभावांतर को बनाए रखता है
(16) कार्बन प्रतिरोध के कलर कोड से आप क्या समझते हैं ! नारंगी और पीले रंगों के लिए कार्बन प्रतिरोध का कलर कोड लिखें !
Ans विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक और विद्युतीय परिपथ में प्रयुक्त प्रतिरोधों का परिसर काफी बड़ा होता है प्रतिरोध को मापने के लिए कलर कोड का इस्तेमाल करते हैं जिसे कार्बन प्रतिरोध का कलर कोड कहते हैं जिसमें चार संगकेंद्री वलय होता है प्रथम दो बलई सार्थक अंक को तीसरा वलय दशमलव गुणक को और चौथा वलय त्रुटि सीमा को व्यक्त करता है
(17) विभवमापी के दो उपयोग को लिखे !
Ans (a) किसी सेल का विद्युत वाहक बल मापने में
(b) दो सेलों के विद्युत वाहक बलों की तुलना करने में
(c) किसी सेल का आंतरिक प्रतिरोध ज्ञात करने में
(18) प्रतिरोधकों के समांतर क्रम के संयोजन को समझाएं !
Ans प्रतिरोधकों का वह संयोजन जिसमें प्रत्येक प्रतिरोध के प्रथम सिरे को एक साथ एक बिंदु पर तथा प्रत्येक प्रतिरोध के दूसरे सिरे को एक साथ एक बिंदु पर जोड़ते हैं उसे समांतर क्रम संयोजन कहते हैं
(19) धारा घनत्व क्या है विवेचना करें
Ans किसी चालक तार के प्रति एकांक अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल से होकर प्रवाहित होने वाले विद्युत धारा को धारा घनत्व कहते हैं यह एक सदिश राशि है
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) चल कुंडली गैल्वेनोमीटर में रखिए चुंबकीय क्षेत्र का क्या महत्व है
Ans विद्युत क्षेत्र के कारण इलेक्ट्रॉन उत्तर की ओर विक्षेपित होता है इलेक्ट्रॉन अविक्षेपित रहेगा यदि चुंबकीय क्षेत्र के कारण बल दक्षिण की ओर हो चुकी इलेक्ट्रॉन पश्चिम से पूर्व की ओर गतिशील है अतः फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम के अनुसार यह उदग्र रूप से नीचे की ओर होना चाहिए !
(2) चल कुंडली गैल्वेनोमीटर को वोल्टमीटर में किस तरह बदला जाता है
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Ans चल कुंडली गैल्वेनोमीटर के प्रतिरोध के श्रेणी क्रम में उच्च प्रतिरोध के तार को जोड़ देने पर यह वोल्टमीटर में परिवर्तित हो जाता है
(3) दिखाए की एक स्पर्शज्या धारामापी( गैल्वेनोमीटर )से मापी गई धारा की शुद्धता उस धारा के लिए महत्तम होती है जिसका विक्षेपन 45 डिग्री है
(4) किसी क्षेत्र से गुजरता हुआ एक इलेक्ट्रॉन विक्षेपित नहीं होता है क्या यह संभव हो सकता है कि वहां कोई चुंबकीय क्षेत्र नहीं हो समझाइए
Ans हां, जब चुंबकीय क्षेत्र के बल रेखाओं के साथ इलेक्ट्रॉन गति करता है तो वहां पर किसी प्रकार का चुंबकीय क्षेत्र के द्वारा इलेक्ट्रॉन पर बल नहीं लगता है सिर्फ चुंबकीय क्षेत्र के कारण इलेक्ट्रॉन पर जो बल लगता है वह लंबवत लगने का काम करता है !
(5) लारेंज बल क्या है
Ans जब चुंबकीय क्षेत्र के अंदर कोई आवेशित कण गति करता है तो चुंबकीय क्षेत्र के द्वारा आवेशित कण पर जो बल लगता है उसे लॉरेंज बल या चुंबकीय बल कहते हैं
(6) उदग्र ऊपर की ओर चुंबकीय क्षेत्र B में एक धन आवेशित कण को क्षितिज पूर्व की ओर फेंकने पर लगे बल की दिशा क्या होगी
Ans दक्षिण दिशा
(7) किसी चुंबकीय क्षेत्र B के दिशा से 90 डिग्री पर कोई आवेश q चाल V से इस क्षेत्र में प्रवेश करता है आवेश के वृत्तीय पथ की त्रिज्या का मान निकाले
(8) बायो सेवर्ट नियम को लिखें
Ans किसी धारावाहिक चालक तार के किसी स्वल्पांश के कारण किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र ज्ञात करने के लिए बायो सेवर्ट ने नियम दिया था जिनके अनुसार
(a) चुंबकीय क्षेत्र का मान प्रवाहित विद्युत धारा के समानुपाती होता है (b) चुंबकीय क्षेत्र का मान स्वल्पांश के लंबाई के समानुपाती होता है (c) चुंबकीय क्षेत्र का मान स्वल्पांश तथा बिंदु के बीच के दूरी के वर्ग के व्युत्क्रम अनुपाती होता है (d) चुंबकीय क्षेत्र का मान स्वल्पांश तथा बिंदु के बीच के कोण के ज्या के समानुपाती होता है
(9) छड़ चुंबक की अक्षीय स्थिति और निरक्षीय स्थिति को समझाएं
Ans छड़ चुंबक के उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाले तल को अक्षीय स्थिति कहते हैं छड़ चुंबक के उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाले तल के लंबवत स्थिति को निरक्षीय स्थिति कहते हैंं
(10) चुबकीय आघूर्ण को समझाएं
Ans छड़ चुंबक के किसी एक ध्रुव के ध्रुव प्रबलता तथा दोनों ध्रुव के बीच के दूरी के गुणनफल को चुंबकीय आघूर्ण कहते हैं !
(11) उदग्र ऊपर की ओर चुंबकीय क्षेत्र B में एक धन आवेशित कण को क्षैतिज पूर्व की ओर फेंकने पर लगे बल की दिशा क्या होगी !
Ans दक्षिण दिशा
(13) लेंज का नियम ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत का पालन करता है समझाइए !
Ans जब किसी चुंबक के उत्तरी ध्रुव को कुंडली के करीब ले जाते हैं तो प्रेरित धारा के कारण उत्पन्न प्रेरित चुंबकीय प्रभाव से उत्तरी ध्रुव उत्पन्न हो जाता है जिसको और करीब ले जाने पर यांत्रिक ऊर्जा का खपत होता है जो की विद्युतीय ऊर्जा में बदल जाता है अतः हम कह सकते हैं कि ऊर्जा का स्थानांतरण एक रूप से दूसरे रूप में होता है ऊर्जा न तो नष्ट होता है ना तो उत्पन्न होता है यानी लेंज का नियम ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत का पालन करता है !
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) शैथिल्य पाश क्या है इसकी सहायता से धारणशिलता एवं निग्रहीता को समझाइए
Ans चुंबकन तीव्रता का चुंबकन क्षेत्र का पीछे छूट जाने की क्रिया को शैथिल्य कहते हैं शैथिल्य का प्रभाव यह होता है कि जब चुंबकीय पदार्थ चुंबकन वक्र से गुजरता है तो जितने ऊर्जा खपत होती है उतने ऊर्जा प्राप्त नहीं हो पाती है ऊर्जा में यह कमी शैथिल्य ह्रास कहलाता है !
धरणशीलता - जब चुंबकीय बल घटकर शून्य हो जाता है तब अव्शिष्ट चुंबकत्व का मान धारणशीलता कहलाता है
निग्रहीता -निग्रहीता उस व्युत्क्रम चुंबकीय क्षेत्र का मान है जो चुंबकीय पदार्थ पर इस तरह आरोपित किया जाता है ताकि वह अवशेष चुंबकत्व को घटाकर शून्य कर दे !
(2) विद्युत चुंबक एवं स्थाई चुंबक के बीच अंतर लिखें
Ans विद्युत चुंबक का चुंबकत्व धारा के कारण होता है लेकिन स्थाई चुंबक का चुंबकत्व धारा के कारण नहीं होता है विद्युत चुंबक को नर्म लोहा जबकि स्थाई चुंबक को इस्पात से बनाते हैं !
(3) अनुचुंबकीय तथा प्रति चुंबकीय पदार्थों के उन दो गुण का उल्लेख करें जो इन दो प्रकार के पदार्थों के व्यवहार में भेद दर्शाते हैं यानी अनुचुंबकीय एवं प्रतिचुंबकीय पदार्थ में क्या अंतर है
Ans अनु चुंबकीय पदार्थ क्यूरी के नियम का पालन करता है जबकि प्रतिचुंबकीय पदार्थ क्यूरी के नियम का पालन नहीं करता है
(3) दिखाए की एक स्पर्शज्या धारामापी( गैल्वेनोमीटर )से मापी गई धारा की शुद्धता उस धारा के लिए महत्तम होती है जिसका विक्षेपन 45 डिग्री है
(4) किसी क्षेत्र से गुजरता हुआ एक इलेक्ट्रॉन विक्षेपित नहीं होता है क्या यह संभव हो सकता है कि वहां कोई चुंबकीय क्षेत्र नहीं हो समझाइए
Ans हां, जब चुंबकीय क्षेत्र के बल रेखाओं के साथ इलेक्ट्रॉन गति करता है तो वहां पर किसी प्रकार का चुंबकीय क्षेत्र के द्वारा इलेक्ट्रॉन पर बल नहीं लगता है सिर्फ चुंबकीय क्षेत्र के कारण इलेक्ट्रॉन पर जो बल लगता है वह लंबवत लगने का काम करता है !
(5) लारेंज बल क्या है
Ans जब चुंबकीय क्षेत्र के अंदर कोई आवेशित कण गति करता है तो चुंबकीय क्षेत्र के द्वारा आवेशित कण पर जो बल लगता है उसे लॉरेंज बल या चुंबकीय बल कहते हैं
(6) उदग्र ऊपर की ओर चुंबकीय क्षेत्र B में एक धन आवेशित कण को क्षितिज पूर्व की ओर फेंकने पर लगे बल की दिशा क्या होगी
Ans दक्षिण दिशा
(7) किसी चुंबकीय क्षेत्र B के दिशा से 90 डिग्री पर कोई आवेश q चाल V से इस क्षेत्र में प्रवेश करता है आवेश के वृत्तीय पथ की त्रिज्या का मान निकाले
(8) बायो सेवर्ट नियम को लिखें
Ans किसी धारावाहिक चालक तार के किसी स्वल्पांश के कारण किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र ज्ञात करने के लिए बायो सेवर्ट ने नियम दिया था जिनके अनुसार
(a) चुंबकीय क्षेत्र का मान प्रवाहित विद्युत धारा के समानुपाती होता है (b) चुंबकीय क्षेत्र का मान स्वल्पांश के लंबाई के समानुपाती होता है (c) चुंबकीय क्षेत्र का मान स्वल्पांश तथा बिंदु के बीच के दूरी के वर्ग के व्युत्क्रम अनुपाती होता है (d) चुंबकीय क्षेत्र का मान स्वल्पांश तथा बिंदु के बीच के कोण के ज्या के समानुपाती होता है
(9) छड़ चुंबक की अक्षीय स्थिति और निरक्षीय स्थिति को समझाएं
Ans छड़ चुंबक के उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाले तल को अक्षीय स्थिति कहते हैं छड़ चुंबक के उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाले तल के लंबवत स्थिति को निरक्षीय स्थिति कहते हैंं
(10) चुबकीय आघूर्ण को समझाएं
Ans छड़ चुंबक के किसी एक ध्रुव के ध्रुव प्रबलता तथा दोनों ध्रुव के बीच के दूरी के गुणनफल को चुंबकीय आघूर्ण कहते हैं !
(11) उदग्र ऊपर की ओर चुंबकीय क्षेत्र B में एक धन आवेशित कण को क्षैतिज पूर्व की ओर फेंकने पर लगे बल की दिशा क्या होगी !
Ans दक्षिण दिशा
(13) लेंज का नियम ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत का पालन करता है समझाइए !
Ans जब किसी चुंबक के उत्तरी ध्रुव को कुंडली के करीब ले जाते हैं तो प्रेरित धारा के कारण उत्पन्न प्रेरित चुंबकीय प्रभाव से उत्तरी ध्रुव उत्पन्न हो जाता है जिसको और करीब ले जाने पर यांत्रिक ऊर्जा का खपत होता है जो की विद्युतीय ऊर्जा में बदल जाता है अतः हम कह सकते हैं कि ऊर्जा का स्थानांतरण एक रूप से दूसरे रूप में होता है ऊर्जा न तो नष्ट होता है ना तो उत्पन्न होता है यानी लेंज का नियम ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत का पालन करता है !
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) शैथिल्य पाश क्या है इसकी सहायता से धारणशिलता एवं निग्रहीता को समझाइए
Ans चुंबकन तीव्रता का चुंबकन क्षेत्र का पीछे छूट जाने की क्रिया को शैथिल्य कहते हैं शैथिल्य का प्रभाव यह होता है कि जब चुंबकीय पदार्थ चुंबकन वक्र से गुजरता है तो जितने ऊर्जा खपत होती है उतने ऊर्जा प्राप्त नहीं हो पाती है ऊर्जा में यह कमी शैथिल्य ह्रास कहलाता है !
धरणशीलता - जब चुंबकीय बल घटकर शून्य हो जाता है तब अव्शिष्ट चुंबकत्व का मान धारणशीलता कहलाता है
निग्रहीता -निग्रहीता उस व्युत्क्रम चुंबकीय क्षेत्र का मान है जो चुंबकीय पदार्थ पर इस तरह आरोपित किया जाता है ताकि वह अवशेष चुंबकत्व को घटाकर शून्य कर दे !
(2) विद्युत चुंबक एवं स्थाई चुंबक के बीच अंतर लिखें
Ans विद्युत चुंबक का चुंबकत्व धारा के कारण होता है लेकिन स्थाई चुंबक का चुंबकत्व धारा के कारण नहीं होता है विद्युत चुंबक को नर्म लोहा जबकि स्थाई चुंबक को इस्पात से बनाते हैं !
(3) अनुचुंबकीय तथा प्रति चुंबकीय पदार्थों के उन दो गुण का उल्लेख करें जो इन दो प्रकार के पदार्थों के व्यवहार में भेद दर्शाते हैं यानी अनुचुंबकीय एवं प्रतिचुंबकीय पदार्थ में क्या अंतर है
Ans अनु चुंबकीय पदार्थ क्यूरी के नियम का पालन करता है जबकि प्रतिचुंबकीय पदार्थ क्यूरी के नियम का पालन नहीं करता है
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अनु चुंबकीय पदार्थ में चुंबकीय प्रभाव धनात्मक होता है जबकि प्रति चुंबकीय पदार्थ में चुंबकीय प्रभाव ऋण आत्मक होता है
(4) लौह चुंबकत्व से आप क्या समझते हैं
Ans लौह चुंबकत्व ही वह मूलभूत तरीका है जिससे कुछ पदार्थ स्थाई चुंबक बनाते हैं या दूसरे चुंबकों को की ओर आकृष्ट होते हैं लौह चुंबकत्व के गुण प्रदर्शित करने वाले तत्व लोहा निकेल कोबाल्ट इत्यादि है
(5) चुम्बकीय विभव को परिभाषित करें
Ans एकांक उत्तरी ध्रुव को किसी चुंबकीय क्षेत्र के अंदर लाने में जो कार्य होता है उसे चुंबकीय विभव कहते हैं !
(6) किसी स्थान पर के आभासी नमन कोण से आप क्या समझते हैं
Ans पृथ्वी के चुंबकीय याम्योत्तर में चुंबकीय क्षेत्र का परिणामी और चुंबकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक के बीच जो कोण बनता है उसे आभासी नमन कोण कहते हैं विषुवत रेखा पर इसका मान 0 डिग्री और ध्रुव पर इसका मन 90 डिग्री होता है !
(7) पृथ्वी के चुंबकीय तत्व से आप क्या समझते हैं
Ans पृथ्वी के विभिन्न स्थानों पर चुंबकीय क्षेत्र का मान और दिशा को पता लगाने के लिए जिन तत्वों का इस्तेमाल करते हैं उसे पृथ्वी का चुंबकीय तत्व कहते हैं जैसे दिकपात कोण, नमन कोण, चुंबकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक
(8) प्रतिचुंबकीय पदार्थ के 2 गुणों को लिखें
Ans चुंबकीय क्षेत्र के द्वारा प्रतिकर्षित हो जाता है
चुंबकीय प्रभाव ऋण आत्मक होता है
(9) क्यूरी नियम क्या है !
Ans इस नियम के अनुसार किसी अनु चुंबकीय पदार्थ का चुंबकीय प्रवृत्ति परम ताप के व्युत्क्रमानुपाती होता है !
(10) चुंबकीय क्षेत्र के अनुदिश गतिशील आवेशित कण का मार्ग कैसा होगा !
Ans सरल रेखा
(11) चुंबक के अक्षीय स्थिति से आप क्या समझते हैं !
Ans किसी चुंबक के उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाले स्थिति को अक्षीय स्थिति कहते हैं
(12) चुंबकीय फ्लक्स की परिभाषा दें और एसआई मात्रक लिखें !
Ans किस चुंबकीय क्षेत्र से होकर लंबवत दिशा में गुजरने वाले चुंबकीय बल रेखाओं के कुल संख्या के माप को चुंबकीय फ्लक्स कहते हैं ! मात्रक टेस्ला मीटर स्क्वायर
इसी तरह का 2024 परीक्षा के लिए इम्पोर्टेन्ट क्वेश्चन आंसर रोज आपके व्हाट्सएप चैनल पर भेजा जाएगा टेलीग्राम पर भी ऑनलाइन टेस्ट रोज हो रहा है और यूट्यूब पर वीडियो देखना ना भूले जो जो बच्चे व्हाट्सएप चैनल या टेलीग्राम पर नहीं जुड़े हुए हैं उन्हें भेज देने का कष्ट करें
(4) लौह चुंबकत्व से आप क्या समझते हैं
Ans लौह चुंबकत्व ही वह मूलभूत तरीका है जिससे कुछ पदार्थ स्थाई चुंबक बनाते हैं या दूसरे चुंबकों को की ओर आकृष्ट होते हैं लौह चुंबकत्व के गुण प्रदर्शित करने वाले तत्व लोहा निकेल कोबाल्ट इत्यादि है
(5) चुम्बकीय विभव को परिभाषित करें
Ans एकांक उत्तरी ध्रुव को किसी चुंबकीय क्षेत्र के अंदर लाने में जो कार्य होता है उसे चुंबकीय विभव कहते हैं !
(6) किसी स्थान पर के आभासी नमन कोण से आप क्या समझते हैं
Ans पृथ्वी के चुंबकीय याम्योत्तर में चुंबकीय क्षेत्र का परिणामी और चुंबकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक के बीच जो कोण बनता है उसे आभासी नमन कोण कहते हैं विषुवत रेखा पर इसका मान 0 डिग्री और ध्रुव पर इसका मन 90 डिग्री होता है !
(7) पृथ्वी के चुंबकीय तत्व से आप क्या समझते हैं
Ans पृथ्वी के विभिन्न स्थानों पर चुंबकीय क्षेत्र का मान और दिशा को पता लगाने के लिए जिन तत्वों का इस्तेमाल करते हैं उसे पृथ्वी का चुंबकीय तत्व कहते हैं जैसे दिकपात कोण, नमन कोण, चुंबकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक
(8) प्रतिचुंबकीय पदार्थ के 2 गुणों को लिखें
Ans चुंबकीय क्षेत्र के द्वारा प्रतिकर्षित हो जाता है
चुंबकीय प्रभाव ऋण आत्मक होता है
(9) क्यूरी नियम क्या है !
Ans इस नियम के अनुसार किसी अनु चुंबकीय पदार्थ का चुंबकीय प्रवृत्ति परम ताप के व्युत्क्रमानुपाती होता है !
(10) चुंबकीय क्षेत्र के अनुदिश गतिशील आवेशित कण का मार्ग कैसा होगा !
Ans सरल रेखा
(11) चुंबक के अक्षीय स्थिति से आप क्या समझते हैं !
Ans किसी चुंबक के उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाले स्थिति को अक्षीय स्थिति कहते हैं
(12) चुंबकीय फ्लक्स की परिभाषा दें और एसआई मात्रक लिखें !
Ans किस चुंबकीय क्षेत्र से होकर लंबवत दिशा में गुजरने वाले चुंबकीय बल रेखाओं के कुल संख्या के माप को चुंबकीय फ्लक्स कहते हैं ! मात्रक टेस्ला मीटर स्क्वायर
इसी तरह का 2024 परीक्षा के लिए इम्पोर्टेन्ट क्वेश्चन आंसर रोज आपके व्हाट्सएप चैनल पर भेजा जाएगा टेलीग्राम पर भी ऑनलाइन टेस्ट रोज हो रहा है और यूट्यूब पर वीडियो देखना ना भूले जो जो बच्चे व्हाट्सएप चैनल या टेलीग्राम पर नहीं जुड़े हुए हैं उन्हें भेज देने का कष्ट करें
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A. K. PHYSICS TUTORIAL
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2024 के परीक्षा के लिए सभी क्वेश्चन का वीडियो व्हाट्सएप चैनल पर रोज भेजा जा रहा है, जो भी 2024 में ट्वेल्थ परीक्षा देने वाले हैं आप खुद जुड़ जाएं एक फिजिक्स ट्यूटोरियल व्हाट्सएप, चैनल पर खोलिएगा उस व्हाट्सएप चैनल का लिंक ऊपर में दिया हुआ है उसे पर जुड़ जाएगा जो नहीं जुड़े हैं उन्हें यह पूरा लिंक शेयर कर दीजिएगापर
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2024 के परीक्षा के लिए सभी क्वेश्चन का वीडियो व्हाट्सएप चैनल पर रोज भेजा जा रहा है, जो भी 2024 में ट्वेल्थ परीक्षा देने वाले हैं आप खुद जुड़ जाएं एक फिजिक्स ट्यूटोरियल व्हाट्सएप, चैनल पर खोलिएगा उस व्हाट्सएप चैनल का लिंक ऊपर में दिया हुआ है उसे पर जुड़ जाएगा जो नहीं जुड़े हैं उन्हें यह पूरा लिंक शेयर कर दीजिएगापर
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1) भवर धाराएं कैसे उत्पन्न होती है ?
Ans जब चालक से गुजरने वाली चुंबकीय फ्लक्स बदलता है तब चालक में भंवर धारा उत्पन्न होती है !
(2) विद्युत चुंबकीय प्रेरण के लेंज का नियम लिखें
Ans लेंस के नियम के अनुसार प्रेरित विद्युत वाहक बल की दिशा इस प्रकार होती है कि वह उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण इसकी उत्पत्ति हुई हो !
(3) भंवर धाराएं क्या है इसके दो अनुप्रयोग दीजिए ?
Ans भंवर धारा को फोको धारा भी कहते हैं जब किसी परवर्ती चुंबकीय क्षेत्र में कोई कुंडली गति करता है तो चुंबकीय फ्लक्स में लगातार परिवर्तन होता है जिसके कारण एक प्रेरित धारा उत्पन्न होती है जिसके कारण कुंडली गर्म हो जाता है इसी प्रेरित धारा को भंवर धारा कहते हैं !
(4) विद्युत चुंबकीय तरंग में चुंबकीय क्षेत्र सदिश B एवं विद्युत क्षेत्र सदीश E में कौन ज्यादा प्रभावी होता है एवं क्यों ?
Ans विद्युत चुंबकीय तरंग में चुंबकीय क्षेत्र एवं विद्युत क्षेत्र दोनों एक समान प्रभावि होते हैं यह क्षेत्र आवेश के दोलनों की आवृत्ति के समान ही दोलन करते हैं !
(5) एक आदर्श परिनालिका का स्व प्रेरकत्व ज्ञात करे !
Ans लॉन्ग में वीडियो में है
(6) चुंबकीय फ्लक्स के बीमा तथा एस आई मात्रक लिखें क्या यह सदिश अथवा अदिश है
Ans S.I मात्रक बेबर है चुंबकीय फ्लक्स एक अदिश राशि है
(7) दिखाए की लेंज का नियम ऊर्जा के संरक्षण के सिद्धांत का पालन करता है
Ans जब किसी चुंबक के उत्तरी ध्रुव को किसी कुंडली के करीब लाते हैं तो प्रेरित धारा के कारण उत्पन्न प्रेरित प्रभाव उत्तरी ध्रुव पर होता है अतः उत्तरी ध्रुव को कुंडली के करीब ले जाने पर यांत्रिक ऊर्जा की खपत होती है जो की विद्युत ऊर्जा के रूप में परिवर्तित हो जाता है अतः हम कह सकते हैं कि ऊर्जा का ना तो नष्ट होता है ना तो उत्पन्न होता है यानी लेंज़ का नियम ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत क्या पालन करता है !
(8) फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम को समझाइए !
Ans फराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के दो नियम हैं
(a) जब किसी परिपथ से संबध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है तो उसमें प्रेरित विद्युत वाहक बल उत्पन्न होता है ! यदि कुंडली बंद परिपथ में हो तो उसमें प्रेरित धारा बहने लगती है ! (b) प्रेरित विद्युत वाहक बल चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन के ऋण आत्मक दर के बराबर होता है !
(9) फ्लेमिंग के बाएं हाथ का नियम लिखें !
Ans फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम के अनुसार, यदि हम अपने बाएं हाथ के अंगूठा तर्जनी और मध्यमा को परस्पर लंबवत रखते हैं तो यदि अंगूठा चालक के गति के दिशा को, तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को प्रदर्शित करता है तो माध्यमा चालक में प्रेरित विद्युत धारा की दिशा को प्रदर्शित करेगा !
(10) अन्योन्य प्रेरण से आप क्या समझते हैं ?
Ans जब किसी कुंडली में प्रवाहित मुख्य विद्युत धारा के कारण उसके चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन के कारण किसी दूसरे कुंडली में प्रेरित विद्युत धारा उत्पन्न होती है तो इस घटना को अननोन प्रेरण कहते हैं !
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) ट्रांसफार्मर का क्रोड परतदार क्यों होता है ?
Ans भंवर धारा से बचाने के लिए ट्रांसफार्मर के क्रोड को परतदार बनाया जाता है !
(2) ट्रांसफार्मर क्या है इसके दक्षता से आप क्या समझते हैं ?
Ans अन्योन्य प्रेरण के सिद्धांत पर आधारित ट्रांसफार्मर एक ऐसा युक्ति है जो धारा तथा वोल्टेज के मान को परिवर्तित करता है ! ट्रांसफार्मर दो प्रकार के होते हैं ऊंचाई ट्रांसफार्मर और अपचाई ट्रांसफार्मर ट्रांसफार्मर के द्वितीय कुंडली से निर्गत ऊर्जा तथा प्राथमिक कुंडली में निवेशी ऊर्जा के अनुपात को ट्रांसफार्मर की दक्षता कहते हैं !
(3) प्रत्यावर्ती धारा का माध्य मान एवं वर्ग माध्य मूल मान को परिभाषित करें !
Ans प्रत्यावर्ती परिपथ में प्रवाहित धारा के औसत मान को मध्य मान कहते हैं
प्रत्यावर्ती परिपथ में प्रवाहित धारा के वर्गों के माध्य मान के वर्गमूल को वर्ग माध्य मूल मान कहते हैं !
(4) प्रेरणिक प्रतिघात क्या होता है ?
Ans यदि विद्युत परिपथ में प्रतिरोध के स्थान पर प्रेरकतत्व जुड़ा हो तो प्रतिरोध का जो कार्य करता है उसे प्रेरणिक प्रतिघात कहते हैं !
(5) फ्यूज तार के दो विशेष अभिलक्षण लिखें !
Ans फ्यूज का प्रतिरोधकता विशिष्ट प्रतिरोध उच्च होता है ! इसका गलनांक बहुत कम होता है !
(6) L-C-R परिपथ में जब XL >XC या जब परिपथ प्रेरणिक है तब किसी नियत समय में प्रवाहित प्रेरक धारा का समीकरण लिखें !
Ans जब चालक से गुजरने वाली चुंबकीय फ्लक्स बदलता है तब चालक में भंवर धारा उत्पन्न होती है !
(2) विद्युत चुंबकीय प्रेरण के लेंज का नियम लिखें
Ans लेंस के नियम के अनुसार प्रेरित विद्युत वाहक बल की दिशा इस प्रकार होती है कि वह उस कारण का विरोध करती है जिसके कारण इसकी उत्पत्ति हुई हो !
(3) भंवर धाराएं क्या है इसके दो अनुप्रयोग दीजिए ?
Ans भंवर धारा को फोको धारा भी कहते हैं जब किसी परवर्ती चुंबकीय क्षेत्र में कोई कुंडली गति करता है तो चुंबकीय फ्लक्स में लगातार परिवर्तन होता है जिसके कारण एक प्रेरित धारा उत्पन्न होती है जिसके कारण कुंडली गर्म हो जाता है इसी प्रेरित धारा को भंवर धारा कहते हैं !
(4) विद्युत चुंबकीय तरंग में चुंबकीय क्षेत्र सदिश B एवं विद्युत क्षेत्र सदीश E में कौन ज्यादा प्रभावी होता है एवं क्यों ?
Ans विद्युत चुंबकीय तरंग में चुंबकीय क्षेत्र एवं विद्युत क्षेत्र दोनों एक समान प्रभावि होते हैं यह क्षेत्र आवेश के दोलनों की आवृत्ति के समान ही दोलन करते हैं !
(5) एक आदर्श परिनालिका का स्व प्रेरकत्व ज्ञात करे !
Ans लॉन्ग में वीडियो में है
(6) चुंबकीय फ्लक्स के बीमा तथा एस आई मात्रक लिखें क्या यह सदिश अथवा अदिश है
Ans S.I मात्रक बेबर है चुंबकीय फ्लक्स एक अदिश राशि है
(7) दिखाए की लेंज का नियम ऊर्जा के संरक्षण के सिद्धांत का पालन करता है
Ans जब किसी चुंबक के उत्तरी ध्रुव को किसी कुंडली के करीब लाते हैं तो प्रेरित धारा के कारण उत्पन्न प्रेरित प्रभाव उत्तरी ध्रुव पर होता है अतः उत्तरी ध्रुव को कुंडली के करीब ले जाने पर यांत्रिक ऊर्जा की खपत होती है जो की विद्युत ऊर्जा के रूप में परिवर्तित हो जाता है अतः हम कह सकते हैं कि ऊर्जा का ना तो नष्ट होता है ना तो उत्पन्न होता है यानी लेंज़ का नियम ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत क्या पालन करता है !
(8) फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम को समझाइए !
Ans फराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के दो नियम हैं
(a) जब किसी परिपथ से संबध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है तो उसमें प्रेरित विद्युत वाहक बल उत्पन्न होता है ! यदि कुंडली बंद परिपथ में हो तो उसमें प्रेरित धारा बहने लगती है ! (b) प्रेरित विद्युत वाहक बल चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन के ऋण आत्मक दर के बराबर होता है !
(9) फ्लेमिंग के बाएं हाथ का नियम लिखें !
Ans फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम के अनुसार, यदि हम अपने बाएं हाथ के अंगूठा तर्जनी और मध्यमा को परस्पर लंबवत रखते हैं तो यदि अंगूठा चालक के गति के दिशा को, तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को प्रदर्शित करता है तो माध्यमा चालक में प्रेरित विद्युत धारा की दिशा को प्रदर्शित करेगा !
(10) अन्योन्य प्रेरण से आप क्या समझते हैं ?
Ans जब किसी कुंडली में प्रवाहित मुख्य विद्युत धारा के कारण उसके चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन के कारण किसी दूसरे कुंडली में प्रेरित विद्युत धारा उत्पन्न होती है तो इस घटना को अननोन प्रेरण कहते हैं !
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) ट्रांसफार्मर का क्रोड परतदार क्यों होता है ?
Ans भंवर धारा से बचाने के लिए ट्रांसफार्मर के क्रोड को परतदार बनाया जाता है !
(2) ट्रांसफार्मर क्या है इसके दक्षता से आप क्या समझते हैं ?
Ans अन्योन्य प्रेरण के सिद्धांत पर आधारित ट्रांसफार्मर एक ऐसा युक्ति है जो धारा तथा वोल्टेज के मान को परिवर्तित करता है ! ट्रांसफार्मर दो प्रकार के होते हैं ऊंचाई ट्रांसफार्मर और अपचाई ट्रांसफार्मर ट्रांसफार्मर के द्वितीय कुंडली से निर्गत ऊर्जा तथा प्राथमिक कुंडली में निवेशी ऊर्जा के अनुपात को ट्रांसफार्मर की दक्षता कहते हैं !
(3) प्रत्यावर्ती धारा का माध्य मान एवं वर्ग माध्य मूल मान को परिभाषित करें !
Ans प्रत्यावर्ती परिपथ में प्रवाहित धारा के औसत मान को मध्य मान कहते हैं
प्रत्यावर्ती परिपथ में प्रवाहित धारा के वर्गों के माध्य मान के वर्गमूल को वर्ग माध्य मूल मान कहते हैं !
(4) प्रेरणिक प्रतिघात क्या होता है ?
Ans यदि विद्युत परिपथ में प्रतिरोध के स्थान पर प्रेरकतत्व जुड़ा हो तो प्रतिरोध का जो कार्य करता है उसे प्रेरणिक प्रतिघात कहते हैं !
(5) फ्यूज तार के दो विशेष अभिलक्षण लिखें !
Ans फ्यूज का प्रतिरोधकता विशिष्ट प्रतिरोध उच्च होता है ! इसका गलनांक बहुत कम होता है !
(6) L-C-R परिपथ में जब XL >XC या जब परिपथ प्रेरणिक है तब किसी नियत समय में प्रवाहित प्रेरक धारा का समीकरण लिखें !
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(7) किन कारणों से ट्रांसफार्मर के दक्षता घटती है ?
Ans ट्रांसफार्मर के दक्षता घटने का कारण निम्नलिखित है
चुंबकीय फ्लक्स क्षरण क्षय, ताम्र क्षय, लौह क्षय शैथिल्य क्षय
(8) चोक कुंडली अथवा मोटर प्रवर्धक के उपयोग समझाएं !
Ans चौक कुंडली - उच्च प्रेरकत्व तथा नगण्य प्रतिरोध के कुंडली को चौक कुंडली कहते हैं जिसका व्यवहार बिना किसी विद्युत ऊर्जा के नष्ट किया ही किसी धारा की शक्ति को कम करने के लिए किया जाता है !
मोटर प्रवर्धक - यह एक उच्च प्रतिरोध है जिसे दिष्ट धारा मोटर की कुंडली के साथ श्रेणी क्रम में लगाया जाता है जिससे मोटर स्टार्ट करते समय प्रारंभ में जब मोटर को विरोधी विद्युत वाहक बल शून्य होता है जब मोटर की कुंडली से होकर अति उच्च धारा नहीं प्रवाहित हो सके अन्यथा कुंडली के जलने का भय रहता है !
(9) वाट हीन धारा से आप क्या समझते हैं ?
Ans किसी कुंडली में प्रवाहित वह विद्युत धारा जिसमें शक्ति का क्षय नहीं होता है उसे वाट हीन धारा कहते हैं जब कुंडली में या तो शुद्ध प्रेरकत्व या शुद्ध धारिता हो तो उसमें वाटहीन धारा प्रवाहित होती है चौक कुंडली में भी वाटहीन धारा प्रवाहित होता है !
(10 ) विस्थापन धारा क्या है ?
Ans विस्थापन धारा विद्युत चुंबकीय क्षेत्र का स्रोत है जो वास्तविक विद्युत धारा के जैसा होता है इसका मात्रक विद्युत धारा मात्रक के मात्रक के बराबर होता है !
(12) माध्य मान तथा धारा के शिखर मान में संबंध स्थापित करें !
Ans Long वीडियो में दिया हुआ है
(13) प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में प्रतिघात एवं प्रतिबाधा क्या है ?
Ans जब कुंडली में प्रतिरोध के स्थान पर या तो प्रेरकत्व या धारिता हो तो प्रतिरोध का जो कार्य करता है उसे प्रतिघात कहते हैं !
जब विद्युत परिपथ में प्रतिरोध, प्रेरकतत्व तथा धारिता तीनों में से कोई दो या तीनों हो तब प्रतिरोध का जो कार्य करता है उसे प्रतिबाधा कहते हैं !
(14) विद्युत अनुनाद को समझाइए ?
Ans जब विद्युत परिपथ में आरोपित प्रत्यावर्ती वोल्टेज की आवृत्ति परिपथ के वास्तविक स्वाभाविक आवृत्ति के बराबर हो तो इसे विद्युत अनुनाद कहते हैं !
(15) ट्रांसफार्मर में ताम्र क्षय को समझाइए !
Ans ट्रांसफॉर्मर में दो कुंडली तांबे की बनी होती है उस तांबे की कुंडली में जो विद्युत ऊर्जा का क्षय होता है उसे ताम्र क्षय कहते हैं जो की चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन के कारण होता है !
(16) ऊंचचाई ट्रांसफार्मर का उपयोग बताइए !
Ans ऊंचाई ट्रांसफार्मर वह ट्रांसफार्मर है जो निम्न वोल्टेज को उच्च वोल्टेज में तथा उच्च धारा को निम्न धारा में परिवर्तित करता है !
(17) धारितीय प्रतिघात को समझाएं !
Ans जब प्रत्यावर्ती विद्युत परिपथ में प्रतिरोध के स्थान पर धारिता हो तो प्रतिरोध का जो कार्य करता है यानी धारा को रोकने का जो काम करता है उसे धारितीय प्रतिघात कहते हैं !
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) रंगीन विपथन त्रुटि को कैसे कम किया जाता है ?
Ans दो प्रिज्म को एक दूसरे के विपरीत दिशा में जोड़ने से रंगीन विपथन को कम किया जा सकता है !
(2) आवर्धन एवं आवर्धन क्षमता में क्या अंतर है ?
Ans किसी दर्पण या लेंस द्वारा बने प्रतिबिंब की ऊंचाई तथा वस्तु के वास्तविक ऊंचाई के अनुपात को आवर्धन कहते हैं !
किसी प्रकाश एक यंत्र द्वारा किसी वस्तु के बने प्रतिबिंब के द्वारा नेत्र पर बना दर्शन कोण तथा वस्तु को नग्न आंखों द्वारा देखने पर नेत्र पर बना दर्शन कोण के अनुपात को आवर्धन क्षमता कहते हैं !
(3) क्रांतिक कोण को परिभाषित करें तथा इसकी शर्तों को लिखें ?
Ans सघन माध्यम में वह आपतन कोण है जिसके संगत विरल माध्यम में अपवर्तन कोण 90 डिग्री हो, क्रांतिक कोण कहलाता है !
शर्त - (a) अपतित किरण सघन माध्यम में होना चाहिए
(b) आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए !
(4) पूर्ण आंतरिक परावर्तन क्या है इसके शर्तें क्या है ?
Ans जब सघन माध्यम में आपतित किरण क्रांतिक कोण से अधिक कोण पर आपतित होती है तो प्रकाश की किरण विरल माध्यम में ना जाकर पुनः सघन माध्यम में वापस लौट जाती है इस घटना को पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं !
शर्त - (a) अपतित किरण सघन माध्यम में होना चाहिए
(b) आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए !
(5) यौगिक सूक्ष्मदर्शी का अभी दृश्य क का द्वारक छोटा क्यों रखा जाता है ?
Ans यौगिक सूक्ष्मदर्शी का अभीदृश्यक का द्वारक छोटा इसलिए रखा जाता है क्योंकि अभीदृश्यक वस्तु के निकट रखने पर प्रतिबिंब को साफ-साफ देखा जा सकता है !
Ans ट्रांसफार्मर के दक्षता घटने का कारण निम्नलिखित है
चुंबकीय फ्लक्स क्षरण क्षय, ताम्र क्षय, लौह क्षय शैथिल्य क्षय
(8) चोक कुंडली अथवा मोटर प्रवर्धक के उपयोग समझाएं !
Ans चौक कुंडली - उच्च प्रेरकत्व तथा नगण्य प्रतिरोध के कुंडली को चौक कुंडली कहते हैं जिसका व्यवहार बिना किसी विद्युत ऊर्जा के नष्ट किया ही किसी धारा की शक्ति को कम करने के लिए किया जाता है !
मोटर प्रवर्धक - यह एक उच्च प्रतिरोध है जिसे दिष्ट धारा मोटर की कुंडली के साथ श्रेणी क्रम में लगाया जाता है जिससे मोटर स्टार्ट करते समय प्रारंभ में जब मोटर को विरोधी विद्युत वाहक बल शून्य होता है जब मोटर की कुंडली से होकर अति उच्च धारा नहीं प्रवाहित हो सके अन्यथा कुंडली के जलने का भय रहता है !
(9) वाट हीन धारा से आप क्या समझते हैं ?
Ans किसी कुंडली में प्रवाहित वह विद्युत धारा जिसमें शक्ति का क्षय नहीं होता है उसे वाट हीन धारा कहते हैं जब कुंडली में या तो शुद्ध प्रेरकत्व या शुद्ध धारिता हो तो उसमें वाटहीन धारा प्रवाहित होती है चौक कुंडली में भी वाटहीन धारा प्रवाहित होता है !
(10 ) विस्थापन धारा क्या है ?
Ans विस्थापन धारा विद्युत चुंबकीय क्षेत्र का स्रोत है जो वास्तविक विद्युत धारा के जैसा होता है इसका मात्रक विद्युत धारा मात्रक के मात्रक के बराबर होता है !
(12) माध्य मान तथा धारा के शिखर मान में संबंध स्थापित करें !
Ans Long वीडियो में दिया हुआ है
(13) प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में प्रतिघात एवं प्रतिबाधा क्या है ?
Ans जब कुंडली में प्रतिरोध के स्थान पर या तो प्रेरकत्व या धारिता हो तो प्रतिरोध का जो कार्य करता है उसे प्रतिघात कहते हैं !
जब विद्युत परिपथ में प्रतिरोध, प्रेरकतत्व तथा धारिता तीनों में से कोई दो या तीनों हो तब प्रतिरोध का जो कार्य करता है उसे प्रतिबाधा कहते हैं !
(14) विद्युत अनुनाद को समझाइए ?
Ans जब विद्युत परिपथ में आरोपित प्रत्यावर्ती वोल्टेज की आवृत्ति परिपथ के वास्तविक स्वाभाविक आवृत्ति के बराबर हो तो इसे विद्युत अनुनाद कहते हैं !
(15) ट्रांसफार्मर में ताम्र क्षय को समझाइए !
Ans ट्रांसफॉर्मर में दो कुंडली तांबे की बनी होती है उस तांबे की कुंडली में जो विद्युत ऊर्जा का क्षय होता है उसे ताम्र क्षय कहते हैं जो की चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन के कारण होता है !
(16) ऊंचचाई ट्रांसफार्मर का उपयोग बताइए !
Ans ऊंचाई ट्रांसफार्मर वह ट्रांसफार्मर है जो निम्न वोल्टेज को उच्च वोल्टेज में तथा उच्च धारा को निम्न धारा में परिवर्तित करता है !
(17) धारितीय प्रतिघात को समझाएं !
Ans जब प्रत्यावर्ती विद्युत परिपथ में प्रतिरोध के स्थान पर धारिता हो तो प्रतिरोध का जो कार्य करता है यानी धारा को रोकने का जो काम करता है उसे धारितीय प्रतिघात कहते हैं !
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) रंगीन विपथन त्रुटि को कैसे कम किया जाता है ?
Ans दो प्रिज्म को एक दूसरे के विपरीत दिशा में जोड़ने से रंगीन विपथन को कम किया जा सकता है !
(2) आवर्धन एवं आवर्धन क्षमता में क्या अंतर है ?
Ans किसी दर्पण या लेंस द्वारा बने प्रतिबिंब की ऊंचाई तथा वस्तु के वास्तविक ऊंचाई के अनुपात को आवर्धन कहते हैं !
किसी प्रकाश एक यंत्र द्वारा किसी वस्तु के बने प्रतिबिंब के द्वारा नेत्र पर बना दर्शन कोण तथा वस्तु को नग्न आंखों द्वारा देखने पर नेत्र पर बना दर्शन कोण के अनुपात को आवर्धन क्षमता कहते हैं !
(3) क्रांतिक कोण को परिभाषित करें तथा इसकी शर्तों को लिखें ?
Ans सघन माध्यम में वह आपतन कोण है जिसके संगत विरल माध्यम में अपवर्तन कोण 90 डिग्री हो, क्रांतिक कोण कहलाता है !
शर्त - (a) अपतित किरण सघन माध्यम में होना चाहिए
(b) आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए !
(4) पूर्ण आंतरिक परावर्तन क्या है इसके शर्तें क्या है ?
Ans जब सघन माध्यम में आपतित किरण क्रांतिक कोण से अधिक कोण पर आपतित होती है तो प्रकाश की किरण विरल माध्यम में ना जाकर पुनः सघन माध्यम में वापस लौट जाती है इस घटना को पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं !
शर्त - (a) अपतित किरण सघन माध्यम में होना चाहिए
(b) आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए !
(5) यौगिक सूक्ष्मदर्शी का अभी दृश्य क का द्वारक छोटा क्यों रखा जाता है ?
Ans यौगिक सूक्ष्मदर्शी का अभीदृश्यक का द्वारक छोटा इसलिए रखा जाता है क्योंकि अभीदृश्यक वस्तु के निकट रखने पर प्रतिबिंब को साफ-साफ देखा जा सकता है !
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(6) चित्र द्वारा समझाएं के प्रिज्म द्वारा श्वेत प्रकाश का वर्ण विक्षेपण कैसे होता है !
(7) उत्तल लेंस के प्रधान अक्ष् के ऊपर रखे बिंदु का लेंस से बने प्रतिबिंब को दिखाने वाला किरण आरेख खींचें यदि वस्तु फोकस दूरी से 3 गुनी दुरी पर हो ?
(8) खतरे का संकेत लाल क्यों होता है समझाइए !
Ans लाल रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होता है जिसके कारण इसका प्रकीर्णन कम होता है खतरे का निशान लाल रंग इसलिए रखा जाता है क्योंकि इसे दूर से भी देखा जा सकता है !
(9) प्राथमिक और द्वितीयक इंद्रधनुष में अंतर स्पष्ट करें !
Ans प्राथमिक इंद्रधनुष अधिक चमकीला होता है जबकि द्वितीयक इंद्रधनुष कम चमकीला होता है !
प्राथमिक इंद्रधनुष के स्पेक्ट्रम का बैगनी रंग अंदर के किनारे पर एवं लाल रंग बाहर के किनारे पर जबकि द्वितीयक इंद्रधनुष के स्पेक्ट्रम का लाल रंग अंदर के किनारे पर और बैगनी रंग बाहर के किनारे पर होता है !
(10) नेत्र की समंजन क्षमता से आप क्या समझते हैं ?
Ans नेत्र के वह क्षमता जिसके कारण हम निकट और दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नग्न आंखों द्वारा देख सकते हैं समंजन क्षमता कहलाता है जिसमें सिलिअरी मांसपेशी मदद करता है जो की लेंस के फोकस दूरी को आवश्यकता अनुसार बढ़ाता घटाता है !
(12) क्रांतिक कोण और अपवर्तनांक के बीच संबंध स्थापित करें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(14) प्रकाश के वर्ण विक्षेपण को समझाएं !
Ans जब श्वेत प्रकाश की किरणें किसी प्रिज्म पर आपतित होती है तो प्रिज्म से निर्गत करने सात रंगों में विभक्त हो जाती है इस घटना को वर्ण विक्षेपण कहते हैं !
(15) सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता किस स्थिति में अधिक होगी ?
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) पोलेराइड क्या है ? इसके उपयोगों को लिखें !
Ans पोलेराइड एक ऐसा युक्ति है जो अध्रुवित प्रकाश को ध्रुवित प्रकाश में बदलने का कार्य करता है !
ध्रुवित प्रकाश प्राप्त करने में इसका उपयोग होता है !
(2) हाइगेन तरंग सिद्धांत के प्रयोग हुए स्नेल के अपवर्तन के नियम को प्राप्त करें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(3) हाइगेन सिद्धांत के आधार पर परावर्तन के नियमों को प्राप्त करें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(4) ब्रस्टर का प्रकाश का नियम बताइए !
Ans जब किसी अपवर्तक पृष्ठ पर प्रकाश की कोई किरण इस तरह से आपतित होती है कि आपतन कोण ध्रुवण कोण के तुल्य होती है तो परावर्तित किरण और अपवर्तित किरण एक दूसरे के लंबवत होती है इस नियम को बब्रूस्टर का नियम कहते हैं !
(5) व्यतीकरण फ्रेंजों की चौड़ाई का व्यंजक लिखें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(6) तरंगाग्र क्या है ? इसके प्रकाश की किरणों से संबंध को लिखें !
Ans किसी माध्यम में खींचा गया वह पृष्ठ जिस पर स्थित सभी कण कंपन की समान कला में हो तरंगाग्र कहलाता है ! तरंगाग्र मुख्यतः तीन प्रकार का होता है, गोलीय तरंगाग्र, वृताकार तरंगाग्र, समतल तरंगाग्र
किरणों से संबंध - (a) तरंगाग्र पर डाला गया लंब को किरण कहा जाता है (b) गोलीय तरंगाग्र से जुड़ी हुई किरणें अपसारी करने कही जाती है ! (C) समतल तरंगाग्र से जुड़ी हुई किरणें अभिसारी किरणें कही जाती है !
(7) व्यतिकरण एवं विवर्तन में अंतर स्पष्ट करें !
Ans व्यतिकरण की घटना दो कलासंबध स्रोतों से आने वाले अलग-अलग तरंगाग्रो के अध्यारोपण से होता है जबकि विवर्तन की घटना एक ही तरंगाग्र के विभिन्न बिंदुओं से आने वाले द्वितीयक तरंगाग्र के अध्यारोपण से होता है !
व्यतिकरण फ्रिंज प्रायः सामान चौड़ाई का होता है जबकि विवर्तन फ्रिंजे सामान चौड़ाई का नहीं होता है !
(8) संपोषी व्यतिकरण की दो आवश्यक शर्तों को लिखें !
Ans (a) प्रकाश स्रोत कला संबद्ध होना चाहिए !
(b) दोनों प्रकाश के आवृत्ति समान होना चाहिए आयाम बराबर या लगभग बराबर होना चाहिए !
(9) प्रकाश के विवर्तन से आप क्या समझते हैं !
Ans जब प्रकाश की किरणें किसी अवरोधक या तीक्ष्ण किनारो पर आपतित होती है तो यह आधार की तरफ झुक जाता है इस घटना को प्रकाश का विवर्तन कहते हैं जो कि दो प्रकार का होता है फ्राउनहॉफर विवर्तन, फ्रेनेल विवर्तन
(7) उत्तल लेंस के प्रधान अक्ष् के ऊपर रखे बिंदु का लेंस से बने प्रतिबिंब को दिखाने वाला किरण आरेख खींचें यदि वस्तु फोकस दूरी से 3 गुनी दुरी पर हो ?
(8) खतरे का संकेत लाल क्यों होता है समझाइए !
Ans लाल रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होता है जिसके कारण इसका प्रकीर्णन कम होता है खतरे का निशान लाल रंग इसलिए रखा जाता है क्योंकि इसे दूर से भी देखा जा सकता है !
(9) प्राथमिक और द्वितीयक इंद्रधनुष में अंतर स्पष्ट करें !
Ans प्राथमिक इंद्रधनुष अधिक चमकीला होता है जबकि द्वितीयक इंद्रधनुष कम चमकीला होता है !
प्राथमिक इंद्रधनुष के स्पेक्ट्रम का बैगनी रंग अंदर के किनारे पर एवं लाल रंग बाहर के किनारे पर जबकि द्वितीयक इंद्रधनुष के स्पेक्ट्रम का लाल रंग अंदर के किनारे पर और बैगनी रंग बाहर के किनारे पर होता है !
(10) नेत्र की समंजन क्षमता से आप क्या समझते हैं ?
Ans नेत्र के वह क्षमता जिसके कारण हम निकट और दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से नग्न आंखों द्वारा देख सकते हैं समंजन क्षमता कहलाता है जिसमें सिलिअरी मांसपेशी मदद करता है जो की लेंस के फोकस दूरी को आवश्यकता अनुसार बढ़ाता घटाता है !
(12) क्रांतिक कोण और अपवर्तनांक के बीच संबंध स्थापित करें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(14) प्रकाश के वर्ण विक्षेपण को समझाएं !
Ans जब श्वेत प्रकाश की किरणें किसी प्रिज्म पर आपतित होती है तो प्रिज्म से निर्गत करने सात रंगों में विभक्त हो जाती है इस घटना को वर्ण विक्षेपण कहते हैं !
(15) सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता किस स्थिति में अधिक होगी ?
लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) पोलेराइड क्या है ? इसके उपयोगों को लिखें !
Ans पोलेराइड एक ऐसा युक्ति है जो अध्रुवित प्रकाश को ध्रुवित प्रकाश में बदलने का कार्य करता है !
ध्रुवित प्रकाश प्राप्त करने में इसका उपयोग होता है !
(2) हाइगेन तरंग सिद्धांत के प्रयोग हुए स्नेल के अपवर्तन के नियम को प्राप्त करें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(3) हाइगेन सिद्धांत के आधार पर परावर्तन के नियमों को प्राप्त करें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(4) ब्रस्टर का प्रकाश का नियम बताइए !
Ans जब किसी अपवर्तक पृष्ठ पर प्रकाश की कोई किरण इस तरह से आपतित होती है कि आपतन कोण ध्रुवण कोण के तुल्य होती है तो परावर्तित किरण और अपवर्तित किरण एक दूसरे के लंबवत होती है इस नियम को बब्रूस्टर का नियम कहते हैं !
(5) व्यतीकरण फ्रेंजों की चौड़ाई का व्यंजक लिखें !
Ans वीडियो में दिया हुआ है
(6) तरंगाग्र क्या है ? इसके प्रकाश की किरणों से संबंध को लिखें !
Ans किसी माध्यम में खींचा गया वह पृष्ठ जिस पर स्थित सभी कण कंपन की समान कला में हो तरंगाग्र कहलाता है ! तरंगाग्र मुख्यतः तीन प्रकार का होता है, गोलीय तरंगाग्र, वृताकार तरंगाग्र, समतल तरंगाग्र
किरणों से संबंध - (a) तरंगाग्र पर डाला गया लंब को किरण कहा जाता है (b) गोलीय तरंगाग्र से जुड़ी हुई किरणें अपसारी करने कही जाती है ! (C) समतल तरंगाग्र से जुड़ी हुई किरणें अभिसारी किरणें कही जाती है !
(7) व्यतिकरण एवं विवर्तन में अंतर स्पष्ट करें !
Ans व्यतिकरण की घटना दो कलासंबध स्रोतों से आने वाले अलग-अलग तरंगाग्रो के अध्यारोपण से होता है जबकि विवर्तन की घटना एक ही तरंगाग्र के विभिन्न बिंदुओं से आने वाले द्वितीयक तरंगाग्र के अध्यारोपण से होता है !
व्यतिकरण फ्रिंज प्रायः सामान चौड़ाई का होता है जबकि विवर्तन फ्रिंजे सामान चौड़ाई का नहीं होता है !
(8) संपोषी व्यतिकरण की दो आवश्यक शर्तों को लिखें !
Ans (a) प्रकाश स्रोत कला संबद्ध होना चाहिए !
(b) दोनों प्रकाश के आवृत्ति समान होना चाहिए आयाम बराबर या लगभग बराबर होना चाहिए !
(9) प्रकाश के विवर्तन से आप क्या समझते हैं !
Ans जब प्रकाश की किरणें किसी अवरोधक या तीक्ष्ण किनारो पर आपतित होती है तो यह आधार की तरफ झुक जाता है इस घटना को प्रकाश का विवर्तन कहते हैं जो कि दो प्रकार का होता है फ्राउनहॉफर विवर्तन, फ्रेनेल विवर्तन
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विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
(3) सिवेक प्रभाव से आप क्या समझते हैं ?
Ans दो विभिन्न धातुओं के तारों के दोनों तारों को दो अलग-अलग तापक्रम पर रखने पर उन तारों में थर्मो विभव प्रेरित होता है जिसके कारण थर्मो विद्युत धारा तार में उत्पन्न होता है इस प्रभाव को सिविक प्रभाव कहते हैं !
(4) तापयुग्मी में विद्युत वाहक बल किन-किन बातों पर निर्भर करता है ?
Ans तापयुगमी में उत्पन्न ताप विद्युत वाहक बल निम्न दो कारकों पर निर्भर करता है उत्क्रमण ताप, उदासीन ताप
(5) प्रकाश उत्सर्जन की घटना सिर्फ धातु के सतह पर ही क्यों घटती है ?
Ans प्रकाश उत्सर्जन की घटना सिर्फ धातु सतह पर ही घटती है क्योंकि धातुओं के पास मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो कि ऊष्मा पाकर सतह से बाहर आसानी से निकल जाते हैं !
(6) थॉमसन प्रभाव :- यदि किसी तार के छोरों पर तापों को नियत रखकर तार के बीच वाले भाग के ताप को बढ़ाया जाता है और साथ ही साथ तार से होकर विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो तार का पहला आधा भाग ठंडा और दूसरा आधा भाग गर्म रहता है तार में धारा की दिशा बदल देने पर गर्म और ठंडा भाग भी आपस में बदल जाते हैं इस प्रभाव को थॉमसन प्रभाव कहते हैं !
पेल्टियर प्रभाव :- जब विभिन्न धातुओं का ताप-युग्म बनाकर उसमें किसी बाह्य स्रोत से धारा प्रवाहित की जाती है तो एक संधि ठंडी तथा दूसरी संधि गर्म हो जाती है अर्थात एक संधि पर उसका का अवशोषण तथा दूसरी संधि पर उसका का उत्पादन होता है इस प्रभाव को पेल्टियर प्रभाव कहते हैं !
(8) प्रकाश विद्युत प्रभाव क्या है ? किसी प्रकाशीय नली से निर्गत प्रकाशीय इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर आपतित प्रकाश की आवृत्ति बढ़ाने पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
Ans जब किसी धातु सतह पर उचित आवृत्ति यानी देल्ही आवृत्ति से अधिक आवृत्ति का प्रकाश आपतित होता है तो उस धातु के सतह से मुक्त इलेक्ट्रोनों का उत्सर्जन होता है इस घटना को प्रकाश विद्युत प्रभाव कहते हैं और इलेक्ट्रॉन को फोटो इलेक्ट्रॉन कहते हैं !
किसी प्रकाशीय नली से निर्गत प्रकाशीय इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर आपतित प्रकाश के आवृत्ति बढ़ाने पर आपतित प्रकाश की आवृत्ति से उत्सर्जित होने वाले फोटो इलेक्ट्रॉनों की संख्या और प्रभावित रहती है !
(9) ) प्रकाश विद्युत प्रभाव के संदर्भ में देहली आवृत्ति कार्यफलन और निरोधी विभव को परिभाषित करें
Ans देहली आवृत्ति :- किसी धातु के सतह पर आपतित प्रकाश की वह न्यूनतम आवृत्ति जिसके कारण धातु के सतह से इलेक्ट्रोनों का उत्सर्जन मात्र हो सके, देहली आवृत्ति कहलाता है !
कार्य फलन :- धातु के पृष्ठ पर आपतित प्रकाश का वह न्यूनतम ऊर्जा जिसके कारण धातु के सतह से इलेक्ट्रोनों का उत्सर्जन मात्र हो सके कार्य फलन कहलाता है !
निरोधी विभव :- किसी प्रकाश सेल की प्लेट को दिया गया वह न्यूनतम ऋणात्मक विभव जिस पर प्रकाश विद्युत धारा शून्य हो जाती है निरोधी विभव कहलाता है !
परमाणु
(1) बोर के परमाणु सिद्धांत की कमियां क्या है ?
Ans इस सिद्धांत द्वारा किसी तत्व की विभिन्न स्पेक्ट्री रेखाओं की तीव्रता में अंतर होने का कारण नहीं समझाया जा सकता है !
अधिक विभेदन क्षमता वाले स्पेक्ट्रोस्कोप से हाइड्रोजन की स्पेक्ट्रूमी रेखाओं का परीक्षण करने पर यह देखा गया कि इसमें एक से अधिक धूमिल सूक्ष्म रेखाएं रहती है स्पेक्टमी रेखाओं की इस सूक्ष्म योजना को बोर के सिद्धांत द्वारा नहीं समझाया जा सका !
(2) पाश्च्न श्रेणी क्या है ?
Ans इड्रोजन परमाणु जब किसी उच्चतर ऊर्जा स्तर से तृतीय ऊर्जा स्तर में प्रवेश करता है तब जो श्रेणी प्राप्त होता है उसे पाशचन श्रेणी कहते हैं जो की अदृश्य होता है
नाभिक
(1) रदरफोर्ड के अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग के आधार पर विकसित रदरफोर्ड के परमाणु संरचना को समझाइए !
Ans परमाणु के सभी धनात्मक आवेश अत्यल्प भाग में संकेंद्रित होता है
पूरे द्रव्यमान थोड़े भाग में ही संकेंद्रित होता है जिनका आकार का भाग1/10000 वाँ भाग होता है उसे नाभिक कहते हैं
नाभिक के चारों ओर का स्थान व्यावहारिक रूप से रिक्त होता है अल्फा कणों के प्रकीर्णन की कुल संख्या तथा प्रकीर्णन कोण के बीच का ग्राफ परमाणु के नाभिक मॉडल के आधार पर होता है
(2) रेडियो सक्रियता से आप क्या समझते हैं क्यूरी क्या है ? Ans कुछ अस्थाई तत्व स्वतः विखंडित होकर कुछ अदृश्य किरणें जैसे अल्फा बीटा तथा गामा किरणों का उत्सर्जन करते रहता है इस घटना को रेडियो सक्रियता कहते हैं !
क्यूरी रेडियोसक्रियता का मात्रक है !
(3) X- किरणों के किन्ही दो गुणों को लिखें
(3) सिवेक प्रभाव से आप क्या समझते हैं ?
Ans दो विभिन्न धातुओं के तारों के दोनों तारों को दो अलग-अलग तापक्रम पर रखने पर उन तारों में थर्मो विभव प्रेरित होता है जिसके कारण थर्मो विद्युत धारा तार में उत्पन्न होता है इस प्रभाव को सिविक प्रभाव कहते हैं !
(4) तापयुग्मी में विद्युत वाहक बल किन-किन बातों पर निर्भर करता है ?
Ans तापयुगमी में उत्पन्न ताप विद्युत वाहक बल निम्न दो कारकों पर निर्भर करता है उत्क्रमण ताप, उदासीन ताप
(5) प्रकाश उत्सर्जन की घटना सिर्फ धातु के सतह पर ही क्यों घटती है ?
Ans प्रकाश उत्सर्जन की घटना सिर्फ धातु सतह पर ही घटती है क्योंकि धातुओं के पास मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो कि ऊष्मा पाकर सतह से बाहर आसानी से निकल जाते हैं !
(6) थॉमसन प्रभाव :- यदि किसी तार के छोरों पर तापों को नियत रखकर तार के बीच वाले भाग के ताप को बढ़ाया जाता है और साथ ही साथ तार से होकर विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो तार का पहला आधा भाग ठंडा और दूसरा आधा भाग गर्म रहता है तार में धारा की दिशा बदल देने पर गर्म और ठंडा भाग भी आपस में बदल जाते हैं इस प्रभाव को थॉमसन प्रभाव कहते हैं !
पेल्टियर प्रभाव :- जब विभिन्न धातुओं का ताप-युग्म बनाकर उसमें किसी बाह्य स्रोत से धारा प्रवाहित की जाती है तो एक संधि ठंडी तथा दूसरी संधि गर्म हो जाती है अर्थात एक संधि पर उसका का अवशोषण तथा दूसरी संधि पर उसका का उत्पादन होता है इस प्रभाव को पेल्टियर प्रभाव कहते हैं !
(8) प्रकाश विद्युत प्रभाव क्या है ? किसी प्रकाशीय नली से निर्गत प्रकाशीय इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर आपतित प्रकाश की आवृत्ति बढ़ाने पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
Ans जब किसी धातु सतह पर उचित आवृत्ति यानी देल्ही आवृत्ति से अधिक आवृत्ति का प्रकाश आपतित होता है तो उस धातु के सतह से मुक्त इलेक्ट्रोनों का उत्सर्जन होता है इस घटना को प्रकाश विद्युत प्रभाव कहते हैं और इलेक्ट्रॉन को फोटो इलेक्ट्रॉन कहते हैं !
किसी प्रकाशीय नली से निर्गत प्रकाशीय इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर आपतित प्रकाश के आवृत्ति बढ़ाने पर आपतित प्रकाश की आवृत्ति से उत्सर्जित होने वाले फोटो इलेक्ट्रॉनों की संख्या और प्रभावित रहती है !
(9) ) प्रकाश विद्युत प्रभाव के संदर्भ में देहली आवृत्ति कार्यफलन और निरोधी विभव को परिभाषित करें
Ans देहली आवृत्ति :- किसी धातु के सतह पर आपतित प्रकाश की वह न्यूनतम आवृत्ति जिसके कारण धातु के सतह से इलेक्ट्रोनों का उत्सर्जन मात्र हो सके, देहली आवृत्ति कहलाता है !
कार्य फलन :- धातु के पृष्ठ पर आपतित प्रकाश का वह न्यूनतम ऊर्जा जिसके कारण धातु के सतह से इलेक्ट्रोनों का उत्सर्जन मात्र हो सके कार्य फलन कहलाता है !
निरोधी विभव :- किसी प्रकाश सेल की प्लेट को दिया गया वह न्यूनतम ऋणात्मक विभव जिस पर प्रकाश विद्युत धारा शून्य हो जाती है निरोधी विभव कहलाता है !
परमाणु
(1) बोर के परमाणु सिद्धांत की कमियां क्या है ?
Ans इस सिद्धांत द्वारा किसी तत्व की विभिन्न स्पेक्ट्री रेखाओं की तीव्रता में अंतर होने का कारण नहीं समझाया जा सकता है !
अधिक विभेदन क्षमता वाले स्पेक्ट्रोस्कोप से हाइड्रोजन की स्पेक्ट्रूमी रेखाओं का परीक्षण करने पर यह देखा गया कि इसमें एक से अधिक धूमिल सूक्ष्म रेखाएं रहती है स्पेक्टमी रेखाओं की इस सूक्ष्म योजना को बोर के सिद्धांत द्वारा नहीं समझाया जा सका !
(2) पाश्च्न श्रेणी क्या है ?
Ans इड्रोजन परमाणु जब किसी उच्चतर ऊर्जा स्तर से तृतीय ऊर्जा स्तर में प्रवेश करता है तब जो श्रेणी प्राप्त होता है उसे पाशचन श्रेणी कहते हैं जो की अदृश्य होता है
नाभिक
(1) रदरफोर्ड के अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग के आधार पर विकसित रदरफोर्ड के परमाणु संरचना को समझाइए !
Ans परमाणु के सभी धनात्मक आवेश अत्यल्प भाग में संकेंद्रित होता है
पूरे द्रव्यमान थोड़े भाग में ही संकेंद्रित होता है जिनका आकार का भाग1/10000 वाँ भाग होता है उसे नाभिक कहते हैं
नाभिक के चारों ओर का स्थान व्यावहारिक रूप से रिक्त होता है अल्फा कणों के प्रकीर्णन की कुल संख्या तथा प्रकीर्णन कोण के बीच का ग्राफ परमाणु के नाभिक मॉडल के आधार पर होता है
(2) रेडियो सक्रियता से आप क्या समझते हैं क्यूरी क्या है ? Ans कुछ अस्थाई तत्व स्वतः विखंडित होकर कुछ अदृश्य किरणें जैसे अल्फा बीटा तथा गामा किरणों का उत्सर्जन करते रहता है इस घटना को रेडियो सक्रियता कहते हैं !
क्यूरी रेडियोसक्रियता का मात्रक है !
(3) X- किरणों के किन्ही दो गुणों को लिखें
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Ans x- किरणे विद्युत चुंबकीय तरंग है, x-किरणे का स्थिर द्रव्यमान शून्य होता है !
(4) नाभिकीय रिएक्टर में मंदक, शीतलक और नियंत्रक छड़ के उपयोग बताइए
Ans मंदक :- तीव्रगामी न्यूट्रॉन को धीमा करने के लिए मंदक का प्रयोग किया जाता है जैसे ग्रेफाइट और भारी जल
शीतलक :- शीतलक एक ठंडा करने वाला पदार्थ है जो रिएक्टर में उत्पन ऊष्मा को घटाता है जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन
नियंत्रक छड़ :- नियंत्रक छड़ को श्रृंखला अभिक्रिया को नियंत्रित करने तथा अभिक्रिया की एक स्थाई दर बनाने रखने के लिए प्रयोग किया जाता है जैसे कैडमियम तथा बोरोन की छड़
(5) नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन में क्या अंतर है ?
Ans नाभिकीय विखंडन में एक भारी नाभिक टूट कर दो या दो से अधिक हल्के नाभिकों का निर्माण होता है जबकि नाभिकीय संलयन में दो या दो से अधिक हल्के नाभिक परस्पर जुड़कर एक बड़े और भारी नाभिक का निर्माण करता है
नाभिकीय विखंडन की क्रिया ताप से स्वतंत्र होती है जबकि नाभिकीय संलयन अत्यधिक ताप पर संपन्न होती है
नाभिकीय विखंडन न्यूट्रॉन द्वारा प्रेरित होता है जबकि नाभिकीय संलयन प्रोटॉन द्वारा प्रेरित होता है
नाभिकीय विखंडन एक श्रृंखला अभिक्रिया है जबकि नाभिकीय संलयन श्रृंखला अभिक्रिया नहीं है
(6) नाभिक से अल्फा बीटा कण के उत्सर्जन से तत्व के परमाणु स्थिति आवर्त तालिका में कैसे बदलती है लिखें !
Ans किसी परमाणु के नाभिक से जब एक अल्फा कण बाहर निकलता है तो उसके परमाणु संख्या में दो इकाई की कमी आती है तथा परमाणु द्रव्यमान में चार इकाई की कमी आती है यानी आवर्त सारणी में इसका स्थान दो स्थान पीछे चला आता है जबकि जब एक बीटा कण बाहर निकलता है तो इसके परमाणु संख्या में एक इकाई की बढ़ोतरी होती है और परमाणु द्रव्यमान में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होता है यानी आवर्त सारणी में इसका स्थान एक स्थान आगे चल जाता है !
(8) किसे नाभिक की बंधन ऊर्जा किसे कहते हैं ?
Ans किसी भी नाभिक को उसके घटक कणों में अलग-अलग करने के लिए जितनी वाह्यतम ऊर्जा की आवश्यकता होती है उसे उस नाभिक की बंधन ऊर्जा कहते हैं !
(9) बीटा किरणों के 2 गुणों को लिखें
Ans बीटा किरण इलेक्ट्रॉन के समतुल्य होता है
बीटा किरण का वेग अल्फा कण और गामा किरणों के बीच होता है !
(4) नाभिकीय रिएक्टर में मंदक, शीतलक और नियंत्रक छड़ के उपयोग बताइए
Ans मंदक :- तीव्रगामी न्यूट्रॉन को धीमा करने के लिए मंदक का प्रयोग किया जाता है जैसे ग्रेफाइट और भारी जल
शीतलक :- शीतलक एक ठंडा करने वाला पदार्थ है जो रिएक्टर में उत्पन ऊष्मा को घटाता है जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन
नियंत्रक छड़ :- नियंत्रक छड़ को श्रृंखला अभिक्रिया को नियंत्रित करने तथा अभिक्रिया की एक स्थाई दर बनाने रखने के लिए प्रयोग किया जाता है जैसे कैडमियम तथा बोरोन की छड़
(5) नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन में क्या अंतर है ?
Ans नाभिकीय विखंडन में एक भारी नाभिक टूट कर दो या दो से अधिक हल्के नाभिकों का निर्माण होता है जबकि नाभिकीय संलयन में दो या दो से अधिक हल्के नाभिक परस्पर जुड़कर एक बड़े और भारी नाभिक का निर्माण करता है
नाभिकीय विखंडन की क्रिया ताप से स्वतंत्र होती है जबकि नाभिकीय संलयन अत्यधिक ताप पर संपन्न होती है
नाभिकीय विखंडन न्यूट्रॉन द्वारा प्रेरित होता है जबकि नाभिकीय संलयन प्रोटॉन द्वारा प्रेरित होता है
नाभिकीय विखंडन एक श्रृंखला अभिक्रिया है जबकि नाभिकीय संलयन श्रृंखला अभिक्रिया नहीं है
(6) नाभिक से अल्फा बीटा कण के उत्सर्जन से तत्व के परमाणु स्थिति आवर्त तालिका में कैसे बदलती है लिखें !
Ans किसी परमाणु के नाभिक से जब एक अल्फा कण बाहर निकलता है तो उसके परमाणु संख्या में दो इकाई की कमी आती है तथा परमाणु द्रव्यमान में चार इकाई की कमी आती है यानी आवर्त सारणी में इसका स्थान दो स्थान पीछे चला आता है जबकि जब एक बीटा कण बाहर निकलता है तो इसके परमाणु संख्या में एक इकाई की बढ़ोतरी होती है और परमाणु द्रव्यमान में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होता है यानी आवर्त सारणी में इसका स्थान एक स्थान आगे चल जाता है !
(8) किसे नाभिक की बंधन ऊर्जा किसे कहते हैं ?
Ans किसी भी नाभिक को उसके घटक कणों में अलग-अलग करने के लिए जितनी वाह्यतम ऊर्जा की आवश्यकता होती है उसे उस नाभिक की बंधन ऊर्जा कहते हैं !
(9) बीटा किरणों के 2 गुणों को लिखें
Ans बीटा किरण इलेक्ट्रॉन के समतुल्य होता है
बीटा किरण का वेग अल्फा कण और गामा किरणों के बीच होता है !
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इस तरह के कई रिजल्ट हमारे कोचिंग से है अभी तक जानकारी के अनुसार हाईएस्ट 459 है राहुल कुमार कोचिंग मैं रोल नंबर 66 बायपास चौक
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