RPSC Deputy Commandant Question Paper.pdf
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Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
🪐 MPATGM मिसाइल परीक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स बिंदु (Point-to-Point) नीचे दिए गए हैं:
🪐प्रमुख घटना: डीआरडीओ (DRDO) द्वारा मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) का सफल उड़ान परीक्षण किया गया।
तिथि: परीक्षण 11 जनवरी 2026 को किया गया (प्रेस विज्ञप्ति 12 जनवरी की है)।
स्थान: यह परीक्षण अहिल्या नगर (पूर्व नाम अहमदनगर), महाराष्ट्र के केके (KK) रेंज में किया गया।
मिसाइल की पीढ़ी: यह तीसरी पीढ़ी (3rd Generation) की 'फायर एंड फॉरगेट' (दागो और भूल जाओ) श्रेणी की मिसाइल है।
विशेषता:
इसे चलायमान लक्ष्य (Moving Target) के विरुद्ध उच्चतम आक्रमण क्षमता के लिए परीक्षण किया गया।
इसमें इमेजिंग इंफ्रारेड (IIR) सीकर लगा है, जिससे यह दिन और रात दोनों समय युद्ध करने में सक्षम है।
यह मिसाइल आधुनिक मुख्य युद्धक टैंकों (MBTs) को नष्ट करने में सक्षम टैंडम वारहेड (Tandem Warhead) से लैस है।
विकासकर्ता: इसे मुख्य रूप से डीआरडीओ की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला द्वारा अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं (पुणे, चंडीगढ़, देहरादून) के साथ मिलकर स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।
लक्ष्य प्रणाली: जोधपुर स्थित रक्षा प्रयोगशाला द्वारा विकसित 'थर्मल टारगेट सिस्टम' का उपयोग टैंक लक्ष्य के अनुकरण (Simulation) के लिए किया गया।
उत्पादन भागीदार: भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) इसके विकास-सह-उत्पादन भागीदार (DCPP) हैं।
महत्व: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में बड़ा कदम बताया। डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत के अनुसार, अब यह हथियार प्रणाली भारतीय सेना में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
🪐प्रमुख घटना: डीआरडीओ (DRDO) द्वारा मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) का सफल उड़ान परीक्षण किया गया।
तिथि: परीक्षण 11 जनवरी 2026 को किया गया (प्रेस विज्ञप्ति 12 जनवरी की है)।
स्थान: यह परीक्षण अहिल्या नगर (पूर्व नाम अहमदनगर), महाराष्ट्र के केके (KK) रेंज में किया गया।
मिसाइल की पीढ़ी: यह तीसरी पीढ़ी (3rd Generation) की 'फायर एंड फॉरगेट' (दागो और भूल जाओ) श्रेणी की मिसाइल है।
विशेषता:
इसे चलायमान लक्ष्य (Moving Target) के विरुद्ध उच्चतम आक्रमण क्षमता के लिए परीक्षण किया गया।
इसमें इमेजिंग इंफ्रारेड (IIR) सीकर लगा है, जिससे यह दिन और रात दोनों समय युद्ध करने में सक्षम है।
यह मिसाइल आधुनिक मुख्य युद्धक टैंकों (MBTs) को नष्ट करने में सक्षम टैंडम वारहेड (Tandem Warhead) से लैस है।
विकासकर्ता: इसे मुख्य रूप से डीआरडीओ की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला द्वारा अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं (पुणे, चंडीगढ़, देहरादून) के साथ मिलकर स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।
लक्ष्य प्रणाली: जोधपुर स्थित रक्षा प्रयोगशाला द्वारा विकसित 'थर्मल टारगेट सिस्टम' का उपयोग टैंक लक्ष्य के अनुकरण (Simulation) के लिए किया गया।
उत्पादन भागीदार: भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) इसके विकास-सह-उत्पादन भागीदार (DCPP) हैं।
महत्व: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में बड़ा कदम बताया। डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत के अनुसार, अब यह हथियार प्रणाली भारतीय सेना में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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🪐केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह की इज़राइल यात्रा से संबंधित महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी बिंदु:
कौन: केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री, श्री राजीव रंजन सिंह।
यात्रा का समय: 13 से 15 जनवरी 2026।
स्थान: इलात (Eilat), इज़राइल।
मुख्य कार्यक्रम: "सामुद्रिक खाद्य सुरक्षा: दक्षिण-पूर्व एशिया (SEA) का सामुद्रिक भविष्य" पर आयोजित द्वितीय वैश्विक शिखर सम्मेलन।
आमंत्रण: इज़राइल के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री 'एवी डिक्टर' द्वारा आमंत्रित।
उद्देश्य: मत्स्य पालन और जलीय कृषि (Aquaculture) क्षेत्र में भारत-इज़राइल सहयोग को मजबूत करना।
प्रमुख फोकस क्षेत्र:
आधुनिक जलीय कृषि प्रौद्योगिकी (Aquaculture Technology) का आदान-प्रदान।
टिकाऊ मत्स्य प्रबंधन (Sustainable Fisheries Management)।
सामुद्रिक अर्थव्यवस्था (Blue Economy) और खाद्य सुरक्षा।
जलवायु लचीलापन (Climate Resilience) और नवाचार।
खास बात: मंत्री जी इज़राइल की प्रमुख कंपनियों और स्टार्टअप्स के CEOs सेh मिलेंगे ताकि वहां के अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम का लाभ भारत को मिल सके।
एक लाइन में सारांश: यह यात्रा भारत की "सामुद्रिक खाद्य सुरक्षा" और "ब्लू इकोनॉमी" को इज़राइली तकनीक के साथ जोड़ने की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल है।
कौन: केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री, श्री राजीव रंजन सिंह।
यात्रा का समय: 13 से 15 जनवरी 2026।
स्थान: इलात (Eilat), इज़राइल।
मुख्य कार्यक्रम: "सामुद्रिक खाद्य सुरक्षा: दक्षिण-पूर्व एशिया (SEA) का सामुद्रिक भविष्य" पर आयोजित द्वितीय वैश्विक शिखर सम्मेलन।
आमंत्रण: इज़राइल के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री 'एवी डिक्टर' द्वारा आमंत्रित।
उद्देश्य: मत्स्य पालन और जलीय कृषि (Aquaculture) क्षेत्र में भारत-इज़राइल सहयोग को मजबूत करना।
प्रमुख फोकस क्षेत्र:
आधुनिक जलीय कृषि प्रौद्योगिकी (Aquaculture Technology) का आदान-प्रदान।
टिकाऊ मत्स्य प्रबंधन (Sustainable Fisheries Management)।
सामुद्रिक अर्थव्यवस्था (Blue Economy) और खाद्य सुरक्षा।
जलवायु लचीलापन (Climate Resilience) और नवाचार।
खास बात: मंत्री जी इज़राइल की प्रमुख कंपनियों और स्टार्टअप्स के CEOs सेh मिलेंगे ताकि वहां के अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम का लाभ भारत को मिल सके।
एक लाइन में सारांश: यह यात्रा भारत की "सामुद्रिक खाद्य सुरक्षा" और "ब्लू इकोनॉमी" को इज़राइली तकनीक के साथ जोड़ने की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल है।
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तीसरा अंतरराष्ट्रीय भारतीय भाषा सम्मेलन-2026
आयोजन संपन्न: 11 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में।
संयुक्त आयोजक:
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA)
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार
अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद
वैश्विक हिंदी परिवार
दिल्ली विश्वविद्यालय (भारतीय भाषा एवं साहित्य अध्ययन विभाग)
मुख्य अतिथि: लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला (समापन सत्र में)।
मुख्य संदेश (ओम बिरला):
अध्यात्म और भाषा भारत की सांस्कृतिक विरासत की 'आत्मा' है।
जो लोग अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं, वे जीवन में लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त करते हैं।
भारत की आध्यात्मिक चेतना और 'वसुधैव कुटुंबकम' का भाव ही विश्व की समस्याओं का समाधान है।
महत्व: यह सम्मेलन भारतीय भाषाओं के वैश्विक विस्तार और उनके सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करने के लिए आयोजित किया गया।
आयोजन संपन्न: 11 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में।
संयुक्त आयोजक:
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA)
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार
अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद
वैश्विक हिंदी परिवार
दिल्ली विश्वविद्यालय (भारतीय भाषा एवं साहित्य अध्ययन विभाग)
मुख्य अतिथि: लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला (समापन सत्र में)।
मुख्य संदेश (ओम बिरला):
अध्यात्म और भाषा भारत की सांस्कृतिक विरासत की 'आत्मा' है।
जो लोग अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं, वे जीवन में लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त करते हैं।
भारत की आध्यात्मिक चेतना और 'वसुधैव कुटुंबकम' का भाव ही विश्व की समस्याओं का समाधान है।
महत्व: यह सम्मेलन भारतीय भाषाओं के वैश्विक विस्तार और उनके सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करने के लिए आयोजित किया गया।
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🪐. नागौर की अश्वगंधा को GI टैग:
राजस्थान के नागौर जिले की अश्वगंधा को हाल ही में GI टैग (Geographical Indication) प्रदान किया गया है।
🪐. भामाशाह नीति - 2025:
राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा इस नीति को स्वीकृति दी गई है।
पुरस्कार श्रेणियाँ: दानदाताओं के लिए शिक्षा विभूषण (1 करोड़+), शिक्षा भूषण (15 लाख-1 करोड़), शिक्षा श्री (1 लाख-15 लाख) आदि पुरस्कार रखे गए हैं।
स्कूल नामकरण: प्राथमिक विद्यालय के लिए 30 लाख, उच्च प्राथमिक के लिए 60 लाख और माध्यमिक/उच्च माध्यमिक के लिए 1 करोड़ रुपये के सहयोग पर नामकरण किया जा सकेगा।
🪐. पचपदरा रिफाइनरी सुरक्षा:
बालोतरा (पचपदरा) स्थित अत्याधुनिक रिफाइनरी की सुरक्षा व्यवस्था अब CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) को सौंप दी गई है।
यह HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का संयुक्त उद्यम है, जिसकी कुल संशोधित लागत 79,459 करोड़ रुपये है।
🪐. सौंध माटी आदि धरोहर प्रलेखन योजना:
इसका नोडल विभाग 'जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग' (TAD) है।
योजना का क्रियान्वयन 'माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान' द्वारा किया जा रहा है। इसका राज्य स्तरीय कार्यक्रम डूंगरपुर में आयोजित हुआ।
🪐. जयपुर डिस्काम की उपलब्धि:
जयपुर डिस्काम प्रदेश का पहला 'डिफेक्टिव मीटर मुक्त' वितरण निगम बन गया है
जयपुर, अजमेर और ब्यावर जैसे मंडलों ने शत-प्रतिशत दोषमुक्त मीटर का लक्ष्य हासिल किया।
🪐. पहली राजकीय जेनेटिक टेस्टिंग लैब:
राजस्थान की पहली सरकारी जेनेटिक टेस्टिंग लैब 'SMS अस्पताल, जयपुर' में स्थापित की जा रही है।
🪐. एशियन राइफल/पिस्टल चैम्पियनशिप 2026:
नई दिल्ली में आयोजित होने वाली इस चैम्पियनशिप में राजस्थान के 04 खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
खिलाड़ी: मानिनी कौशिक, नवीन सिंह चौहान, भानुप्रताप सिंह चौधरी और भावेश शेखावत।
राजस्थान के नागौर जिले की अश्वगंधा को हाल ही में GI टैग (Geographical Indication) प्रदान किया गया है।
🪐. भामाशाह नीति - 2025:
राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा इस नीति को स्वीकृति दी गई है।
पुरस्कार श्रेणियाँ: दानदाताओं के लिए शिक्षा विभूषण (1 करोड़+), शिक्षा भूषण (15 लाख-1 करोड़), शिक्षा श्री (1 लाख-15 लाख) आदि पुरस्कार रखे गए हैं।
स्कूल नामकरण: प्राथमिक विद्यालय के लिए 30 लाख, उच्च प्राथमिक के लिए 60 लाख और माध्यमिक/उच्च माध्यमिक के लिए 1 करोड़ रुपये के सहयोग पर नामकरण किया जा सकेगा।
🪐. पचपदरा रिफाइनरी सुरक्षा:
बालोतरा (पचपदरा) स्थित अत्याधुनिक रिफाइनरी की सुरक्षा व्यवस्था अब CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) को सौंप दी गई है।
यह HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का संयुक्त उद्यम है, जिसकी कुल संशोधित लागत 79,459 करोड़ रुपये है।
🪐. सौंध माटी आदि धरोहर प्रलेखन योजना:
इसका नोडल विभाग 'जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग' (TAD) है।
योजना का क्रियान्वयन 'माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान' द्वारा किया जा रहा है। इसका राज्य स्तरीय कार्यक्रम डूंगरपुर में आयोजित हुआ।
🪐. जयपुर डिस्काम की उपलब्धि:
जयपुर डिस्काम प्रदेश का पहला 'डिफेक्टिव मीटर मुक्त' वितरण निगम बन गया है
जयपुर, अजमेर और ब्यावर जैसे मंडलों ने शत-प्रतिशत दोषमुक्त मीटर का लक्ष्य हासिल किया।
🪐. पहली राजकीय जेनेटिक टेस्टिंग लैब:
राजस्थान की पहली सरकारी जेनेटिक टेस्टिंग लैब 'SMS अस्पताल, जयपुर' में स्थापित की जा रही है।
🪐. एशियन राइफल/पिस्टल चैम्पियनशिप 2026:
नई दिल्ली में आयोजित होने वाली इस चैम्पियनशिप में राजस्थान के 04 खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
खिलाड़ी: मानिनी कौशिक, नवीन सिंह चौहान, भानुप्रताप सिंह चौधरी और भावेश शेखावत।
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🪐IIM अहमदाबाद: निधि उत्कृष्टता केंद्र (NIDHI CoE) का उद्घाटन
उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय)।
स्थान: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), अहमदाबाद।
लागत/फंडिंग: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा ₹40 करोड़ का निवेश।
मुख्य ढांचा: IIM-A परिसर में 59,000 वर्ग फुट का एक 'डीप-टेक नर्व सेंटर' (Deep-Tech Nerve Centre) स्थापित किया गया है।
मुख्य उद्देश्य:
'प्रायोगशाला से बाजार' (Lab to Market) तक की प्रक्रिया को सुगम बनाना।
डीप-टेक स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता के साथ-साथ 'प्रबंधन' (Management) की बारीकियां सिखाना।
विज्ञान, प्रबंधन और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाना।
नया मंच: इस अवसर पर "ट्रांसलेशन एंडेवर्स" नामक एक बहु-संस्थागत सहयोगी मंच का अनावरण किया गया।
विशेष बिंदु:
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब 'डीप-टेक आधारित' विकास की ओर बढ़ रहा है।
भारत दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है।
देश के लगभग आधे (50%) स्टार्टअप अब मेट्रो शहरों के बजाय दूसरे और तीसरे दर्जे (Tier 2 & 3) के शहरों से उभर रहे हैं।
सहयोगी संस्थाएं: अनुसंधान विकास और नवाचार निधि (RDIF) और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF) जैसी प्रणालियां डीप-टेक स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक समर्थन देंगी।
एक लाइन में सारांश: यह केंद्र विज्ञान और प्रबंधन को एक साथ लाकर भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय)।
स्थान: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), अहमदाबाद।
लागत/फंडिंग: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा ₹40 करोड़ का निवेश।
मुख्य ढांचा: IIM-A परिसर में 59,000 वर्ग फुट का एक 'डीप-टेक नर्व सेंटर' (Deep-Tech Nerve Centre) स्थापित किया गया है।
मुख्य उद्देश्य:
'प्रायोगशाला से बाजार' (Lab to Market) तक की प्रक्रिया को सुगम बनाना।
डीप-टेक स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता के साथ-साथ 'प्रबंधन' (Management) की बारीकियां सिखाना।
विज्ञान, प्रबंधन और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाना।
नया मंच: इस अवसर पर "ट्रांसलेशन एंडेवर्स" नामक एक बहु-संस्थागत सहयोगी मंच का अनावरण किया गया।
विशेष बिंदु:
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब 'डीप-टेक आधारित' विकास की ओर बढ़ रहा है।
भारत दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है।
देश के लगभग आधे (50%) स्टार्टअप अब मेट्रो शहरों के बजाय दूसरे और तीसरे दर्जे (Tier 2 & 3) के शहरों से उभर रहे हैं।
सहयोगी संस्थाएं: अनुसंधान विकास और नवाचार निधि (RDIF) और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF) जैसी प्रणालियां डीप-टेक स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक समर्थन देंगी।
एक लाइन में सारांश: यह केंद्र विज्ञान और प्रबंधन को एक साथ लाकर भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
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🪐ICAR और NDDB के बीच रणनीतिक गठबंधन (MoU)
किनके बीच: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB)।
उद्देश्य: संपूर्ण डेयरी क्षेत्र में अनुसंधान (Research), नवाचार (Innovation) और क्षमता निर्माण (Capacity Building) के लिए सहयोग करना।
मुख्य फोकस क्षेत्र:
डेयरी उत्पादन (Production)।
प्रसंस्करण (Processing)।
मूल्यवर्धन (Value Addition)।
प्रमुख लक्ष्य: देश भर के लाखों डेयरी किसानों को सशक्त बनाना और जमीनी स्तर पर डेयरी विकास को मजबूती देना।
डेयरी क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए देश की दो सबसे बड़ी संस्थाओं (ICAR और NDDB) ने हाथ मिलाया है।
किनके बीच: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB)।
उद्देश्य: संपूर्ण डेयरी क्षेत्र में अनुसंधान (Research), नवाचार (Innovation) और क्षमता निर्माण (Capacity Building) के लिए सहयोग करना।
मुख्य फोकस क्षेत्र:
डेयरी उत्पादन (Production)।
प्रसंस्करण (Processing)।
मूल्यवर्धन (Value Addition)।
प्रमुख लक्ष्य: देश भर के लाखों डेयरी किसानों को सशक्त बनाना और जमीनी स्तर पर डेयरी विकास को मजबूती देना।
डेयरी क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए देश की दो सबसे बड़ी संस्थाओं (ICAR और NDDB) ने हाथ मिलाया है।
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❄️भाषिणी समुदाय: भारत के भाषा AI इकोसिस्टम का सुदृढ़ीकरण❄️
आयोजन: "भाषिणी समुदाय: भारत के भाषा AI पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना" विषय पर कार्यशाला।
तिथि व स्थान: 13 जनवरी 2026, डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली।
आयोजक: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीज़न।
मिशन: यह पहल नेशनल लैंग्वेज ट्रांसलेशन मिशन (NLTM) के तहत काम करती है।
मुख्य उद्देश्य:
भाषा की बाधाओं को खत्म करना।
सभी भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना।
एक 'सॉवरेन' (Sovereign) और समावेशी 'लैंग्वेज AI इकोसिस्टम' बनाना।
'भाषादान' (Bhashadaan) पोर्टल: इसके माध्यम से आम नागरिक अपनी स्थानीय भाषा का डेटा योगदान (Contribution) दे सकते हैं।
भाषिणी इन एक्शन: कार्यशाला में AI आधारित रीयल-टाइम अनुवाद और सेवाओं का लाइव डेमो दिया जाएगा।
प्रमुख व्यक्तित्व: अमिताभ नाग (CEO, डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीज़न)।
एक लाइन में सारांश: यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए भारत की विभिन्न भाषाओं के बीच की दूरी को मिटाकर 'डिजिटल इंडिया' को हर नागरिक तक पहुँचाने का एक बड़ा कदम है।
आयोजन: "भाषिणी समुदाय: भारत के भाषा AI पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना" विषय पर कार्यशाला।
तिथि व स्थान: 13 जनवरी 2026, डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली।
आयोजक: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीज़न।
मिशन: यह पहल नेशनल लैंग्वेज ट्रांसलेशन मिशन (NLTM) के तहत काम करती है।
मुख्य उद्देश्य:
भाषा की बाधाओं को खत्म करना।
सभी भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना।
एक 'सॉवरेन' (Sovereign) और समावेशी 'लैंग्वेज AI इकोसिस्टम' बनाना।
'भाषादान' (Bhashadaan) पोर्टल: इसके माध्यम से आम नागरिक अपनी स्थानीय भाषा का डेटा योगदान (Contribution) दे सकते हैं।
भाषिणी इन एक्शन: कार्यशाला में AI आधारित रीयल-टाइम अनुवाद और सेवाओं का लाइव डेमो दिया जाएगा।
प्रमुख व्यक्तित्व: अमिताभ नाग (CEO, डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीज़न)।
एक लाइन में सारांश: यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए भारत की विभिन्न भाषाओं के बीच की दूरी को मिटाकर 'डिजिटल इंडिया' को हर नागरिक तक पहुँचाने का एक बड़ा कदम है।
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Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
❄️भारत और जर्मनी: डाक और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में ऐतिहासिक सहयोग❄️
तिथि व स्थान: 12 जनवरी 2026, अहमदाबाद।
अवसर: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (Friedrich Merz) की भारत यात्रा के दौरान।
किनके बीच समझौता: भारत का डाक विभाग (संचार मंत्रालय) और जर्मनी का डॉयचे पोस्ट एजी (DHL ग्रुप)।
हस्ताक्षरित दस्तावेज़: एक 'संयुक्त आशय घोषणा' (JDI) और एक 'आशय पत्र' (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्य उद्देश्य: डाक, एक्सप्रेस और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना।
प्रमुख फोकस:
सीमा-पार ई-कॉमर्स (Cross-border E-commerce) को बढ़ावा देना।
निर्धारित समय पर अंतर्राष्ट्रीय डिलीवरी सुनिश्चित करना।
हरित लॉजिस्टिक्स (Green Logistics) और डिजिटलीकरण।
बड़ा परिणाम: एक 'संयुक्त प्रीमियम अंतर्राष्ट्रीय एक्सप्रेस उत्पाद' का शुभारंभ होगा। यह इंडिया पोस्ट की 'अंतिम-छोर तक पहुँच' और DHL के 'वैश्विक नेटवर्क' को आपस में जोड़ेगा।
किसे फायदा होगा: विशेष रूप से MSMEs, स्टार्टअप्स और कारीगरों को किफायती और भरोसेमंद तरीके से अपने उत्पाद वैश्विक बाजार तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।
सुधार: इससे अंतर्राष्ट्रीय खेपों (Shipments) के लिए ट्रांजिट टाइम कम होगा और ट्रैकिंग (Visibility) बेहतर होगी।
तिथि व स्थान: 12 जनवरी 2026, अहमदाबाद।
अवसर: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (Friedrich Merz) की भारत यात्रा के दौरान।
किनके बीच समझौता: भारत का डाक विभाग (संचार मंत्रालय) और जर्मनी का डॉयचे पोस्ट एजी (DHL ग्रुप)।
हस्ताक्षरित दस्तावेज़: एक 'संयुक्त आशय घोषणा' (JDI) और एक 'आशय पत्र' (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्य उद्देश्य: डाक, एक्सप्रेस और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना।
प्रमुख फोकस:
सीमा-पार ई-कॉमर्स (Cross-border E-commerce) को बढ़ावा देना।
निर्धारित समय पर अंतर्राष्ट्रीय डिलीवरी सुनिश्चित करना।
हरित लॉजिस्टिक्स (Green Logistics) और डिजिटलीकरण।
बड़ा परिणाम: एक 'संयुक्त प्रीमियम अंतर्राष्ट्रीय एक्सप्रेस उत्पाद' का शुभारंभ होगा। यह इंडिया पोस्ट की 'अंतिम-छोर तक पहुँच' और DHL के 'वैश्विक नेटवर्क' को आपस में जोड़ेगा।
किसे फायदा होगा: विशेष रूप से MSMEs, स्टार्टअप्स और कारीगरों को किफायती और भरोसेमंद तरीके से अपने उत्पाद वैश्विक बाजार तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।
सुधार: इससे अंतर्राष्ट्रीय खेपों (Shipments) के लिए ट्रांजिट टाइम कम होगा और ट्रैकिंग (Visibility) बेहतर होगी।
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Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
❄️आतंकवाद-रोधी उपायों पर आसियान (ASEAN) बैठक❄️
आयोजन: ADMM-प्लस के 'आतंकवाद से निपटने की तैयारी' संबंधी विशेषज्ञ कार्य समूह की 16वीं बैठक।
स्थान: नई दिल्ली (14 से 16 जनवरी 2026)।
सह-अध्यक्षता: भारत और मलेशिया मिलकर इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।
भागीदार: 11 आसियान सदस्य देश और 8 संवाद साझेदार (ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, रूस, अमेरिका)।
प्रमुख गतिविधि: 14 जनवरी को एक 'टेबल टॉप एक्सरसाइज' (TTX) का आयोजन किया गया।
आयोजन: ADMM-प्लस के 'आतंकवाद से निपटने की तैयारी' संबंधी विशेषज्ञ कार्य समूह की 16वीं बैठक।
स्थान: नई दिल्ली (14 से 16 जनवरी 2026)।
सह-अध्यक्षता: भारत और मलेशिया मिलकर इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं।
भागीदार: 11 आसियान सदस्य देश और 8 संवाद साझेदार (ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, रूस, अमेरिका)।
प्रमुख गतिविधि: 14 जनवरी को एक 'टेबल टॉप एक्सरसाइज' (TTX) का आयोजन किया गया।
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Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
❄️NHAI: क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज (Clean Toilet Picture Challenge)❄️
संस्था: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)।
अपडेट: इस नागरिक-केंद्रित पहल की अवधि को बढ़ाकर 30 जून 2026 तक कर दिया गया है।
शुरुआत: यह अनूठी चुनौती सितंबर 2025 में शुरू की गई थी।
उद्देश्य: राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर स्थित शौचालयों में स्वच्छता और उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाना।
पुरस्कार: प्रत्येक पात्र रिपोर्ट (Valid Report) के लिए वाहन मालिक को ₹1,000 का FASTag रिचार्ज इनाम के रूप में मिलेगा।
संस्था: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)।
अपडेट: इस नागरिक-केंद्रित पहल की अवधि को बढ़ाकर 30 जून 2026 तक कर दिया गया है।
शुरुआत: यह अनूठी चुनौती सितंबर 2025 में शुरू की गई थी।
उद्देश्य: राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर स्थित शौचालयों में स्वच्छता और उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाना।
पुरस्कार: प्रत्येक पात्र रिपोर्ट (Valid Report) के लिए वाहन मालिक को ₹1,000 का FASTag रिचार्ज इनाम के रूप में मिलेगा।
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