Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
🪐. राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (R4C)
घोषणा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्र के I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) की तर्ज पर प्रदेश में R4C की स्थापना की घोषणा की।
उद्देश्य: साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए इसे 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जाएगा।
फायदा: सभी जिलों के बीच साइबर अपराधों से संबंधित सूचनाओं और अनुसंधान का बेहतर तालमेल होगा।
🪐. कानून-व्यवस्था एवं न्यायिक सुधार
अपराध दर:
पिछले 2 वर्षों में गंभीर अपराधों में बड़ी कमी आई है (जैसे- लूट में 51%, डकैती में 47%, SC/ST अपराधों में 28% और हत्या में 19% की गिरावट)।
दोष सिद्धि दर (Conviction Rate): पुलिस द्वारा दोष सिद्धि दर को 41% से बढ़ाकर 85% तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
त्वरित न्याय: नए कानूनों के माध्यम से FIR से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक 3 साल में न्याय सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जा रही है।
पुलिस आधुनिकीकरण: एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) का एकीकरण।
🪐. अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी महाधिवेशन (जोधपुर)
स्थान: पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड, जोधपुर।
विमोचन: 'माहेश्वरी गौरव ग्रंथ' का विमोचन और समाज के नाम पर विशेष डाक टिकट जारी किया गया।
अन्य: जैविक खेती पर आधारित पुस्तक का विमोचन और 'माहेश्वरी ग्लोबल एक्सपो' का प्रदर्शन।
🪐. सेना दिवस परेड-2026 (जयपुर)
तारीख: 15 जनवरी 2026।
स्थान: जयपुर (पहली बार सैन्य छावनी के बाहर परेड)।
पंजीकरण: आमजन परेड देखने के लिए 14 जनवरी तक SSO ID से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
🪐. आर्थिक लक्ष्य एवं विजन
तीसरी अर्थव्यवस्था:
भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।
टारगेट: 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर।
विजन 2047: आजादी के शताब्दी वर्ष (2047) तक भारत को विकसित और अग्रणी राष्ट्र बनाने का संकल्प।
घोषणा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्र के I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) की तर्ज पर प्रदेश में R4C की स्थापना की घोषणा की।
उद्देश्य: साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए इसे 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जाएगा।
फायदा: सभी जिलों के बीच साइबर अपराधों से संबंधित सूचनाओं और अनुसंधान का बेहतर तालमेल होगा।
🪐. कानून-व्यवस्था एवं न्यायिक सुधार
अपराध दर:
पिछले 2 वर्षों में गंभीर अपराधों में बड़ी कमी आई है (जैसे- लूट में 51%, डकैती में 47%, SC/ST अपराधों में 28% और हत्या में 19% की गिरावट)।
दोष सिद्धि दर (Conviction Rate): पुलिस द्वारा दोष सिद्धि दर को 41% से बढ़ाकर 85% तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
त्वरित न्याय: नए कानूनों के माध्यम से FIR से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक 3 साल में न्याय सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जा रही है।
पुलिस आधुनिकीकरण: एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) का एकीकरण।
🪐. अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी महाधिवेशन (जोधपुर)
स्थान: पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड, जोधपुर।
विमोचन: 'माहेश्वरी गौरव ग्रंथ' का विमोचन और समाज के नाम पर विशेष डाक टिकट जारी किया गया।
अन्य: जैविक खेती पर आधारित पुस्तक का विमोचन और 'माहेश्वरी ग्लोबल एक्सपो' का प्रदर्शन।
🪐. सेना दिवस परेड-2026 (जयपुर)
तारीख: 15 जनवरी 2026।
स्थान: जयपुर (पहली बार सैन्य छावनी के बाहर परेड)।
पंजीकरण: आमजन परेड देखने के लिए 14 जनवरी तक SSO ID से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
🪐. आर्थिक लक्ष्य एवं विजन
तीसरी अर्थव्यवस्था:
भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।
टारगेट: 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर।
विजन 2047: आजादी के शताब्दी वर्ष (2047) तक भारत को विकसित और अग्रणी राष्ट्र बनाने का संकल्प।
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Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रीमद् विजयरत्न सुंदर सूरीश्वरजी महाराज की 500वीं पुस्तक के विमोचन समारोह से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु नीचे दिए गए हैं:
प्रमुख घटना: प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश के माध्यम से श्रीमद् विजयरत्न सुंदर सूरीश्वरजी महाराज की 500वीं पुस्तक का विमोचन किया।
तिथि: 11 जनवरी 2026
पुस्तक का शीर्षक: 'प्रेमनु विश्व, विश्वनो प्रेम' (Love's World, World's Love)।
जैन दर्शन का उल्लेख: प्रधानमंत्री ने जैन दर्शन के मार्गदर्शक सिद्धांत "परस्परोपग्रहो जीवानाम्" का उल्लेख किया, जिसका अर्थ है - "प्रत्येक जीवन दूसरे से जुड़ा हुआ है।"
प्रधानमंत्री के 9 संकल्प (9 Resolves): पीएम मोदी ने समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए निम्नलिखित 9 संकल्पों को दोहराया:
जल संरक्षण का संकल्प।
'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान (वृक्षारोपण)।
स्वच्छता अभियान को निरंतर आगे बढ़ाना।
स्थानीय उत्पादों (Vocal for Local) को बढ़ावा देना।
भारत दर्शन (स्वदेश पर्यटन को प्राथमिकता)।
प्राकृतिक कृषि को अपनाना।
स्वस्थ जीवनशैली का पालन करना।
योग और खेलों को जीवन का हिस्सा बनाना।
गरीबों की सहायता करना।
प्रमुख घटना: प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश के माध्यम से श्रीमद् विजयरत्न सुंदर सूरीश्वरजी महाराज की 500वीं पुस्तक का विमोचन किया।
तिथि: 11 जनवरी 2026
पुस्तक का शीर्षक: 'प्रेमनु विश्व, विश्वनो प्रेम' (Love's World, World's Love)।
जैन दर्शन का उल्लेख: प्रधानमंत्री ने जैन दर्शन के मार्गदर्शक सिद्धांत "परस्परोपग्रहो जीवानाम्" का उल्लेख किया, जिसका अर्थ है - "प्रत्येक जीवन दूसरे से जुड़ा हुआ है।"
प्रधानमंत्री के 9 संकल्प (9 Resolves): पीएम मोदी ने समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए निम्नलिखित 9 संकल्पों को दोहराया:
जल संरक्षण का संकल्प।
'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान (वृक्षारोपण)।
स्वच्छता अभियान को निरंतर आगे बढ़ाना।
स्थानीय उत्पादों (Vocal for Local) को बढ़ावा देना।
भारत दर्शन (स्वदेश पर्यटन को प्राथमिकता)।
प्राकृतिक कृषि को अपनाना।
स्वस्थ जीवनशैली का पालन करना।
योग और खेलों को जीवन का हिस्सा बनाना।
गरीबों की सहायता करना।
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🪐आवाज़ों के जुगनू' पुस्तक विमोचन से संबंधित महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स बिंदु:🪐
✔️पुस्तक का नाम: 'आवाज़ों के जुगनू: वॉयस मास्टर्स ऑफ इंडिया' (Aawazon Ke Jugnu: Voice Masters of India)।
संपादन: इस पुस्तक का संकलन और संपादन डॉ. शेफाली चतुर्वेदी द्वारा किया गया है।
आयोजन स्थल: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA), नई दिल्ली (9 जनवरी 2026)।
मुख्य अतिथि: प्रसिद्ध वॉइस एक्टर हरीश भिमानी (इन्होंने बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' में 'समय' को अपनी आवाज़ दी थी)।
विशेष कथन: हरीश भिमानी ने इस पुस्तक को "हमारे सांस्कृतिक डीएनए (DNA) का दस्तावेज़" कहा है।
✔️पुस्तक का नाम: 'आवाज़ों के जुगनू: वॉयस मास्टर्स ऑफ इंडिया' (Aawazon Ke Jugnu: Voice Masters of India)।
संपादन: इस पुस्तक का संकलन और संपादन डॉ. शेफाली चतुर्वेदी द्वारा किया गया है।
आयोजन स्थल: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA), नई दिल्ली (9 जनवरी 2026)।
मुख्य अतिथि: प्रसिद्ध वॉइस एक्टर हरीश भिमानी (इन्होंने बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' में 'समय' को अपनी आवाज़ दी थी)।
विशेष कथन: हरीश भिमानी ने इस पुस्तक को "हमारे सांस्कृतिक डीएनए (DNA) का दस्तावेज़" कहा है।
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Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
🪐नई दिल्ली में शुरू हुआ 53वां विश्व पुस्तक मेला 2026
53वां नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 राष्ट्रीय राजधानी में शुरू हो गया।
विषय : भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य और ज्ञान @75 ।
🪐उदयपुर (राजस्थान) में आयोजित 'सहकारिता सुधारों पर राष्ट्रीय-स्तरीय कार्यशाला'
. आयोजन और उद्देश्य:
स्थान और तिथि: 8-9 जनवरी 2026 को राजस्थान के उदयपुर में आयोजित।
विज़न: "सहकार से समृद्धि" (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में)।
आयोजक: केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय (केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में)।
🪐प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रीमद् विजयरत्न सुंदर सूरीश्वरजी महाराज की 500वीं पुस्तक के विमोचन समारोह
प्रमुख घटना: प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश के माध्यम से श्रीमद् विजयरत्न सुंदर सूरीश्वरजी महाराज की 500वीं पुस्तक का विमोचन किया।
तिथि: 11 जनवरी 2026
पुस्तक का शीर्षक: 'प्रेमनु विश्व, विश्वनो प्रेम' (Love's World, World's Love)।
जैन दर्शन का उल्लेख: प्रधानमंत्री ने जैन दर्शन के मार्गदर्शक सिद्धांत "परस्परोपग्रहो जीवानाम्" का उल्लेख किया, जिसका अर्थ है - "प्रत्येक जीवन दूसरे से जुड़ा हुआ है।"
53वां नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 राष्ट्रीय राजधानी में शुरू हो गया।
विषय : भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य और ज्ञान @75 ।
🪐उदयपुर (राजस्थान) में आयोजित 'सहकारिता सुधारों पर राष्ट्रीय-स्तरीय कार्यशाला'
. आयोजन और उद्देश्य:
स्थान और तिथि: 8-9 जनवरी 2026 को राजस्थान के उदयपुर में आयोजित।
विज़न: "सहकार से समृद्धि" (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में)।
आयोजक: केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय (केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में)।
🪐प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रीमद् विजयरत्न सुंदर सूरीश्वरजी महाराज की 500वीं पुस्तक के विमोचन समारोह
प्रमुख घटना: प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश के माध्यम से श्रीमद् विजयरत्न सुंदर सूरीश्वरजी महाराज की 500वीं पुस्तक का विमोचन किया।
तिथि: 11 जनवरी 2026
पुस्तक का शीर्षक: 'प्रेमनु विश्व, विश्वनो प्रेम' (Love's World, World's Love)।
जैन दर्शन का उल्लेख: प्रधानमंत्री ने जैन दर्शन के मार्गदर्शक सिद्धांत "परस्परोपग्रहो जीवानाम्" का उल्लेख किया, जिसका अर्थ है - "प्रत्येक जीवन दूसरे से जुड़ा हुआ है।"
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RPSC Deputy Commandant Question Paper.pdf
40.4 MB
RPSC Deputy Commandant Question Paper.pdf
Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
🪐 MPATGM मिसाइल परीक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स बिंदु (Point-to-Point) नीचे दिए गए हैं:
🪐प्रमुख घटना: डीआरडीओ (DRDO) द्वारा मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) का सफल उड़ान परीक्षण किया गया।
तिथि: परीक्षण 11 जनवरी 2026 को किया गया (प्रेस विज्ञप्ति 12 जनवरी की है)।
स्थान: यह परीक्षण अहिल्या नगर (पूर्व नाम अहमदनगर), महाराष्ट्र के केके (KK) रेंज में किया गया।
मिसाइल की पीढ़ी: यह तीसरी पीढ़ी (3rd Generation) की 'फायर एंड फॉरगेट' (दागो और भूल जाओ) श्रेणी की मिसाइल है।
विशेषता:
इसे चलायमान लक्ष्य (Moving Target) के विरुद्ध उच्चतम आक्रमण क्षमता के लिए परीक्षण किया गया।
इसमें इमेजिंग इंफ्रारेड (IIR) सीकर लगा है, जिससे यह दिन और रात दोनों समय युद्ध करने में सक्षम है।
यह मिसाइल आधुनिक मुख्य युद्धक टैंकों (MBTs) को नष्ट करने में सक्षम टैंडम वारहेड (Tandem Warhead) से लैस है।
विकासकर्ता: इसे मुख्य रूप से डीआरडीओ की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला द्वारा अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं (पुणे, चंडीगढ़, देहरादून) के साथ मिलकर स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।
लक्ष्य प्रणाली: जोधपुर स्थित रक्षा प्रयोगशाला द्वारा विकसित 'थर्मल टारगेट सिस्टम' का उपयोग टैंक लक्ष्य के अनुकरण (Simulation) के लिए किया गया।
उत्पादन भागीदार: भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) इसके विकास-सह-उत्पादन भागीदार (DCPP) हैं।
महत्व: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में बड़ा कदम बताया। डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत के अनुसार, अब यह हथियार प्रणाली भारतीय सेना में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
🪐प्रमुख घटना: डीआरडीओ (DRDO) द्वारा मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) का सफल उड़ान परीक्षण किया गया।
तिथि: परीक्षण 11 जनवरी 2026 को किया गया (प्रेस विज्ञप्ति 12 जनवरी की है)।
स्थान: यह परीक्षण अहिल्या नगर (पूर्व नाम अहमदनगर), महाराष्ट्र के केके (KK) रेंज में किया गया।
मिसाइल की पीढ़ी: यह तीसरी पीढ़ी (3rd Generation) की 'फायर एंड फॉरगेट' (दागो और भूल जाओ) श्रेणी की मिसाइल है।
विशेषता:
इसे चलायमान लक्ष्य (Moving Target) के विरुद्ध उच्चतम आक्रमण क्षमता के लिए परीक्षण किया गया।
इसमें इमेजिंग इंफ्रारेड (IIR) सीकर लगा है, जिससे यह दिन और रात दोनों समय युद्ध करने में सक्षम है।
यह मिसाइल आधुनिक मुख्य युद्धक टैंकों (MBTs) को नष्ट करने में सक्षम टैंडम वारहेड (Tandem Warhead) से लैस है।
विकासकर्ता: इसे मुख्य रूप से डीआरडीओ की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला द्वारा अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं (पुणे, चंडीगढ़, देहरादून) के साथ मिलकर स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।
लक्ष्य प्रणाली: जोधपुर स्थित रक्षा प्रयोगशाला द्वारा विकसित 'थर्मल टारगेट सिस्टम' का उपयोग टैंक लक्ष्य के अनुकरण (Simulation) के लिए किया गया।
उत्पादन भागीदार: भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) इसके विकास-सह-उत्पादन भागीदार (DCPP) हैं।
महत्व: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में बड़ा कदम बताया। डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत के अनुसार, अब यह हथियार प्रणाली भारतीय सेना में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
🪐केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह की इज़राइल यात्रा से संबंधित महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी बिंदु:
कौन: केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री, श्री राजीव रंजन सिंह।
यात्रा का समय: 13 से 15 जनवरी 2026।
स्थान: इलात (Eilat), इज़राइल।
मुख्य कार्यक्रम: "सामुद्रिक खाद्य सुरक्षा: दक्षिण-पूर्व एशिया (SEA) का सामुद्रिक भविष्य" पर आयोजित द्वितीय वैश्विक शिखर सम्मेलन।
आमंत्रण: इज़राइल के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री 'एवी डिक्टर' द्वारा आमंत्रित।
उद्देश्य: मत्स्य पालन और जलीय कृषि (Aquaculture) क्षेत्र में भारत-इज़राइल सहयोग को मजबूत करना।
प्रमुख फोकस क्षेत्र:
आधुनिक जलीय कृषि प्रौद्योगिकी (Aquaculture Technology) का आदान-प्रदान।
टिकाऊ मत्स्य प्रबंधन (Sustainable Fisheries Management)।
सामुद्रिक अर्थव्यवस्था (Blue Economy) और खाद्य सुरक्षा।
जलवायु लचीलापन (Climate Resilience) और नवाचार।
खास बात: मंत्री जी इज़राइल की प्रमुख कंपनियों और स्टार्टअप्स के CEOs सेh मिलेंगे ताकि वहां के अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम का लाभ भारत को मिल सके।
एक लाइन में सारांश: यह यात्रा भारत की "सामुद्रिक खाद्य सुरक्षा" और "ब्लू इकोनॉमी" को इज़राइली तकनीक के साथ जोड़ने की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल है।
कौन: केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री, श्री राजीव रंजन सिंह।
यात्रा का समय: 13 से 15 जनवरी 2026।
स्थान: इलात (Eilat), इज़राइल।
मुख्य कार्यक्रम: "सामुद्रिक खाद्य सुरक्षा: दक्षिण-पूर्व एशिया (SEA) का सामुद्रिक भविष्य" पर आयोजित द्वितीय वैश्विक शिखर सम्मेलन।
आमंत्रण: इज़राइल के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री 'एवी डिक्टर' द्वारा आमंत्रित।
उद्देश्य: मत्स्य पालन और जलीय कृषि (Aquaculture) क्षेत्र में भारत-इज़राइल सहयोग को मजबूत करना।
प्रमुख फोकस क्षेत्र:
आधुनिक जलीय कृषि प्रौद्योगिकी (Aquaculture Technology) का आदान-प्रदान।
टिकाऊ मत्स्य प्रबंधन (Sustainable Fisheries Management)।
सामुद्रिक अर्थव्यवस्था (Blue Economy) और खाद्य सुरक्षा।
जलवायु लचीलापन (Climate Resilience) और नवाचार।
खास बात: मंत्री जी इज़राइल की प्रमुख कंपनियों और स्टार्टअप्स के CEOs सेh मिलेंगे ताकि वहां के अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम का लाभ भारत को मिल सके।
एक लाइन में सारांश: यह यात्रा भारत की "सामुद्रिक खाद्य सुरक्षा" और "ब्लू इकोनॉमी" को इज़राइली तकनीक के साथ जोड़ने की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल है।
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Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
तीसरा अंतरराष्ट्रीय भारतीय भाषा सम्मेलन-2026
आयोजन संपन्न: 11 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में।
संयुक्त आयोजक:
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA)
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार
अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद
वैश्विक हिंदी परिवार
दिल्ली विश्वविद्यालय (भारतीय भाषा एवं साहित्य अध्ययन विभाग)
मुख्य अतिथि: लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला (समापन सत्र में)।
मुख्य संदेश (ओम बिरला):
अध्यात्म और भाषा भारत की सांस्कृतिक विरासत की 'आत्मा' है।
जो लोग अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं, वे जीवन में लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त करते हैं।
भारत की आध्यात्मिक चेतना और 'वसुधैव कुटुंबकम' का भाव ही विश्व की समस्याओं का समाधान है।
महत्व: यह सम्मेलन भारतीय भाषाओं के वैश्विक विस्तार और उनके सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करने के लिए आयोजित किया गया।
आयोजन संपन्न: 11 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में।
संयुक्त आयोजक:
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA)
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार
अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद
वैश्विक हिंदी परिवार
दिल्ली विश्वविद्यालय (भारतीय भाषा एवं साहित्य अध्ययन विभाग)
मुख्य अतिथि: लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला (समापन सत्र में)।
मुख्य संदेश (ओम बिरला):
अध्यात्म और भाषा भारत की सांस्कृतिक विरासत की 'आत्मा' है।
जो लोग अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं, वे जीवन में लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त करते हैं।
भारत की आध्यात्मिक चेतना और 'वसुधैव कुटुंबकम' का भाव ही विश्व की समस्याओं का समाधान है।
महत्व: यह सम्मेलन भारतीय भाषाओं के वैश्विक विस्तार और उनके सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करने के लिए आयोजित किया गया।
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Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
🪐. नागौर की अश्वगंधा को GI टैग:
राजस्थान के नागौर जिले की अश्वगंधा को हाल ही में GI टैग (Geographical Indication) प्रदान किया गया है।
🪐. भामाशाह नीति - 2025:
राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा इस नीति को स्वीकृति दी गई है।
पुरस्कार श्रेणियाँ: दानदाताओं के लिए शिक्षा विभूषण (1 करोड़+), शिक्षा भूषण (15 लाख-1 करोड़), शिक्षा श्री (1 लाख-15 लाख) आदि पुरस्कार रखे गए हैं।
स्कूल नामकरण: प्राथमिक विद्यालय के लिए 30 लाख, उच्च प्राथमिक के लिए 60 लाख और माध्यमिक/उच्च माध्यमिक के लिए 1 करोड़ रुपये के सहयोग पर नामकरण किया जा सकेगा।
🪐. पचपदरा रिफाइनरी सुरक्षा:
बालोतरा (पचपदरा) स्थित अत्याधुनिक रिफाइनरी की सुरक्षा व्यवस्था अब CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) को सौंप दी गई है।
यह HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का संयुक्त उद्यम है, जिसकी कुल संशोधित लागत 79,459 करोड़ रुपये है।
🪐. सौंध माटी आदि धरोहर प्रलेखन योजना:
इसका नोडल विभाग 'जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग' (TAD) है।
योजना का क्रियान्वयन 'माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान' द्वारा किया जा रहा है। इसका राज्य स्तरीय कार्यक्रम डूंगरपुर में आयोजित हुआ।
🪐. जयपुर डिस्काम की उपलब्धि:
जयपुर डिस्काम प्रदेश का पहला 'डिफेक्टिव मीटर मुक्त' वितरण निगम बन गया है
जयपुर, अजमेर और ब्यावर जैसे मंडलों ने शत-प्रतिशत दोषमुक्त मीटर का लक्ष्य हासिल किया।
🪐. पहली राजकीय जेनेटिक टेस्टिंग लैब:
राजस्थान की पहली सरकारी जेनेटिक टेस्टिंग लैब 'SMS अस्पताल, जयपुर' में स्थापित की जा रही है।
🪐. एशियन राइफल/पिस्टल चैम्पियनशिप 2026:
नई दिल्ली में आयोजित होने वाली इस चैम्पियनशिप में राजस्थान के 04 खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
खिलाड़ी: मानिनी कौशिक, नवीन सिंह चौहान, भानुप्रताप सिंह चौधरी और भावेश शेखावत।
राजस्थान के नागौर जिले की अश्वगंधा को हाल ही में GI टैग (Geographical Indication) प्रदान किया गया है।
🪐. भामाशाह नीति - 2025:
राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा इस नीति को स्वीकृति दी गई है।
पुरस्कार श्रेणियाँ: दानदाताओं के लिए शिक्षा विभूषण (1 करोड़+), शिक्षा भूषण (15 लाख-1 करोड़), शिक्षा श्री (1 लाख-15 लाख) आदि पुरस्कार रखे गए हैं।
स्कूल नामकरण: प्राथमिक विद्यालय के लिए 30 लाख, उच्च प्राथमिक के लिए 60 लाख और माध्यमिक/उच्च माध्यमिक के लिए 1 करोड़ रुपये के सहयोग पर नामकरण किया जा सकेगा।
🪐. पचपदरा रिफाइनरी सुरक्षा:
बालोतरा (पचपदरा) स्थित अत्याधुनिक रिफाइनरी की सुरक्षा व्यवस्था अब CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) को सौंप दी गई है।
यह HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का संयुक्त उद्यम है, जिसकी कुल संशोधित लागत 79,459 करोड़ रुपये है।
🪐. सौंध माटी आदि धरोहर प्रलेखन योजना:
इसका नोडल विभाग 'जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग' (TAD) है।
योजना का क्रियान्वयन 'माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान' द्वारा किया जा रहा है। इसका राज्य स्तरीय कार्यक्रम डूंगरपुर में आयोजित हुआ।
🪐. जयपुर डिस्काम की उपलब्धि:
जयपुर डिस्काम प्रदेश का पहला 'डिफेक्टिव मीटर मुक्त' वितरण निगम बन गया है
जयपुर, अजमेर और ब्यावर जैसे मंडलों ने शत-प्रतिशत दोषमुक्त मीटर का लक्ष्य हासिल किया।
🪐. पहली राजकीय जेनेटिक टेस्टिंग लैब:
राजस्थान की पहली सरकारी जेनेटिक टेस्टिंग लैब 'SMS अस्पताल, जयपुर' में स्थापित की जा रही है।
🪐. एशियन राइफल/पिस्टल चैम्पियनशिप 2026:
नई दिल्ली में आयोजित होने वाली इस चैम्पियनशिप में राजस्थान के 04 खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
खिलाड़ी: मानिनी कौशिक, नवीन सिंह चौहान, भानुप्रताप सिंह चौधरी और भावेश शेखावत।
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Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
🪐IIM अहमदाबाद: निधि उत्कृष्टता केंद्र (NIDHI CoE) का उद्घाटन
उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय)।
स्थान: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), अहमदाबाद।
लागत/फंडिंग: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा ₹40 करोड़ का निवेश।
मुख्य ढांचा: IIM-A परिसर में 59,000 वर्ग फुट का एक 'डीप-टेक नर्व सेंटर' (Deep-Tech Nerve Centre) स्थापित किया गया है।
मुख्य उद्देश्य:
'प्रायोगशाला से बाजार' (Lab to Market) तक की प्रक्रिया को सुगम बनाना।
डीप-टेक स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता के साथ-साथ 'प्रबंधन' (Management) की बारीकियां सिखाना।
विज्ञान, प्रबंधन और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाना।
नया मंच: इस अवसर पर "ट्रांसलेशन एंडेवर्स" नामक एक बहु-संस्थागत सहयोगी मंच का अनावरण किया गया।
विशेष बिंदु:
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब 'डीप-टेक आधारित' विकास की ओर बढ़ रहा है।
भारत दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है।
देश के लगभग आधे (50%) स्टार्टअप अब मेट्रो शहरों के बजाय दूसरे और तीसरे दर्जे (Tier 2 & 3) के शहरों से उभर रहे हैं।
सहयोगी संस्थाएं: अनुसंधान विकास और नवाचार निधि (RDIF) और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF) जैसी प्रणालियां डीप-टेक स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक समर्थन देंगी।
एक लाइन में सारांश: यह केंद्र विज्ञान और प्रबंधन को एक साथ लाकर भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय)।
स्थान: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), अहमदाबाद।
लागत/फंडिंग: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा ₹40 करोड़ का निवेश।
मुख्य ढांचा: IIM-A परिसर में 59,000 वर्ग फुट का एक 'डीप-टेक नर्व सेंटर' (Deep-Tech Nerve Centre) स्थापित किया गया है।
मुख्य उद्देश्य:
'प्रायोगशाला से बाजार' (Lab to Market) तक की प्रक्रिया को सुगम बनाना।
डीप-टेक स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता के साथ-साथ 'प्रबंधन' (Management) की बारीकियां सिखाना।
विज्ञान, प्रबंधन और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाना।
नया मंच: इस अवसर पर "ट्रांसलेशन एंडेवर्स" नामक एक बहु-संस्थागत सहयोगी मंच का अनावरण किया गया।
विशेष बिंदु:
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब 'डीप-टेक आधारित' विकास की ओर बढ़ रहा है।
भारत दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है।
देश के लगभग आधे (50%) स्टार्टअप अब मेट्रो शहरों के बजाय दूसरे और तीसरे दर्जे (Tier 2 & 3) के शहरों से उभर रहे हैं।
सहयोगी संस्थाएं: अनुसंधान विकास और नवाचार निधि (RDIF) और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF) जैसी प्रणालियां डीप-टेक स्टार्टअप्स को दीर्घकालिक समर्थन देंगी।
एक लाइन में सारांश: यह केंद्र विज्ञान और प्रबंधन को एक साथ लाकर भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
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Forwarded from Taiyari Karlo (Rajasthan)
🪐ICAR और NDDB के बीच रणनीतिक गठबंधन (MoU)
किनके बीच: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB)।
उद्देश्य: संपूर्ण डेयरी क्षेत्र में अनुसंधान (Research), नवाचार (Innovation) और क्षमता निर्माण (Capacity Building) के लिए सहयोग करना।
मुख्य फोकस क्षेत्र:
डेयरी उत्पादन (Production)।
प्रसंस्करण (Processing)।
मूल्यवर्धन (Value Addition)।
प्रमुख लक्ष्य: देश भर के लाखों डेयरी किसानों को सशक्त बनाना और जमीनी स्तर पर डेयरी विकास को मजबूती देना।
डेयरी क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए देश की दो सबसे बड़ी संस्थाओं (ICAR और NDDB) ने हाथ मिलाया है।
किनके बीच: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB)।
उद्देश्य: संपूर्ण डेयरी क्षेत्र में अनुसंधान (Research), नवाचार (Innovation) और क्षमता निर्माण (Capacity Building) के लिए सहयोग करना।
मुख्य फोकस क्षेत्र:
डेयरी उत्पादन (Production)।
प्रसंस्करण (Processing)।
मूल्यवर्धन (Value Addition)।
प्रमुख लक्ष्य: देश भर के लाखों डेयरी किसानों को सशक्त बनाना और जमीनी स्तर पर डेयरी विकास को मजबूती देना।
डेयरी क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए देश की दो सबसे बड़ी संस्थाओं (ICAR और NDDB) ने हाथ मिलाया है।
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