Message from We Bankers UP Association. These are not my views, I will make separate video on this.
पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर लम्बे समय से आंदोलन कर रहे सरकारी कर्मचारियों को लुभाने के उद्देश्य से सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की घोषणा की है जिसे 1 अप्रैल 2025 से लागू किया जाना है. ऐसे सभी लोग जो सरकारी मीडिया और सोशल मीडिया से ज्ञान अर्जित कर धारणा बनाते हैं, वे बहुत खुश हैं, सरकारी कर्मचारियों को बधाई दे रहे हैं, बैंक कर्मी भी बहुत उत्साहित हैं क्योंकि देर सबेर यही UPS उनको भी मिलने वाली है. ऐसे में अनेक लोगों ने वी बैंकर्स की राय भी जाननी चाही है.
पहला सवाल जो सबके दिल और दिमाग में कौंधना चाहिए वह यह कि कर्मचारियों की मांग तो OPS की बहाली थी, उसकी जगह भला UPS क्यों? जाहिर है कि सरकार की मंशा पेंशन लाभ के नाम पर कर्मचारियों में एकजुटता नहीं चाहती, पहले कर्मचारी OPS और NPS के नाम पर विभाजित थे, अब OPS और UPS के नाम पर विभाजित रहेंगे, एकता की दृष्टि से स्थितियों में किसी किस्म का कोई परिवर्तन नहीं आया है. अतः वी बैंकर्स जो कर्मचारियों में वृहद एकता का आंदोलन है और सरकारी कर्मचारियों और बैंक कर्मियों में एकता स्थापित करने के उद्देश्य से मौजूदा व्यवस्था की जगह वेतन आयोग की मांग करता रहा है, वह UPS को सिरे से खारिज करता है.
अब विचार करते हैं कि OPS में क्या है जो UPS में नहीं है जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाए कि OPS क्यों जरूरी है:
(1) OPS में सेवा निवृत्ति के समय मिलने वाले मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 50% के बराबर पेंशन मिलने की गारंटी है, यह महंगाई भत्ता एक निश्चित अंतराल पर बढ़ता रहता है. जबकि जो सूचना उपलब्ध है उसके आधार पर UPS में महंगाई भत्ता शामिल नहीं है, उसकी जगह मुद्रा स्फीति और जीवन निर्वाह की लागत में मूल्य वृद्धि के परिणाम स्वरूप होने वाले परिवर्तन के दृष्टिगत समय समय पर मूल्यांकन के आधार पर पेंशन राशि में वृद्धि का प्रावधान है. जाहिर है कि OPS की तरह NPS में एक निश्चित अवधि में महंगाई भत्ते के रूप में वृद्धि का कोई प्रावधान नहीं है.
(2) OPS में GPF की सुविधा है जिसके अंतर्गत कर्मचारी अपनी आय का एक हिस्सा जमा कर सकते हैं और जो उन्हें सेवा निवृत्ति पर ब्याज समेत मिलती है. यही नहीं जरूरत पड़ने पर GPF का एक हिस्सा बिना किसी झंझट के निकाल सकते हैं. UPS में यह सुविधा नहीं है.
(3) OPS वेतन आयोग के दायरे में आती है, इस तरह हर दस साल में वेतन की तरह पुनर्निर्धारित होती है, अभी तक के अनुभव के आधार पर हर दस साल में पेंशन दोगुनी होती रही है, UPS में इस तरह की कोई गारंटी नहीं है.
(4) OPS के लिए कर्मचारियों को अपने वेतन से प्रति माह किसी भी तरह का कोई अंशदान नहीं देना होता, यह बजट प्रावधान से मिलती है जबकि NPS और UPS फंडेड स्कीम हैं, जिसके लिए कर्मचारी प्रति माह एक निश्चित राशि पेंशन हेतु देते हैं और उस फंड से पेंशन मिलती है.
(5) OPS में 40 % की पेन्शन की बिक्री यानि कॉम्यूटेशन भी है जो कर्मचारी सेवा निवृत्ति पर एकमुश्त ले सकते हैं, जिसकी अदायगी 15 साल तक 40% के बराबर कम पेंशन ले कर होती है और 15 वर्ष बाद फिर से पूरी पेंशन मिल जाती है. UPS में इसका कोई प्रावधान नहीं है.
(6) OPS में उम्र के 80 साल की आयु होने पर 20%, 85 साल की आयु पर 30% , 90 साल की आयु पर 40 %, 95 साल की आयु पर 50% और
100 साल की आयु पर पेंशन में 100 % की स्वतः वृद्धि का प्रावधान है, UPS में ऐसा नहीं है।
(7) OPS में CGHS के अंतर्गत मेडिकल सुविधा भी है जो कि वरिष्ठ नागरिकों की सबसे बड़ी जरूरत है.
(8) OPS में VRS लेने पर भी मिलती है.
(9) OPS में डीसेबिलिटी पेन्शन के अलावा विशेष अस्थायी पेन्शन भी हैं, जो कुछ समय मिलने के बाद नोकरी जॉईन करने का प्रावधान भी है।
इसलिए सरकारी मीडिया या सरकार समर्थित अंधभक्तों द्वारा दी जा रही जानकारी के आधार पर प्रफुल्लित न हों, जानकार बनिए, जागरूक बनिए, कर्मचारियों में एकता के पक्षधर बनिए और प्रत्येक ऐसे कृत्य का पुरजोर विरोध कीजिए जो कर्मचारियों में भेदभाव करते हुए उनकी एकता को विखंडित करता है, बिखेरता है.
संघर्ष जारी रखिए, पुरजोर ऐलान कीजिए कि OPS से कम कुछ भी मंजूर नहीं..
पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर लम्बे समय से आंदोलन कर रहे सरकारी कर्मचारियों को लुभाने के उद्देश्य से सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की घोषणा की है जिसे 1 अप्रैल 2025 से लागू किया जाना है. ऐसे सभी लोग जो सरकारी मीडिया और सोशल मीडिया से ज्ञान अर्जित कर धारणा बनाते हैं, वे बहुत खुश हैं, सरकारी कर्मचारियों को बधाई दे रहे हैं, बैंक कर्मी भी बहुत उत्साहित हैं क्योंकि देर सबेर यही UPS उनको भी मिलने वाली है. ऐसे में अनेक लोगों ने वी बैंकर्स की राय भी जाननी चाही है.
पहला सवाल जो सबके दिल और दिमाग में कौंधना चाहिए वह यह कि कर्मचारियों की मांग तो OPS की बहाली थी, उसकी जगह भला UPS क्यों? जाहिर है कि सरकार की मंशा पेंशन लाभ के नाम पर कर्मचारियों में एकजुटता नहीं चाहती, पहले कर्मचारी OPS और NPS के नाम पर विभाजित थे, अब OPS और UPS के नाम पर विभाजित रहेंगे, एकता की दृष्टि से स्थितियों में किसी किस्म का कोई परिवर्तन नहीं आया है. अतः वी बैंकर्स जो कर्मचारियों में वृहद एकता का आंदोलन है और सरकारी कर्मचारियों और बैंक कर्मियों में एकता स्थापित करने के उद्देश्य से मौजूदा व्यवस्था की जगह वेतन आयोग की मांग करता रहा है, वह UPS को सिरे से खारिज करता है.
अब विचार करते हैं कि OPS में क्या है जो UPS में नहीं है जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाए कि OPS क्यों जरूरी है:
(1) OPS में सेवा निवृत्ति के समय मिलने वाले मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 50% के बराबर पेंशन मिलने की गारंटी है, यह महंगाई भत्ता एक निश्चित अंतराल पर बढ़ता रहता है. जबकि जो सूचना उपलब्ध है उसके आधार पर UPS में महंगाई भत्ता शामिल नहीं है, उसकी जगह मुद्रा स्फीति और जीवन निर्वाह की लागत में मूल्य वृद्धि के परिणाम स्वरूप होने वाले परिवर्तन के दृष्टिगत समय समय पर मूल्यांकन के आधार पर पेंशन राशि में वृद्धि का प्रावधान है. जाहिर है कि OPS की तरह NPS में एक निश्चित अवधि में महंगाई भत्ते के रूप में वृद्धि का कोई प्रावधान नहीं है.
(2) OPS में GPF की सुविधा है जिसके अंतर्गत कर्मचारी अपनी आय का एक हिस्सा जमा कर सकते हैं और जो उन्हें सेवा निवृत्ति पर ब्याज समेत मिलती है. यही नहीं जरूरत पड़ने पर GPF का एक हिस्सा बिना किसी झंझट के निकाल सकते हैं. UPS में यह सुविधा नहीं है.
(3) OPS वेतन आयोग के दायरे में आती है, इस तरह हर दस साल में वेतन की तरह पुनर्निर्धारित होती है, अभी तक के अनुभव के आधार पर हर दस साल में पेंशन दोगुनी होती रही है, UPS में इस तरह की कोई गारंटी नहीं है.
(4) OPS के लिए कर्मचारियों को अपने वेतन से प्रति माह किसी भी तरह का कोई अंशदान नहीं देना होता, यह बजट प्रावधान से मिलती है जबकि NPS और UPS फंडेड स्कीम हैं, जिसके लिए कर्मचारी प्रति माह एक निश्चित राशि पेंशन हेतु देते हैं और उस फंड से पेंशन मिलती है.
(5) OPS में 40 % की पेन्शन की बिक्री यानि कॉम्यूटेशन भी है जो कर्मचारी सेवा निवृत्ति पर एकमुश्त ले सकते हैं, जिसकी अदायगी 15 साल तक 40% के बराबर कम पेंशन ले कर होती है और 15 वर्ष बाद फिर से पूरी पेंशन मिल जाती है. UPS में इसका कोई प्रावधान नहीं है.
(6) OPS में उम्र के 80 साल की आयु होने पर 20%, 85 साल की आयु पर 30% , 90 साल की आयु पर 40 %, 95 साल की आयु पर 50% और
100 साल की आयु पर पेंशन में 100 % की स्वतः वृद्धि का प्रावधान है, UPS में ऐसा नहीं है।
(7) OPS में CGHS के अंतर्गत मेडिकल सुविधा भी है जो कि वरिष्ठ नागरिकों की सबसे बड़ी जरूरत है.
(8) OPS में VRS लेने पर भी मिलती है.
(9) OPS में डीसेबिलिटी पेन्शन के अलावा विशेष अस्थायी पेन्शन भी हैं, जो कुछ समय मिलने के बाद नोकरी जॉईन करने का प्रावधान भी है।
इसलिए सरकारी मीडिया या सरकार समर्थित अंधभक्तों द्वारा दी जा रही जानकारी के आधार पर प्रफुल्लित न हों, जानकार बनिए, जागरूक बनिए, कर्मचारियों में एकता के पक्षधर बनिए और प्रत्येक ऐसे कृत्य का पुरजोर विरोध कीजिए जो कर्मचारियों में भेदभाव करते हुए उनकी एकता को विखंडित करता है, बिखेरता है.
संघर्ष जारी रखिए, पुरजोर ऐलान कीजिए कि OPS से कम कुछ भी मंजूर नहीं..
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Topic- IRDAI Workshop (By Susheel Sir, Amit Sir & Dr. Manoj Pareek Sir)
Time - Aug 25, 2024 07:00 PM India
Meeting ID: 988 0224 7488
Security - checked Passcode 410194
Registration Link- https://zoom.us/meeting/register/tJwld-uqqjwuEtxbNC3xTL9kKhfMcVppCw-c
Time - Aug 25, 2024 07:00 PM India
Meeting ID: 988 0224 7488
Security - checked Passcode 410194
Registration Link- https://zoom.us/meeting/register/tJwld-uqqjwuEtxbNC3xTL9kKhfMcVppCw-c
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