▫️बायोस्फीयर रिजर्व के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस 2023▫️
3 नवंबर को, दुनिया बायोस्फीयर रिजर्व के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाती है, जो यूनेस्को द्वारा 2022 में अपने 41वें आम सम्मेलन के दौरान स्थापित एक दिन है। यह अवसर बायोस्फीयर रिजर्व (बीआर) और प्रकृति और संस्कृति के बीच नाजुक संतुलन को संरक्षित करने में उनके महत्व को समझने और सराहना करने का अवसर प्रदान करता है।
3 नवंबर को, दुनिया बायोस्फीयर रिजर्व के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाती है, जो यूनेस्को द्वारा 2022 में अपने 41वें आम सम्मेलन के दौरान स्थापित एक दिन है। यह अवसर बायोस्फीयर रिजर्व (बीआर) और प्रकृति और संस्कृति के बीच नाजुक संतुलन को संरक्षित करने में उनके महत्व को समझने और सराहना करने का अवसर प्रदान करता है।
नवीन जिलों के अनुरूप सभ्यता स्थल -
गणेश्वर- नीम का थाना
सुनारी- नीम का थाना
ओझियाना- ब्यावर
बैराठ- कोटपुतली बहरोड़
तिलवाड़ा -बालोतरा
बरोर- अनुपगढ़
कुराड़ा- डीडवाना कुचामन
गणेश्वर- नीम का थाना
सुनारी- नीम का थाना
ओझियाना- ब्यावर
बैराठ- कोटपुतली बहरोड़
तिलवाड़ा -बालोतरा
बरोर- अनुपगढ़
कुराड़ा- डीडवाना कुचामन
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प्रायः पुस्तकों में 'गाँधी' वर्तनी को शुद्ध माना गया है (आयोग भी गाँधी ही मानता है।), परंतु भारतीय मुद्रा, सरकारी अभिलेखों, राजभाषा विभाग, प्रामाणिक शब्दकोश के पुष्ट प्रमाणों के आधार पर 'गांधी' वर्तनी को शुद्ध माना जाना चाहिए।
TARGET POINTERS
दिल्ली एनसीआर सहित पूरे उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में महसूस किए गए भूकंप के झटके!
भूकंप पुनः 😁
दिल्ली एनसीआर में फिर कांपी धरती, काफी देर तक महसूस हुए भूकंप के झटके 5.6 रही तीव्रता
इसका भी रोज रोज का नाटक हो गया है 😁
दिल्ली एनसीआर में फिर कांपी धरती, काफी देर तक महसूस हुए भूकंप के झटके 5.6 रही तीव्रता
इसका भी रोज रोज का नाटक हो गया है 😁
पर्यायवाची शब्द - BPSC TRE
गृह - घर, निकेतन, भवन, आलय,निवास, गेह, सदन, आगार, आयतन, आवास, निलय, धाम।
जल - वारि, पानी, नीर, सलिल, तोय, उदक, अंबु, जीवन, पय, अमृत, मेघपुष्प।
नदी - सरिता, तटिनी, तरंगिणी, निर्झरिणी, आपगा, निम्नगा, कूलंकषा।
असुर - राक्षस, दैत्य, दानव, निशाचर, दनुज, यातुधान, निशिचर, रजनीचर।
आकाश - व्योम, शून्य, गगन, अम्बर, आसमान, अंतरिक्ष, नभ, धौ, अनंत।
हवा - पवन, वायु, समीर, अनिल, वात, मरुत्, पवमान, बयार, प्रकंपन।
साँप - सर्प, नाग, विषधर, व्याल, भुजंग, उरग, अहि पन्नग।
जंगल - वन, कानन, बीहड़, विटप, विपिन।
गृह - घर, निकेतन, भवन, आलय,निवास, गेह, सदन, आगार, आयतन, आवास, निलय, धाम।
जल - वारि, पानी, नीर, सलिल, तोय, उदक, अंबु, जीवन, पय, अमृत, मेघपुष्प।
नदी - सरिता, तटिनी, तरंगिणी, निर्झरिणी, आपगा, निम्नगा, कूलंकषा।
असुर - राक्षस, दैत्य, दानव, निशाचर, दनुज, यातुधान, निशिचर, रजनीचर।
आकाश - व्योम, शून्य, गगन, अम्बर, आसमान, अंतरिक्ष, नभ, धौ, अनंत।
हवा - पवन, वायु, समीर, अनिल, वात, मरुत्, पवमान, बयार, प्रकंपन।
साँप - सर्प, नाग, विषधर, व्याल, भुजंग, उरग, अहि पन्नग।
जंगल - वन, कानन, बीहड़, विटप, विपिन।
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जिसके कर्म की प्रशंसा उसके जाति, धर्म, और देश से ऊपर उठ जाये उसे ही कर्मयोगी कहा गया है
मैक्सवेल 💐💐
मैक्सवेल 💐💐
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जिंदगी कितनी भी गर्त में हो,
बस मैक्सवेल जैसे डटे रहना है ।
सुप्रभात मित्रों☕️
बस मैक्सवेल जैसे डटे रहना है ।
सुप्रभात मित्रों☕️
दुनिया तुम्हें कहेगी तुम काबिल नहीं हो
तुम, मुस्कराकर कहना - वक़्त बताएगा!!
तुम, मुस्कराकर कहना - वक़्त बताएगा!!
लूट लिया माली ने उपवन लुटी न लेकिन गन्ध फूल की,
तूफ़ानों तक ने छेड़ा पर खिड़की बन्द न हुई धूल की,
नफ़रत गले लगाने वालों ! सब पर धूल उड़ाने वालों !
कुछ मुखड़ों की नाराज़ी से दर्पन नहीं मरा करता है।
कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता है।
-गोपालदास नीरज
तूफ़ानों तक ने छेड़ा पर खिड़की बन्द न हुई धूल की,
नफ़रत गले लगाने वालों ! सब पर धूल उड़ाने वालों !
कुछ मुखड़ों की नाराज़ी से दर्पन नहीं मरा करता है।
कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता है।
-गोपालदास नीरज