🖍आज का ज्ञान की बाते
GDP का सच क्या है?
आँकड़ों के बारे में अंग्रेज़ी में कहावत है कि आप नंबरों को टॉर्चर कर किसी भी नतीजे पर पहुंच सकते हैं ,GDP के आँकड़ों के साथ भी यही हो रहा है. विपक्ष कह रहा है कि भट्ठा बैठ गया है जबकि सत्ता पक्ष कह रहा है कि सब चंगा सी.सच दोनों के बीच में कहीं है?
बवाल शुरू हुआ अप्रैल से जून की तिमाही के GDP आँकड़े आने के बाद. सरकार ने दावा किया कि 7.8% ग्रोथ हुई है. पहली नज़र में यह आँकड़े शानदार है क्योंकि इस अवधि में ईरान अमेरिका का युद्ध चरम पर था. पेट्रोल और डीज़ल महंगा हुआ. सोने को टैक्स लगाकर महंगा किया गया. खुद रिजर्व बैंक ने आकलन किया था कि ग्रोथ कम हो सकती है और महंगाई बढ़ सकती है. महंगाई तो बढ़ी लेकिन ग्रोथ कम नहीं हुई. यह राहत की बात है.
इन आँकड़ों में छेद करने के लिए तर्क दिया जा रहे हैं कि सरकार ने बेस बदल दिया.
GDP अगर पिज़्ज़ा है तो पिछले साल मान लो कि 10 इंच का बना था और इस बार 12 इंच का लेकिन अब सरकार ने कह दिया कि पिछले साल 10 इंच नहीं, 8 इंच का था तो आपको इस साल की बढ़ोतरी यानी ग्रोथ ज़्यादा लगेगी. यह उदाहरण समझाने के लिए दिया गया है, असल में बदलाव इसके मुक़ाबले कम हुआ है.
पिछले साल इसी अवधि में ₹86 लाख करोड़ GDP दिखाई थी. सरकार ने पिछले साल के आँकड़े को घटाकर ₹80 लाख करोड़ कर दिया. अब ₹88 लाख करोड़ का आँकड़ा आया है. विरोधियों का तर्क है कि इस बदलाव के कारण 7.8% ग्रोथ दिख रही है. नहीं तो ग्रोथ दरअसल 2.6% हुई है . हालाँकि सरकार का तर्क है कि यह बदलाव बेस बदलने के कारण हुआ है.
एक मिनट के लिए मान लीजिए कि 7.8% का आँकड़ा बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है तो क्या ग्रोथ दो ढाई परसेंट हुई है. GDP आख़िर हमारी ज़िंदगी के रोज़मर्रा के खर्च से कहीं ना कहीं जुड़ी हुई है. दूसरे पैमानों से देखिए तो ग्रोथ ठीक ठाक हो रही है.
कार और बाइक की बिक्री +21%
पेट्रोल की बिक्री +6%
बिजली की खपत +9%
सीमेंट उत्पादन +9%
स्टील की बिक्री +8%
E-way bills. +12%
लोग ज़्यादा गाड़ियाँ ख़रीद रहे हैं, पेट्रोल की खपत भी बढ़ी है, बिजली ज़्यादा खर्च हो रही है. सीमेंट और स्टील की बिक्री बढ़ने का मतलब है कि मकान बन रहे हैं. E way ज़्यादा जनरेट होने का मतलब है कि सामान की आवाजाही बढ़ी है. इकोनॉमी का पहिया घूम रहा है.
अब दूसरे पक्ष को देखिए, क्या इस ग्रोथ रेट से विकसित भारत 2047 तक बन जाएगा? Bloomberg ने अनुमान लगाया है कि विकसित देश बनने के लिए भारत की प्रति व्यक्ति आय करीब 6 गुना बढ़नी होगी. अभी करीब 3 हज़ार डॉलर है उसे 18 हज़ार डॉलर प्रति व्यक्ति होना होगा. यह हासिल करने के लिए 9- 10% ग्रोथ चाहिए और अभी हम 25 साल से 6-7% के फेर में पड़े हुए हैं. यह लक्ष्य 20 साल में पूरा करना मुश्किल लगता है.
GDP की बहस में मैं हमेशा कहता हूँ, हम फलाने नंबर की इकोनॉमी है, हम सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था हैं, इस सबकी कोई वैल्यू नहीं है. जब तक लोगों के पास पैसे नहीं पहुंचते हैं सब बेकार है. प्रति व्यक्ति आय में हम दुनिया में 140 वें नंबर पर हैं.
आँकड़ों को टॉर्चर मत कीजिए. जो है उसे मानिए और जो नहीं है उसे भी मानिए.
GDP का सच क्या है?
आँकड़ों के बारे में अंग्रेज़ी में कहावत है कि आप नंबरों को टॉर्चर कर किसी भी नतीजे पर पहुंच सकते हैं ,GDP के आँकड़ों के साथ भी यही हो रहा है. विपक्ष कह रहा है कि भट्ठा बैठ गया है जबकि सत्ता पक्ष कह रहा है कि सब चंगा सी.सच दोनों के बीच में कहीं है?
बवाल शुरू हुआ अप्रैल से जून की तिमाही के GDP आँकड़े आने के बाद. सरकार ने दावा किया कि 7.8% ग्रोथ हुई है. पहली नज़र में यह आँकड़े शानदार है क्योंकि इस अवधि में ईरान अमेरिका का युद्ध चरम पर था. पेट्रोल और डीज़ल महंगा हुआ. सोने को टैक्स लगाकर महंगा किया गया. खुद रिजर्व बैंक ने आकलन किया था कि ग्रोथ कम हो सकती है और महंगाई बढ़ सकती है. महंगाई तो बढ़ी लेकिन ग्रोथ कम नहीं हुई. यह राहत की बात है.
इन आँकड़ों में छेद करने के लिए तर्क दिया जा रहे हैं कि सरकार ने बेस बदल दिया.
GDP अगर पिज़्ज़ा है तो पिछले साल मान लो कि 10 इंच का बना था और इस बार 12 इंच का लेकिन अब सरकार ने कह दिया कि पिछले साल 10 इंच नहीं, 8 इंच का था तो आपको इस साल की बढ़ोतरी यानी ग्रोथ ज़्यादा लगेगी. यह उदाहरण समझाने के लिए दिया गया है, असल में बदलाव इसके मुक़ाबले कम हुआ है.
पिछले साल इसी अवधि में ₹86 लाख करोड़ GDP दिखाई थी. सरकार ने पिछले साल के आँकड़े को घटाकर ₹80 लाख करोड़ कर दिया. अब ₹88 लाख करोड़ का आँकड़ा आया है. विरोधियों का तर्क है कि इस बदलाव के कारण 7.8% ग्रोथ दिख रही है. नहीं तो ग्रोथ दरअसल 2.6% हुई है . हालाँकि सरकार का तर्क है कि यह बदलाव बेस बदलने के कारण हुआ है.
एक मिनट के लिए मान लीजिए कि 7.8% का आँकड़ा बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है तो क्या ग्रोथ दो ढाई परसेंट हुई है. GDP आख़िर हमारी ज़िंदगी के रोज़मर्रा के खर्च से कहीं ना कहीं जुड़ी हुई है. दूसरे पैमानों से देखिए तो ग्रोथ ठीक ठाक हो रही है.
कार और बाइक की बिक्री +21%
पेट्रोल की बिक्री +6%
बिजली की खपत +9%
सीमेंट उत्पादन +9%
स्टील की बिक्री +8%
E-way bills. +12%
लोग ज़्यादा गाड़ियाँ ख़रीद रहे हैं, पेट्रोल की खपत भी बढ़ी है, बिजली ज़्यादा खर्च हो रही है. सीमेंट और स्टील की बिक्री बढ़ने का मतलब है कि मकान बन रहे हैं. E way ज़्यादा जनरेट होने का मतलब है कि सामान की आवाजाही बढ़ी है. इकोनॉमी का पहिया घूम रहा है.
अब दूसरे पक्ष को देखिए, क्या इस ग्रोथ रेट से विकसित भारत 2047 तक बन जाएगा? Bloomberg ने अनुमान लगाया है कि विकसित देश बनने के लिए भारत की प्रति व्यक्ति आय करीब 6 गुना बढ़नी होगी. अभी करीब 3 हज़ार डॉलर है उसे 18 हज़ार डॉलर प्रति व्यक्ति होना होगा. यह हासिल करने के लिए 9- 10% ग्रोथ चाहिए और अभी हम 25 साल से 6-7% के फेर में पड़े हुए हैं. यह लक्ष्य 20 साल में पूरा करना मुश्किल लगता है.
GDP की बहस में मैं हमेशा कहता हूँ, हम फलाने नंबर की इकोनॉमी है, हम सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था हैं, इस सबकी कोई वैल्यू नहीं है. जब तक लोगों के पास पैसे नहीं पहुंचते हैं सब बेकार है. प्रति व्यक्ति आय में हम दुनिया में 140 वें नंबर पर हैं.
आँकड़ों को टॉर्चर मत कीजिए. जो है उसे मानिए और जो नहीं है उसे भी मानिए.
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📢 Uttar Pradesh Special TET 2026
बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों एवं विशेष शिक्षक (CWSN) हेतु विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (Special TET) आयोजित कराने के संबंध में कार्ययोजना।
शासन द्वारा अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर विज्ञापन जारी करने तथा Special TET (विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा) आयोजित कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों एवं विशेष शिक्षक (CWSN) हेतु विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (Special TET) आयोजित कराने के संबंध में कार्ययोजना।
शासन द्वारा अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर विज्ञापन जारी करने तथा Special TET (विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा) आयोजित कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
❇️PCS 25 mains result इसी महीने...
अगली अपडेट का इंतजार करे
आप लोग
👉PCS 26 समय पर (6 DEC)
1000+
अगली अपडेट का इंतजार करे
आप लोग
👉PCS 26 समय पर (6 DEC)
1000+
❇️UPSSSC
PET 26 में जितना ज्यादा नम्बर
उतनी ज्यादा वेकेंसी देखने को मिलेगी.
स्पेशल वेकेंसी का फिर से बोलबाला रहेगा.
PET 26 में जितना ज्यादा नम्बर
उतनी ज्यादा वेकेंसी देखने को मिलेगी.
स्पेशल वेकेंसी का फिर से बोलबाला रहेगा.
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❇️बेसिक शिक्षा परिषद में 31 साल बाद बड़ा बदलाव, अब प्रधानाध्यापक भी बन सकेंगे खंड शिक्षा अधिकारी, भर्ती की तैयारी शुरू, प्रधानाध्यापकों के लिए 10% सीट आरक्षित होगी- उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद‼️
❇️उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक भर्ती में हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषा में होंगे प्रश्न पत्र‼️
❇️टीजीटी के लिए टीईटी अनिवार्य कक्षा 06 से 10 तक में पढ़ाएंगे.
▪️स्नातक 50 व परास्नातक 45% अंक उतीर्ण प्रतियोगी हो सकेंगे शामिल‼️
▪️अभी तक स्नातक और बीएड थी अहर्ता, नियम में संशोधन के लिए भेजा गया प्रस्ताव‼️
▪️स्नातक 50 व परास्नातक 45% अंक उतीर्ण प्रतियोगी हो सकेंगे शामिल‼️
▪️अभी तक स्नातक और बीएड थी अहर्ता, नियम में संशोधन के लिए भेजा गया प्रस्ताव‼️
❇️Imp सूचना...
कल तक कुछ लोग बोल रहे थे कि आउटसोर्स सेवा निगम कभी नहीं बनेगा और न ही लागू होगा और अब जब आउटसोर्स सेवा निगम बन गया और लागू भी हो गया है तो UPCOS द्वारा निर्धारित मानदेय कह रहे हैं कि नहीं मिलेगा 🤔
कहां से आते हैं ऐसे लोग....?
आप सभी लोग देखते जाइए बस आउटसोर्स सेवा निगम लागू हो गया है और मानदेय वृद्धि भी होगी 100%
कल तक कुछ लोग बोल रहे थे कि आउटसोर्स सेवा निगम कभी नहीं बनेगा और न ही लागू होगा और अब जब आउटसोर्स सेवा निगम बन गया और लागू भी हो गया है तो UPCOS द्वारा निर्धारित मानदेय कह रहे हैं कि नहीं मिलेगा 🤔
कहां से आते हैं ऐसे लोग....?
आप सभी लोग देखते जाइए बस आउटसोर्स सेवा निगम लागू हो गया है और मानदेय वृद्धि भी होगी 100%
❇️केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत 'जीरो डंपसाइट' (Lakshya Zero Dumpsites) का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस मिशन को गति देने के लिए केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा 'डंपसाइट रेमिडिएशन एक्सेलेरेटर प्रोग्राम' (DRAP) चलाया जा रहा है।
इस मिशन को गति देने के लिए केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा 'डंपसाइट रेमिडिएशन एक्सेलेरेटर प्रोग्राम' (DRAP) चलाया जा रहा है।
❇️यूपी टीजीटी चयन में टीईटी होगा अनिवार्य, कक्षा छह से 10 तक में पढ़ाएंगे‼️
❇️कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए जूनियर TET पास करने वाले ही अभ्यर्थी TGT भर्ती में हो सकेंगे शामिल💯✅
❇️TGT भर्ती योग्यता👉🏻 बीएड.+परास्नातक+ जूनियर टेट पास
❇️TGT भर्ती योग्यता👉🏻 बीएड.+परास्नातक+ जूनियर टेट पास
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❇️TGT भर्ती में बड़ा बदलाव प्रस्तावित!
🔹 कक्षा 6 से 10 तक पढ़ाने के लिए TET जरूरी
🔹 स्नातक में 50% व परास्नातक में 45% अंक वाले अभ्यर्थी हो सकेंगे पात्र
🔹 अब तक योग्यता में स्नातक + B.Ed थी
🔹 नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भेजा गया है
📌 TGT अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट ✅
🔹 कक्षा 6 से 10 तक पढ़ाने के लिए TET जरूरी
🔹 स्नातक में 50% व परास्नातक में 45% अंक वाले अभ्यर्थी हो सकेंगे पात्र
🔹 अब तक योग्यता में स्नातक + B.Ed थी
🔹 नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भेजा गया है
📌 TGT अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट ✅
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❇️जिस तरह से अब TGT मे TET लग रहा है तो भविष्य मे अब इसमे भी TGT मे कार्यरत Teacher को भी TET पास करना पडेगा✅
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❇️TGT में बदलाव हो रहा है, 6से 10 तक TET लागू हो रहा, बहुत सारे छात्र निराश हैं..... TGT में विज्ञान और गणित वर्ग के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम ऐसा है जैसे IIT के छात्रों को पढ़ाना हो जबकि बिहार, KVS, NVS, DSSSB का पाठ्यक्रम बिल्कुल सटीक रखा गया है‼️
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उत्तर प्रदेश होमगार्ड व सिपाही के समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025
होमगार्ड भर्ती (41 हजार 424 पद) - 30 सितंबर तक अंतिम रिजल्ट
सिपाही भर्ती (32 हजार 679 पद) - 31 अक्टूबर तक अंतिम रिजल्ट, दिसंबर में नियुक्ति ।
होमगार्ड भर्ती (41 हजार 424 पद) - 30 सितंबर तक अंतिम रिजल्ट
सिपाही भर्ती (32 हजार 679 पद) - 31 अक्टूबर तक अंतिम रिजल्ट, दिसंबर में नियुक्ति ।
❇️Approved vacancies of NTPC (G) & NTPC (UG) for 2026‼️
👉Graduation - 3477✔️
👉U. Graduate - 1688✔️
👉Graduation - 3477✔️
👉U. Graduate - 1688✔️
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*📢 विशेष जानकारी : Special TET विभागीय 2026 और UPTET 2026 के सिलेबस में कितना अंतर है?*
▪️दोनों का सिलेबस लगभग एक ही है —
मैंने Special TET 2026 के जारी आधिकारिक विज्ञापन में दिए गए पाठ्यक्रम का UPTET 2026 के सिलेबस से मिलान किया है। दोनों परीक्षाओं की विषयवार संरचना में कोई बड़ा अंतर नहीं दिखाई देता।
📚 PRIMARY LEVEL (कक्षा 1–5)
Special टेट विभागीय
• बाल विकास एवं शिक्षण विधि – 30 प्रश्न
• भाषा-I (हिंदी) – 30 प्रश्न
• भाषा-II (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत) – 30 प्रश्न
• गणित – 30 प्रश्न
• पर्यावरणीय अध्ययन – 30 प्रश्न
➡️ कुल – 150 प्रश्न / 150 अंक
UPTET में भी यही संरचना है—
• बाल विकास एवं शिक्षण विधि – 30
• हिंदी – 30
• भाषा-II – 30
• गणित – 30
• पर्यावरण अध्ययन – 30
➡️ कुल – 150 प्रश्न / 150 अंक
📚 UPPER PRIMARY LEVEL (कक्षा 6–8)
Special टेट विभागीय
• बाल विकास एवं शिक्षण विधि – 30
• भाषा-I (हिंदी) – 30
• भाषा-II (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत) – 30
• गणित एवं विज्ञान / सामाजिक अध्ययन – 60
➡️ कुल – 150 प्रश्न / 150 अंक
UPTET में भी यही व्यवस्था है—
• बाल विकास एवं शिक्षण विधि – 30
• भाषा-I – 30
• भाषा-II – 30
• गणित-विज्ञान अथवा सामाजिक अध्ययन – 60
➡️ कुल – 150 प्रश्न / 150 अंक
🎯 सबसे महत्वपूर्ण बात
👉 Special टेट विभागीय के लिए अलग से कोई बिल्कुल नया विषय नहीं पढ़ना है।
👉 जिन साथियों ने UPTET की तैयारी की है, उनकी तैयारी Special TET में सीधे काम आएगी।
👉 बाल विकास, हिंदी, भाषा-II, गणित, EVS तथा Upper Primary में गणित-विज्ञान/सामाजिक अध्ययन—मुख्य विषय दोनों में समान हैं।
👉 इसलिए UPTET की तैयारी कर चुके शिक्षक Special TET विभागीय को लेकर बिल्कुल परेशान न हों।
⚠️ अंतर मुख्य रूप से परीक्षा के उद्देश्य एवं पात्रता का है। Special टेट विभागीय विशेष रूप से कार्यरत शिक्षकों/विशेष शिक्षकों आदि के संदर्भ में आयोजित की जा रही है। आपके जारी विज्ञापन में भी यही विशेष प्रयोजन स्पष्ट किया गया है।
📌 निष्कर्ष :
🔥 UPTET = Special TET विभागीय की तैयारी का मजबूत आधार
🔥 लगभग वही विषय + वही 150 प्रश्न + वही 150 अंक
▪️दोनों का सिलेबस लगभग एक ही है —
मैंने Special TET 2026 के जारी आधिकारिक विज्ञापन में दिए गए पाठ्यक्रम का UPTET 2026 के सिलेबस से मिलान किया है। दोनों परीक्षाओं की विषयवार संरचना में कोई बड़ा अंतर नहीं दिखाई देता।
📚 PRIMARY LEVEL (कक्षा 1–5)
Special टेट विभागीय
• बाल विकास एवं शिक्षण विधि – 30 प्रश्न
• भाषा-I (हिंदी) – 30 प्रश्न
• भाषा-II (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत) – 30 प्रश्न
• गणित – 30 प्रश्न
• पर्यावरणीय अध्ययन – 30 प्रश्न
➡️ कुल – 150 प्रश्न / 150 अंक
UPTET में भी यही संरचना है—
• बाल विकास एवं शिक्षण विधि – 30
• हिंदी – 30
• भाषा-II – 30
• गणित – 30
• पर्यावरण अध्ययन – 30
➡️ कुल – 150 प्रश्न / 150 अंक
📚 UPPER PRIMARY LEVEL (कक्षा 6–8)
Special टेट विभागीय
• बाल विकास एवं शिक्षण विधि – 30
• भाषा-I (हिंदी) – 30
• भाषा-II (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत) – 30
• गणित एवं विज्ञान / सामाजिक अध्ययन – 60
➡️ कुल – 150 प्रश्न / 150 अंक
UPTET में भी यही व्यवस्था है—
• बाल विकास एवं शिक्षण विधि – 30
• भाषा-I – 30
• भाषा-II – 30
• गणित-विज्ञान अथवा सामाजिक अध्ययन – 60
➡️ कुल – 150 प्रश्न / 150 अंक
🎯 सबसे महत्वपूर्ण बात
👉 Special टेट विभागीय के लिए अलग से कोई बिल्कुल नया विषय नहीं पढ़ना है।
👉 जिन साथियों ने UPTET की तैयारी की है, उनकी तैयारी Special TET में सीधे काम आएगी।
👉 बाल विकास, हिंदी, भाषा-II, गणित, EVS तथा Upper Primary में गणित-विज्ञान/सामाजिक अध्ययन—मुख्य विषय दोनों में समान हैं।
👉 इसलिए UPTET की तैयारी कर चुके शिक्षक Special TET विभागीय को लेकर बिल्कुल परेशान न हों।
⚠️ अंतर मुख्य रूप से परीक्षा के उद्देश्य एवं पात्रता का है। Special टेट विभागीय विशेष रूप से कार्यरत शिक्षकों/विशेष शिक्षकों आदि के संदर्भ में आयोजित की जा रही है। आपके जारी विज्ञापन में भी यही विशेष प्रयोजन स्पष्ट किया गया है।
📌 निष्कर्ष :
🔥 UPTET = Special TET विभागीय की तैयारी का मजबूत आधार
🔥 लगभग वही विषय + वही 150 प्रश्न + वही 150 अंक
❤2
❇️ UPTET स्पेशल परीक्षा नोटिफिकेशन जारी 2026▫️आवेदन तिथि :- 05 सितम्बर
▫️अंतिम तिथि :- 04 अक्टूबर तक
▫️संशोधन तिथि :- 08 अक्टूबर तक
▫️परीक्षा तिथि :- 03 नवंबर 2026
Note : ये UPTET सिर्फ कार्यरत टीचर के लिये होगा, इसमें कोई छात्र आवेदन नहीं कर सकते