परीक्षाओं में पूछे जाने वाली योजनाओं से सम्बंधित तथ्य - Target PET 80+
अग्निपथ रक्षा नीति सुधार - सितंबर 2022
पीएम पोषण शक्ति निर्माण अभियान - 2021
स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना (एसआईएसएफएस)- 1 अप्रैल 2021
आयुष्मान सहकार योजना - 19 अक्टूबर 2020
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) - सितंबर 2018
SATAT योजना (किफायती परिवहन की दिशा में सतत विकल्प) - अक्टूबर 2018
मिशन सागर - मई 2020
निर्विक योजना (निर्यात ऋण विकास योजना) - 1 फरवरी 2020
स्वामित्व योजना (गांवों का सर्वेक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत प्रौद्योगिकी के साथ मानचित्रण) - 24 अप्रैल 2020
राष्ट्रीय तकनीकी कपड़ा मिशन (एनटीटीएम) - 26 फरवरी 2020
मिशन कोविड सुरक्षा - 29 नवंबर 2020
ध्रुव - पीएम इनोवेटिव लर्निंग प्रोग्राम - 10 अक्टूबर 2019
एसईआरबी-पावर योजना (खोजपूर्ण अनुसंधान में महिलाओं के लिए अवसरों को बढ़ावा देना) - 29 अक्टूबर 2020
एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना (ONORCS)—प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) - 1 जून 2020
मिशन कर्मयोगी - 2 सितंबर 2020
सहकार मित्र योजना - 12 जून 2020
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना - 4 मई 2017
अग्निपथ रक्षा नीति सुधार - सितंबर 2022
पीएम पोषण शक्ति निर्माण अभियान - 2021
स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना (एसआईएसएफएस)- 1 अप्रैल 2021
आयुष्मान सहकार योजना - 19 अक्टूबर 2020
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) - सितंबर 2018
SATAT योजना (किफायती परिवहन की दिशा में सतत विकल्प) - अक्टूबर 2018
मिशन सागर - मई 2020
निर्विक योजना (निर्यात ऋण विकास योजना) - 1 फरवरी 2020
स्वामित्व योजना (गांवों का सर्वेक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत प्रौद्योगिकी के साथ मानचित्रण) - 24 अप्रैल 2020
राष्ट्रीय तकनीकी कपड़ा मिशन (एनटीटीएम) - 26 फरवरी 2020
मिशन कोविड सुरक्षा - 29 नवंबर 2020
ध्रुव - पीएम इनोवेटिव लर्निंग प्रोग्राम - 10 अक्टूबर 2019
एसईआरबी-पावर योजना (खोजपूर्ण अनुसंधान में महिलाओं के लिए अवसरों को बढ़ावा देना) - 29 अक्टूबर 2020
एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना (ONORCS)—प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) - 1 जून 2020
मिशन कर्मयोगी - 2 सितंबर 2020
सहकार मित्र योजना - 12 जून 2020
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना - 4 मई 2017
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🅰 Important Lakes in India 🅰
🔹डल झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹वुलर झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹बैरीनाग झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹मानस बल झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹नागिन झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹शेषनाग झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹अनंतनाग झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹राजसमंद झील :- राजस्थान
🔹पिछौला झील :- राजस्थान
🔹सांभर झील :- राजस्थान
🔹जयसमंद झील :- राजस्थान
🔹फतेहसागर झील :- राजस्थान
🔹डीडवाना झील :- राजस्थान
🔹लूनकरनसर झील :- राजस्थान
🔹सातताल झील :- उत्तराखंड
🔹नैनीताल झील :- उत्तराखंड
🔹राकसताल झील :- उत्तराखंड
🔹मालाताल झील :- उत्तराखंड
🔹देवताल झील :- उत्तराखंड
🔹नौकुछियाताल झील :- उत्तराखंड
🔹खुरपताल झील :- उत्तराखंड
🔹हुसैनसागर झील :- आंध्रप्रदेश
🔹कोलेरू झील :- आंध्रप्रदेश
🔹बेम्बनाड झील :- केरल
🔹अष्टमुदी झील :- केरल
🔹पेरियार झील :- केरल
🔹लोनार झील :- महाराष्ट्र
🔹पुलीकट झील :- तमिलनाडु एवं आँध्रप्रदेश
🔹लोकटक झील :- मणिपुर
🔹चिल्का झील :- उड़ीसा
🔹डल झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹वुलर झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹बैरीनाग झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹मानस बल झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹नागिन झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹शेषनाग झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹अनंतनाग झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹राजसमंद झील :- राजस्थान
🔹पिछौला झील :- राजस्थान
🔹सांभर झील :- राजस्थान
🔹जयसमंद झील :- राजस्थान
🔹फतेहसागर झील :- राजस्थान
🔹डीडवाना झील :- राजस्थान
🔹लूनकरनसर झील :- राजस्थान
🔹सातताल झील :- उत्तराखंड
🔹नैनीताल झील :- उत्तराखंड
🔹राकसताल झील :- उत्तराखंड
🔹मालाताल झील :- उत्तराखंड
🔹देवताल झील :- उत्तराखंड
🔹नौकुछियाताल झील :- उत्तराखंड
🔹खुरपताल झील :- उत्तराखंड
🔹हुसैनसागर झील :- आंध्रप्रदेश
🔹कोलेरू झील :- आंध्रप्रदेश
🔹बेम्बनाड झील :- केरल
🔹अष्टमुदी झील :- केरल
🔹पेरियार झील :- केरल
🔹लोनार झील :- महाराष्ट्र
🔹पुलीकट झील :- तमिलनाडु एवं आँध्रप्रदेश
🔹लोकटक झील :- मणिपुर
🔹चिल्का झील :- उड़ीसा
_*PET 2023 परीक्षा के लिए निर्देश👇🏻💥💯✅*_
_*28 और 29 अक्टूबर 2023 को आयोजित होने वाली PET परीक्षा के लिए अभ्यर्थी नीचे दिए गए निम्न डॉक्यूमेंट्स को अपने साथ परीक्षा हाल में अवश्य लेकर जाए*_
_*1- एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट*_
_*2- फोटो पहचान पत्र की मूल प्रति और उसके साथ उसकी एक फोटो कॉपी भी*_
_*3- अपनी दो पासपोर्ट साइज फोटो जिसके पीछे आपको अपना नाम और रोल नंबर लिखना है।*_
_*4- काली या नीली बॉल पॉइंट पेन*_
_*नोट - परीक्षा केंद्र पर दो घंटा पहले पहुंच जाएं ,परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले ही गेट बंद हो जायेगा।💥💯✅*_
_*28 और 29 अक्टूबर 2023 को आयोजित होने वाली PET परीक्षा के लिए अभ्यर्थी नीचे दिए गए निम्न डॉक्यूमेंट्स को अपने साथ परीक्षा हाल में अवश्य लेकर जाए*_
_*1- एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट*_
_*2- फोटो पहचान पत्र की मूल प्रति और उसके साथ उसकी एक फोटो कॉपी भी*_
_*3- अपनी दो पासपोर्ट साइज फोटो जिसके पीछे आपको अपना नाम और रोल नंबर लिखना है।*_
_*4- काली या नीली बॉल पॉइंट पेन*_
_*नोट - परीक्षा केंद्र पर दो घंटा पहले पहुंच जाएं ,परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले ही गेट बंद हो जायेगा।💥💯✅*_
कल/परसों PET परीक्षा में सम्मिलित होने वाले समस्त अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनाएं💐
रामसर स्थल - Target PET
रामसर वह आर्द्रभूमि या नम भूमि हैं, जिन्हें रामसर कन्वेंशन के तहत “अंतर्राष्ट्रीय महत्व” दिया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों पर रामसर सम्मेलन विशेष रूप से जलपक्षी आवास के रूप में आर्द्रभूमि के संरक्षण और सतत उपयोग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि है। इसे वेटलैंड्स पर कन्वेंशन के रूप में भी जाना जाता है। इसका नाम ईरान के रामसर शहर के नाम पर रखा गया है, जहां 1971 में कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए गए थे।
भारत ने आजादी के 75वें वर्ष में देश में 13,26,677 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने वाले कुल 75 रामसर स्थलों को बनाने के लिए रामसर स्थलों की सूची में 11 और आर्द्रभूमि को शामिल किया है।
11 नई साइटों में तमिलनाडु में चार (4), ओडिशा में तीन (3), जम्मू और कश्मीर में दो (2) और मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में एक-एक (1) साइट शामिल हैं। इन स्थलों के पदनाम से आर्द्रभूमियों के संरक्षण और प्रबंधन और उनके संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग में मदद मिलेगी।
भारत 1971 में रामसर, ईरान में हस्ताक्षरित रामसर कन्वेंशन के अनुबंध पक्षों में से एक है। भारत ने 1 फरवरी 1982 को इस पर हस्ताक्षर किए थे। 1982 से 2013 के दौरान, कुल 26 साइटों को रामसर साइटों की सूची में जोड़ा गया था, हालांकि, के दौरान 2014 से 2022 तक, देश ने रामसर साइटों की सूची में 49 नए आर्द्रभूमि जोड़े हैं।
वर्ष 2022 के दौरान कुल 28 स्थलों को रामसर स्थल घोषित किया गया है। रामसर प्रमाण पत्र पर अंकित पदनाम की तिथि के आधार पर इस वर्ष (2022) की संख्या 19 तथा गत वर्ष (2021) की संख्या 14 है।
तमिलनाडु में सबसे अधिक रामसर स्थल (14) हैं, इसके बाद उत्तर प्रदेश में 10 रामसर स्थल हैं।
उत्तर प्रदेश में रामसर स्थलों की सूची -
क्रम संख्या रामसर स्थल
01. नवाबगंज पक्षी अभ्यारण्य
02. पार्वती आगरा पक्षी अभयारण्य
03. समन पक्षी अभ्यारण्य
04. समसपुर पक्षी अभयारण्य
05. सांडी पक्षी अभयारण्य
06. सरसाई नवर झील
07. सूर सरोवर
08. ऊपरी गंगा नदी
(बृजघाट से नरोरा)
09.बखिरा वन्यजीव अभयारण्य
10. हैदरपुर आर्द्रभूमि
रामसर वह आर्द्रभूमि या नम भूमि हैं, जिन्हें रामसर कन्वेंशन के तहत “अंतर्राष्ट्रीय महत्व” दिया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों पर रामसर सम्मेलन विशेष रूप से जलपक्षी आवास के रूप में आर्द्रभूमि के संरक्षण और सतत उपयोग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि है। इसे वेटलैंड्स पर कन्वेंशन के रूप में भी जाना जाता है। इसका नाम ईरान के रामसर शहर के नाम पर रखा गया है, जहां 1971 में कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए गए थे।
भारत ने आजादी के 75वें वर्ष में देश में 13,26,677 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने वाले कुल 75 रामसर स्थलों को बनाने के लिए रामसर स्थलों की सूची में 11 और आर्द्रभूमि को शामिल किया है।
11 नई साइटों में तमिलनाडु में चार (4), ओडिशा में तीन (3), जम्मू और कश्मीर में दो (2) और मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में एक-एक (1) साइट शामिल हैं। इन स्थलों के पदनाम से आर्द्रभूमियों के संरक्षण और प्रबंधन और उनके संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग में मदद मिलेगी।
भारत 1971 में रामसर, ईरान में हस्ताक्षरित रामसर कन्वेंशन के अनुबंध पक्षों में से एक है। भारत ने 1 फरवरी 1982 को इस पर हस्ताक्षर किए थे। 1982 से 2013 के दौरान, कुल 26 साइटों को रामसर साइटों की सूची में जोड़ा गया था, हालांकि, के दौरान 2014 से 2022 तक, देश ने रामसर साइटों की सूची में 49 नए आर्द्रभूमि जोड़े हैं।
वर्ष 2022 के दौरान कुल 28 स्थलों को रामसर स्थल घोषित किया गया है। रामसर प्रमाण पत्र पर अंकित पदनाम की तिथि के आधार पर इस वर्ष (2022) की संख्या 19 तथा गत वर्ष (2021) की संख्या 14 है।
तमिलनाडु में सबसे अधिक रामसर स्थल (14) हैं, इसके बाद उत्तर प्रदेश में 10 रामसर स्थल हैं।
उत्तर प्रदेश में रामसर स्थलों की सूची -
क्रम संख्या रामसर स्थल
01. नवाबगंज पक्षी अभ्यारण्य
02. पार्वती आगरा पक्षी अभयारण्य
03. समन पक्षी अभ्यारण्य
04. समसपुर पक्षी अभयारण्य
05. सांडी पक्षी अभयारण्य
06. सरसाई नवर झील
07. सूर सरोवर
08. ऊपरी गंगा नदी
(बृजघाट से नरोरा)
09.बखिरा वन्यजीव अभयारण्य
10. हैदरपुर आर्द्रभूमि
👍4
भूमि तत्व ,जल तत्व ,अग्नि तत्व वायु तत्व ,
ब्रह्म तत्व ,व्योम तत्व विष्णु तत्व ,भोरी है,
सनकादि सिद्धि तत्व आनंद प्रिशिधि तत्व
नारद सुरेश तत्व शिव तत्व गौरी है।
ब्रह्म तत्व ,व्योम तत्व विष्णु तत्व ,भोरी है,
सनकादि सिद्धि तत्व आनंद प्रिशिधि तत्व
नारद सुरेश तत्व शिव तत्व गौरी है।
👍2🙏1
आज से शुरू हो रहे PET 2023 परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं 💐
▪️समय को विभिन्न टॉपिक में उचित तरीके से बांटते हुए पेपर को हल करिएगा।
▪️ग्राफ के प्रश्नों की कठिनाई को स्मार्ट तरीके से जज करके आसान प्रश्नों को पहले हल करें।💐💐💐
👍👍👍
▪️समय को विभिन्न टॉपिक में उचित तरीके से बांटते हुए पेपर को हल करिएगा।
▪️ग्राफ के प्रश्नों की कठिनाई को स्मार्ट तरीके से जज करके आसान प्रश्नों को पहले हल करें।💐💐💐
👍👍👍
अगर अभी भी तुम्हे लगता है की 11, 19, 49 या 99 रुपए की PDF से पढ़ कर तैयारी हो जायेगी तो फिर सरकारी नौकरी का ख़ाब अपने दिमाग से निकाल दो
अभी भी समय है किताबों की तरफ़ आ जाओ💯
अभी भी समय है किताबों की तरफ़ आ जाओ💯
👍1
प्रिय तुम इस बार भी रह जाओगी कुंवारी क्योंकि PET 2023 का पेपर देखकर हिल गया तुम्हारा ग्राम विकास अधिकारी
UPSSSC PET 2023 EXAM PAPER HARD✌🏻💥💯✅🤣
UPSSSC PET 2023 EXAM PAPER HARD✌🏻💥💯✅🤣
👍2❤1🔥1
चाहें कोई भी परीक्षा उठा लो आप देखेंगे कि प्रश्न स्तरीय किताबों से पूछे जा रहे हैं. यूट्यूब और प्राइवेट एप्लिकेशन पर चलाए जा रहे भाला, फावड़ा, हथौड़ा, रोलर आदि कोर्स से कोशों दूर रहें. किताबों से पढ़ें खुद के नोट्स तैयार करें. संसाधन सीमित रखें. खुद पर विश्वास रखें.
#PET
✍️
#PET
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▪️UPSSSC PET के चारो सेक्शन का पेपर देख कर ये कहा जा सकता है, इस बार हर परीक्षा के कटऑफ बहुत कम रहेगा। जितने भी स्टूडेंट्स 40+ होगें, वो सभी परीक्षा के लिए मान्य होंगे।
सरकार पाठ्यक्रम देती कुछ और है और एग्जाम में पेपर किसी और टॉपिक से बनाती है।
सरकार पाठ्यक्रम देती कुछ और है और एग्जाम में पेपर किसी और टॉपिक से बनाती है।
👍3❤1
घबराएं नहीं पेपर सिर्फ आपके लिए ही कठिन नहीं था, सभी के लिए पेपर कठिन आया था।
👍5💯1
BPSC TRE 2023: सुप्रीम कोर्ट में B.Ed अभ्यर्थियों की रिट याचिका स्वीकार..!!