BPSC TRE में किसी कारणवश जिन अभ्यर्थियों का रिजल्ट नही आया है उनके लिए एक अच्छी खबर है। BPSC चेयरमैन अतुल प्रसाद ने जानकारी दी है की यदि अभ्यर्थियों की संख्या खाली रह जाती है तो एक या एक से अधिक पूरक परिणाम जारी किए जाएंगे। जिसका ये अर्थ है की 2nd लिस्ट जारी की जाएगी। उम्मीद है अपने कोचिंग से जो 6 से 7 स्टूडेंट्स का रिजल्ट रुक गया है उनका भी सेलेक्शन हो जाएगा......
अतः सकारात्मक होकर BPSC TRE 2.0 की तैयारी करते रहें, अच्छी खबर आ सकती है।
अतः सकारात्मक होकर BPSC TRE 2.0 की तैयारी करते रहें, अच्छी खबर आ सकती है।
अमेरिकी का स्वतंत्रता संग्राम - 1776
अमेरिकी क्रांति 1775 और 1783 के बीच हुई थी।
अमेरिकी उपनिवेशों ने अमेरिकी क्रांति के परिणामस्वरूप 1776 में स्वतंत्रता की घोषणा के साथ स्थापित संप्रभु संयुक्त राज्य अमेरिका की स्थापना के लिए ब्रिटिश शासन को त्याग दिया।
अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम को अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध के रूप में भी जाना जाता है।
यह मुख्य रूप से ग्रेट ब्रिटेन के साम्राज्य और अमेरिका में उसके तेरह कालोनियों के बीच लड़ा गया था, जिससे उपनिवेशों में ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंका गया और संयुक्त राज्य अमेरिका की स्थापना हुई।
यह युद्ध 19 अप्रैल 1977 को शुरू हुआ और 3 सितंबर 1783 को समाप्त हुआ।
3 सितंबर 1783 को, युद्धरत दलों ने पेरिस की संधि का निष्कर्ष निकाला, जिसमें यूनाइटेड किंगडम संयुक्त राज्य के अधिकार को स्वीकार करने के लिए सहमत हो गया और आधिकारिक तौर पर युद्ध को समाप्त कर दिया गया।
विद्रोह ने दुनिया के पहले लिखित संविधान के आधार पर एक गणतंत्र का निर्माण किया।
अमेरिकी क्रांति 1775 और 1783 के बीच हुई थी।
अमेरिकी उपनिवेशों ने अमेरिकी क्रांति के परिणामस्वरूप 1776 में स्वतंत्रता की घोषणा के साथ स्थापित संप्रभु संयुक्त राज्य अमेरिका की स्थापना के लिए ब्रिटिश शासन को त्याग दिया।
अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम को अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध के रूप में भी जाना जाता है।
यह मुख्य रूप से ग्रेट ब्रिटेन के साम्राज्य और अमेरिका में उसके तेरह कालोनियों के बीच लड़ा गया था, जिससे उपनिवेशों में ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंका गया और संयुक्त राज्य अमेरिका की स्थापना हुई।
यह युद्ध 19 अप्रैल 1977 को शुरू हुआ और 3 सितंबर 1783 को समाप्त हुआ।
3 सितंबर 1783 को, युद्धरत दलों ने पेरिस की संधि का निष्कर्ष निकाला, जिसमें यूनाइटेड किंगडम संयुक्त राज्य के अधिकार को स्वीकार करने के लिए सहमत हो गया और आधिकारिक तौर पर युद्ध को समाप्त कर दिया गया।
विद्रोह ने दुनिया के पहले लिखित संविधान के आधार पर एक गणतंत्र का निर्माण किया।
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बीपीएससी अध्यापक नियुक्ति :- वैसे अभ्यर्थी जिसको लिखित परीक्षा में अपने आरक्षण कोटि के Cut off अंक प्राप्त हुआ है परन्तु उसका अनुक्रमांक सफल अभ्यर्थियों के परीक्षाफल की सूची में अंकित नहीं है।
जिसका कारण यह है कि लिखित परीक्षा ( वस्तुनिष्ठ) के कुल प्राप्तांक समान होने की स्थिति में पहले उम्र तथा उम्र में समानता होने पर देवनागरी लिपि में वर्णमाला के अनुसार नाम वाले उम्मीदवार को वरीयता दी गयी है।
जिसका कारण यह है कि लिखित परीक्षा ( वस्तुनिष्ठ) के कुल प्राप्तांक समान होने की स्थिति में पहले उम्र तथा उम्र में समानता होने पर देवनागरी लिपि में वर्णमाला के अनुसार नाम वाले उम्मीदवार को वरीयता दी गयी है।
मराठा - Target PET 80+
मराठा साम्राज्य के संस्थापक शिवाजी थे।
शिवाजी का जन्म 6 अप्रैल 1627 में शिवनेर दुर्ग में हुआ था।
शिवाजी के पिता का नाम शाहजी भोंसले एवं माताजी का नाम जीजाबाई था।
शाहजी भोंसले की दूसरी पत्नी का नाम तुकाबाई मोहिते था।
शिवाजी के गुरु कोंडदेव थे।
शिवाजी के आध्यात्मिक गुरु रामदास थे।
शिवाजी का विवाह साइबाई निंबालकर से 1640 ई में हुआ था।
अपने सैन्य अभियान के अंतर्गत 1644 ई में शिवाजी ने सर्वप्रथम बीजापुर के तोरण नामक पहाड़ी किले पर अधिकार किया।
1656 में शिवाजी ने रायगढ़ को अपनी राजधानी बनाई।
बीजापुर के सुलतान ने अपने योग्य सेनापति अफजल खां को सितंबर, 1665 ई में शिवाजी को पराजित करने के लिए भेजा। शिवाजी ने अफजल खान की हत्या कर दी।
शिवाजी ने सूरत को 1644 ई और 1670 ई में लूटा।
पुरंदर की संधि 1665 ई में महाराजा जय सिंह और शिवाजी के मध्य हुई।
1672 ई में शिवाजी ने पन्हाला दुर्ग को बीजापुर से छीना।
शिवाजी को औरंगजेब ने मई, 166 में जयपुर भवन में कैद कर लिया, जहां से वे 16 अगस्त 1666 ई में भाग निकले।
मात्र 53 साल की आयु में 3 अप्रैल, 1680 को शिवाजी की मृत्यु हो गई।
शिवाजी के मंत्रिमंडल को अष्टप्रधान कहा जाता था।
शिवाजी की सेना तीन भागों में बंटी थी -
१- पागा सेना (नियमित घुड़सवार सैनिक)
२- सिलहदार (अस्थाई घुड़सवार सैनिक)
३- पैदल (पैदल सेना)
मराठा साम्राज्य के संस्थापक शिवाजी थे।
शिवाजी का जन्म 6 अप्रैल 1627 में शिवनेर दुर्ग में हुआ था।
शिवाजी के पिता का नाम शाहजी भोंसले एवं माताजी का नाम जीजाबाई था।
शाहजी भोंसले की दूसरी पत्नी का नाम तुकाबाई मोहिते था।
शिवाजी के गुरु कोंडदेव थे।
शिवाजी के आध्यात्मिक गुरु रामदास थे।
शिवाजी का विवाह साइबाई निंबालकर से 1640 ई में हुआ था।
अपने सैन्य अभियान के अंतर्गत 1644 ई में शिवाजी ने सर्वप्रथम बीजापुर के तोरण नामक पहाड़ी किले पर अधिकार किया।
1656 में शिवाजी ने रायगढ़ को अपनी राजधानी बनाई।
बीजापुर के सुलतान ने अपने योग्य सेनापति अफजल खां को सितंबर, 1665 ई में शिवाजी को पराजित करने के लिए भेजा। शिवाजी ने अफजल खान की हत्या कर दी।
शिवाजी ने सूरत को 1644 ई और 1670 ई में लूटा।
पुरंदर की संधि 1665 ई में महाराजा जय सिंह और शिवाजी के मध्य हुई।
1672 ई में शिवाजी ने पन्हाला दुर्ग को बीजापुर से छीना।
शिवाजी को औरंगजेब ने मई, 166 में जयपुर भवन में कैद कर लिया, जहां से वे 16 अगस्त 1666 ई में भाग निकले।
मात्र 53 साल की आयु में 3 अप्रैल, 1680 को शिवाजी की मृत्यु हो गई।
शिवाजी के मंत्रिमंडल को अष्टप्रधान कहा जाता था।
शिवाजी की सेना तीन भागों में बंटी थी -
१- पागा सेना (नियमित घुड़सवार सैनिक)
२- सिलहदार (अस्थाई घुड़सवार सैनिक)
३- पैदल (पैदल सेना)
शिवाजी (अष्टप्रधान) - Target PET 80+
पेशवा - राज्य का प्रशासन, अर्थव्यवस्था की देख भाल।
सारी ए नौबत - सैन्य प्रधान
अमान्य - आय व्यय का लेखा जोखा
वाकयानविस - सूचन ,गुप्तचर, संधि विग्रह
सुमंत - विदेश मंत्री
पंडित राव - धार्मिक कार्यों के लिए तिथि का निर्धारण
पेशवा - राज्य का प्रशासन, अर्थव्यवस्था की देख भाल।
सारी ए नौबत - सैन्य प्रधान
अमान्य - आय व्यय का लेखा जोखा
वाकयानविस - सूचन ,गुप्तचर, संधि विग्रह
सुमंत - विदेश मंत्री
पंडित राव - धार्मिक कार्यों के लिए तिथि का निर्धारण
▪️वक्त बीतने के बाद अक्सर यह अहसास होता है जो छूट गया वो लम्हा बेहतर था...! 🦋💯
◾️APS 2023 भर्ती के फॉर्म भरने की तिथि तीसरी बार बढ़ाई गई।
▪️OTR भरने में अभ्यर्थियों को रही दिक्कत की वजह से बढ़ाई गई डेट
▪️अब 2 नवंबर तक APS का फॉर्म भरा जा सकता है।
▪️OTR भरने में अभ्यर्थियों को रही दिक्कत की वजह से बढ़ाई गई डेट
▪️अब 2 नवंबर तक APS का फॉर्म भरा जा सकता है।
परीक्षाओं में पूछे जाने वाली योजनाओं से सम्बंधित तथ्य - Target PET 80+
अग्निपथ रक्षा नीति सुधार - सितंबर 2022
पीएम पोषण शक्ति निर्माण अभियान - 2021
स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना (एसआईएसएफएस)- 1 अप्रैल 2021
आयुष्मान सहकार योजना - 19 अक्टूबर 2020
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) - सितंबर 2018
SATAT योजना (किफायती परिवहन की दिशा में सतत विकल्प) - अक्टूबर 2018
मिशन सागर - मई 2020
निर्विक योजना (निर्यात ऋण विकास योजना) - 1 फरवरी 2020
स्वामित्व योजना (गांवों का सर्वेक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत प्रौद्योगिकी के साथ मानचित्रण) - 24 अप्रैल 2020
राष्ट्रीय तकनीकी कपड़ा मिशन (एनटीटीएम) - 26 फरवरी 2020
मिशन कोविड सुरक्षा - 29 नवंबर 2020
ध्रुव - पीएम इनोवेटिव लर्निंग प्रोग्राम - 10 अक्टूबर 2019
एसईआरबी-पावर योजना (खोजपूर्ण अनुसंधान में महिलाओं के लिए अवसरों को बढ़ावा देना) - 29 अक्टूबर 2020
एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना (ONORCS)—प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) - 1 जून 2020
मिशन कर्मयोगी - 2 सितंबर 2020
सहकार मित्र योजना - 12 जून 2020
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना - 4 मई 2017
अग्निपथ रक्षा नीति सुधार - सितंबर 2022
पीएम पोषण शक्ति निर्माण अभियान - 2021
स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना (एसआईएसएफएस)- 1 अप्रैल 2021
आयुष्मान सहकार योजना - 19 अक्टूबर 2020
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) - सितंबर 2018
SATAT योजना (किफायती परिवहन की दिशा में सतत विकल्प) - अक्टूबर 2018
मिशन सागर - मई 2020
निर्विक योजना (निर्यात ऋण विकास योजना) - 1 फरवरी 2020
स्वामित्व योजना (गांवों का सर्वेक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत प्रौद्योगिकी के साथ मानचित्रण) - 24 अप्रैल 2020
राष्ट्रीय तकनीकी कपड़ा मिशन (एनटीटीएम) - 26 फरवरी 2020
मिशन कोविड सुरक्षा - 29 नवंबर 2020
ध्रुव - पीएम इनोवेटिव लर्निंग प्रोग्राम - 10 अक्टूबर 2019
एसईआरबी-पावर योजना (खोजपूर्ण अनुसंधान में महिलाओं के लिए अवसरों को बढ़ावा देना) - 29 अक्टूबर 2020
एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना (ONORCS)—प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) - 1 जून 2020
मिशन कर्मयोगी - 2 सितंबर 2020
सहकार मित्र योजना - 12 जून 2020
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना - 4 मई 2017
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🅰 Important Lakes in India 🅰
🔹डल झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹वुलर झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹बैरीनाग झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹मानस बल झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹नागिन झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹शेषनाग झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹अनंतनाग झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹राजसमंद झील :- राजस्थान
🔹पिछौला झील :- राजस्थान
🔹सांभर झील :- राजस्थान
🔹जयसमंद झील :- राजस्थान
🔹फतेहसागर झील :- राजस्थान
🔹डीडवाना झील :- राजस्थान
🔹लूनकरनसर झील :- राजस्थान
🔹सातताल झील :- उत्तराखंड
🔹नैनीताल झील :- उत्तराखंड
🔹राकसताल झील :- उत्तराखंड
🔹मालाताल झील :- उत्तराखंड
🔹देवताल झील :- उत्तराखंड
🔹नौकुछियाताल झील :- उत्तराखंड
🔹खुरपताल झील :- उत्तराखंड
🔹हुसैनसागर झील :- आंध्रप्रदेश
🔹कोलेरू झील :- आंध्रप्रदेश
🔹बेम्बनाड झील :- केरल
🔹अष्टमुदी झील :- केरल
🔹पेरियार झील :- केरल
🔹लोनार झील :- महाराष्ट्र
🔹पुलीकट झील :- तमिलनाडु एवं आँध्रप्रदेश
🔹लोकटक झील :- मणिपुर
🔹चिल्का झील :- उड़ीसा
🔹डल झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹वुलर झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹बैरीनाग झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹मानस बल झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹नागिन झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹शेषनाग झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹अनंतनाग झील :- जम्मू-कश्मीर
🔹राजसमंद झील :- राजस्थान
🔹पिछौला झील :- राजस्थान
🔹सांभर झील :- राजस्थान
🔹जयसमंद झील :- राजस्थान
🔹फतेहसागर झील :- राजस्थान
🔹डीडवाना झील :- राजस्थान
🔹लूनकरनसर झील :- राजस्थान
🔹सातताल झील :- उत्तराखंड
🔹नैनीताल झील :- उत्तराखंड
🔹राकसताल झील :- उत्तराखंड
🔹मालाताल झील :- उत्तराखंड
🔹देवताल झील :- उत्तराखंड
🔹नौकुछियाताल झील :- उत्तराखंड
🔹खुरपताल झील :- उत्तराखंड
🔹हुसैनसागर झील :- आंध्रप्रदेश
🔹कोलेरू झील :- आंध्रप्रदेश
🔹बेम्बनाड झील :- केरल
🔹अष्टमुदी झील :- केरल
🔹पेरियार झील :- केरल
🔹लोनार झील :- महाराष्ट्र
🔹पुलीकट झील :- तमिलनाडु एवं आँध्रप्रदेश
🔹लोकटक झील :- मणिपुर
🔹चिल्का झील :- उड़ीसा
_*PET 2023 परीक्षा के लिए निर्देश👇🏻💥💯✅*_
_*28 और 29 अक्टूबर 2023 को आयोजित होने वाली PET परीक्षा के लिए अभ्यर्थी नीचे दिए गए निम्न डॉक्यूमेंट्स को अपने साथ परीक्षा हाल में अवश्य लेकर जाए*_
_*1- एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट*_
_*2- फोटो पहचान पत्र की मूल प्रति और उसके साथ उसकी एक फोटो कॉपी भी*_
_*3- अपनी दो पासपोर्ट साइज फोटो जिसके पीछे आपको अपना नाम और रोल नंबर लिखना है।*_
_*4- काली या नीली बॉल पॉइंट पेन*_
_*नोट - परीक्षा केंद्र पर दो घंटा पहले पहुंच जाएं ,परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले ही गेट बंद हो जायेगा।💥💯✅*_
_*28 और 29 अक्टूबर 2023 को आयोजित होने वाली PET परीक्षा के लिए अभ्यर्थी नीचे दिए गए निम्न डॉक्यूमेंट्स को अपने साथ परीक्षा हाल में अवश्य लेकर जाए*_
_*1- एडमिट कार्ड का प्रिंट आउट*_
_*2- फोटो पहचान पत्र की मूल प्रति और उसके साथ उसकी एक फोटो कॉपी भी*_
_*3- अपनी दो पासपोर्ट साइज फोटो जिसके पीछे आपको अपना नाम और रोल नंबर लिखना है।*_
_*4- काली या नीली बॉल पॉइंट पेन*_
_*नोट - परीक्षा केंद्र पर दो घंटा पहले पहुंच जाएं ,परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले ही गेट बंद हो जायेगा।💥💯✅*_
कल/परसों PET परीक्षा में सम्मिलित होने वाले समस्त अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनाएं💐
रामसर स्थल - Target PET
रामसर वह आर्द्रभूमि या नम भूमि हैं, जिन्हें रामसर कन्वेंशन के तहत “अंतर्राष्ट्रीय महत्व” दिया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों पर रामसर सम्मेलन विशेष रूप से जलपक्षी आवास के रूप में आर्द्रभूमि के संरक्षण और सतत उपयोग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि है। इसे वेटलैंड्स पर कन्वेंशन के रूप में भी जाना जाता है। इसका नाम ईरान के रामसर शहर के नाम पर रखा गया है, जहां 1971 में कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए गए थे।
भारत ने आजादी के 75वें वर्ष में देश में 13,26,677 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने वाले कुल 75 रामसर स्थलों को बनाने के लिए रामसर स्थलों की सूची में 11 और आर्द्रभूमि को शामिल किया है।
11 नई साइटों में तमिलनाडु में चार (4), ओडिशा में तीन (3), जम्मू और कश्मीर में दो (2) और मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में एक-एक (1) साइट शामिल हैं। इन स्थलों के पदनाम से आर्द्रभूमियों के संरक्षण और प्रबंधन और उनके संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग में मदद मिलेगी।
भारत 1971 में रामसर, ईरान में हस्ताक्षरित रामसर कन्वेंशन के अनुबंध पक्षों में से एक है। भारत ने 1 फरवरी 1982 को इस पर हस्ताक्षर किए थे। 1982 से 2013 के दौरान, कुल 26 साइटों को रामसर साइटों की सूची में जोड़ा गया था, हालांकि, के दौरान 2014 से 2022 तक, देश ने रामसर साइटों की सूची में 49 नए आर्द्रभूमि जोड़े हैं।
वर्ष 2022 के दौरान कुल 28 स्थलों को रामसर स्थल घोषित किया गया है। रामसर प्रमाण पत्र पर अंकित पदनाम की तिथि के आधार पर इस वर्ष (2022) की संख्या 19 तथा गत वर्ष (2021) की संख्या 14 है।
तमिलनाडु में सबसे अधिक रामसर स्थल (14) हैं, इसके बाद उत्तर प्रदेश में 10 रामसर स्थल हैं।
उत्तर प्रदेश में रामसर स्थलों की सूची -
क्रम संख्या रामसर स्थल
01. नवाबगंज पक्षी अभ्यारण्य
02. पार्वती आगरा पक्षी अभयारण्य
03. समन पक्षी अभ्यारण्य
04. समसपुर पक्षी अभयारण्य
05. सांडी पक्षी अभयारण्य
06. सरसाई नवर झील
07. सूर सरोवर
08. ऊपरी गंगा नदी
(बृजघाट से नरोरा)
09.बखिरा वन्यजीव अभयारण्य
10. हैदरपुर आर्द्रभूमि
रामसर वह आर्द्रभूमि या नम भूमि हैं, जिन्हें रामसर कन्वेंशन के तहत “अंतर्राष्ट्रीय महत्व” दिया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों पर रामसर सम्मेलन विशेष रूप से जलपक्षी आवास के रूप में आर्द्रभूमि के संरक्षण और सतत उपयोग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि है। इसे वेटलैंड्स पर कन्वेंशन के रूप में भी जाना जाता है। इसका नाम ईरान के रामसर शहर के नाम पर रखा गया है, जहां 1971 में कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए गए थे।
भारत ने आजादी के 75वें वर्ष में देश में 13,26,677 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने वाले कुल 75 रामसर स्थलों को बनाने के लिए रामसर स्थलों की सूची में 11 और आर्द्रभूमि को शामिल किया है।
11 नई साइटों में तमिलनाडु में चार (4), ओडिशा में तीन (3), जम्मू और कश्मीर में दो (2) और मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में एक-एक (1) साइट शामिल हैं। इन स्थलों के पदनाम से आर्द्रभूमियों के संरक्षण और प्रबंधन और उनके संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग में मदद मिलेगी।
भारत 1971 में रामसर, ईरान में हस्ताक्षरित रामसर कन्वेंशन के अनुबंध पक्षों में से एक है। भारत ने 1 फरवरी 1982 को इस पर हस्ताक्षर किए थे। 1982 से 2013 के दौरान, कुल 26 साइटों को रामसर साइटों की सूची में जोड़ा गया था, हालांकि, के दौरान 2014 से 2022 तक, देश ने रामसर साइटों की सूची में 49 नए आर्द्रभूमि जोड़े हैं।
वर्ष 2022 के दौरान कुल 28 स्थलों को रामसर स्थल घोषित किया गया है। रामसर प्रमाण पत्र पर अंकित पदनाम की तिथि के आधार पर इस वर्ष (2022) की संख्या 19 तथा गत वर्ष (2021) की संख्या 14 है।
तमिलनाडु में सबसे अधिक रामसर स्थल (14) हैं, इसके बाद उत्तर प्रदेश में 10 रामसर स्थल हैं।
उत्तर प्रदेश में रामसर स्थलों की सूची -
क्रम संख्या रामसर स्थल
01. नवाबगंज पक्षी अभ्यारण्य
02. पार्वती आगरा पक्षी अभयारण्य
03. समन पक्षी अभ्यारण्य
04. समसपुर पक्षी अभयारण्य
05. सांडी पक्षी अभयारण्य
06. सरसाई नवर झील
07. सूर सरोवर
08. ऊपरी गंगा नदी
(बृजघाट से नरोरा)
09.बखिरा वन्यजीव अभयारण्य
10. हैदरपुर आर्द्रभूमि
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