❇️लेखपाल मे 8 लाख 90 हज़ार form fill up हुए है अब इससे shortlist किये जायेगे‼️
❇️नया वोटर बनने हेतु आवश्यक दस्तावेज‼️
(1) आवेदक का आधार कार्ड जिसमें जहाँ वोट बनवाना है वहां का एड्रेस हो या और कोई खुद के नाम का एड्रेस प्रूफ
(2)पासपोर्ट साइज फ़ोटो जिसमे बैकग्राउंड व्हाइट हो
(3) जन्मतिथि प्रूफ के लिए 10th सर्टिफिकेट या पैन कार्ड, या बर्थ सर्टिफिकेट या पासपोर्ट
(4)2003 की वोटर लिस्ट में खुद की या माता, पिता, दादा, दादी, नाना, नानी में से किसी एक व्यक्ति की डिटेल
(5) जिस भाग संख्या में नया वोट बनवाना चाहते हैं उस प्रेजेंट लिस्ट में माता, पिता, भाई, बहन, पति, पत्नी में से दर्ज किसी एक की डिटेल
(6)एक मोबाइल नंबर, ईमेल
(1) आवेदक का आधार कार्ड जिसमें जहाँ वोट बनवाना है वहां का एड्रेस हो या और कोई खुद के नाम का एड्रेस प्रूफ
(2)पासपोर्ट साइज फ़ोटो जिसमे बैकग्राउंड व्हाइट हो
(3) जन्मतिथि प्रूफ के लिए 10th सर्टिफिकेट या पैन कार्ड, या बर्थ सर्टिफिकेट या पासपोर्ट
(4)2003 की वोटर लिस्ट में खुद की या माता, पिता, दादा, दादी, नाना, नानी में से किसी एक व्यक्ति की डिटेल
(5) जिस भाग संख्या में नया वोट बनवाना चाहते हैं उस प्रेजेंट लिस्ट में माता, पिता, भाई, बहन, पति, पत्नी में से दर्ज किसी एक की डिटेल
(6)एक मोबाइल नंबर, ईमेल
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❇️IUCN (इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर)
प्रकृति संरक्षण के लिए कार्य करने वाला एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन है।
यह सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों का एक संघ है जो जैव विविधता संरक्षण, सतत विकास और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए शोध और नीतियां बनाता है।
इसकी स्थापना : 1948
मुख्यालय - स्विट्ज़रलैंड
प्रकृति संरक्षण के लिए कार्य करने वाला एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन है।
यह सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों का एक संघ है जो जैव विविधता संरक्षण, सतत विकास और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए शोध और नीतियां बनाता है।
इसकी स्थापना : 1948
मुख्यालय - स्विट्ज़रलैंड
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ब्रेकिंग: यूपी में SIR की डेट एक महीने बढ़ाई गई: अब 6 मार्च तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति, फाइनल लिस्ट 10 अप्रैल को आएगी
यूपी में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में दावा और आपत्ति करने के लिए एक माह का समय और बढ़ा दिया गया है। अब मतदाता 6 मार्च तक सूची में संशोधन या नाम जुड़वा सकते हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि 6 फरवरी तक बड़ी संख्या में आए फॉर्म 6 को देखते हुए दावे व आपत्ति की समय सीमा को एक महीने और बढ़ावा दिया गया है।
वोटरों की मदद के लिए हर बूथ पर रोज दो घंटे मौजूद रहेंगे बीएलओ, फॉर्म भरने में करेंगे मदद; उपलब्ध रहेंगे जरूरी प्रपत्र
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि अब मतदाताओं के पास नाम जुड़वाने, कटवाने और संशोधन करवाने के लिए 6 मार्च तक के लिए समय होगा। नोटिसों का निराकरण 27 मार्च तक होगा। अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी। बीएलओ हर रोज 10 से 12 बजे के बीच पोलिंग स्टेशन पर रहेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियों का समय एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब छह मार्च तक दावे और आपत्तियों की जा सकेंगी। वहीं नोटिस पर सुनवाई 27 मार्च तक की जाएगी। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिनवा ने बताया कि अब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 अप्रैल को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बूथ पर बैठेंगे। कुल 8990 एईआरओ सुनवाई करेंगे। उन्होंने बताया, मतदाता सूची से 2.89 करोड़ लोगों के नाम काटे गए हैं। कुल 12.55 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है। अभी प्रतिदिन ढाई लाख से तीन लाख लोग मतदाता बनने को फॉर्म-6 भर रहे हैं। कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जानी है। अब तक 2.37 करोड़ लोगों को नोटिस जारी हुई है। जिसमें से 86.27 लाख को नोटिस दी जा चुकी है । 30.30 लाख वोटरों की सुनवाई हो चुकी है । 16.18 लाख लोगों ने 6 जनवरी तक फॉर्म 6 भरे थे मतदाता बनने को। 6 जनवरी से 4 फरवरी तक 37.80 लाख ने फॉर्म भरे हैं। 5 फरवरी को सर्वाधिक 3.51 लाख लोगों ने मतदाता बनने को फॉर्म 6 भरा है। बड़ी संख्या में महिला व युवा अभी भी वोटर बनने से बाकी हैं। ऐसे में यह लोग अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो इसका भी पूरा प्रयास किया जा रहा है। ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियां लोग ढंग से कर सकें इसके लिए उन्हें और समय दिया गया है।
नोटिस पाने वाले सिर्फ 13 प्रतिशत मतदाताओं की सुनवाई
यूपी की मतदाता सूची में शामिल ऐसे मतदाता जिनके नाम का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है, उन्हें नोटिस भेजा गया है। अभी तक 1.72 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है और अभी तक 23 लाख मतदाताओं की सुनवाई की जा सकी है। यानी नोटिस पाने वालों में 13 प्रतिशत मतदाताओं की ही सुनवाई हो सकी है। जिन्हें नोटिस जारी होगी उनमें 3.26 करोड़ लोग हैं। जिसमें पुरानी सूची से मिलान न हो पाने वाले और तार्किक विसंगति वाले वोटर हैं। ऐसे में अभी 1.53 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी होना बाकी है। यही कारण है कि मतदाता सूची में दावे-आपत्तियों व सुनवाई का समय बढ़ाया गया है।
यूपी में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में दावा और आपत्ति करने के लिए एक माह का समय और बढ़ा दिया गया है। अब मतदाता 6 मार्च तक सूची में संशोधन या नाम जुड़वा सकते हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि 6 फरवरी तक बड़ी संख्या में आए फॉर्म 6 को देखते हुए दावे व आपत्ति की समय सीमा को एक महीने और बढ़ावा दिया गया है।
वोटरों की मदद के लिए हर बूथ पर रोज दो घंटे मौजूद रहेंगे बीएलओ, फॉर्म भरने में करेंगे मदद; उपलब्ध रहेंगे जरूरी प्रपत्र
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि अब मतदाताओं के पास नाम जुड़वाने, कटवाने और संशोधन करवाने के लिए 6 मार्च तक के लिए समय होगा। नोटिसों का निराकरण 27 मार्च तक होगा। अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी। बीएलओ हर रोज 10 से 12 बजे के बीच पोलिंग स्टेशन पर रहेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियों का समय एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब छह मार्च तक दावे और आपत्तियों की जा सकेंगी। वहीं नोटिस पर सुनवाई 27 मार्च तक की जाएगी। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिनवा ने बताया कि अब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 अप्रैल को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बूथ पर बैठेंगे। कुल 8990 एईआरओ सुनवाई करेंगे। उन्होंने बताया, मतदाता सूची से 2.89 करोड़ लोगों के नाम काटे गए हैं। कुल 12.55 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है। अभी प्रतिदिन ढाई लाख से तीन लाख लोग मतदाता बनने को फॉर्म-6 भर रहे हैं। कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जानी है। अब तक 2.37 करोड़ लोगों को नोटिस जारी हुई है। जिसमें से 86.27 लाख को नोटिस दी जा चुकी है । 30.30 लाख वोटरों की सुनवाई हो चुकी है । 16.18 लाख लोगों ने 6 जनवरी तक फॉर्म 6 भरे थे मतदाता बनने को। 6 जनवरी से 4 फरवरी तक 37.80 लाख ने फॉर्म भरे हैं। 5 फरवरी को सर्वाधिक 3.51 लाख लोगों ने मतदाता बनने को फॉर्म 6 भरा है। बड़ी संख्या में महिला व युवा अभी भी वोटर बनने से बाकी हैं। ऐसे में यह लोग अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो इसका भी पूरा प्रयास किया जा रहा है। ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियां लोग ढंग से कर सकें इसके लिए उन्हें और समय दिया गया है।
नोटिस पाने वाले सिर्फ 13 प्रतिशत मतदाताओं की सुनवाई
यूपी की मतदाता सूची में शामिल ऐसे मतदाता जिनके नाम का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है, उन्हें नोटिस भेजा गया है। अभी तक 1.72 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है और अभी तक 23 लाख मतदाताओं की सुनवाई की जा सकी है। यानी नोटिस पाने वालों में 13 प्रतिशत मतदाताओं की ही सुनवाई हो सकी है। जिन्हें नोटिस जारी होगी उनमें 3.26 करोड़ लोग हैं। जिसमें पुरानी सूची से मिलान न हो पाने वाले और तार्किक विसंगति वाले वोटर हैं। ऐसे में अभी 1.53 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी होना बाकी है। यही कारण है कि मतदाता सूची में दावे-आपत्तियों व सुनवाई का समय बढ़ाया गया है।
*भारत ने छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता:*
इंग्लैंड को 100 रन से हराया; वैभव सूर्यवंशी ने 175 रन बनाए, 15 छक्के लगाए
इंग्लैंड को 100 रन से हराया; वैभव सूर्यवंशी ने 175 रन बनाए, 15 छक्के लगाए
🏆भारत ने छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत लिया! 🔥
भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर 2026 ICC Under-19 Men’s Cricket World Cup अपने नाम किया।
📍 आयोजन स्थल: Zimbabwe 🇿🇼 और Namibia 🇳🇦
🏏 संस्करण: 16वाँ अंडर-19 वर्ल्ड कप
🔥 Most Runs: Ben Mayes (England) – 444 रन
🎯 Most Wickets: Manny Lumsden (England) – 16 विकेट
💥 फाइनल मैच - वैभव सूर्यवंशी ( 80 गेंदों में 175 रन )
भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर 2026 ICC Under-19 Men’s Cricket World Cup अपने नाम किया।
📍 आयोजन स्थल: Zimbabwe 🇿🇼 और Namibia 🇳🇦
🏏 संस्करण: 16वाँ अंडर-19 वर्ल्ड कप
🔥 Most Runs: Ben Mayes (England) – 444 रन
🎯 Most Wickets: Manny Lumsden (England) – 16 विकेट
💥 फाइनल मैच - वैभव सूर्यवंशी ( 80 गेंदों में 175 रन )
ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश !
1 जनवरी 2026 से गाड़ियों के आगे पीछे की फोटो खींचकर बनाए गए चालान कोर्ट में मान्य नहीं होंगे।*
*ड्राइवर के हस्ताक्षर होना अनिवार्य!!*
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश !
1 जनवरी 2026 से गाड़ियों के आगे पीछे की फोटो खींचकर बनाए गए चालान कोर्ट में मान्य नहीं होंगे।*
*ड्राइवर के हस्ताक्षर होना अनिवार्य!!*
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📣राजस्थान 4th Grade (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) भर्ती 2025 : 2 गुणा की संशोधित कट ऑफ जारी (Out of 200)
अब कट ऑफ 2 नंबर कम हुई, 2nd शिफ्ट में 1 प्रश्न का उत्तर बदलने से अभ्यर्थियों के रिजल्ट में हुआ बदलाव
❇️भारत-अमेरिका व्यापार संबंध: नई संभावनाएं, चुनौतियां और आगे की राह‼️
हाल ही में वैश्विक व्यापार परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौते के ठीक बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक नए व्यापार ढांचे की घोषणा ने कूटनीतिक और आर्थिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर कुल शुल्क (Tariff) को 50% से घटाकर 18% करने का निर्णय लिया है। इसके बदले में, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा नीतियों में बदलाव करते हुए रूसी तेल की खरीद बंद कर अमेरिकी और वेनेजुएला के स्रोतों से तेल आयात करने और 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान (ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि उत्पाद) खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। यह घटनाक्रम भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक हितों के बीच एक नए संतुलन का संकेत है।
*आर्थिक और भू-राजनीतिक दृष्टिकोण*
* *कृषि क्षेत्र की चुनौतियां और अवसर:* अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा मक्का, सोयाबीन और इथेनॉल उत्पादक है। अमेरिकी कृषि की उत्पादकता (जैसे मक्का में 11 टन/हेक्टेयर) भारत (3.5 टन/हेक्टेयर) की तुलना में बहुत अधिक है। यदि भारत इन प्रमुख फसलों के लिए अपना बाजार खोलता है, तो यह भारतीय किसानों के लिए विनाशकारी हो सकता है। भारत को लो-हैंगिंग फ्रूट (Low-hanging fruit) के सिद्धांत को अपनाना चाहिए अर्थात बादाम, अखरोट और ब्लूबेरी जैसे उत्पाद, जिनका भारत में उत्पादन नगण्य है, पर उच्च आयात शुल्क (100%) रखना अनुचित है। इन पर शुल्क घटाने से व्यापार वार्ता में गति आ सकती है।
* *भू-राजनीतिक समीकरण (Trilemma):* अर्थशास्त्री इसे भारत के लिए एक ट्रिलेमा मानते हैं एक साथ रूसी तेल, पूर्ण रणनीतिक स्वायत्तता और अमेरिकी बाजार के साथ गहरा एकीकरण संभव नहीं है। भारत ने स्पष्ट रूप से संस्थागत विश्वसनीयता और निर्यात प्रोत्साहन के लिए अमेरिका के साथ जाने का विकल्प चुना है।
* *नीतिगत अनिश्चितता:* यूरोपीय संघ के नियम-आधारित व्यापार के विपरीत, अमेरिकी व्यापार नीति में नेतृत्व परिवर्तन के साथ बैकस्लाइडिंग (वापसी) का जोखिम बना रहता है, जिसे ध्यान में रखना आवश्यक है।
*सामाजिक प्रभाव*
* *कृषक वर्ग:* यदि अमेरिका के दबाव में आकर डेयरी या अनाज का बाजार खोला गया, तो भारत के छोटे किसानों की आय पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
* *उपभोक्ता और मध्यम वर्ग* : मेवे (Dry fruits) और अन्य प्रीमियम कृषि उत्पादों पर शुल्क कम होने से शहरी मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी।
* *रोजगार:* टेक्सटाइल, रत्न और आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर अमेरिकी शुल्क कम होने से भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
भारत को अमेरिका के साथ व्यापार में एक लचीला और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। मैक्सिमलिस्ट अत्यधिक रक्षात्मक होने के बजाय, भारत को उन क्षेत्रों में उदारीकरण करना चाहिए जहाँ घरेलू प्रतिस्पर्धा को खतरा नहीं है। साथ ही, अमेरिकी नीतियों की अस्थिरता को देखते हुए, भारत के लिए यह अनिवार्य है कि वह यूरोपीय संघ जैसे अन्य भागीदारों के साथ अपने संबंधों को गहरा करे और अपनी अर्थव्यवस्था में विविधीकरण (Diversification) लाए। घरेलू किसानों के हितों की रक्षा करते हुए निर्यात के अवसरों को भुनाना ही इस कूटनीति की सफलता होगी।
हाल ही में वैश्विक व्यापार परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौते के ठीक बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक नए व्यापार ढांचे की घोषणा ने कूटनीतिक और आर्थिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर कुल शुल्क (Tariff) को 50% से घटाकर 18% करने का निर्णय लिया है। इसके बदले में, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा नीतियों में बदलाव करते हुए रूसी तेल की खरीद बंद कर अमेरिकी और वेनेजुएला के स्रोतों से तेल आयात करने और 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान (ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि उत्पाद) खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। यह घटनाक्रम भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक हितों के बीच एक नए संतुलन का संकेत है।
*आर्थिक और भू-राजनीतिक दृष्टिकोण*
* *कृषि क्षेत्र की चुनौतियां और अवसर:* अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा मक्का, सोयाबीन और इथेनॉल उत्पादक है। अमेरिकी कृषि की उत्पादकता (जैसे मक्का में 11 टन/हेक्टेयर) भारत (3.5 टन/हेक्टेयर) की तुलना में बहुत अधिक है। यदि भारत इन प्रमुख फसलों के लिए अपना बाजार खोलता है, तो यह भारतीय किसानों के लिए विनाशकारी हो सकता है। भारत को लो-हैंगिंग फ्रूट (Low-hanging fruit) के सिद्धांत को अपनाना चाहिए अर्थात बादाम, अखरोट और ब्लूबेरी जैसे उत्पाद, जिनका भारत में उत्पादन नगण्य है, पर उच्च आयात शुल्क (100%) रखना अनुचित है। इन पर शुल्क घटाने से व्यापार वार्ता में गति आ सकती है।
* *भू-राजनीतिक समीकरण (Trilemma):* अर्थशास्त्री इसे भारत के लिए एक ट्रिलेमा मानते हैं एक साथ रूसी तेल, पूर्ण रणनीतिक स्वायत्तता और अमेरिकी बाजार के साथ गहरा एकीकरण संभव नहीं है। भारत ने स्पष्ट रूप से संस्थागत विश्वसनीयता और निर्यात प्रोत्साहन के लिए अमेरिका के साथ जाने का विकल्प चुना है।
* *नीतिगत अनिश्चितता:* यूरोपीय संघ के नियम-आधारित व्यापार के विपरीत, अमेरिकी व्यापार नीति में नेतृत्व परिवर्तन के साथ बैकस्लाइडिंग (वापसी) का जोखिम बना रहता है, जिसे ध्यान में रखना आवश्यक है।
*सामाजिक प्रभाव*
* *कृषक वर्ग:* यदि अमेरिका के दबाव में आकर डेयरी या अनाज का बाजार खोला गया, तो भारत के छोटे किसानों की आय पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
* *उपभोक्ता और मध्यम वर्ग* : मेवे (Dry fruits) और अन्य प्रीमियम कृषि उत्पादों पर शुल्क कम होने से शहरी मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी।
* *रोजगार:* टेक्सटाइल, रत्न और आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर अमेरिकी शुल्क कम होने से भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
भारत को अमेरिका के साथ व्यापार में एक लचीला और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। मैक्सिमलिस्ट अत्यधिक रक्षात्मक होने के बजाय, भारत को उन क्षेत्रों में उदारीकरण करना चाहिए जहाँ घरेलू प्रतिस्पर्धा को खतरा नहीं है। साथ ही, अमेरिकी नीतियों की अस्थिरता को देखते हुए, भारत के लिए यह अनिवार्य है कि वह यूरोपीय संघ जैसे अन्य भागीदारों के साथ अपने संबंधों को गहरा करे और अपनी अर्थव्यवस्था में विविधीकरण (Diversification) लाए। घरेलू किसानों के हितों की रक्षा करते हुए निर्यात के अवसरों को भुनाना ही इस कूटनीति की सफलता होगी।
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❇️भारत ने रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स, 2026 में "16वाँ" स्थान हासिल किया
📝 India ने Responsible Nations Index, 2026 में 16वाँ स्थान (154 देशों में) प्राप्त किया है।
📝 यह रैंकिंग देशों की वैश्विक जिम्मेदारी (Global Responsibility) के आधार पर की जाती है।
📝 इस सूचकांक की रूपरेखा दिल्ली स्थित विश्व बौद्धिक फाउंडेशन (डब्ल्यूआईएफ) द्वारा नई दिल्ली में लॉन्च की गई थी।
▪️इस इंडेक्स में टॉप 3 देश
1. सिंगापुर
2. स्विट्जरलैंड
3. डेनमार्क
📝 India ने Responsible Nations Index, 2026 में 16वाँ स्थान (154 देशों में) प्राप्त किया है।
📝 यह रैंकिंग देशों की वैश्विक जिम्मेदारी (Global Responsibility) के आधार पर की जाती है।
📝 इस सूचकांक की रूपरेखा दिल्ली स्थित विश्व बौद्धिक फाउंडेशन (डब्ल्यूआईएफ) द्वारा नई दिल्ली में लॉन्च की गई थी।
▪️इस इंडेक्स में टॉप 3 देश
1. सिंगापुर
2. स्विट्जरलैंड
3. डेनमार्क
“कल प्रयागराज में बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित बैठक हुई। बैठक में मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने कहा कि इस वर्ष भर्ती होगी।”
❇️उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग कुल आवेदन‼️
■ SI & ASI 2025-59,012✅
【कुल पद-537】
■ Computer Operator-91,012✅
【कुल पद-1352】
■ Constable-28.85 लाख✅
【 कुल पद-32,679】
■ SI & ASI 2025-59,012✅
【कुल पद-537】
■ Computer Operator-91,012✅
【कुल पद-1352】
■ Constable-28.85 लाख✅
【 कुल पद-32,679】
लोवर पीसीएस से प्रस्तावित विज्ञापन
मंडी इंस्पेक्टर+ पर्यवेक्षक 323+ 46
सहायक चकबंदी अधिकारी – 168
सहायक कोषागार लेखाकार - 548
लेखा परीक्षक सहकारी समिति एवं पंचायत निदेशालय – 419
अधिशासी अधिकारी – 283
विपणन निरीक्षक – 118
पूर्ति निरीक्षक – 40
खांडसारी निरीक्षक – 34
कर अधिकारी पंचायती राज – 25+
अपर जिला सूचना अधिकारी – 10
जिला समाज उत्थान एवं मद्यनिषेध अधिकारी – 20
क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं विकास दल अधिकारी – 300+ पोस्ट
बाट माप निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक नगर विकास – 50 के आसपास ( नव सृजित पदों सहित)
सहायक उद्यान निरीक्षक – 88
मत्स्य निरीक्षक+ मत्स्य विकास अधिकारी – 110
साइंटिफिक अस्सिटेंट (पीजी) — 15
रेशम विकास अधिकारी
एडीओ कॉपरेटिव – 545
UDA
विधिक सहायक
अन्य – 100
पूर्व में भी उपरोक्त पद लोअर पीसीएस के माध्यम से ही आते रहे हैं। इसमें से कुछ सिंपल ग्रेजुएशन वाले हैं और कुछ विशिष्ट सब्जेक्ट से स्नातक वाले। उपरोक्त पदों में कुछ का आरक्षण क्लियर हो गया है और कुछ का अभी प्रोसेस में है। हम प्रयास कर रहे हैं कि उपरोक्त में से अधिकतम पदों का कंबाइंड लोअर पीसीएस से ही विज्ञापन आए। कम से कम सिंपल ग्रेजुएशन वाले पदों का तो एक साथ ही आना चाहिए ,जिससे अधिक से अधिक लोगों को मौका मिले। आयोग गए कुछ लोगों से सचिव जी ने भी कहा है कि 2200+ पदों पर कंबाइंड विज्ञापन निकालने की आयोग की योजना है।
मंडी इंस्पेक्टर+ पर्यवेक्षक 323+ 46
सहायक चकबंदी अधिकारी – 168
सहायक कोषागार लेखाकार - 548
लेखा परीक्षक सहकारी समिति एवं पंचायत निदेशालय – 419
अधिशासी अधिकारी – 283
विपणन निरीक्षक – 118
पूर्ति निरीक्षक – 40
खांडसारी निरीक्षक – 34
कर अधिकारी पंचायती राज – 25+
अपर जिला सूचना अधिकारी – 10
जिला समाज उत्थान एवं मद्यनिषेध अधिकारी – 20
क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं विकास दल अधिकारी – 300+ पोस्ट
बाट माप निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक नगर विकास – 50 के आसपास ( नव सृजित पदों सहित)
सहायक उद्यान निरीक्षक – 88
मत्स्य निरीक्षक+ मत्स्य विकास अधिकारी – 110
साइंटिफिक अस्सिटेंट (पीजी) — 15
रेशम विकास अधिकारी
एडीओ कॉपरेटिव – 545
UDA
विधिक सहायक
अन्य – 100
पूर्व में भी उपरोक्त पद लोअर पीसीएस के माध्यम से ही आते रहे हैं। इसमें से कुछ सिंपल ग्रेजुएशन वाले हैं और कुछ विशिष्ट सब्जेक्ट से स्नातक वाले। उपरोक्त पदों में कुछ का आरक्षण क्लियर हो गया है और कुछ का अभी प्रोसेस में है। हम प्रयास कर रहे हैं कि उपरोक्त में से अधिकतम पदों का कंबाइंड लोअर पीसीएस से ही विज्ञापन आए। कम से कम सिंपल ग्रेजुएशन वाले पदों का तो एक साथ ही आना चाहिए ,जिससे अधिक से अधिक लोगों को मौका मिले। आयोग गए कुछ लोगों से सचिव जी ने भी कहा है कि 2200+ पदों पर कंबाइंड विज्ञापन निकालने की आयोग की योजना है।
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❇️BPSC शिक्षक भर्ती TRE-4 में बड़ा बदलाव !
▪️बिहार सरकार BPSC शिक्षक भर्ती के TRE 4 में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब एक कैंडिडेट-एक रिजल्ट की नीति लागू होगी। पहले की भर्तियों में एक ही कैंडिडेट का रिजल्ट प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक तीनों के लिए हो जाता था। इससे कई सीटें खाली रह जाती थीं। नए नियम से अब एक सीट पर एक ही कैंडिडेट का रिजल्ट होगा, जिससे अब सीट खाली नहीं बचेगा। बता दें कि TRE-4 के तहत लगभग 44000 शिक्षकों की भर्ती होनी है..!!
▪️बिहार सरकार BPSC शिक्षक भर्ती के TRE 4 में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब एक कैंडिडेट-एक रिजल्ट की नीति लागू होगी। पहले की भर्तियों में एक ही कैंडिडेट का रिजल्ट प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक तीनों के लिए हो जाता था। इससे कई सीटें खाली रह जाती थीं। नए नियम से अब एक सीट पर एक ही कैंडिडेट का रिजल्ट होगा, जिससे अब सीट खाली नहीं बचेगा। बता दें कि TRE-4 के तहत लगभग 44000 शिक्षकों की भर्ती होनी है..!!
झारखंड स्वास्थ्य कार्यकर्ता ANM 2025 भर्ती परीक्षा तिथि जारी
कुल पद-3181
परीक्षा 19 March 2026 को
कुल पद-3181
परीक्षा 19 March 2026 को
15 को भारत के साथ मैच खेलेगा पाकिस्तान, औपचारिक ऐलान बाकी
पाकिस्तान की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि “बांग्लादेश और श्रीलंका के अनुरोध पर पाकिस्तान ने 15 फ़रवरी को भारत के साथ टीट्वेंटी मैच खेलना कब़ूल कर लिया है”
पाकिस्तान की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि “बांग्लादेश और श्रीलंका के अनुरोध पर पाकिस्तान ने 15 फ़रवरी को भारत के साथ टीट्वेंटी मैच खेलना कब़ूल कर लिया है”