बेटियाँ हमारी संस्कृति और विरासत की ध्वजवाहक हैं।
24 जनवरी राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सभी बेटियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
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अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस
24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश की स्थापना हुई।
राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) का पहली बार ध्वजारोहण
24 जनवरी 1924 को नागपुर में कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार तिरंगा फहराया गया।
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Day of the Girl Child)
यह 11 अक्टूबर को मनाया जाता है।
24 जनवरी राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सभी बेटियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
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अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस
24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश की स्थापना हुई।
राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) का पहली बार ध्वजारोहण
24 जनवरी 1924 को नागपुर में कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार तिरंगा फहराया गया।
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Day of the Girl Child)
यह 11 अक्टूबर को मनाया जाता है।
अगला result typing का आएगा जब भी आए 31 जनवरी तक या फरवरी के पहले सप्ताह 🙂 💐
सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2026
✅ व्यक्तिगत श्रेणी: लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के
✅ संस्थागत श्रेणी: सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
✅ व्यक्तिगत श्रेणी: लेफ्टिनेंट कर्नल सीता अशोक शेल्के
✅ संस्थागत श्रेणी: सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
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1. संघ और उसके राज्य क्षेत्र एवं नागरिकता (अनुच्छेद 1-11)
अनुच्छेद 1: संघ का नाम और राज्य क्षेत्र।
अनुच्छेद 2: नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना।
अनुच्छेद 3: नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन।
अनुच्छेद 5: संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता।
अनुच्छेद 11: संसद द्वारा नागरिकता के अधिकार का विधि द्वारा विनियमन।
2. मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12-35) - अति महत्वपूर्ण
अनुच्छेद 14: कानून के समक्ष समानता।
अनुच्छेद 15: धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध।
अनुच्छेद 16: लोक नियोजन के विषयों में अवसर की समानता।
अनुच्छेद 17: अस्पृश्यता का अंत (Abolition of Untouchability) - सबसे ज्यादा पूछा गया।
अनुच्छेद 18: उपाधियों का अंत।
अनुच्छेद 19: वाक्-स्वतंत्रता (अभिव्यक्ति की आजादी) के अधिकार।
अनुच्छेद 21: प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण (Right to Life)।
अनुच्छेद 21A: शिक्षा का अधिकार (86वां संशोधन)।
अनुच्छेद 23: मानव तस्करी और जबरन श्रम पर रोक।
अनुच्छेद 24: कारखानों में बालकों के नियोजन का निषेध।
अनुच्छेद 25: अंतःकरण की और धर्म के अबाध रूप से मानने की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 32: संवैधानिक उपचारों का अधिकार (डॉ. अंबेडकर ने इसे संविधान की 'हृदय और आत्मा' कहा था)।
3. राज्य के नीति निर्देशक तत्व और मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 36-51A)
अनुच्छेद 39A: समान न्याय और नि:शुल्क विधिक सहायता।
अनुच्छेद 40: ग्राम पंचायतों का संगठन।
अनुच्छेद 44: नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता (UCC)।
अनुच्छेद 45: बालकों के लिए नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का उपबंध।
अनुच्छेद 48A: पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन।
अनुच्छेद 50: कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण।
अनुच्छेद 51: अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि।
अनुच्छेद 51A: मौलिक कर्तव्य (स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर)।
4. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति (अनुच्छेद 52-73)
अनुच्छेद 52: भारत का राष्ट्रपति।
अनुच्छेद 54: राष्ट्रपति का निर्वाचन।
अनुच्छेद 60: राष्ट्रपति द्वारा शपथ।
अनुच्छेद 61: राष्ट्रपति पर चलाए जाने वाले महाभियोग (Impeachment) की प्रक्रिया।
अनुच्छेद 72: राष्ट्रपति की क्षमादान की शक्ति।
अनुच्छेद 63: भारत का उपराष्ट्रपति।
5. केंद्रीय मंत्रिपरिषद और अटॉर्नी जनरल
अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद।
अनुच्छेद 76: भारत का महान्यायवादी (Attorney General)।
अनुच्छेद 78: राष्ट्रपति को जानकारी देने के संबंध में प्रधानमंत्री के कर्तव्य।
6. संसद और विधायी प्रक्रिया (अनुच्छेद 79-123)
अनुच्छेद 79: संसद का गठन।
अनुच्छेद 80: राज्यसभा की संरचना।
अनुच्छेद 81: लोकसभा की संरचना।
अनुच्छेद 108: कुछ दशाओं में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting)।
अनुच्छेद 110: धन विधेयक (Money Bill) की परिभाषा।
अनुच्छेद 112: वार्षिक वित्तीय विवरण (Budget)।
अनुच्छेद 123: राष्ट्रपति की अध्यादेश (Ordinance) जारी करने की शक्ति।
7. न्यायपालिका और CAG
अनुच्छेद 124: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना और गठन।
अनुच्छेद 129: उच्चतम न्यायालय का 'अभिलेख न्यायालय' होना।
अनुच्छेद 143: उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति।
अनुच्छेद 148: भारत का नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (CAG)।
8. राज्यपाल और राज्य विधानमंडल
अनुच्छेद 153: राज्यों के राज्यपाल।
अनुच्छेद 161: राज्यपाल की क्षमादान शक्ति।
अनुच्छेद 165: राज्य का महाधिवक्ता (Advocate General)।
अनुच्छेद 213: राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति।
अनुच्छेद 214: राज्यों के लिए उच्च न्यायालय (High Court)।
अनुच्छेद 226: उच्च न्यायालय की रिट (Writ) जारी करने की शक्ति।
9. अन्य महत्वपूर्ण अनुच्छेद
अनुच्छेद 243: पंचायती राज (परिभाषाएं और गठन)।
अनुच्छेद 266: भारत की संचित निधि।
अनुच्छेद 267: आकस्मिकता निधि (Contingency Fund)।
अनुच्छेद 280: वित्त आयोग (Finance Commission)।
अनुच्छेद 300A: संपत्ति का अधिकार (अब केवल विधिक अधिकार है)।
अनुच्छेद 312: अखिल भारतीय सेवाएं (IAS, IPS, IFS)।
अनुच्छेद 315: संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग (UPSC/UPPSC)।
अनुच्छेद 324: निर्वाचन आयोग का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण।
अनुच्छेद 338: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग।
अनुच्छेद 343: संघ की राजभाषा (हिंदी)।
अनुच्छेद 352: राष्ट्रीय आपातकाल।
अनुच्छेद 356: राज्यों में राष्ट्रपति शासन।
अनुच्छेद 360: वित्तीय आपातकाल।
अनुच्छेद 368: संविधान संशोधन करने की संसद की शक्ति।
अनुच्छेद 370: जम्मू-कश्मीर से संबंधित विशेष प्रावधान (अब निष्प्रभावी)।
टिप: UPSI में अनुच्छेदों को सीधे पूछने के साथ-साथ 'मैच द फॉलोइंग' के रूप में भी पूछा जाता है। अनुच्छेद 14-32 और 352-360 पर विशेष ध्यान दें।
अनुच्छेद 1: संघ का नाम और राज्य क्षेत्र।
अनुच्छेद 2: नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना।
अनुच्छेद 3: नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन।
अनुच्छेद 5: संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता।
अनुच्छेद 11: संसद द्वारा नागरिकता के अधिकार का विधि द्वारा विनियमन।
2. मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12-35) - अति महत्वपूर्ण
अनुच्छेद 14: कानून के समक्ष समानता।
अनुच्छेद 15: धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध।
अनुच्छेद 16: लोक नियोजन के विषयों में अवसर की समानता।
अनुच्छेद 17: अस्पृश्यता का अंत (Abolition of Untouchability) - सबसे ज्यादा पूछा गया।
अनुच्छेद 18: उपाधियों का अंत।
अनुच्छेद 19: वाक्-स्वतंत्रता (अभिव्यक्ति की आजादी) के अधिकार।
अनुच्छेद 21: प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण (Right to Life)।
अनुच्छेद 21A: शिक्षा का अधिकार (86वां संशोधन)।
अनुच्छेद 23: मानव तस्करी और जबरन श्रम पर रोक।
अनुच्छेद 24: कारखानों में बालकों के नियोजन का निषेध।
अनुच्छेद 25: अंतःकरण की और धर्म के अबाध रूप से मानने की स्वतंत्रता।
अनुच्छेद 32: संवैधानिक उपचारों का अधिकार (डॉ. अंबेडकर ने इसे संविधान की 'हृदय और आत्मा' कहा था)।
3. राज्य के नीति निर्देशक तत्व और मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 36-51A)
अनुच्छेद 39A: समान न्याय और नि:शुल्क विधिक सहायता।
अनुच्छेद 40: ग्राम पंचायतों का संगठन।
अनुच्छेद 44: नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता (UCC)।
अनुच्छेद 45: बालकों के लिए नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का उपबंध।
अनुच्छेद 48A: पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन।
अनुच्छेद 50: कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण।
अनुच्छेद 51: अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि।
अनुच्छेद 51A: मौलिक कर्तव्य (स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर)।
4. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति (अनुच्छेद 52-73)
अनुच्छेद 52: भारत का राष्ट्रपति।
अनुच्छेद 54: राष्ट्रपति का निर्वाचन।
अनुच्छेद 60: राष्ट्रपति द्वारा शपथ।
अनुच्छेद 61: राष्ट्रपति पर चलाए जाने वाले महाभियोग (Impeachment) की प्रक्रिया।
अनुच्छेद 72: राष्ट्रपति की क्षमादान की शक्ति।
अनुच्छेद 63: भारत का उपराष्ट्रपति।
5. केंद्रीय मंत्रिपरिषद और अटॉर्नी जनरल
अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद।
अनुच्छेद 76: भारत का महान्यायवादी (Attorney General)।
अनुच्छेद 78: राष्ट्रपति को जानकारी देने के संबंध में प्रधानमंत्री के कर्तव्य।
6. संसद और विधायी प्रक्रिया (अनुच्छेद 79-123)
अनुच्छेद 79: संसद का गठन।
अनुच्छेद 80: राज्यसभा की संरचना।
अनुच्छेद 81: लोकसभा की संरचना।
अनुच्छेद 108: कुछ दशाओं में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting)।
अनुच्छेद 110: धन विधेयक (Money Bill) की परिभाषा।
अनुच्छेद 112: वार्षिक वित्तीय विवरण (Budget)।
अनुच्छेद 123: राष्ट्रपति की अध्यादेश (Ordinance) जारी करने की शक्ति।
7. न्यायपालिका और CAG
अनुच्छेद 124: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना और गठन।
अनुच्छेद 129: उच्चतम न्यायालय का 'अभिलेख न्यायालय' होना।
अनुच्छेद 143: उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति।
अनुच्छेद 148: भारत का नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (CAG)।
8. राज्यपाल और राज्य विधानमंडल
अनुच्छेद 153: राज्यों के राज्यपाल।
अनुच्छेद 161: राज्यपाल की क्षमादान शक्ति।
अनुच्छेद 165: राज्य का महाधिवक्ता (Advocate General)।
अनुच्छेद 213: राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति।
अनुच्छेद 214: राज्यों के लिए उच्च न्यायालय (High Court)।
अनुच्छेद 226: उच्च न्यायालय की रिट (Writ) जारी करने की शक्ति।
9. अन्य महत्वपूर्ण अनुच्छेद
अनुच्छेद 243: पंचायती राज (परिभाषाएं और गठन)।
अनुच्छेद 266: भारत की संचित निधि।
अनुच्छेद 267: आकस्मिकता निधि (Contingency Fund)।
अनुच्छेद 280: वित्त आयोग (Finance Commission)।
अनुच्छेद 300A: संपत्ति का अधिकार (अब केवल विधिक अधिकार है)।
अनुच्छेद 312: अखिल भारतीय सेवाएं (IAS, IPS, IFS)।
अनुच्छेद 315: संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग (UPSC/UPPSC)।
अनुच्छेद 324: निर्वाचन आयोग का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण।
अनुच्छेद 338: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग।
अनुच्छेद 343: संघ की राजभाषा (हिंदी)।
अनुच्छेद 352: राष्ट्रीय आपातकाल।
अनुच्छेद 356: राज्यों में राष्ट्रपति शासन।
अनुच्छेद 360: वित्तीय आपातकाल।
अनुच्छेद 368: संविधान संशोधन करने की संसद की शक्ति।
अनुच्छेद 370: जम्मू-कश्मीर से संबंधित विशेष प्रावधान (अब निष्प्रभावी)।
टिप: UPSI में अनुच्छेदों को सीधे पूछने के साथ-साथ 'मैच द फॉलोइंग' के रूप में भी पूछा जाता है। अनुच्छेद 14-32 और 352-360 पर विशेष ध्यान दें।
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❇️UPSSSC JE (सिविल) 2024 exam is expected in March last/ अप्रैल‼️
▪️UPSSSC कनिष्क सहायक (junior assistant) भर्ती 2026
▪️पदों की संख्या : 4000+
योग्यता : इंटरमीडिएट + CCC
▪️स्वीकृत विज्ञापन
Upsssc पेट 2026...
▪️UPSSSC कनिष्क सहायक (junior assistant) भर्ती 2026
▪️पदों की संख्या : 4000+
योग्यता : इंटरमीडिएट + CCC
▪️स्वीकृत विज्ञापन
Upsssc पेट 2026...
हार्ट अटैक की संख्या दिन प्रतिदिन् बढ़ती जा रही है..आप सबके हिसाब से मेन रीजन क्या हो सकता है ,?
खराब लाइफस्टाइल ♥️
वैक्सीन 🔥
अन्य रीजन 👍
खराब लाइफस्टाइल ♥️
वैक्सीन 🔥
अन्य रीजन 👍
❤10🔥7👍2
✴ RSSB : Lab Assistant भर्ती 2026 की 804 पदों पर विस्तृत विज्ञप्ति जारी
💠 योग्यता - 12वी पास (CET की आवश्यकता नहीं..)
💠 ऑनलाइन आवेदन 27 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक भरे जाएंगे
💠 योग्यता - 12वी पास (CET की आवश्यकता नहीं..)
💠 ऑनलाइन आवेदन 27 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक भरे जाएंगे
UP-Ecce एजुकेटर बहराइच जनपद की भर्ती रद्द नोटिस जारी
नई सिरे से एजेंसी का चयन होगा उसके बाद आवेदन शुरू होगा
नई सिरे से एजेंसी का चयन होगा उसके बाद आवेदन शुरू होगा
सावधान...!!!
अगर आप इलेक्ट्रिक geyser की जगह गैस geyser लगवा रहे है तो इस बात का ध्यान दे कि बाथरूम में बाहरी हवा का आवागमन होता रहे अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो गैस geyser बाथरूम की सारी ऑक्सीजन को खींचकर कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली हवा को अन्दर छोड़ देगा जिससे आपकी अंदर ही मौत हो सकती है...!!!
सावधान रहे सतर्क रहे 🙏
अगर आप इलेक्ट्रिक geyser की जगह गैस geyser लगवा रहे है तो इस बात का ध्यान दे कि बाथरूम में बाहरी हवा का आवागमन होता रहे अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो गैस geyser बाथरूम की सारी ऑक्सीजन को खींचकर कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली हवा को अन्दर छोड़ देगा जिससे आपकी अंदर ही मौत हो सकती है...!!!
सावधान रहे सतर्क रहे 🙏
बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर।
भारत में खेलने से इनकार किया था।
ICC ने उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया।
#Currentaffairs
भारत में खेलने से इनकार किया था।
ICC ने उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया।
#Currentaffairs
❇️TGT/PGT नई भर्ती मार्च-अप्रैल में‼️
▪️TGT में पदों की संख्या 🔜 18000±
▪️PGT में पदों की संख्या 🔜2700±
▪️TGT में पदों की संख्या 🔜 18000±
▪️PGT में पदों की संख्या 🔜2700±
❇️यूपी में पंचायत चुनाव टलना लगभग तय: अप्रैल-मई में नहीं, विधानसभा चुनाव के बाद होंगे‼️
❤5🤯1
❇️मध्यप्रदेश पुलिस कांस्टेबल 2025 परिणाम जारी‼️
● कुल पद-7500
● 59,438 अभ्यर्थी द्वितीय चरण हेतु पात्र
● कुल पद-7500
● 59,438 अभ्यर्थी द्वितीय चरण हेतु पात्र
भारत सुरक्षित है क्योंकि उसकी नींव में
शहीदों का बलिदान है...
🇮🇳 Happy Republic day
Jai Hind 🇮🇳
शहीदों का बलिदान है...
🇮🇳 Happy Republic day
Jai Hind 🇮🇳
❤4
❇️पद्म विभूषण प्राप्तकर्ता
1- श्री धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत)- कला - महाराष्ट्र
2-श्री के टी थॉमस- सार्वजनिक मामले- केरल
4- श्री पी नारायणन-साहित्य एवं शिक्षा- केरल
5-श्री वी एस अच्युतानंदन (मरणोपरांत)- सार्वजनिक मामले- केरल
1- श्री धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत)- कला - महाराष्ट्र
2-श्री के टी थॉमस- सार्वजनिक मामले- केरल
3-सुश्री एन राजम-कला उत्तर प्रदेश
4- श्री पी नारायणन-साहित्य एवं शिक्षा- केरल
5-श्री वी एस अच्युतानंदन (मरणोपरांत)- सार्वजनिक मामले- केरल
*यूजीसी बिल के नए प्रावधानों पर घिरी मोदी सरकार, बिल से बीजेपी की रीढ़ सवर्णों में भारी नाराजगी*...
लगता है पिछले कुछ वर्षों में सवर्णों को एक खास टारगेट किया जा रहा है।
जिसके कई उदाहरण देखने को मिले हैं।
बावजूद इसके सवर्ण समाज राष्ट्र निर्माण की कल्पना मात्र से ही इन अपमानों का कड़वा घूट पीने को है मजबूर।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाकर मोदी सरकार ने एससी एसटी एक्ट पर अध्यादेश के जरिए फैसला पलट दिया।
सवर्णों में खामोशी रही क्योंकि वह हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना में मशगूल थे।
बीच-बीच में अपने कई विवादित फैसलों से मोदी सरकार सवर्णों के मूलभूत अधिकारों पर हमला करती रही है।
लेकिन सवर्ण समाज हर बार राष्ट्र और धर्म के नाम पर मोदी सरकार द्वारा लिए गए इन कड़वे और समाज विरोधी फैसलों को सहने पर मजबूर हुआ।
क्योंकि सवर्ण समाज नेतृत्वकर्ता रहा, देश के लिए वह अपनी जिम्मेदारियों से भागा नहीं बल्कि अग्रिम मोर्चे पर डटा रहा।
अब जब मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित यूजीसी बिल जो सवर्ण छात्रों को पंगु बनाने वाला बिल है।
तो इसके खिलाफ भयानक आक्रोश सवर्ण समाज के हर तबके में नजर आ रहा है।
मोदी सरकार ने अपने फैसले से साबित कर दिया है कि वह सत्ता की राजनीति के लिए किसी भी स्तर तक जा सकते हैं।
इसके लिए चाहे कोई समाज नाराज हो या किसी का नुकसान हो या किसी का अपमान हो इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
लगता है पिछले कुछ वर्षों में सवर्णों को एक खास टारगेट किया जा रहा है।
जिसके कई उदाहरण देखने को मिले हैं।
बावजूद इसके सवर्ण समाज राष्ट्र निर्माण की कल्पना मात्र से ही इन अपमानों का कड़वा घूट पीने को है मजबूर।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाकर मोदी सरकार ने एससी एसटी एक्ट पर अध्यादेश के जरिए फैसला पलट दिया।
सवर्णों में खामोशी रही क्योंकि वह हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना में मशगूल थे।
बीच-बीच में अपने कई विवादित फैसलों से मोदी सरकार सवर्णों के मूलभूत अधिकारों पर हमला करती रही है।
लेकिन सवर्ण समाज हर बार राष्ट्र और धर्म के नाम पर मोदी सरकार द्वारा लिए गए इन कड़वे और समाज विरोधी फैसलों को सहने पर मजबूर हुआ।
क्योंकि सवर्ण समाज नेतृत्वकर्ता रहा, देश के लिए वह अपनी जिम्मेदारियों से भागा नहीं बल्कि अग्रिम मोर्चे पर डटा रहा।
अब जब मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित यूजीसी बिल जो सवर्ण छात्रों को पंगु बनाने वाला बिल है।
तो इसके खिलाफ भयानक आक्रोश सवर्ण समाज के हर तबके में नजर आ रहा है।
मोदी सरकार ने अपने फैसले से साबित कर दिया है कि वह सत्ता की राजनीति के लिए किसी भी स्तर तक जा सकते हैं।
इसके लिए चाहे कोई समाज नाराज हो या किसी का नुकसान हो या किसी का अपमान हो इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
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