❇️मिशन सुदर्शन : सीमाओं का सुरक्षा कवच.....अगले 10 सालो तक देश की वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना और देश की सुरक्षा के अभेद्द कवच
✴️बिहार : हर फॉर्म की फीस अब 100 रुपए....मुख्य परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं...!!
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❇️निजी क्षेत्रों में पहली नौकरी पर युवाओं को मिलेगा 15 हजार प्रोत्साहन राशि....!
"वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्।
देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥"
माखन चोर, मुरली वाले आज है नंदलाल का जन्मदिन!
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं💐
देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥"
माखन चोर, मुरली वाले आज है नंदलाल का जन्मदिन!
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं💐
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TARGET POINTERS pinned «✴️2025 के आगामी टीचिंग एग्ज़ाम की तारीखें 1️⃣ 📍 Rajasthan TGT 2024 – 🗓 7 से 12 सितंबर 2025 2️⃣ 📍 West Bengal TGT/PGT – 🗓 7 और 14 सितंबर 2025 3️⃣ 📍 UP TGT 2022 – 🗓 18 और 19 दिसंबर 2025 4️⃣ 📍 UP PGT 2022 – 🗓 15 और 16 अक्टूबर 2025 5️⃣ 📍 DSSSB TGT 2023-24…»
❇️UPSI EXAM DATE 2025❓
▪️उत्तर प्रदेश दारोगा भर्ती परीक्षा तिथि के बार में अभी कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है और तो और अभी इस संदर्भ में कोई बैठक भी नहीं हुआ है
🔸जहां से न्यूज मिल रहा पूर्णतः मनगढ़ंत है💯
▪️फालतू में परेशान होकर इधर उधर मत भटक जाना ,आराम से बढ़िया से एवं मन को कंठस्थ करके तैयारी करना ,इस वर्ष परीक्षा होने की संभावना शून्य है, परीक्षा आपकी अगले वर्ष ही होगी ,कब होगी जैसे ही कोई अपडेट मिलेगी बता देंगे, फिलहाल इस वर्ष नहीं है!
ज्वाइन करें 🔜 @TargetPointers
▪️उत्तर प्रदेश दारोगा भर्ती परीक्षा तिथि के बार में अभी कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है और तो और अभी इस संदर्भ में कोई बैठक भी नहीं हुआ है
🔸जहां से न्यूज मिल रहा पूर्णतः मनगढ़ंत है💯
▪️फालतू में परेशान होकर इधर उधर मत भटक जाना ,आराम से बढ़िया से एवं मन को कंठस्थ करके तैयारी करना ,इस वर्ष परीक्षा होने की संभावना शून्य है, परीक्षा आपकी अगले वर्ष ही होगी ,कब होगी जैसे ही कोई अपडेट मिलेगी बता देंगे, फिलहाल इस वर्ष नहीं है!
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गर इंतिज़ार कठिन है तो जब तलक ऐ दिल,
किसी के वादा-ए-फ़र्दा की गुफ़्तुगू ही सही
दयार-ए-ग़ैर में महरम अगर नहीं कोई,
तो 'फ़ैज़' ज़िक्र-ए-वतन अपने रू-ब-रू ही सही.!!
किसी के वादा-ए-फ़र्दा की गुफ़्तुगू ही सही
दयार-ए-ग़ैर में महरम अगर नहीं कोई,
तो 'फ़ैज़' ज़िक्र-ए-वतन अपने रू-ब-रू ही सही.!!
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कृष्ण जन्माष्टमी के पूजन पर कोई भी भाई बहन अपने घर में छोटे बच्चों को कृष्ण जी बनाए है तो उनका फोटो और जहां कृष्ण जन्माष्टमी का डोल रखा गया है....!
घर के रूम हो या मंदिर सजावट की फोटो भेज सकते है...!👇👇
@AnilSBrijwasi
घर के रूम हो या मंदिर सजावट की फोटो भेज सकते है...!👇👇
@AnilSBrijwasi
*President Droupadi Murmu appoints Manipur Governor Ajay Kumar Bhalla to discharge the functions of Nagaland Governor in addition to his own duties.*
A Rashtrapati Bhavan Communique said, consequent upon the demise of the Governor of Nagaland La. Ganesan, the President, has appointed Mr Bhalla as the Governor of the state.
A Rashtrapati Bhavan Communique said, consequent upon the demise of the Governor of Nagaland La. Ganesan, the President, has appointed Mr Bhalla as the Governor of the state.
शक्ति, निपुणता और दृढ़ता! 💪🏻
बहुत ही प्रतिभाशाली रोडाली बरुआ ने ऑस्ट्रेलिया ओपन *टायक्वोंडो चैम्पियनशिप* में महिलाओं की +73kg वर्ग में कांस्य🥉 जीतकर नाम रोशन किया।
*Indian Taekwondo*
बहुत ही प्रतिभाशाली रोडाली बरुआ ने ऑस्ट्रेलिया ओपन *टायक्वोंडो चैम्पियनशिप* में महिलाओं की +73kg वर्ग में कांस्य🥉 जीतकर नाम रोशन किया।
*Indian Taekwondo*
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बंदीगृह के तालों के टूटने से अधिक कठिन उस भय का टूटना था, जो वर्षों से एक दुष्ट की कैद में पड़े पड़े अपने सामने अपने छह पुत्रों की बलि देख चुके पति-पत्नी के हृदय में स्थायी रूप से बसा हुआ था। सोचिये न, कितना कठिन रहा होगा नवजात बच्चे को गोद में उठा कर नन्दगाँव पहुँचाने की सोच भी लेना ! कहीं किसी सैनिक की नींद खुल गयी, तो? युगों बीत गए अंधेरे कमरे में रहते रहते, नन्दगाँव की राह भूल गए तो? हजारों प्रश्न पैरों की बेड़ी बन कर रोक रहे होंगे न? पर उस पिता ने एक झटके में सारी बेड़ियों को तोड़ा और निकल पड़े।
भादो के भयावह मेघ बरस रहे थे। कुछ क्षण पहले जन्मा बालक उस भयानक बारिश में भीग रहा था, और पिता उसे शीश पर उठाए भागे जा रहे थे। कौन पिता अपने नवजात को भादो की बरसात में लगातार भिगोने की सोच पायेगा जी? पर उन्होंने इस भय को भी ठोकर मारी और दौड़ते रहे।
राह में यमुना मिलीं। अपने प्रचंड वेग से बहती यमुना ! भादो के महीने में बढियायी यमुना! उसमें अकेले उतरने की सोच कर भी कांप जाय आदमी, फिर अपने नवजात बालक को लेकर? ऊपर से अंधेरी रात... सांप, घड़ियाल, मगरमच्छ... उन्होंने इस भय को भी ठोकर मारी और उतर गए।
जल बढ़ता जा रहा था। कमर से बढ़ कर पेट तक, पेट से बढ़कर छाती तक, छाती से गर्दन तक... साक्षात मृत्यु के मुख में घुसे थे वसुदेव जी! रुक जाँय? लौट पड़ें? किसी दूसरे गांव में पहुँचा दें? मन में ऐसे भाव भी आ सकते थे न? पर वे रुके नहीं। वह जो माथे पर बालक था, जिसे बचाने के लिए भाग रहे थे, उसी का भरोसा भी था।
सोचिये तो! जिसके प्राण बचाने के लिए यमुना में कूद पड़े हैं, उसी से उम्मीद है कि प्राण बचा लेगा? कितना विरोधाभाष है न? पर जीवन में ऐसा भी होता है, और खूब होता है। याद रखिये, धर्म जब सूप में पड़े उस नवजात बालक की तरह शक्तिहीन दिखे, तब भी उसपर भरोसा बनाये रखना है। वह शक्तिहीन दिखता भर है, होता नहीं है।
हाँ तो वे यमुनाजी को पार कर गए। भागते भागते मित्र के गाँव पहुँचे, उनके घर पहुँचे, अपने बालक को वहाँ रखा और उनकी कन्या को लेकर लौट आये... फिर उसी बंदीगृह में, उसी अंधेरी कोठरी में, उसी दैत्य के अधिकार में...
उस दिन के तिरासी वर्ष बाद! उस समर भूमि में जहाँ संसार के समस्त योद्धा अपने सर्वश्रेष्ठ अस्त्र-शस्त्रों के साथ युद्ध के लिए तैयार खड़े थे, वे सबके मध्य निहत्थे खड़े होकर कहते हैं, मामेकं शरणम व्रज! मेरी शरण में आओ अर्जुन, इसी में संसार की भलाई है। वे कहते केवल अर्जुन से हैं, पर सन्देश समस्त योद्धाओं के लिए है। मेरी शरण में आओ तभी बचोगे,
अन्यथा नाश हो जाएगा सब का...
इस कथा को मानवीय दृष्टि से देखिये, महाभारत के धर्मक्षेत्र में खड़े संसार के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति के देवत्व में उस भयभीत पिता का भी योगदान है, जिन्होंने उस भयानक रात्रि में भय के बंधन को तोड़ते हुए हहराती यमुना में उतरने का निर्णय लिया था।
इस संसार में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से अधिक मोटिवेशन कही नहीं। कहीं भी नहीं।
कृष्ण यूँ ही नहीं मिलते। मृत्यु की आंखों में आंख डाल कर यमुना में उतरने का निर्णय लेना पड़ता है। उनके ऊपर भरोसा कर के भय को मारिये, वे यहीं हैं। यह उन्ही का देश है और हम उन्हीं की संतान... वे हमें कभी छोड़ ही नहीं सकते।
भादो के भयावह मेघ बरस रहे थे। कुछ क्षण पहले जन्मा बालक उस भयानक बारिश में भीग रहा था, और पिता उसे शीश पर उठाए भागे जा रहे थे। कौन पिता अपने नवजात को भादो की बरसात में लगातार भिगोने की सोच पायेगा जी? पर उन्होंने इस भय को भी ठोकर मारी और दौड़ते रहे।
राह में यमुना मिलीं। अपने प्रचंड वेग से बहती यमुना ! भादो के महीने में बढियायी यमुना! उसमें अकेले उतरने की सोच कर भी कांप जाय आदमी, फिर अपने नवजात बालक को लेकर? ऊपर से अंधेरी रात... सांप, घड़ियाल, मगरमच्छ... उन्होंने इस भय को भी ठोकर मारी और उतर गए।
जल बढ़ता जा रहा था। कमर से बढ़ कर पेट तक, पेट से बढ़कर छाती तक, छाती से गर्दन तक... साक्षात मृत्यु के मुख में घुसे थे वसुदेव जी! रुक जाँय? लौट पड़ें? किसी दूसरे गांव में पहुँचा दें? मन में ऐसे भाव भी आ सकते थे न? पर वे रुके नहीं। वह जो माथे पर बालक था, जिसे बचाने के लिए भाग रहे थे, उसी का भरोसा भी था।
सोचिये तो! जिसके प्राण बचाने के लिए यमुना में कूद पड़े हैं, उसी से उम्मीद है कि प्राण बचा लेगा? कितना विरोधाभाष है न? पर जीवन में ऐसा भी होता है, और खूब होता है। याद रखिये, धर्म जब सूप में पड़े उस नवजात बालक की तरह शक्तिहीन दिखे, तब भी उसपर भरोसा बनाये रखना है। वह शक्तिहीन दिखता भर है, होता नहीं है।
हाँ तो वे यमुनाजी को पार कर गए। भागते भागते मित्र के गाँव पहुँचे, उनके घर पहुँचे, अपने बालक को वहाँ रखा और उनकी कन्या को लेकर लौट आये... फिर उसी बंदीगृह में, उसी अंधेरी कोठरी में, उसी दैत्य के अधिकार में...
उस दिन के तिरासी वर्ष बाद! उस समर भूमि में जहाँ संसार के समस्त योद्धा अपने सर्वश्रेष्ठ अस्त्र-शस्त्रों के साथ युद्ध के लिए तैयार खड़े थे, वे सबके मध्य निहत्थे खड़े होकर कहते हैं, मामेकं शरणम व्रज! मेरी शरण में आओ अर्जुन, इसी में संसार की भलाई है। वे कहते केवल अर्जुन से हैं, पर सन्देश समस्त योद्धाओं के लिए है। मेरी शरण में आओ तभी बचोगे,
अन्यथा नाश हो जाएगा सब का...
इस कथा को मानवीय दृष्टि से देखिये, महाभारत के धर्मक्षेत्र में खड़े संसार के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति के देवत्व में उस भयभीत पिता का भी योगदान है, जिन्होंने उस भयानक रात्रि में भय के बंधन को तोड़ते हुए हहराती यमुना में उतरने का निर्णय लिया था।
इस संसार में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से अधिक मोटिवेशन कही नहीं। कहीं भी नहीं।
कृष्ण यूँ ही नहीं मिलते। मृत्यु की आंखों में आंख डाल कर यमुना में उतरने का निर्णय लेना पड़ता है। उनके ऊपर भरोसा कर के भय को मारिये, वे यहीं हैं। यह उन्ही का देश है और हम उन्हीं की संतान... वे हमें कभी छोड़ ही नहीं सकते।
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❇️LT Grade 2017 और TET विवाद – न्यायालय का निर्णय
मामला:
याचिकाकर्ता Mohd. Tasleem व अन्य ने दिनांक 21.12.2016 को जारी विज्ञापन को चुनौती दी थी। इस विज्ञापन में 9342 L.T./Trained Graduate Teacher पदों की भर्ती का उल्लेख था।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि चूँकि ये पद कक्षा 6 से 10 तक पढ़ाने के लिए हैं, इसलिए इसमें TET (Teacher Eligibility Test) को अनिवार्य योग्यता के रूप में शामिल किया जाना चाहिए था।
▪️राज्य सरकार का पक्ष:
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह भर्ती केवल कक्षा 9 और 10 के लिए है, न कि कक्षा 6 से 8 के लिए।
चूँकि TET की अनिवार्यता सिर्फ कक्षा 6 से 8 की नियुक्तियों पर लागू होती है, इसलिए यहाँ TET आवश्यक नहीं है।
▪️न्यायालय का निष्कर्ष:
विज्ञापन केवल कक्षा 9-10 के लिए मान्य है।
TET की आवश्यकता कक्षा 6-8 में होती है, इसलिए यहाँ विवाद का कोई आधार नहीं है।
परिणामस्वरूप, याचिका को निस्तारित/खारिज कर दिया गया।
▪️यह आदेश दिनांक 28 फरवरी 2017 को मुख्य न्यायाधीश दिलीप बी. भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने पारित किया।
▪️विशेष टिप्पणी
श्री क्लासेस हमेशा अपनी बात सबूत और तथ्यों के साथ रखते हैं।
LT Grade 2017 में उठे इस विवाद को कोर्ट ने पूरी तरह खारिज कर दिया।
आप चाहें तो पूरा जजमेंट पढ़ सकते हैं।
इसलिए आप पूरी तरह निश्चिंत होकर अपनी Answer Writing और तैयारी पर ध्यान दें।
▪️साफ संदेश: LT Grade भर्ती में TET की कोई अनिवार्यता नहीं है।
मामला:
याचिकाकर्ता Mohd. Tasleem व अन्य ने दिनांक 21.12.2016 को जारी विज्ञापन को चुनौती दी थी। इस विज्ञापन में 9342 L.T./Trained Graduate Teacher पदों की भर्ती का उल्लेख था।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि चूँकि ये पद कक्षा 6 से 10 तक पढ़ाने के लिए हैं, इसलिए इसमें TET (Teacher Eligibility Test) को अनिवार्य योग्यता के रूप में शामिल किया जाना चाहिए था।
▪️राज्य सरकार का पक्ष:
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह भर्ती केवल कक्षा 9 और 10 के लिए है, न कि कक्षा 6 से 8 के लिए।
चूँकि TET की अनिवार्यता सिर्फ कक्षा 6 से 8 की नियुक्तियों पर लागू होती है, इसलिए यहाँ TET आवश्यक नहीं है।
▪️न्यायालय का निष्कर्ष:
विज्ञापन केवल कक्षा 9-10 के लिए मान्य है।
TET की आवश्यकता कक्षा 6-8 में होती है, इसलिए यहाँ विवाद का कोई आधार नहीं है।
परिणामस्वरूप, याचिका को निस्तारित/खारिज कर दिया गया।
▪️यह आदेश दिनांक 28 फरवरी 2017 को मुख्य न्यायाधीश दिलीप बी. भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने पारित किया।
▪️विशेष टिप्पणी
श्री क्लासेस हमेशा अपनी बात सबूत और तथ्यों के साथ रखते हैं।
LT Grade 2017 में उठे इस विवाद को कोर्ट ने पूरी तरह खारिज कर दिया।
आप चाहें तो पूरा जजमेंट पढ़ सकते हैं।
इसलिए आप पूरी तरह निश्चिंत होकर अपनी Answer Writing और तैयारी पर ध्यान दें।
▪️साफ संदेश: LT Grade भर्ती में TET की कोई अनिवार्यता नहीं है।
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✴️मध्य प्रदेश में होगी 21000 से ज्यादा पदों पर पुलिस की भर्ती
मध्य प्रदेश पुलिस में जो भर्ती निकलती है वह सिर्फ 15 अगस्त के भाषण के लिए निकलती है उसके बाद फिर से गायब.....
मध्य प्रदेश पुलिस में जो भर्ती निकलती है वह सिर्फ 15 अगस्त के भाषण के लिए निकलती है उसके बाद फिर से गायब.....
❇️बीएड...13494 ने भरी च्वाइस…25 अगस्त तक जमा करनी होगी फीस....27 अगस्त से दूसरे चरण की काउंसिलिंग शुरू होगी....!!!
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✴️VDO भर्ती में अधिकतम आयु सीमा 40साल तक बढ़ी, पहले 32 बर्ष थी...Nielit का ccc या समकक्ष प्रमाणपत्र अनिवार्य.