✴️दो तस्वीरें, दो सोच
एक ओर जापान का उदाहरण है — जहाँ एक पूरी ट्रेन केवल एक छात्रा को विद्यालय पहुँचाने के लिए चलती है। वहाँ की सरकार यह मानती है कि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए, यह उनका कर्तव्य है। यह उनके विकासशील समाज की असली पहचान है।
वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की दुखद हकीकत — जहाँ 50 बच्चों के भविष्य को दांव पर लगाकर, स्कूल बंद करने या विलय करने जैसे फैसले लिए जा रहे हैं। इन बच्चों को अब अपने गाँव से दूर, दूसरे गाँव के विद्यालयों में पढ़ने जाना होगा। सोचिए, महज 6 साल का बच्चा कैसे रोज़ अकेला दूसरे गाँव की राह पकड़ेगा? रास्ते में हादसों का खतरा, असुरक्षा और बालिका शिक्षा पर तो इसका सीधा प्रहार होगा।
👉 क्या बच्चों की संख्या कम होने पर उनके अधिकार भी कम हो जाते हैं? उन मासूमों का क्या दोष है, जिनके गाँव में स्कूल है और अब वे भी इस अन्यायपूर्ण नीति का शिकार होंगे?
💠 विकास की सच्चाई पर सवाल
भारत आज 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है और जल्द ही 5 ट्रिलियन की ओर अग्रसर है। ऐसे में शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकता पर इस प्रकार की उपेक्षा पूर्ण नीति अपनाना कहीं से भी राष्ट्र की गंभीरता को नहीं दर्शाता।
यह केवल एक स्कूल बंद होने की बात नहीं है, बल्कि शिक्षकों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेरने जैसा है। उन नीतियों पर कुठाराघात है जिनके दम पर हम छात्राओं को विद्यालय तक ला पाए। इससे बालिका शिक्षा की पूरी संरचना हिल जाएगी।
💠 दूरगामी दुष्परिणाम
🔹 छात्रांकन में भारी गिरावट आएगी।
🔹 शिक्षकों के पद और उनकी पदोन्नति पर प्रतिकूल असर होगा।
🔹 डी.एल.एड. और बी.एड. कर रहे हजारों युवा जो सम्मानजनक शिक्षक बनने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उनकी उम्मीदें धूमिल होंगी।
🔹 सरकार की छवि जनता की नजरों में नकारात्मक बनेगी।
💠 निवेदन
सरकार से करबद्ध प्रार्थना है कि ऐसे फैसलों पर तुरंत रोक लगाएं।
शिक्षा पर किया गया हर निवेश राष्ट्र के भविष्य को सशक्त करता है। बच्चों के लिए स्कूल उनके गाँव में रहना ही चाहिए ताकि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
👉 एक बच्चा भी अगर स्कूल से दूर हो जाए, तो यह पूरे समाज की हार है।
👉 यही राष्ट्रनिर्माण की सच्ची बुनियाद है — शिक्षा सबके लिए, हर गाँव में, हर बच्चे तक।
एक ओर जापान का उदाहरण है — जहाँ एक पूरी ट्रेन केवल एक छात्रा को विद्यालय पहुँचाने के लिए चलती है। वहाँ की सरकार यह मानती है कि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए, यह उनका कर्तव्य है। यह उनके विकासशील समाज की असली पहचान है।
वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की दुखद हकीकत — जहाँ 50 बच्चों के भविष्य को दांव पर लगाकर, स्कूल बंद करने या विलय करने जैसे फैसले लिए जा रहे हैं। इन बच्चों को अब अपने गाँव से दूर, दूसरे गाँव के विद्यालयों में पढ़ने जाना होगा। सोचिए, महज 6 साल का बच्चा कैसे रोज़ अकेला दूसरे गाँव की राह पकड़ेगा? रास्ते में हादसों का खतरा, असुरक्षा और बालिका शिक्षा पर तो इसका सीधा प्रहार होगा।
👉 क्या बच्चों की संख्या कम होने पर उनके अधिकार भी कम हो जाते हैं? उन मासूमों का क्या दोष है, जिनके गाँव में स्कूल है और अब वे भी इस अन्यायपूर्ण नीति का शिकार होंगे?
💠 विकास की सच्चाई पर सवाल
भारत आज 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है और जल्द ही 5 ट्रिलियन की ओर अग्रसर है। ऐसे में शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकता पर इस प्रकार की उपेक्षा पूर्ण नीति अपनाना कहीं से भी राष्ट्र की गंभीरता को नहीं दर्शाता।
यह केवल एक स्कूल बंद होने की बात नहीं है, बल्कि शिक्षकों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेरने जैसा है। उन नीतियों पर कुठाराघात है जिनके दम पर हम छात्राओं को विद्यालय तक ला पाए। इससे बालिका शिक्षा की पूरी संरचना हिल जाएगी।
💠 दूरगामी दुष्परिणाम
🔹 छात्रांकन में भारी गिरावट आएगी।
🔹 शिक्षकों के पद और उनकी पदोन्नति पर प्रतिकूल असर होगा।
🔹 डी.एल.एड. और बी.एड. कर रहे हजारों युवा जो सम्मानजनक शिक्षक बनने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उनकी उम्मीदें धूमिल होंगी।
🔹 सरकार की छवि जनता की नजरों में नकारात्मक बनेगी।
💠 निवेदन
सरकार से करबद्ध प्रार्थना है कि ऐसे फैसलों पर तुरंत रोक लगाएं।
शिक्षा पर किया गया हर निवेश राष्ट्र के भविष्य को सशक्त करता है। बच्चों के लिए स्कूल उनके गाँव में रहना ही चाहिए ताकि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
👉 एक बच्चा भी अगर स्कूल से दूर हो जाए, तो यह पूरे समाज की हार है।
👉 यही राष्ट्रनिर्माण की सच्ची बुनियाद है — शिक्षा सबके लिए, हर गाँव में, हर बच्चे तक।
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◾क्या एक शिक्षक अलग -2 कक्षा 1,2,3,4,5 के 30/35 बच्चों को पढ़ाने में सक्षम हो सकता है , जोकि अलग -2 उम्र के अलग अलग मानसिक बुद्धि के छात्र होते है ?
👉 उत्तर बहुत साफ है :- बिल्कुल नहीं
◾फिर शिक्षा के अधिकार अधिनियम में संशोधन के लिए सुप्रीमकोर्ट क्यों नहीं जाया जाता है ?
अध्यक्ष/फलाने अध्यक्ष/मंत्री/फलाने मंत्री इस पर विचार क्यों नहीं करते ?
👉अगर एक स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक के लिए 5 शिक्षक नियुक्त कर दिए जाएं , प्रत्येक कक्षा के लिए एक शिक्षक तो सरकारी स्कूलों में प्राइवेट की तरह चीजें होना निश्चित है...!!
👉 लेकिन नेता लोग सिर्फ आयोग के सामने बैठ सकते हैं जबकि पता है चीजें शिक्षा के अधिकार अधिनियम के एकार्डिंग ही होगी..!!
👉 उत्तर बहुत साफ है :- बिल्कुल नहीं
◾फिर शिक्षा के अधिकार अधिनियम में संशोधन के लिए सुप्रीमकोर्ट क्यों नहीं जाया जाता है ?
अध्यक्ष/फलाने अध्यक्ष/मंत्री/फलाने मंत्री इस पर विचार क्यों नहीं करते ?
👉अगर एक स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक के लिए 5 शिक्षक नियुक्त कर दिए जाएं , प्रत्येक कक्षा के लिए एक शिक्षक तो सरकारी स्कूलों में प्राइवेट की तरह चीजें होना निश्चित है...!!
👉 लेकिन नेता लोग सिर्फ आयोग के सामने बैठ सकते हैं जबकि पता है चीजें शिक्षा के अधिकार अधिनियम के एकार्डिंग ही होगी..!!
उत्तर प्रदेश पुलिस JTC में 5 दिन अनुपस्थित रहे तो अगले सत्र का करना होगा इंतजार
✴️बिहार के स्कूलों की तीन भर्तियों में डोमिसाइल नीति लागू
▪️पुस्तकालयाध्यक्ष...6500
▪️विद्यालय लिपिक...6421
▪️परिचारी...2000
▪️पुस्तकालयाध्यक्ष...6500
▪️विद्यालय लिपिक...6421
▪️परिचारी...2000
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान
3000 रुपए में 1 साल तक के लिए FASTag
3000 रुपए का रिचार्ज कराओ, 1 साल तक 200 टोल फ्री पाओ
15 अगस्त 2025 से नया नियम लागू❤️💐
3000 रुपए में 1 साल तक के लिए FASTag
3000 रुपए का रिचार्ज कराओ, 1 साल तक 200 टोल फ्री पाओ
15 अगस्त 2025 से नया नियम लागू❤️💐
RAS मेंस का आ गया,
उत्तराखंड का भी आ गया,
MP का भी आ गया
UPPCS Mains 2024 तुम कब आओगे?
कह रहे है धैर्य रखो 1/2 दिन बस और...
उत्तराखंड का भी आ गया,
MP का भी आ गया
UPPCS Mains 2024 तुम कब आओगे?
कह रहे है धैर्य रखो 1/2 दिन बस और...
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अगर ऐसे ही सभी विद्यालयों को मर्ज किया जाने लगा तो लगभग 10 साल तक कोई वैकेंसी नहीं आएगी और पता नहीं कितने साल तक अनुपात समानुपात बराबर होता रहेगा
📣SARKARI RESULT वेबसाइट परमानेंट हुई बंद 🚫
किनको लगता था कि सरकारी रिजल्ट एक Govt वेबसाइट है ?
किनको लगता था कि सरकारी रिजल्ट एक Govt वेबसाइट है ?
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उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही से पहले अब की जाएगी सब इंस्पेक्टर की भर्ती
सही जानकारी सबसे पहले देखने के लिए जल्दी जुडे लिंक👇
ज्वाइन करें 🔜 @TargetPointers
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ज्वाइन करें 🔜 @TargetPointers
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✴️भारत ने ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु शुरू किया।
✴️19 JUNE
•राष्ट्रीय पठन दिवस
•विश्व सिकल सेल दिवस
[Theme 2025 : " वैश्विक कार्रवाई, स्थानीय प्रभाव: प्रभावी स्व-वकालत के लिए समुदायों को सशक्त बनाना "]
•राष्ट्रीय पठन दिवस
•विश्व सिकल सेल दिवस
[Theme 2025 : " वैश्विक कार्रवाई, स्थानीय प्रभाव: प्रभावी स्व-वकालत के लिए समुदायों को सशक्त बनाना "]
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✴️गर्भवती होने पर प्रशिक्षण का हिस्सा नहीं बन सकेंगी नव चयनित सिपाही, डिलीवरी के 1 साल बाद दिया जाएगा प्रशिक्षण
❇️राजस्थान: ग्राम विकास अधिकारी/VDO सीधी भर्ती-2025 (कुल 850 पद) के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू
आवेदन करने की अंतिम तिथि - 18 जुलाई 2025
परीक्षा तिथि 31अगस्त
आवेदन करने की अंतिम तिथि - 18 जुलाई 2025
परीक्षा तिथि 31अगस्त
✴️दुःखद 😢😢
उन्नाव में बेटी बनी यूपी पुलिस में सिपाही जश्न के दौरान करंट लगने से मां की मौत ...
#uppolice
उन्नाव में बेटी बनी यूपी पुलिस में सिपाही जश्न के दौरान करंट लगने से मां की मौत ...
#uppolice
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✴️अपना PET अबकी बार 25 लाख पार...!😀
🔹2023 में यह आंकड़ा 37 लाख के पार था बहुत भारी मात्रा में गिरावट आई है फिर भी अधिक है...!😄
🔸जून तक आवेदन में संशोधन व शुल्क जमा कर सकते हैं...!
🔹2023 में यह आंकड़ा 37 लाख के पार था बहुत भारी मात्रा में गिरावट आई है फिर भी अधिक है...!😄
🔸जून तक आवेदन में संशोधन व शुल्क जमा कर सकते हैं...!
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✳️उत्तर प्रदेश मे 11 जिलों मे बनेंगे MSME औद्योगिक क्षेत्र
जलेसर, एटा
टूंडला, फिरोजाबाद
सिरसागंज, फिरोजाबाद
अकबरपुर, कानपुर देहात
दुवारी, कानपुर देहात
बीघा, ललितपुर
पुलवारा और झरर, ललितपुर
रानीगंज, प्रतापगढ़
चुनार, मिर्जापुर
मऊ
रायबरेली
महोबा
प्रयागराज
जलेसर, एटा
टूंडला, फिरोजाबाद
सिरसागंज, फिरोजाबाद
अकबरपुर, कानपुर देहात
दुवारी, कानपुर देहात
बीघा, ललितपुर
पुलवारा और झरर, ललितपुर
रानीगंज, प्रतापगढ़
चुनार, मिर्जापुर
मऊ
रायबरेली
महोबा
प्रयागराज