बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बडा झटका लगा।।
65% आरक्षण वाले मामले में कोई राहत नहीं मिली।।
अब राजस्थान में भी आने वाले दिनों में महिला आरक्षण पर भी होगा
65% आरक्षण वाले मामले में कोई राहत नहीं मिली।।
अब राजस्थान में भी आने वाले दिनों में महिला आरक्षण पर भी होगा
विकास दिव्यकीर्ति के दृष्टि IAS कोचिंग सेंटर को किया गया सील, दिल्ली में MCD की बड़ी कार्रवाई
आदेश: संदिग्ध मामलों को देखते हुए BPSC शिक्षकों के अभिलेख की दोबारा होगी जांच!
मनु भाकर पदक से चूकीं।💔
She played like a Champion,🤘
चौथे स्थान पर रहीं मनु
She played like a Champion,🤘
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@𝗗𝗲𝗲𝗽𝗮𝗸_𝘆𝗮𝗱𝗮𝘃𝟵𝟭
Q. आप किस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं?
Q. Which exam are you prepared?
Q. आप किस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं?
Q. Which exam are you prepared?
जिंदगी में अगर कुछ खोना पड़े तों
दो लाइन हमेशा याद रखना:
जो खोया है उसका ग़म नहीं,
और जो पाया है वो किसी से कम नहीं!
जो नहीं है वो एक ख़्वाब हैं,
और जो हैं वो लाज़वाब हैं!
Have a Great Day
दो लाइन हमेशा याद रखना:
जो खोया है उसका ग़म नहीं,
और जो पाया है वो किसी से कम नहीं!
जो नहीं है वो एक ख़्वाब हैं,
और जो हैं वो लाज़वाब हैं!
Have a Great Day
सेविका में स्टे अभी नही हटा हैं आज जो रिट खारिज हुई हैं उसका स्टे से कोई लेना देना नही है, आपकी स्टे वाली सुनवाई 3 सितंबर को होगी जो आपके लिए महत्वपूर्ण हैं
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बांग्लादेश में तख्तापलट, शेख हसीना ने दिया इस्तीफा
*◆ आर्मी ने कहा- अंतरिम सरकार बनाएंगे, ज्यादा जानकारी दे रहे हैं*
बांग्लादेश में सैन्य तख्तापलट,*
🔆बांग्लादेश के हालात पर भारत की पैनी नजर,
🔆BSF DG दिल्ली से पहुंचे कोलकाता,
🔆पीएम मोदी को दी जा रही पल-पल की जानकारी,
🔆साथ ही 24 घंटे के लिए बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी किया,
🔆BSF ने बांग्लादेश बॉर्डर पर बढ़ाई सुरक्षा,
*◆ आर्मी ने कहा- अंतरिम सरकार बनाएंगे, ज्यादा जानकारी दे रहे हैं*
बांग्लादेश में सैन्य तख्तापलट,*
🔆बांग्लादेश के हालात पर भारत की पैनी नजर,
🔆BSF DG दिल्ली से पहुंचे कोलकाता,
🔆पीएम मोदी को दी जा रही पल-पल की जानकारी,
🔆साथ ही 24 घंटे के लिए बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी किया,
🔆BSF ने बांग्लादेश बॉर्डर पर बढ़ाई सुरक्षा,
REET 2024 पात्रता परीक्षा का नोटिफिकेशन इसी माह
25000 पदों पर भर्तियों के लिए Feb/ March 2025 में होगी REET मुख्य परीक्षा।
25000 पदों पर भर्तियों के लिए Feb/ March 2025 में होगी REET मुख्य परीक्षा।
बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रपति मोहम्मद शाहबुद्दीन व छात्र आंदोलन के नेताओं की मुलाकात के बाद यह फैसला हुआ।
छात्र नेताओं ने ही यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाए जाने की मांग की थी।
शेख हसीना ने हिंसा के बीच बांग्लादेश का प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया था।
राष्ट्रपति मोहम्मद शाहबुद्दीन व छात्र आंदोलन के नेताओं की मुलाकात के बाद यह फैसला हुआ।
छात्र नेताओं ने ही यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाए जाने की मांग की थी।
शेख हसीना ने हिंसा के बीच बांग्लादेश का प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया था।
काश...💔
काश वक़्त को थामने की कोई मशीन होती, तो करोड़ों भारतीय उस वक़्त को थाम लेना चाहते जब विनेश ने पेरिस ओलंपिक के फ़ाइनल में जगह बनाई थी.
सपने टूटने की कोई आवाज़ नहीं होती, काश, इसे सुनने का कोई यंत्र होता तो अभी विनेश के सीने से सबसे तेज़ आवाज़ सुनाई दे रही होती.
दुख को मापने का कोई पैमाना नहीं होता, अगर ये तय होता तो विनेश के दुख के आगे वो भी छोटा पड़ जाता.
कोई चंद घंटों में कैसे सड़क के संघर्ष से सितारा बनता है और फिर रातभर में वही सितारा कैसे गर्दिश में चला जाता है, इसे समझने के लिए विनेश के साथ गुज़रे कुछ घंटे ही काफी हैं.
अपने हर एक विरोधी को पछाड़ते हुए, वो जैसे-जैसे मुस्कुराते हुए आगे बढ़ रहीं थी, तो लग रहा था कि कोई ज़ख़्म है जिसे वो एक-एक कर जीत के मलहम से भरती जा रही हैं.
लेकिन किसे पता था कि अंतिम पड़ाव से पहले उन्हें एक ऐसा ज़ख्म मिलेगा जो टीस बनकर शायद हमेशा सालता रहे.
कई भारी भरकम पहलवानों को अपनी पीठ पर लादकर पटकने वाली विनेश को क्या पता था कि उनके शरीर का 100 ग्राम वज़न उनकी ज़िंदगी का सबसे भारी वज़न साबित होगा.
अपने किट बैग को समेटते हुए विनेश को उस एक अदद मेडल का वज़न सबसे ज़्यादा खालीपन देगा, जो उनके हाथों में आकर भी निकल गया
नियम अक्सर क्रूर होते हैं, वो इंसानी संवेदना, संघर्ष और भावनाओं को नहीं समझ पाते, काश कि ये नियम तमाम भारतीयों के जज़्बातों को समझ पाते, जो इस वक़्त विनेश के साथ ग़मगीन हैं.
कहने को तो, काश ये कमबख्त वज़न नापने की मशीन ही ना होती,
लेकिन कितनी ही चीज़ें सिर्फ़ काश बनकर रह जाती हैं.
लेकिन एक चीज़ तो बीती शाम से आज की सुबह की बीच पुख़्ता हुई है, वो ये कि जो विनेश एक साल पहले तक सिस्टम से संघर्ष करते हुए सड़क पर थीं, वो आज देश में एक मुकाम हासिल कर चुकी हैं.
वो जब वतन लौटेंगी तो भले ही उनके हाथों में वो मेडल ना होगा, लेकिन करोड़ों नई विनेश बनने की उम्मीदें ज़रूर होंगी.
काश वक़्त को थामने की कोई मशीन होती, तो करोड़ों भारतीय उस वक़्त को थाम लेना चाहते जब विनेश ने पेरिस ओलंपिक के फ़ाइनल में जगह बनाई थी.
सपने टूटने की कोई आवाज़ नहीं होती, काश, इसे सुनने का कोई यंत्र होता तो अभी विनेश के सीने से सबसे तेज़ आवाज़ सुनाई दे रही होती.
दुख को मापने का कोई पैमाना नहीं होता, अगर ये तय होता तो विनेश के दुख के आगे वो भी छोटा पड़ जाता.
कोई चंद घंटों में कैसे सड़क के संघर्ष से सितारा बनता है और फिर रातभर में वही सितारा कैसे गर्दिश में चला जाता है, इसे समझने के लिए विनेश के साथ गुज़रे कुछ घंटे ही काफी हैं.
अपने हर एक विरोधी को पछाड़ते हुए, वो जैसे-जैसे मुस्कुराते हुए आगे बढ़ रहीं थी, तो लग रहा था कि कोई ज़ख़्म है जिसे वो एक-एक कर जीत के मलहम से भरती जा रही हैं.
लेकिन किसे पता था कि अंतिम पड़ाव से पहले उन्हें एक ऐसा ज़ख्म मिलेगा जो टीस बनकर शायद हमेशा सालता रहे.
कई भारी भरकम पहलवानों को अपनी पीठ पर लादकर पटकने वाली विनेश को क्या पता था कि उनके शरीर का 100 ग्राम वज़न उनकी ज़िंदगी का सबसे भारी वज़न साबित होगा.
अपने किट बैग को समेटते हुए विनेश को उस एक अदद मेडल का वज़न सबसे ज़्यादा खालीपन देगा, जो उनके हाथों में आकर भी निकल गया
नियम अक्सर क्रूर होते हैं, वो इंसानी संवेदना, संघर्ष और भावनाओं को नहीं समझ पाते, काश कि ये नियम तमाम भारतीयों के जज़्बातों को समझ पाते, जो इस वक़्त विनेश के साथ ग़मगीन हैं.
कहने को तो, काश ये कमबख्त वज़न नापने की मशीन ही ना होती,
लेकिन कितनी ही चीज़ें सिर्फ़ काश बनकर रह जाती हैं.
लेकिन एक चीज़ तो बीती शाम से आज की सुबह की बीच पुख़्ता हुई है, वो ये कि जो विनेश एक साल पहले तक सिस्टम से संघर्ष करते हुए सड़क पर थीं, वो आज देश में एक मुकाम हासिल कर चुकी हैं.
वो जब वतन लौटेंगी तो भले ही उनके हाथों में वो मेडल ना होगा, लेकिन करोड़ों नई विनेश बनने की उम्मीदें ज़रूर होंगी.
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1928: 🥇
1932: 🥇
1936: 🥇
1948: 🥇
1952: 🥇
1956: 🥇
1960: 🥈
1964: 🥇
1968: 🥉
1972: 🥉
1980: 🥇
2020: 🥉
2024: 🥉
Hockey heritage!
▫️Medal no. 13 for Indian hockey at the Olympics!
ज्वाइन करें 🔜 @TargetPointers
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🌸 Haryana PRT टीचर भर्ती
🔹 कुल पद:- 1456
🔸 उम्र:- 18 से 42 वर्ष
🔹 योग्यता:- D.El.Ed या B.El.Ed /समकक्ष+ HTET पास
👉 आवेदन:- 12 से 21अगस्त
🔹 कुल पद:- 1456
🔸 उम्र:- 18 से 42 वर्ष
🔹 योग्यता:- D.El.Ed या B.El.Ed /समकक्ष+ HTET पास
👉 आवेदन:- 12 से 21अगस्त