MP शिक्षक पात्रता परीक्षा: 31 दिसंबर से पहले होगी केवल एक ही परीक्षा।

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​Thank you so much, Amit Sir
​आपकी हर वीडियो से हमेशा एक नई प्रेरणा और सही मार्गदर्शन मिला।
​मेरा यह सफर 2019 में शुरू हुआ था, और उसी साल मेरी शादी भी हो गई। शादी के बाद घर-परिवार की पूरी जिम्मेदारी, साथ ही अतिथि शिक्षक के रूप में स्कूल की जॉब। स्कूल में पूरी ईमानदारी से पढ़ाना, घर आकर कामकाज संभालना और फिर बचे हुए समय में पढ़ाई करना आसान नहीं था। समय बहुत कम मिलता था, इसलिए अक्सर घर के काम निपटाते हुए भी पढ़ाई जारी रखनी पड़ती थी।
​इस दौरान MPTET वर्ग 3 और वर्ग 2 की परीक्षाएं दीं। कई बार असफलताएं मिलीं, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी और आगे बढ़ती रही। आखिरकार, 2026 में वह सुखद दिन आ ही गया जब वर्षों की मेहनत, धैर्य, संघर्ष और सबकी दुआओं का सबसे खूबसूरत परिणाम मिला।
​Finally, I joined as a Government Teacher
​आज जब पीछे मुड़कर उन पुराने संघर्षों को देखती हूँ, तो समझ आता है कि हर परीक्षा और हर असफलता मुझे इस मुकाम तक पहुँचाने के लिए ज़रूरी थी।
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MPTET सेवारत शिक्षक
कक्षा 1 से 8 वीं तक के प्रश्न पूछे जाएंगे।
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मेरा नाम शिवम गुप्ता है। मैं शिवपुरी जिले की करैरा तहसील के दिनारा कस्बे का निवासी हूँ। प्राथमिक शिक्षक भर्ती में मुझे 79.12 अंक प्राप्त हुए हैं और मेरी कंसोलिडेटेड रैंक 100 रही है। जिले स्तर पर मेरी 4th रैंक और करैरा-नरवर क्षेत्र में 1st रैंक आई है। मेरा चयन शासकीय प्राथमिक विद्यालय, अंबारी में हुआ है, जो मेरे घर से मात्र 5 किमी की दूरी पर है।

मेरी शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की यात्रा काफी लंबी और चुनौतीपूर्ण रही:

2013: 12वीं उत्तीर्ण

2016: साइंस कॉलेज, ग्वालियर से B.Sc. पूर्ण

प्रतियोगी परीक्षाएं: इसके बाद SSC (CHSL, MTS, CGL) के कई प्रयास किए, जहाँ कुछ अंकों के अंतर से चयन रुकता रहा।

अन्य प्रयास: MP पटवारी भर्ती में 138 अंक हासिल किए और शिक्षक वर्ग-2 मुख्य परीक्षा भी दी, लेकिन अंतिम सफलता नहीं मिल सकी।

बार-बार असफलता मिलने के बावजूद मैंने हिम्मत नहीं हारी। मन में हमेशा यही सकारात्मक सोच रही कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और ईश्वर ने हमारे लिए भी कुछ बेहतर तय कर रखा होगा। निरंतर धैर्य और प्रयास का ही परिणाम है कि आज एक लंबे संघर्ष के बाद मुझे यह शासकीय सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।
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लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार मिली मंजिल
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सफलता की कहानी: निशा नंदिनी की ज़ुबानी
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मेरा नाम निशा नंदिनी है (उम्र 26 वर्ष)। आज मेरा चयन प्राथमिक शिक्षक के पद पर हुआ है, और इस मुकाम तक पहुँचने का यह सफर मेरे लिए बेहद खास और संघर्षपूर्ण रहा है।
मेरे इस सफर की शुरुआत वर्ष 2020 में हुई थी। वर्ष 2022 की परीक्षा में मैं कुछ ही अंकों से चूक गई थी, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत जारी रखी। इसके बाद मैंने 2024 में पुनः परीक्षा दी और अंततः वर्ष 2026 में आप सभी के स्नेह और आशीर्वाद से सफलता हासिल की।
इस पूरी यात्रा में, विशेषकर 2025 के उस कठिन दौर में जब परीक्षा बार-बार टल रही थी, तब अमित भैया का दैनिक मार्गदर्शन और मोटिवेशन मेरे लिए सबसे बड़ा सहारा बना। उन्होंने मुझे सिखाया कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी निरंतरता (Consistency) कैसे बनाए रखनी है।
उनकी Test Series ने मेरी तैयारी को सही दिशा दी और मुझे परीक्षा के वास्तविक स्तर के लिए पूरी तरह तैयार किया। उनके टेस्ट सिर्फ प्रश्नों का संकलन नहीं, बल्कि सफलता की सच्ची कुंजी साबित हुए। अगर उनका सटीक मार्गदर्शन न होता, तो शायद यह सपना साकार न हो पाता।
अमित भैया के लिए विशेष आभार: मेरे लिए अमित भैया केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि बड़े भाई की तरह मार्गदर्शक रहे हैं। परीक्षा टलने के दौरान भी उन्होंने मेरा हौसला कभी टूटने नहीं दिया। उनके निरंतर सहयोग, प्रेरणा और टेस्ट सीरीज़ के लिए मैं दिल से उनका धन्यवाद करती हूँ। 😊🙏🙏
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TET: नवंबर में प्राइमरी और दिसंबर में माध्यमिक शिक्षकों की होगी परीक्षा
सेवारत शिक्षक UPDATE


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संघर्ष से सफलता तक: 11 वर्षों की तपस्या और एक नया सवेरा
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वर्ष 2015 में 12वीं उत्तीर्ण करने के साथ ही एक सपना देखा था—शासकीय सेवा में जाने का। आज 11 वर्षों के अथक परिश्रम, अनगिनत असफलताओं और धैर्य की अग्निपरीक्षा के बाद वह सपना सच हो गया।

2 सितंबर 2026 को मैंने प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) के पद पर शासकीय प्राथमिक विद्यालय, खटका में विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया है।

असफलताओं से भरा संघर्ष का सफर:

2018: सहायक ग्रेड-3 स्टेनो टाइपिस्ट परीक्षा में मात्र 0.45 अंक से चयन चूका।

2020–2022: विपरीत परिस्थितियों के चलते पढ़ाई छोड़ गांव लौटना पड़ा और खेतों में हाथ बंटाया।

2022: एक नई शुरुआत की; SSC Stenographer (Grade C & D) प्री पास किया, लेकिन फाइनल मेरिट में बाहर हुआ।

2023: MP प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षाएं उत्तीर्ण कीं; CRPF SI/ASI स्टेनो परीक्षा में मेंस तक का सफर तय किया।

2024: सहायक ग्रेड-3 में नॉर्मलाइजेशन के कारण अंक घटे, परिणाम स्वरूप 87% फॉर्मूले में प्रतीक्षा सूची और 13% में होल्ड मिला।

2025: माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा पास की, परंतु फाइनल मेरिट में स्थान नहीं बन सका।

हर बार एक-दो नंबर या कुछ प्वाइंट्स से बाहर होने का दर्द असहनीय था, लेकिन हार मानना कभी सीखा ही नहीं।

सीखने और खुद को गढ़ने का दौर: इन असफलताओं के समानांतर मैंने खुद को लगातार तराशा। B.Sc. (गणित), M.A. (अंग्रेजी), D.El.Ed., DCA, CPCT और स्टेनो (80 व 100 WPM) की योग्यताएं हासिल कीं। साथ ही, 2019 से 1 सितंबर 2026 तक अतिथि शिक्षक के रूप में सेवा देते हुए अपनी पढ़ाई भी निरंतर जारी रखी।

2025 की प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा ने आखिरकार 11 वर्षों के इस लंबे संघर्ष को एक सुखद मुकाम दिया।

मेरी इस पूरी यात्रा में सबसे बड़ा संबल मेरे पूज्य माता-पिता, आदरणीय ताऊ जी और मेरे बड़े भाई (प्राथमिक शिक्षक) रहे, जिन्होंने सबसे कठिन दिनों में भी मुझ पर अटूट भरोसा बनाए रखा। समस्त गुरुजनों का मार्गदर्शन और सभी शुभचिंतकों का स्नेह व दुआएं ही मेरी वास्तविक पूंजी रहीं।

विनीत, सुग्रीव कुशवाह प्राथमिक शिक्षक शासकीय प्राथमिक विद्यालय, खटका
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🌸 मेरी MPTET वर्ग 3 चयन तक की कहानी 🌸
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🌸 मेरी MPTET वर्ग 3 चयन तक की कहानी 🌸
हर सफलता के पीछे एक लंबा संघर्ष छिपा होता है। मेरी कहानी भी कुछ ऐसी ही है।
तमाम व्यक्तिगत समस्याओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद मैंने हार नहीं मानी। कई बार परिस्थितियाँ ऐसी थीं कि मन करता था सब छोड़ दूँ, लेकिन मैंने खुद को संभाला और अपनी पढ़ाई जारी रखी। मेरे सामने मुश्किलें बहुत थीं, लेकिन शिक्षक बनने का सपना उनसे कहीं बड़ा था।
कई रातें ऐसी गुजरीं जब थकान और परेशानियों के बावजूद पढ़ाई की। कभी मन भारी था, कभी परिस्थितियाँ साथ नहीं थीं, लेकिन मैंने अपने दर्द को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उसे अपनी ताकत बनाया और खुद से बस यही कहा—मुझे रुकना नहीं है।
मेहनत, धैर्य और खुद पर विश्वास के साथ मैंने MPTET वर्ग 3 की परीक्षा दी। परीक्षा के बाद परिणाम का इंतज़ार भी अपने आप में एक अलग संघर्ष था।
फिर 27 February को परिणाम आया, और मेरी मेहनत को पहली बड़ी जीत मिली। इसके बाद दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया हुई। हर कदम पर दिल में एक ही उम्मीद थी कि अब मंज़िल बहुत करीब है।
आखिरकार वह दिन भी आया जब मेरिट लिस्ट में मेरा नाम आया और मेरे हाथ में नियुक्ति पत्र था। उस पल को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
मेरे हाथ में वह नियुक्ति पत्र सिर्फ एक कागज़ नहीं था।
वह मेरी हर रात की मेहनत का परिणाम था।
वह मेरी हर परेशानी का जवाब था।
वह उन दिनों का जवाब था जब मैंने खुद को संभालकर फिर से पढ़ाई की।
और वह मेरे कभी न झुकने वाले हौसले की जीत थी।
आज जब पीछे मुड़कर देखती हूँ तो लगता है कि अगर उस समय मैंने हार मान ली होती, तो शायद आज यह दिन देखने को नहीं मिलता।
इस सफर ने मुझे सिखाया कि—
मुश्किलें आपको रोकने नहीं, मजबूत बनाने आती हैं।
बस जरूरत है खुद पर विश्वास रखने की और आखिरी कदम तक लड़ते रहने की।
आज मैं गर्व से कह सकती हूँ—
👩‍🏫 MPTET वर्ग 3 में मेरा चयन हुआ है।
यह सिर्फ नौकरी नहीं है,
यह मेरे संघर्ष की जीत, मेरे धैर्य का परिणाम और मेरे सपने के सच होने की कहानी है। ❤️
मैंने मुश्किलों से हारना नहीं सीखा,
मैंने मुश्किलों के बीच जीतना सीखा है। 🌸
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