This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
मंडावा विधायक Rita Choudhary का RPSC पर हमला, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों ?
❤93👍20🤯5
Forwarded from Study With Sunil Saini Kotputli™
आज रील्स स्क्रोल करते हुए यह रील मेरे सामने आई। इसे देखकर एक गहरी और व्यापक समस्या का एहसास हुआ, जो अधिकतर विद्यार्थियों के साथ हो रही है।
90 से 95% विद्यार्थियों की मुख्य समस्या यह है कि उन्होंने किसी बड़े संस्थान से IAS या RAS जैसी परीक्षाओं की कोचिंग तो कर ली, लेकिन कोचिंग पूरी होने के बाद भी वे संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें अभी तक किसी प्रकार की सफलता नहीं मिली है।
इसकी दो प्रमुख वजहें सामने आती हैं: उन्हें वह अच्छा कंटेंट नहीं मिला, जो परीक्षा में वास्तव में आता हो, या फिर उन्हें वैसे अच्छे शिक्षकों द्वारा नहीं पढ़ाया गया, जैसा कि उनसे वादा किया गया था।
कोचिंग संस्थान में एडमिशन लेते समय अक्सर एक बोरा या कट्टा दिया जाता है, जो किताबों और नोट्स से भरा होता है। लेकिन बाद में पता चलता है कि उसका परीक्षा में आने वाले कंटेंट से कोई खास लेना-देना नहीं होता।
शिक्षक भी छात्रों के संदेह (डाउट) ठीक से नहीं दूर कर पाते। कई बार लगता है कि उनका ध्यान सिर्फ अपनी मोटी सैलरी और छात्रों से मिलने वाली नोटिफिकेशन (प्रशंसा/प्रचार) पर होता है।
छात्रों को सेमिनार में मीठी-मीठी बातों से फंसाया जाता है। कोचिंग संस्थानों की फीस 1-2 लाख रुपये इसलिए नहीं है कि वे शिक्षा महंगी दे रहे हैं, बल्कि इसका कारण यह है कि उन्हें अपने सेमिनार में आमंत्रित करने के लिए टॉपर्स को मोटी रकम देनी होती है। IAS, RAS, SSC CGL जैसी परीक्षाओं में रैंक 1 से 10 लाने वाले टॉपर्स को लाखों नहीं, करोड़ों रुपये के पैकेज देकर सेमिनार में बुलाया जाता है।
उन्हें गाड़ी, बंगला या पैसे का लालच दिया जाता है। बदले में, सेमिनार में वह सब कुछ बोलते हैं जो कोचिंग वाले चाहते हैं, भले ही वह झूठ ही क्यों न हो। जैसे कोई टॉपर कहता है, "मैं पहले बहुत गरीब था। मेरे पिताजी ईंट के भट्ठे पर मजदूरी करते थे, माताजी दूसरों के घर बर्तन मांजती थीं। घर की छत टपकती थी, हम दिन में एक ही बार खाना खा पाते थे..." ऐसी मनगढ़ंत कहानियां सुनाकर छात्रों को बहकाया जाता है। छात्र सोचने लगते हैं कि यदि यह गरीबी से निकलकर टॉपर बन सकता है, तो मैं क्यों नहीं?
फिर वह अपने माता-पिता से उम्मीदें लगाता है कि वे कहीं से पैसे लाकर उसकी मोटी कोचिंग फीस भरें, ताकि वह भी बड़ा अधिकारी बन सके। लेकिन अक्सर ऐसा नहीं होता। यदि कोचिंग लेने के बाद भी दो-तीन साल में सिलेक्शन नहीं होता, तो वह छात्र डिप्रेशन में चला जाता है और खुद को कोसने लगता है। कोटा जैसे शहरों में हो रही आत्महत्याएं इसका दुखद प्रमाण हैं।
निष्कर्ष यह है कि कोचिंग वाले मोटी फीस इसलिए लेते हैं क्योंकि उन्हें टॉपर्स को "खरीदना" होता है और महंगे विज्ञापन करवाने होते हैं। अन्यथा, कोचिंग की फीस बहुत सस्ती हो सकती है।
सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है: आप अपनी सेल्फ स्टडी पर ही ध्यान दें। कोचिंगों के बहकावे में न आएं। अच्छी और प्रामाणिक पुस्तकों से पढ़ाई करें। कोचिंगों के मोटे-मोटे नोट्स से अक्सर परीक्षा में कुछ खास नहीं आता। आपकी निरंतरता, समझ और सही स्रोतों से की गई स्वयं की मेहनत ही सफलता की कुंजी है।
सहमत हो तो ❤️
90 से 95% विद्यार्थियों की मुख्य समस्या यह है कि उन्होंने किसी बड़े संस्थान से IAS या RAS जैसी परीक्षाओं की कोचिंग तो कर ली, लेकिन कोचिंग पूरी होने के बाद भी वे संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें अभी तक किसी प्रकार की सफलता नहीं मिली है।
इसकी दो प्रमुख वजहें सामने आती हैं: उन्हें वह अच्छा कंटेंट नहीं मिला, जो परीक्षा में वास्तव में आता हो, या फिर उन्हें वैसे अच्छे शिक्षकों द्वारा नहीं पढ़ाया गया, जैसा कि उनसे वादा किया गया था।
कोचिंग संस्थान में एडमिशन लेते समय अक्सर एक बोरा या कट्टा दिया जाता है, जो किताबों और नोट्स से भरा होता है। लेकिन बाद में पता चलता है कि उसका परीक्षा में आने वाले कंटेंट से कोई खास लेना-देना नहीं होता।
शिक्षक भी छात्रों के संदेह (डाउट) ठीक से नहीं दूर कर पाते। कई बार लगता है कि उनका ध्यान सिर्फ अपनी मोटी सैलरी और छात्रों से मिलने वाली नोटिफिकेशन (प्रशंसा/प्रचार) पर होता है।
छात्रों को सेमिनार में मीठी-मीठी बातों से फंसाया जाता है। कोचिंग संस्थानों की फीस 1-2 लाख रुपये इसलिए नहीं है कि वे शिक्षा महंगी दे रहे हैं, बल्कि इसका कारण यह है कि उन्हें अपने सेमिनार में आमंत्रित करने के लिए टॉपर्स को मोटी रकम देनी होती है। IAS, RAS, SSC CGL जैसी परीक्षाओं में रैंक 1 से 10 लाने वाले टॉपर्स को लाखों नहीं, करोड़ों रुपये के पैकेज देकर सेमिनार में बुलाया जाता है।
उन्हें गाड़ी, बंगला या पैसे का लालच दिया जाता है। बदले में, सेमिनार में वह सब कुछ बोलते हैं जो कोचिंग वाले चाहते हैं, भले ही वह झूठ ही क्यों न हो। जैसे कोई टॉपर कहता है, "मैं पहले बहुत गरीब था। मेरे पिताजी ईंट के भट्ठे पर मजदूरी करते थे, माताजी दूसरों के घर बर्तन मांजती थीं। घर की छत टपकती थी, हम दिन में एक ही बार खाना खा पाते थे..." ऐसी मनगढ़ंत कहानियां सुनाकर छात्रों को बहकाया जाता है। छात्र सोचने लगते हैं कि यदि यह गरीबी से निकलकर टॉपर बन सकता है, तो मैं क्यों नहीं?
फिर वह अपने माता-पिता से उम्मीदें लगाता है कि वे कहीं से पैसे लाकर उसकी मोटी कोचिंग फीस भरें, ताकि वह भी बड़ा अधिकारी बन सके। लेकिन अक्सर ऐसा नहीं होता। यदि कोचिंग लेने के बाद भी दो-तीन साल में सिलेक्शन नहीं होता, तो वह छात्र डिप्रेशन में चला जाता है और खुद को कोसने लगता है। कोटा जैसे शहरों में हो रही आत्महत्याएं इसका दुखद प्रमाण हैं।
निष्कर्ष यह है कि कोचिंग वाले मोटी फीस इसलिए लेते हैं क्योंकि उन्हें टॉपर्स को "खरीदना" होता है और महंगे विज्ञापन करवाने होते हैं। अन्यथा, कोचिंग की फीस बहुत सस्ती हो सकती है।
सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है: आप अपनी सेल्फ स्टडी पर ही ध्यान दें। कोचिंगों के बहकावे में न आएं। अच्छी और प्रामाणिक पुस्तकों से पढ़ाई करें। कोचिंगों के मोटे-मोटे नोट्स से अक्सर परीक्षा में कुछ खास नहीं आता। आपकी निरंतरता, समझ और सही स्रोतों से की गई स्वयं की मेहनत ही सफलता की कुंजी है।
सहमत हो तो ❤️
❤273💯26👍8🔥7🤩4🫡4😱3🤯1
Forwarded from Study With Sunil Saini Kotputli™
इन टॉपिक को जिस भी बुक या गाइड से पढ़ लो..❤️👆
हर टॉपिक से 1 प्रश्न मिलेगा पक्का..
(हर एग्जाम में इन टॉपिक्स से प्रश्न आते हैं)
हर टॉपिक से 1 प्रश्न मिलेगा पक्का..
(हर एग्जाम में इन टॉपिक्स से प्रश्न आते हैं)
❤44👍8👨💻5🙏3
लॉजिस्टिक पार्क के लिए 400 करोड़ का बजट मसूदा, बाड़मेर, भीलवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र में लॉजिस्टिक पार्क बनेंगे,
राजस्थान बजट 2026....
राजस्थान बजट 2026....
👍18❤7😁1
प्रदेश का युवा नौकरी लेने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने..😂
- दिया कुमारी
- दिया कुमारी
😁72🤯22👍12❤8😱6👨💻4🙏1
पश्चिमी राजस्थान की मरुस्थली संस्कृति विरासत जीवन शैली लोक कला की विशिष्ट पहचान को ध्यान में रखते हुए जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर ,बाड़मेर और जालौर को शामिल करते हुए
थार संस्कृति सर्किट
थार संस्कृति सर्किट
❤40🔥10👌3
आप वैकेंसी का इंतजार मत करो
दिया जी ने बोल तो दिया है
नौकरी लेने वाले नहीं,
नौकरी देने वाले बनो 😂🤣
दिया जी ने बोल तो दिया है
नौकरी लेने वाले नहीं,
नौकरी देने वाले बनो 😂🤣
😁109❤16🔥11💯7🤯4👍3