RPSC के लिए मूल पुस्तके
राजस्थान बोर्ड वाली पुस्तके+ NCERT
राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी की पुस्तके
इनको पढ़ लो सिलेबस के अनुसार
कोचिंग की बुक्स और गाइड से दूरी बनाकर रखें वो मूल किताबें नहीं है उनसे कुछ नहीं आएगा अब...
राजस्थान बोर्ड वाली पुस्तके+ NCERT
राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी की पुस्तके
इनको पढ़ लो सिलेबस के अनुसार
कोचिंग की बुक्स और गाइड से दूरी बनाकर रखें वो मूल किताबें नहीं है उनसे कुछ नहीं आएगा अब...
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Study RAS™
RPSC के लिए मूल पुस्तके राजस्थान बोर्ड वाली पुस्तके+ NCERT राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी की पुस्तके इनको पढ़ लो सिलेबस के अनुसार कोचिंग की बुक्स और गाइड से दूरी बनाकर रखें वो मूल किताबें नहीं है उनसे कुछ नहीं आएगा अब...
सबसे आसान काम है मीठी मीठी या चुपड़ी चुपड़ी बारे करके किसी इंसान को अपने पक्ष में करना...
सबसे कठिन काम है सब को सच बताना
अब सच कड़वा हीं होता है
आज नहीं तो कल पता चल ही जाएगा...😊
सबसे कठिन काम है सब को सच बताना
अब सच कड़वा हीं होता है
आज नहीं तो कल पता चल ही जाएगा...😊
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Deputy Commander paper.pdf
17.6 MB
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कल 11 जनवरी को आयोजित
🧑💻 Share जरूर करें ‼️...
कल 11 जनवरी को आयोजित
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Study RAS™
यह RPSC का 2026 वाला कैलेंडर है...🔥 इसमें RAS प्री अप्रैल लास्ट या मई शुरुआत में हो सकता है जो डेट रिजर्व रखी है.. तैयारी करते रहो, ज्यादा समय है नहीं, आज नया सिलेबस भी आ गया... कोई नई अपडेट आते ही शेयर कर दी जाएगी।
RAS प्री 500 पोस्ट - मई में
VDO एग्जाम - दिसंबर में 3400+पोस्ट
VDO एग्जाम - दिसंबर में 3400+पोस्ट
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Study RAS™
यह RPSC का 2026 वाला कैलेंडर है...🔥 इसमें RAS प्री अप्रैल लास्ट या मई शुरुआत में हो सकता है जो डेट रिजर्व रखी है.. तैयारी करते रहो, ज्यादा समय है नहीं, आज नया सिलेबस भी आ गया... कोई नई अपडेट आते ही शेयर कर दी जाएगी।
मैने आपको 9 जनवरी को ही RAS प्री का बता दिया था...
अनुभव बोलता है दोस्त...❤️🔥
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❤55🫡10🔥7😁4💯3👨💻2🤯1
Study RAS™
2026 में एक लाख नौकरियां दिए जाने का कलेंडर जारी....🔥
राजस्थान पुलिस कांस्टेबल - 4000 पद....🔥
परीक्षा जून - जुलाई
परीक्षा जून - जुलाई
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राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ ज़िले की बामनवास कांकड़ पंचायत राज्य ही नहीं बल्कि उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूर्णतः जैविक-प्रमाणित पंचायत बन गई है।
राजस्थान पंचायत ऑर्गेनिक शपथ
कोटपुतली- बहरोड़ जिले की सात बस्तियों से मिलकर बनी बामनवास कंकर पंचायत ने औपचारिक रूप से 100% ऑर्गेनिक खेती और पारिस्थितिक रूप से सुरक्षित पशुपालन अपनाने की प्रतिबद्धता जताई है।
इसके तहत कृषि और पशुपालन में किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक एवं सिंथेटिक इनपुट्स का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
मुख्य विशेषताएँ:-
• रासायन-मुक्त खेती: सभी फसलें बिना सिंथेटिक उर्वरक या कीटनाशक के उगाई जाएँगी।
• पारिस्थितिक पशुपालन: पशुपालन को स्वास्थ्य एवं पर्यावरण मानकों के अनुरूप रखा जाएगा।
• सामुदायिक नेतृत्व: यह बदलाव पंचायत के सामूहिक निर्णयों से आया है, न कि ऊपर से थोपे गए आदेशों से।
• संस्थागत सहयोग: COFED (Cofarmin Federation of Organic Societies and Producer Companies) द्वारा प्रमाणन, डेटा संग्रह और बाज़ार तक पहुँच में मदद।
• बाज़ार से जुड़ाव: ऑर्गेनिक प्रमाणन किसानों को प्रीमियम बाज़ार तक पहुँच और इनपुट लागत में कमी की सुविधा प्रदान करता है।
महत्व:-
• मृदा एवं जल संरक्षण: मृदा की गिरती गुणवत्ता और भूजल स्तर में सुधार में सहायक
• किसान कल्याण: इनपुट लागत में कमी और बेहतर कीमतों के माध्यम से आय में वृद्धि
• सार्वजनिक स्वास्थ्य: किसानों और उपभोक्ताओं को हानिकारक रासायनिक उत्पादों से सुरक्षा
• जैव विविधता: मृदा के सूक्ष्मजीव और लाभकारी कीटों की संख्या में वृद्धि
वस्तुतः बामनवास कंकर पंचायत की यह पहल राजस्थान में रासायनिक-मुक्त और सतत कृषि की दिशा में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है।
राजस्थान पंचायत ऑर्गेनिक शपथ
कोटपुतली- बहरोड़ जिले की सात बस्तियों से मिलकर बनी बामनवास कंकर पंचायत ने औपचारिक रूप से 100% ऑर्गेनिक खेती और पारिस्थितिक रूप से सुरक्षित पशुपालन अपनाने की प्रतिबद्धता जताई है।
इसके तहत कृषि और पशुपालन में किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक एवं सिंथेटिक इनपुट्स का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
मुख्य विशेषताएँ:-
• रासायन-मुक्त खेती: सभी फसलें बिना सिंथेटिक उर्वरक या कीटनाशक के उगाई जाएँगी।
• पारिस्थितिक पशुपालन: पशुपालन को स्वास्थ्य एवं पर्यावरण मानकों के अनुरूप रखा जाएगा।
• सामुदायिक नेतृत्व: यह बदलाव पंचायत के सामूहिक निर्णयों से आया है, न कि ऊपर से थोपे गए आदेशों से।
• संस्थागत सहयोग: COFED (Cofarmin Federation of Organic Societies and Producer Companies) द्वारा प्रमाणन, डेटा संग्रह और बाज़ार तक पहुँच में मदद।
• बाज़ार से जुड़ाव: ऑर्गेनिक प्रमाणन किसानों को प्रीमियम बाज़ार तक पहुँच और इनपुट लागत में कमी की सुविधा प्रदान करता है।
महत्व:-
• मृदा एवं जल संरक्षण: मृदा की गिरती गुणवत्ता और भूजल स्तर में सुधार में सहायक
• किसान कल्याण: इनपुट लागत में कमी और बेहतर कीमतों के माध्यम से आय में वृद्धि
• सार्वजनिक स्वास्थ्य: किसानों और उपभोक्ताओं को हानिकारक रासायनिक उत्पादों से सुरक्षा
• जैव विविधता: मृदा के सूक्ष्मजीव और लाभकारी कीटों की संख्या में वृद्धि
वस्तुतः बामनवास कंकर पंचायत की यह पहल राजस्थान में रासायनिक-मुक्त और सतत कृषि की दिशा में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है।
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