Forwarded from Study With Sunil Saini Kotputli™
खैरथल-तिजारा जिले का नया नाम — "भृतृहरिनगर"
📍 राजस्थान
💔 भृतृहरि की प्रेमगाथा:
भृतृहरि की दो पत्नियां थीं, लेकिन उन्होंने पिंगला से प्रेम किया।
पिंगला को कोतवाल से प्रेम था,
कोतवाल को एक वेश्या से प्रेम था...
और इस तरह प्रेम की ये श्रृंखला अधूरी रह गई।
🧘♂️ वैराग्य की राह:
जब भृतृहरि को इस सच्चाई का ज्ञान हुआ, उन्होंने सांसारिक मोह छोड़कर वैराग्य की राह पकड़ ली।
उनका जीवन आज भी एक संदेश है — “जिससे आप प्रेम करते हैं, वह हमेशा आपको नहीं मिल सकता, परंतु आत्मबोध और त्याग ही सच्चा पथ है।”
🎉 भृतृहरिनगर के सभी नागरिकों को ढेरों शुभकामनाएं।
यह नाम न सिर्फ ऐतिहासिक है, बल्कि आत्मबोध का प्रतीक भी।
📍 राजस्थान
💔 भृतृहरि की प्रेमगाथा:
भृतृहरि की दो पत्नियां थीं, लेकिन उन्होंने पिंगला से प्रेम किया।
पिंगला को कोतवाल से प्रेम था,
कोतवाल को एक वेश्या से प्रेम था...
और इस तरह प्रेम की ये श्रृंखला अधूरी रह गई।
🧘♂️ वैराग्य की राह:
जब भृतृहरि को इस सच्चाई का ज्ञान हुआ, उन्होंने सांसारिक मोह छोड़कर वैराग्य की राह पकड़ ली।
उनका जीवन आज भी एक संदेश है — “जिससे आप प्रेम करते हैं, वह हमेशा आपको नहीं मिल सकता, परंतु आत्मबोध और त्याग ही सच्चा पथ है।”
🎉 भृतृहरिनगर के सभी नागरिकों को ढेरों शुभकामनाएं।
यह नाम न सिर्फ ऐतिहासिक है, बल्कि आत्मबोध का प्रतीक भी।
❤97🤣13⚡9👏9👍7🔥5👨💻3
Forwarded from Study With Sunil Saini Kotputli™
भर्तृहरि पाठ्यक्रम में है, तो आपने शायद उनकी प्रसिद्ध वैराग्य, नीति, और श्रृंगार शतक के श्लोक जरूर पढ़े होंगे। लेकिन जो "अमरफल वाली कथा" है, वह भर्तृहरि के जीवन से जुड़ी एक प्रचलित लोककथा है – ऐतिहासिक प्रमाण से अधिक यह प्रतीकात्मक और शिक्षाप्रद कथा मानी जाती है।
🌿 भर्तृहरि और अमरफल की कथा (संक्षिप्त और प्रभावशाली रूप में):
राजा भर्तृहरि उज्जयिनी के राजा थे और शक्ति, वैभव और सुंदरता में अनुपम थे। वे अपनी रानी पिंगला से अत्यंत प्रेम करते थे।
कथा ऐसे है:
एक दिन एक ऋषि (या किसी-किसी संस्करण में एक साधु) ने राजा को एक अमरता प्रदान करने वाला फल (अमरफल) दिया और कहा:
राजा ने सोचा कि उनकी प्रिय रानी पिंगला इस फल की सबसे योग्य है। उन्होंने फल रानी को दे दिया।
लेकिन रानी पिंगला किसी कोतवाल (सैनिक प्रमुख) से प्रेम करती थी। उसने वह अमरफल उसे दे दिया।
कोतवाल भी एक वेश्या से प्रेम करता था, उसने फल उस वेश्या को दे दिया।
वेश्या ने सोचा कि यह फल तो राजा जैसे व्यक्ति को देना चाहिए, और वह अमरफल लेकर राजा के पास आ गई।
राजा ने जब यह देखा कि जो फल उन्होंने प्रेम में रानी को दिया था, वह घूमकर वापस उनके पास आ गया, तो उन्हें अपनी आंखें खुल गईं।
🧠 इस कथा से क्या सीख मिलती है?
मोह और माया का भ्रम: जिसे हम अमरता या प्रेम समझते हैं, वह दुनिया में कहीं और बहकता रहता है।
वैराग्य का जन्म: भर्तृहरि को इस घटना से संसार की असारता का बोध हुआ और उन्होंने सिंहासन त्याग दिया, फिर सन्यासी बन गए और शेष जीवन तपस्या व साधना में बिताया।
📝 निष्कर्ष:
यह कथा केवल मनोरंजन या चमत्कार की नहीं, बल्कि गहरी आध्यात्मिक सीख देती है — कि जीवन की सच्ची समझ तब आती है जब व्यक्ति असत्य मोह से बाहर निकलता है।
🌿 भर्तृहरि और अमरफल की कथा (संक्षिप्त और प्रभावशाली रूप में):
राजा भर्तृहरि उज्जयिनी के राजा थे और शक्ति, वैभव और सुंदरता में अनुपम थे। वे अपनी रानी पिंगला से अत्यंत प्रेम करते थे।
कथा ऐसे है:
एक दिन एक ऋषि (या किसी-किसी संस्करण में एक साधु) ने राजा को एक अमरता प्रदान करने वाला फल (अमरफल) दिया और कहा:
> "जो भी इस फल को खाएगा, वह हमेशा जवान और अमर रहेगा।"
राजा ने सोचा कि उनकी प्रिय रानी पिंगला इस फल की सबसे योग्य है। उन्होंने फल रानी को दे दिया।
लेकिन रानी पिंगला किसी कोतवाल (सैनिक प्रमुख) से प्रेम करती थी। उसने वह अमरफल उसे दे दिया।
कोतवाल भी एक वेश्या से प्रेम करता था, उसने फल उस वेश्या को दे दिया।
वेश्या ने सोचा कि यह फल तो राजा जैसे व्यक्ति को देना चाहिए, और वह अमरफल लेकर राजा के पास आ गई।
राजा ने जब यह देखा कि जो फल उन्होंने प्रेम में रानी को दिया था, वह घूमकर वापस उनके पास आ गया, तो उन्हें अपनी आंखें खुल गईं।
🧠 इस कथा से क्या सीख मिलती है?
मोह और माया का भ्रम: जिसे हम अमरता या प्रेम समझते हैं, वह दुनिया में कहीं और बहकता रहता है।
वैराग्य का जन्म: भर्तृहरि को इस घटना से संसार की असारता का बोध हुआ और उन्होंने सिंहासन त्याग दिया, फिर सन्यासी बन गए और शेष जीवन तपस्या व साधना में बिताया।
📝 निष्कर्ष:
यह कथा केवल मनोरंजन या चमत्कार की नहीं, बल्कि गहरी आध्यात्मिक सीख देती है — कि जीवन की सच्ची समझ तब आती है जब व्यक्ति असत्य मोह से बाहर निकलता है।
❤121💯22🥰6🔥5💔5⚡4👏4
Q. मरू विकास कार्यक्रम के बारे में कौनसा कथन असत्य है-
Anonymous Quiz
13%
A. यह 1977-78 में प्रारंभ किया गया था।
38%
B. यह राजस्थान के 16 जिलों के 85 विकास खंड़ों में संचालित है।
37%
C. इस कार्यक्रम में केन्द्र व राज्य का भारांश 60:40 है।
12%
D. इस कार्यक्रम उद्देश्य मरुस्थलीकरण को रोकना, वन विकास, चारागाह का विकास करना है।
❤28👏4🔥3👨💻3💯2⚡1
Q. भोजन, पानी और चारा की समस्या उत्पन्न हो तो वह अकाल कहलाता है?
Anonymous Quiz
19%
A. पूर्ण अकाल
57%
B. त्रिकाल
9%
C. महाकाल
15%
D. छपन्नियाँ अकाल
👍21❤12👏4🥰3💯3
Forwarded from Reet Exam™
Media is too big
VIEW IN TELEGRAM
बहुत अच्छा प्रयास
सेल्यूट ❤️🫡
सेल्यूट ❤️🫡
❤125💯16👍10🫡8👏5👌4🔥3⚡2
भाई- बहिन के असीम स्नेह,प्रेम एवं अटूट रिश्ते के पावन पर्व रक्षाबंधन की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
राखी का धागा सिर्फ कलाई नहीं, रिश्तों को भी बांधता है। प्यार, विश्वास और सुरक्षा का वादा... यही है राखी का असली मतलब।
रक्षाबंधन का यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, लेकर आए और रिश्तों में मिठास घोले।❤️🙏
राखी का धागा सिर्फ कलाई नहीं, रिश्तों को भी बांधता है। प्यार, विश्वास और सुरक्षा का वादा... यही है राखी का असली मतलब।
रक्षाबंधन का यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, लेकर आए और रिश्तों में मिठास घोले।❤️🙏
❤52🥰4💯4
Si पेपर लीक के तार पूर्व CM की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी तक पहुँचे 🤐
वेल्डन SOG 🫡
वेल्डन SOG 🫡
❤54👏8⚡4💯4🥰2
"नहीं, मैं निश्चित रूप से भारत को एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं मानता। इसके विपरीत, यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। और मुझे लगता है कि इस तथ्य का प्रमाण यह है कि यूरोपीय संघ और भारत एक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह पारस्परिक रूप से लाभकारी होगा।"
~रासमस एबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन(भारत में डेनमार्क के राजदूत)
~रासमस एबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन(भारत में डेनमार्क के राजदूत)
❤78🤣23💯12🔥7😍6🤔4🏆3👏2
SI Notification.pdf
6.1 MB
राजस्थान पुलिस सब इंस्पेक्टर अधिसूचना 2025
• Form Start :- आज से शुरू (10 अगस्त)
• Last Date :- 08 सितम्बर 2025
• Post :- 1015
• परीक्षा तिथि - 5 अप्रैल 2026 ( प्रस्तावित )
• Form Start :- आज से शुरू (10 अगस्त)
• Last Date :- 08 सितम्बर 2025
• Post :- 1015
• परीक्षा तिथि - 5 अप्रैल 2026 ( प्रस्तावित )
❤34👏4💯2🥰1