Study RAS
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"यह चैनल राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए समर्पित है।
हमारा उद्देश्य आपको RAS प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी में मदद करना है।

Owner @Sunil_ktp

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ये बारूद है...............
            उपयोग कैसे करना है, उपयोगकर्ता पर निर्भर करता है।❤️✌️
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19 रियासतों में जनसंख्या में जयपुर और क्षेत्रफल में बीकानेर सबसे बड़ा था
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Q. आजादी के बाद रियासतों के एकीकरण से एक नया राज्य राजस्थान बना। नव निर्मित राज्य में विभिन्न स्थानों पर पाँच उच्च न्यायालय कार्यरत थे। निम्नलिखित में से कौनसा स्थान उनमें से एक नहीं है?
Anonymous Quiz
8%
A. जयपुर
22%
B. जोधपुर
46%
C. कोटा
24%
D. बीकानेर
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Q. 'हरित राजस्थान' कार्यक्रम का संबंध किससे है?
Anonymous Quiz
36%
A. कृषि विकास
57%
B. वृक्षारोपण
6%
C. जल संरक्षण
2%
D. पशुधन
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लाडो प्रोत्साहन योजना में अब राशि 1.5 लाख❤️👆
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अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों को देनी होगी पेनल्टी ❤️👆
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कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों के लिए दिशा निर्देश जारी

अब फॉर्म भरकर परीक्षा नहीं दी तो 750/- की पेनल्टी लगेगी, 1 अप्रैल से लागू होगा निर्णय
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इसी महीने से शुरू होंगे कांस्टेबल भर्ती के आवेदन, ❤️👆
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आरपीएससी ने असफल अभ्यर्थियों को दिया पुनर्गणना का अवसर ❤️👆
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आरपीएससी : दिसबर तक प्रस्तावित भर्ती परीक्षाएं

एग्जाम कैलेण्डर ❤️👆
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Animal_Attendant2023.pdf
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पशु परिचर रिजल्ट जारी…❤️👆
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आज CM करेंगे भर्तियों के संबंध में मंथन
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Forwarded from Crypto updates
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क्रोध करने का मतलब है, दूसरों की गलतियों की सजा स्वयं को देना। जब क्रोध आए तो उसके परिणाम पर विचार करना चाहिए

~ कन्फ्यूशियस
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प्रमुख फसलें और उनकी प्रचलित किस्में:-

• गेहूं की प्रचलित किस्में - कल्याण, सोना, सोनालिका, मंगला, गंगा,सुनहरी, दुर्गापुरा-65, लाल बहादुर, राज 1452,
राज-3077, चम्बल- 65, सरबती, कोहिनूर

कपास की प्रचलित किस्में - विकास, विक्रम, कल्याण, विजय, नर्बदा, बी. टी. कॉटन आदि।

बाजरा की प्रचलित किस्में - पूसा 23, पूसा 415, पूसा 605, पूसा 322, एचएचडी 68, राज बाजरा चरी 2 व राज 171 आदि।

चावल की प्रचलित किस्में - बासमती 217, बासमती 370, कस्तूरी, माही सुगंधा, तरोरी बासमती आदि।

मक्का की प्रचलित किस्में - IMH-224, पूसा विवेक, हाइब्रिड 27 इम्प्रूव्ड आदि।

जो - ज्योति राजकिरण, RD-57. RD-2035, RD-2051,RDB-1.RS-6.BL-2

गन्ना - को 419, 449, 997, 527, 1007. 1111, को. एस. 767

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तेलंगाना सरकार का यह फैसला पूरे भारत को संकट में डाल सकता है प्रकृति हमें जीवन देती हैं उसे नष्ट करना सही नहीं है।❤️🙏

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तेलंगाना सरकार का यह फैसला पूरे भारत को संकट में डाल सकता है प्रकृति हमें जीवन देती हैं उसे नष्ट करना सही नहीं है।❤️🙏 🧑‍💻 Share जरूर करें.....
खेजड़ली हत्याकांड भारत के पर्यावरण संरक्षण इतिहास में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक घटना है। यह 18वीं सदी में घटित हुआ था और इसने "चिपको आंदोलन" जैसे भविष्य के पर्यावरण आंदोलनों को प्रेरित किया। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:

घटना का नाम:

खेजड़ली हत्याकांड (Khejarli Massacre)

घटनास्थल:
खेजड़ली गाँव, जोधपुर ज़िला, राजस्थान

घटनाकाल:
10 सितंबर 1730

पृष्ठभूमि:

राजस्थान के बिश्नोई समुदाय द्वारा पेड़ों और प्रकृति की रक्षा को अत्यंत महत्त्व दिया जाता है।

खेजड़ी का पेड़ (Prosopis cineraria) इस क्षेत्र में बहुत महत्त्वपूर्ण होता है — यह न केवल पर्यावरण को संतुलित करता है बल्कि बिश्नोई समाज की आस्था का प्रतीक भी है।

घटना का विवरण:

जोधपुर के तत्कालीन महाराजा ने अपने किले के निर्माण या चूने के भट्टों के ईंधन हेतु खेजड़ी के पेड़ों को काटने का आदेश दिया।

राजा के मंत्री गिरधारी भंडारी के नेतृत्व में एक दल खेजड़ली गाँव पहुंचा, जहाँ उन्होंने पेड़ काटने शुरू कर दिए।

अम्मृता देवी बिश्नोई नाम की एक महिला ने इसका विरोध किया और पेड़ों को बचाने के लिए खुद को एक पेड़ से लिपटा लिया।
उन्होंने ऐलान किया:

"सिर साटे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण"
(यदि पेड़ बचाने के लिए सिर भी कट जाए तो भी सस्ता सौदा है।)

सैनिकों ने पहले अम्मृता देवी और फिर उनकी तीन बेटियों को पेड़ों सहित हत्या कर दी

यह सुनकर आसपास के गांवों से बिश्नोई समुदाय के और लोग आए और वे भी पेड़ों से लिपटकर खड़े हो गए।

इस प्रकार 363 बिश्नोई पुरुषों और महिलाओं की जानें गईं, जिन्होंने खेजड़ी के पेड़ों को बचाने के लिए बलिदान दिया।

परिणाम और प्रभाव:

इस बलिदान से प्रभावित होकर महाराजा ने पेड़ों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और बिश्नोई क्षेत्रों में पेड़ों और वन्यजीवों की सुरक्षा का आदेश दिया।
यह घटना भारत का प्रथम संगठित पर्यावरण आंदोलन मानी जाती है।
1970 के दशक में उत्तराखंड में हुए चिपको आंदोलन ने भी इस घटना से प्रेरणा ली।

वर्तमान में महत्त्व:
खेजड़ली गाँव में आज भी "शहीदों का स्मारक" बना है ।

हर वर्ष 10 सितंबर को वहां "खेजड़ली दिवस" मनाया जाता है।

यह घटना विश्व स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और समुदाय की सहभागिता का प्रतीक मानी जाती है।

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वर्ष में दो परीक्षाएं छोड़ने वाले अभ्यर्थियों का ब्लॉक होगा ओटीआर

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश
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जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा एग्जाम सिटी लिंक एक्टिव

8 अप्रैल को जारी होगा एडमिट कार्ड ❤️👆
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4th Grade चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती का संशोधित विस्तृत सिलेबस जारी 🔥

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