AB_202115780709_GENERAL_STUDIES_-_I-1.d.pdf
19.6 MB
Name -Pawan Kumar
RANK 170
Answer booklet (RAS 2021)
PAPER 1
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PAPER 1
AB_202115780709_GENERAL_STUDIES_-_II-1.pdf
21.4 MB
Name -Pawan Kumar
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Answer booklet (RAS 2021)
PAPER 2
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Answer booklet (RAS 2021)
PAPER 2
AB_202115780709_GENERAL_STUDIES_-_III-1.pdf
21.7 MB
Name -Pawan Kumar
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PAPER 3
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AB_202115780709_GENERAL_HINDI_AND_GENERAL_ENGLISH_4.pdf
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Name -Pawan Kumar
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PAPER 4
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Q. मध्यकाल में राजपूत वंश के प्रशासन के संदर्भ में नायब बख्शी का कर्त्तव्य क्या था?
Anonymous Quiz
24%
A. सेना और किलों पर खर्च का विवरण रखना।
39%
B. गैर-सैन्य कर्मचारियों का रोज़गार सुनिश्चित करना।
14%
C. शाही घराने का प्रबंधन करना।
23%
D. राजा की अनुपस्थिति में सभी विभागों के साथ समन्वय करना।
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Q. निम्नलिखित में से कौन-सा दादू पंथ का प्रधान पीठ (प्रमुख सीट) है?
Anonymous Quiz
11%
A. पुष्कर
69%
B. नारायण
12%
C. जोधपुर
9%
D. सांभर
👍22🥰5💯4👏3⚡2
आरपीएससी से बड़ी खबर
RAS भर्ती परीक्षा 2023, आयोग ने जारी किया साक्षात्कार का कार्यक्रम, 21 अप्रैल से शुरू होंगे RAS भर्ती-2023 के साक्षात्कार...
RAS भर्ती परीक्षा 2023, आयोग ने जारी किया साक्षात्कार का कार्यक्रम, 21 अप्रैल से शुरू होंगे RAS भर्ती-2023 के साक्षात्कार...
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🔰राजस्थान के महत्त्वपूर्ण संगठनों/संस्थाओं के प्रमुख :-
(RAS Pre, CET परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण)
• राजस्थान के मुख्य सचिव - सुधांश पंत
• राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष - संजय कुमार श्रोत्रिय
• राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष - मेजर जनरल आलोक राज
• राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश - मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव
• राजस्थान के लोकायुक्त - प्रताप कृष्ण लोहरा
• राजस्थान के मुख्य सूचना आयुक्त - मोहन लाल लाठर
• राजस्थान के महाधिवक्ता - राजेंद्र प्रसाद गुप्ता
• राज्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त - मधुकर गुप्ता
• राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी - प्रवीण गुप्ता
• राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष - गंगाराम मूलचंदानी
• राजस्थान के छठे वित्त आयोग के अध्यक्ष - प्रद्युम्न सिंह
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(RAS Pre, CET परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण)
• राजस्थान के मुख्य सचिव - सुधांश पंत
• राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष - संजय कुमार श्रोत्रिय
• राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष - मेजर जनरल आलोक राज
• राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश - मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव
• राजस्थान के लोकायुक्त - प्रताप कृष्ण लोहरा
• राजस्थान के मुख्य सूचना आयुक्त - मोहन लाल लाठर
• राजस्थान के महाधिवक्ता - राजेंद्र प्रसाद गुप्ता
• राज्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त - मधुकर गुप्ता
• राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी - प्रवीण गुप्ता
• राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष - गंगाराम मूलचंदानी
• राजस्थान के छठे वित्त आयोग के अध्यक्ष - प्रद्युम्न सिंह
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Name - BABULAL MEENA
RANK - 242
Answer booklet (RAS 2021)
PAPER 1
RANK - 242
Answer booklet (RAS 2021)
PAPER 1
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Name - BABULAL MEENA
RANK - 242
Answer booklet (RAS 2021)
PAPER 2
RANK - 242
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Name - BABULAL MEENA
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Answer booklet (RAS 2021)
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RANK - 242
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PAPER 3
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राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में 'पंच-गौरव' कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक जिले में पांच प्रमुख क्षेत्रों—उपज, वानस्पतिक प्रजाति, उत्पाद, पर्यटन स्थल और खेल—को प्रोत्साहित और विकसित करना है।
कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु:
उपज: प्रत्येक जिले में एक प्रमुख कृषि उपज का चयन कर उसे बढ़ावा देना। उदाहरण के लिए, धौलपुर जिले में स्किम्ड मिल्क पाउडर उत्पादन और आलू की फसल को शामिल किया गया है।
वानस्पतिक प्रजाति: स्थानीय वनस्पतियों की प्रजातियों का संरक्षण और संवर्धन।
उत्पाद: स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना और उनके विपणन के लिए विशेष प्रयास करना।
पर्यटन स्थल: प्रत्येक जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का विकास और प्रचार-प्रसार।
खेल: स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना।
इस कार्यक्रम के तहत, 12 से 15 दिसंबर 2024 तक विभिन्न जिलों में 'पंच-गौरव' से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया गया था। इन गतिविधियों में 'रन फॉर विकसित राजस्थान', युवा सम्मेलन, रोजगार उत्सव, किसान सम्मेलन, महिला सम्मेलन और अंत्योदय सेवा शिविर शामिल थे।
सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे 'पंच-गौरव' के प्रोत्साहन और संवर्धन के लिए कार्य योजनाएं तैयार करें।
जिला कलेक्टरों को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
'पंच-गौरव' कार्यक्रम के माध्यम से राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक जिले की विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती और रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु:
उपज: प्रत्येक जिले में एक प्रमुख कृषि उपज का चयन कर उसे बढ़ावा देना। उदाहरण के लिए, धौलपुर जिले में स्किम्ड मिल्क पाउडर उत्पादन और आलू की फसल को शामिल किया गया है।
वानस्पतिक प्रजाति: स्थानीय वनस्पतियों की प्रजातियों का संरक्षण और संवर्धन।
उत्पाद: स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना और उनके विपणन के लिए विशेष प्रयास करना।
पर्यटन स्थल: प्रत्येक जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का विकास और प्रचार-प्रसार।
खेल: स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना।
इस कार्यक्रम के तहत, 12 से 15 दिसंबर 2024 तक विभिन्न जिलों में 'पंच-गौरव' से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया गया था। इन गतिविधियों में 'रन फॉर विकसित राजस्थान', युवा सम्मेलन, रोजगार उत्सव, किसान सम्मेलन, महिला सम्मेलन और अंत्योदय सेवा शिविर शामिल थे।
सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे 'पंच-गौरव' के प्रोत्साहन और संवर्धन के लिए कार्य योजनाएं तैयार करें।
जिला कलेक्टरों को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
'पंच-गौरव' कार्यक्रम के माध्यम से राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक जिले की विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती और रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
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राजस्थान सरकार ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का नाम किया परिवर्तित
22 जनवरी, 2025 को राजस्थान सरकार ने पार्वती काली सिंध-पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (पीकेसी-ईआरसीपी) परियोजना का नाम बदलकर रामजल सेतु परियोजना रख दिया है। यह नाम परिवर्तन अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगाँठ के अवसर पर किया गया।
परियोजना का महत्त्व
• जल उपलब्धताः यह परियोजना राजस्थान के 17 जिलों को जल उपलब्ध कराने का कार्य करेगी, जिससे लगभग 3.25 करोड़ लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा।
• सिंचाईः इसके अलावा, यह परियोजना लगभग 4 लाख हेक्टेयर भूमि
में सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध कराएगी, जिससे 25 लाख किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
शुभारंभ
इस परियोजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 दिसंबर, 2024 को किया था। इस अवसर पर उन्होंने दोनों राज्यों के जल को मिलाकर एक मटके में भरने का प्रतीकात्मक कार्य किया, जिससे जल संसाधनों के समन्वय का संदेश दिया गया।
लाभान्वित जिले
• इस योजना से राजस्थान के 17 जिले (प्रतापगढ़, कोटा, बाराँ, बूँदी, टोंक, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, डीग, खैरथल तिजारा, कोटपूतली बहरोड़, जयपुर, अजमेर तथा ब्यावर) लाभान्वित होंगे।
• इस प्रकार, रामजल सेतु परियोजना न केवल जल संसाधनों का विकास करेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में भी सहायक होगी।
22 जनवरी, 2025 को राजस्थान सरकार ने पार्वती काली सिंध-पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (पीकेसी-ईआरसीपी) परियोजना का नाम बदलकर रामजल सेतु परियोजना रख दिया है। यह नाम परिवर्तन अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगाँठ के अवसर पर किया गया।
परियोजना का महत्त्व
• जल उपलब्धताः यह परियोजना राजस्थान के 17 जिलों को जल उपलब्ध कराने का कार्य करेगी, जिससे लगभग 3.25 करोड़ लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा।
• सिंचाईः इसके अलावा, यह परियोजना लगभग 4 लाख हेक्टेयर भूमि
में सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध कराएगी, जिससे 25 लाख किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
शुभारंभ
इस परियोजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 दिसंबर, 2024 को किया था। इस अवसर पर उन्होंने दोनों राज्यों के जल को मिलाकर एक मटके में भरने का प्रतीकात्मक कार्य किया, जिससे जल संसाधनों के समन्वय का संदेश दिया गया।
लाभान्वित जिले
• इस योजना से राजस्थान के 17 जिले (प्रतापगढ़, कोटा, बाराँ, बूँदी, टोंक, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, डीग, खैरथल तिजारा, कोटपूतली बहरोड़, जयपुर, अजमेर तथा ब्यावर) लाभान्वित होंगे।
• इस प्रकार, रामजल सेतु परियोजना न केवल जल संसाधनों का विकास करेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में भी सहायक होगी।
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