फ्लोरा फाउंटेन गोलीकांड :
साल 1955। आज़ादी को कुछ ही वर्ष हुए थे, लेकिन एक बड़ा सवाल देश के सामने था—क्या राज्यों का गठन भाषा के आधार पर होना चाहिए?
मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) में मराठी भाषी लोग "संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन" चला रहे थे। उनकी मांग थी कि मुंबई सहित एक अलग मराठी भाषी महाराष्ट्र राज्य बनाया जाए। दूसरी ओर, केंद्र सरकार मराठी और गुजराती भाषी क्षेत्रों को मिलाकर द्विभाषी बॉम्बे राज्य बनाए रखना चाहती थी।
इसी मांग को लेकर 21 नवंबर 1955 को हजारों आंदोलनकारी मुंबई के फ्लोरा फाउंटेन पर एकत्र हुए। चारों ओर केवल एक ही नारा गूंज रहा था—"मुंबई आमची आहे, संयुक्त महाराष्ट्र हवा!"
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चला दी। इस दुखद घटना में 106 आंदोलनकारी शहीद हुए। यह घटना फ्लोरा फाउंटेन गोलीकांड के नाम से प्रसिद्ध हुई और पूरे महाराष्ट्र में आंदोलन और भी तेज़ हो गया।
शहीदों के सम्मान में बाद में फ्लोरा फाउंटेन का नाम बदलकर "हुतात्मा चौक" (शहीदों का चौक) रख दिया गया। आज भी वहाँ हुतात्मा स्मारक उन वीरों की याद दिलाता है।
लगातार संघर्ष और जनदबाव के बाद सरकार को झुकना पड़ा। अंततः 1 मई 1960 को बॉम्बे राज्य का विभाजन हुआ और महाराष्ट्र तथा गुजरात दो नए राज्यों का गठन किया गया। मुंबई को महाराष्ट्र की राजधानी बनाया गया।
साल 1955। आज़ादी को कुछ ही वर्ष हुए थे, लेकिन एक बड़ा सवाल देश के सामने था—क्या राज्यों का गठन भाषा के आधार पर होना चाहिए?
मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) में मराठी भाषी लोग "संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन" चला रहे थे। उनकी मांग थी कि मुंबई सहित एक अलग मराठी भाषी महाराष्ट्र राज्य बनाया जाए। दूसरी ओर, केंद्र सरकार मराठी और गुजराती भाषी क्षेत्रों को मिलाकर द्विभाषी बॉम्बे राज्य बनाए रखना चाहती थी।
इसी मांग को लेकर 21 नवंबर 1955 को हजारों आंदोलनकारी मुंबई के फ्लोरा फाउंटेन पर एकत्र हुए। चारों ओर केवल एक ही नारा गूंज रहा था—"मुंबई आमची आहे, संयुक्त महाराष्ट्र हवा!"
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चला दी। इस दुखद घटना में 106 आंदोलनकारी शहीद हुए। यह घटना फ्लोरा फाउंटेन गोलीकांड के नाम से प्रसिद्ध हुई और पूरे महाराष्ट्र में आंदोलन और भी तेज़ हो गया।
शहीदों के सम्मान में बाद में फ्लोरा फाउंटेन का नाम बदलकर "हुतात्मा चौक" (शहीदों का चौक) रख दिया गया। आज भी वहाँ हुतात्मा स्मारक उन वीरों की याद दिलाता है।
लगातार संघर्ष और जनदबाव के बाद सरकार को झुकना पड़ा। अंततः 1 मई 1960 को बॉम्बे राज्य का विभाजन हुआ और महाराष्ट्र तथा गुजरात दो नए राज्यों का गठन किया गया। मुंबई को महाराष्ट्र की राजधानी बनाया गया।